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लोकसभा में गूंजा छत्तीसगढ़ के गरीबों के पक्के घर का मुद्दा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाई आवाज

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के गरीब और ग्रामीण परिवारों के पक्के घर के सपने को रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में मंगलवार को मजबूती से स्वर दिया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हुए आवास निर्माण और जारी केंद्रीय सहायता का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ को 15,45,080 ग्रामीण आवासों का लक्ष्य दिया गया। इनमें 13,55,436 आवास स्वीकृत किए गए और 9,81,442 पक्के आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 3,73,994 आवास निर्माणाधीन हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में स्वीकृत आवासों में से 72.41 प्रतिशत आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह दर लगभग 61.85 प्रतिशत है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीब-कल्याणकारी नीतियों और छत्तीसगढ़ में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को ₹9,269.61 करोड़ का केंद्रीय अंश जारी किया। केंद्र और राज्य के हिस्से को मिलाकर प्रदेश में कुल ₹16,046.93 करोड़ का उपयोग ग्रामीण आवास निर्माण में किया गया है। योजना की शुरुआत से अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 26,42,224 ग्रामीण आवासों का लक्ष्य आवंटित किया जा चुका है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “छत्तीसगढ़ में पूर्ण हुए 9.81 लाख आवास केवल मकान नहीं हैं। ये गरीब माताओं की चिंता का समाधान, बेटियों की सुरक्षा, बच्चों के सपनों की छत और लाखों परिवारों के सम्मान का प्रतीक हैं।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब परिवारों को केवल आवास नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का विश्वास दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने गांवों की तस्वीर और लाखों परिवारों की जिंदगी बदल दी है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “छत्तीसगढ़ मेरा परिवार है। प्रदेश का प्रत्येक पात्र परिवार पक्के घर में रहे, यही मेरा संकल्प है। निर्माणाधीन 3.74 लाख आवास पूरे होने के बाद इतने ही और परिवारों के जीवन में खुशहाली और सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ेगा।”

केंद्र सरकार ने बताया कि पिछले पांच वित्तीय वर्षों में देशभर में 2.13 करोड़ ग्रामीण आवासों का लक्ष्य आवंटित किया गया। इनमें 1.95 करोड़ आवास स्वीकृत किए गए और 1.21 करोड़ आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 74.59 लाख आवास निर्माणाधीन हैं। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ₹1,31,100.02 करोड़ का केंद्रीय अंश जारी किया गया। केंद्र और राज्यों के हिस्से को मिलाकर योजना के अंतर्गत कुल ₹2,17,896.40 करोड़ का उपयोग हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को 31 मार्च 2029 तक विस्तारित करते हुए देशभर में 4.95 करोड़ पक्के ग्रामीण आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 4.18 करोड़ आवासों का लक्ष्य आवंटित किया जा चुका है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार पक्का घर गरीब परिवार के जीवन में सुरक्षा, आत्मसम्मान और प्रगति की नींव रखता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और छत्तीसगढ़ तेजी से उस लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जहां प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार के सिर पर अपनी पक्की छत होगी।