प्रदेश / छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बीज उत्पादन के नाम पर हो रही करोड़ों की हेराफेरी!

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने लगाया आरोप! शासन के समक्ष रखी जांच की मांग

रायपुर।      शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे UBT) के छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर कृषि विभाग और बीज उत्पादक समितियों पर साठगांठ करते हुए करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में विगत समय से कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापक पैमाने पर पंजीकृत बीज उत्पादक सहकारी समिति एवं कल्याण समितियों के द्वारा किसानों के अनुदान का करोड़ो रूपये का भ्रष्टाचार कर गबन किया जा रहा है। प्रदेश में पंजीकृत बीज उत्पादक सहकारी समिति एवं कल्याण समिति के द्वारा बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत कागजों में ही फर्जी बीज उत्पादन दिखाया जा रहा है। साथ ही उस बीज को पास करवाकर, व किसानो को फर्जी वितरण दिखाकर कृषि विभाग के अधिकारियो से साठ-गाठ कर सूची प्रमाणित करवाकर बीज उत्पादन एवं बीज वितरण अनुदान में फर्जी तरीके से अनुदान राशि संबंधित उप संचालक कृषि के माध्यम से आहरित करवाकर शासन को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचाया जा रहा है। इसमें बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियो की भूमिका पूर्णतः संदेहास्पद है। श्री मिश्रा ने इस संपूर्ण व्यवस्था कागज पर पुल बनाने की तरह ही करार दिया है।

वार्ता में श्री मिश्रा ने उदाहरण देते हुए बताया कि जिला बालोद में पंजीकृत सहकारी समिति (1) मां नर्मदा बीज उत्पादक एवं वितरण समिति ग्राम केशला (2) मां यमुना बीज उत्पादक कल्याण समिति ग्राम सेम्हरा (3) मां सत्ती बीज उत्पादक कल्याण समिति ग्राम कोटरा (4) मां यमुना बीज उत्पादक एवं विपणन सेवा समिति सेम्हरा (5) बालाजी बीज उत्पादक कल्याण समिति ग्राम तिलौदा (6) महानदी सीड्स एवं जैविक कृषि उत्पादक कल्याण समिति फागुनदाह (बालोद) व कवर्धा द्वारा वर्ष 2023-24 में रबी सीजन एवं ग्रीष्म सीजन में फर्जी रूप से प्रत्येक समिति में लगभग 5000 से 10000 क्विं. चना व धान का उत्पादन कार्यक्रम लिया गया है एवं उत्पादित मात्रा ग्रेडिग पश्चात् गोदामो व कोल्ड में भण्डारित किया जाना दर्शित है। कोल्ड में अन्य व्यापारियो की भी चना रखी है उसे ही दिखाकर स्टाक का निरीक्षण करवाया गया है जो कि संज्ञान योग्य है। परन्तु उक्त समितियो द्वारा 100 क्विंटल भी मात्रा का क्रय किसानो से नही किया गया है। सिर्फ कागजो में ही उत्पादन दिखाकर व बीज पास करवाकर सूची प्रमाणित करवाकर अनुदान लिया जा रहा है। उसी तरह इन समितियों द्वारा खरीफ एवं ग्रीष्म एवं रबी वर्ष 2022, 2023, 2024 में धान फसल व अन्य फसलो का उत्पादन कागजो में दिखाकर फर्जी अनुदान राशि करोड़ो रूपये निकाली गई है। जिसकी जांच की जानी चाहिए।

श्री मिश्रा ने कहा कि उक्त फर्जी तरीके से अनुदान सिर्फ बालोद जिला में ही नहीं समस्त राज्य में निकाला जा रहा है। उक्त फर्जी अनुदान से किसान लाभांविन्त नहीं हो रहे है। सिर्फ समिति के विशेष वर्ग ही लाभाविन्त हो रहे है। इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाकर संबंधित के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु अपेक्षित है। शासन को करोड़ो की आर्थिक क्षति रूकेगी।

चंद्रमौली मिश्रा ने कहा कि शिव सेना यू.बी.टी. द्वारा पूर्व में भी संचालक कृषि छत्तीसगढ़ को इसकी जांच हेतु मांग किया गया था, किंतु आज तक कोई प्रभावी जांच नहीं की गई और न ही कोई कार्यवाही हुई। शिव सेना यू.बी.टी. मांग करती है कि प्रदेश के समस्त पंजीकृत बीज उत्पादक सहकारियों समितियों के माध्यम से हुये समस्त अनुदान प्रकरण की सुक्ष्म जांच कराई जाये एवं दोषियों को दण्डित किया जाये व अनुदान निकालने वाले अधिकारियों को जांच से दूर रखा जायें एवं संबंधित उप संचालक कृषि द्वारा प्रस्तुत समस्त अनुदान दस्तावेज को बीज प्रमाणीकरण संस्था के दस्तावेज से मिलान करने के पश्चात हुए भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्यवाही कर किसानों की समस्त अनुदान राशि को उनके खातों में भेजा जाए।