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छत्तीसगढ़ में Tata Power की एंट्री की तैयारी, रायपुर समेत 4 तहसीलों में बिजली वितरण की मांगी अनुमति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण व्यवस्था में नई कंपनी की एंट्री हो सकती है। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड ने रायपुर, धरसींवा, मंदिरहसौद और अभनपुर तहसील में बिजली वितरण की अनुमति मांगी है। कंपनी ने इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आवेदन किया है।

प्रक्रिया में है आवेदन

टाटा पावर का आवेदन विद्युत अधिनियम के तहत बिजली वितरण की अनुमति के लिए दाखिल किया गया है। इसे आयोग में याचिका क्रमांक 89/2026 के रूप में दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी कंपनी को बिजली वितरण की अनुमति नहीं मिली है और आवेदन प्रक्रिया में है।

1 अक्टूबर को आयोजित होगी जनसुनवाई

इस मामले में 1 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के रायपुर स्थित कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान आम लोगों, स्थानीय निकायों और संबंधित संस्थाओं से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद आयोग आवेदन पर आगे की प्रक्रिया और अंतिम निर्णय करेगा।

दर्ज करा सकते हैं आपत्ति या सुझाव

जारी सूचना के अनुसार, इच्छुक व्यक्ति या संस्था सूचना प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति में नाम, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल और आपत्ति का कारण देना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि संबंधित व्यक्ति जनसुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना चाहता है या नहीं।

टाटा पावर के आवेदन और संबंधित दस्तावेज आयोग और कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। कार्यालय से दस्तावेजों की प्रति 500 रुपये में प्राप्त की जा सकती है। आपत्ति की छह प्रतियां शपथ-पत्र के साथ आयोग के सचिव को जमा करनी होंगी और एक प्रति टाटा पावर को भी भेजना जरूरी होगा।

फिलहाल रायपुर और प्रस्तावित क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यदि नियामक आयोग से टाटा पावर को अनुमति मिलती है, तो इन क्षेत्रों में बिजली वितरण के लिए एक और कंपनी के काम करने का रास्ता खुल सकता है। इससे उपभोक्ताओं को सेवा, शिकायतों के निराकरण, नए कनेक्शन और अन्य सुविधाओं के मामले में विकल्प मिल सकते हैं।

हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे बिजली बिल, बिजली दर या कनेक्शन व्यवस्था में तत्काल कोई बदलाव होगा। इन मामलों में नियामक आयोग के नियम लागू रहेंगे। टाटा पावर को अनुमति मिलेगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला जनसुनवाई और आयोग की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।