प्रदेश / छत्तीसगढ़

अतिथि शिक्षकों ने वापस ली हड़ताल, बोले- 5 सितंबर तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा आंदोलन

दुर्ग/रायपुर। छत्तीसगढ़ में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। दुर्ग में आयोजित प्रेसवार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल आंदोलन वापस लिया जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 5 सितंबर 2026 तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो शिक्षक फिर से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।

अतिथि शिक्षकों ने कहा कि वे वर्षों से प्रदेश के दूरस्थ, आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उनका कहना है कि ‘समान काम, समान वेतन’, 12 महीने का वेतन, मातृत्व अवकाश और अन्य कर्मचारी सुविधाएं अब तक नहीं मिल रही हैं।

प्रेसवार्ता में शिक्षकों ने बताया कि सरकार की ओर से वेतन वृद्धि, 13 आकस्मिक अवकाश (सीएल) तथा भविष्य में नियमितीकरण की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया है। इसी भरोसे के आधार पर संगठन ने फिलहाल अपनी हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है।

हालांकि, अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन के दौरान हुई पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर दबाव बनाया गया और कई स्थानों पर छह महीने तक हड़ताल नहीं करने का बॉन्ड भरवाया गया, जिसकी संगठन ने कड़ी निंदा की।

संगठन ने कहा कि उनका आंदोलन फिलहाल स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं माना जाना चाहिए। यदि 5 सितंबर तक सरकार ने लिखित और ठोस निर्णय नहीं लिया तो शिक्षक दिवस के बाद फिर से व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।