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डीजीसीए ने एअर इंडिया पर ठोका 80 लाख का जुर्माना, जानिए क्यों की कार्रवाई ?
दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एयर इंडिया पर 80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन और थकान प्रबंधन प्रणाली से संबंधित नियमों के उल्लंघन के लिए लगाया गया है.
डीजीसीए ने उच्च स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एफडीटीएल और एफएमएस नियमों के अनुपालन के लिए जनवरी महीने में एयर इंडिया का स्पॉट ऑडिट किया था. ऑडिट के दौरान डीजीसीए ने पाया कि कंपनी ने नियमों का उल्लंघन कर उड़ानें संचालित कीं.
डीजीसीए ने कहा कि रिपोर्टों और सबूतों के विश्लेषण से पता चला है कि कुछ मामलों में एयर इंडिया ने 60 साल से अधिक उम्र के दोनों फ्लाइट क्रू के साथ उड़ानें संचालित की जो विमान नियम, 1937 के नियम 28 ए के उप-नियम (2) का उल्लंघन है.
पर्याप्त साप्ताहिक आराम, अल्ट्रा-लॉन्ग रेंज (यूएलआर) उड़ानों से पहले और बाद में पर्याप्त आराम और उड़ान क्रू को लेओवर पर पर्याप्त आराम प्रदान करने में भी कमी पाई गई. इसके अलावा प्रशिक्षण अभिलेख गलत अंकित करने आदि के मामले भी देखे गये.
डीजीसीए ने कहा कि एयर इंडिया को 1 मार्च, 2024 को अपना जवाब दाखिल करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. विमानन नियामक ने इसकी प्रतिक्रिया को असंतोषजनक पाया.
इससे पहले जनवरी में भी डीजीसीए ने सुरक्षा उल्लंघन के लिए एयर इंडिया पर 1.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. यह जुर्माना ’12 मिनट केमिकल पैसेंजर ऑक्सीजन सिस्टम’ में कमी पाए जाने के बाद लगाया गया था.
‘विकसित भारत संपर्क’ संदेश को तत्काल रोकने चुनाव आयोग ने सरकार को दिया निर्देश…
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को व्हाट्सएप पर विकसित भारत संदेशों की डिलीवरी तुरंत रोकने का निर्देश दिया है. मामले पर MeitY से तत्काल अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है.
चुनाव आयोग को कई शिकायतें मिली थीं कि आम चुनाव 2024 की घोषणा और एमसीसी के लागू होने के बावजूद नागरिकों के फोन पर ऐसे संदेश अभी भी भेजे जा रहे हैं. इसके जवाब में MeitY ने आयोग को सूचित किया था कि यद्यपि पत्र MCC के लागू होने से पहले भेजे गए थे, उनमें से कुछ को प्रणालीगत और नेटवर्क सीमाओं के कारण संभवतः देरी से प्राप्तकर्ताओं तक पहुंच रहे हैं.
RBI का बड़ा फैसला, रविवार को भी खुले रहेंगे बैंक
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बड़ा फैसला लेते हुए 31 मार्च रविवार को भी बैंक खुले रखने का फैसला लिया है. आरबीआई ने एक्स पर ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि 31 मार्च 2024 को रविवार होने के बावजूद सभी बैंक खुले रहेंगे. चालू वित्त वर्ष 2023-24 का आखिरी दिन होने के चलते यह फैसला लिया गया है.
सभी बैंकों को भेजे निर्देश में कहा गया है कि वित्त वर्ष एक अंत तक होने वाले ट्रांजेक्शन उसी साल दर्ज होने चाहिए, इसलिए सभी बैंकों को काम करने को कहा गया है. सभी बैंक 31 मार्च रविवार को अपने नियमित समय से खुलेंगे और बंद होंगे. शनिवार को भी सभी बैंक खुले रहेंगे. इसके अलावा एनईएफटी (NEFT) और आरटीजीएस (RTGS) ट्रांजेक्शन भी रात 12 बजे तक जारी रहेंगे. इसके अलावा सरकारी चेक की क्लीयरिंग के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाएंगे. हालांकि स्टॉक मार्केट बंद रहेगा.
इससे पहले इनकम टैक्स विभाग ने अपने सभी ऑफिस खुले रखने का फैसला किया था. विभाग ने गुड फ्राइडे की छुट्टी समेत शनिवार और रविवार की छुट्टी भी कैंसिल कर दी थी. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने गुड फ्राइडे के चलते इसी महीने पड़ने वाले लॉन्ग वीकेंड को कैंसिल कर दिया था. गुड फ्राइडे 29 मार्च को है. 30 मार्च को शनिवार और 31 मार्च को को फिर रविवार है इसलिए 3 दिन की लंबी छुट्टी पड़ रही थी. इससे वित्त वर्ष के अंत में विभाग के कई काम अटक जाते. 31 मार्च को वित्त वर्ष 2023-24 का अंत होने वाला है. इसी वजह से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि देशभर के आईटी ऑफिस 29, 30 और 31 मार्च को खुले रहेंगे.
लोकसभा चुनाव का असर, स्थगित हुई UPSC प्रीलिम्स परीक्षा…
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की वजह से यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन (CSE) की प्रीलिम्स और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस की प्रीलिम्स परीक्षा को स्थगित करने का फैसला किया है. दोनों परीक्षाएं 26 मई को होनी थी.
यूपीएससी ने आधिकारिक नोटिस जारी कर बताया कि आम चुनाव के कार्यक्रम के कारण, आयोग ने सिविल सर्विस (प्रीलिम्स) परीक्षा और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस की प्रीलिम्स को स्थगित करने का निर्णय लिया है, 26 मई को होने वाली परीक्षा अब 16 जून को आयोजित की जाएगी. यूपीएससी 2024 नोटिफिकेशन पिछले महीने 14 फरवरी को जारी किया गया था.
दरअसल, यूपीएससी सिविल सर्विस प्रीलिम्स परीक्षा और लोकसभा चुनाव की तारीख में टकराव हो रहा है, जिसके कारण परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया गया है. लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे. इसकी शुरुआत 19 अप्रैल से होगी, और 1 जून को खत्म होगी. सभी चरणों के वोटों की गिनती एक साथ 4 जून को की जाएगी.
यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. आईएएस,आईपीएस और आईएफएस बनने के लिए हर साल लाखों उम्मीदवार परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं. इस साल यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स परीक्षा 80 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी. परीक्षा के जरिए कुल 1,056 रिक्तियों को भरा जाएगा.
भतीजे चिराग पासवान की पार्टी से बीजेपी के करार के साथ केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने दिया इस्तीफा…
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए चिराग पासवान के साथ सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के कुछ दिनों बाद उनके चाचा पशुपति कुमार पारस ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा, ‘एनडीए गठबंधन की घोषणा हो चुकी है. मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं. मेरे और मेरी पार्टी के साथ अन्याय हुआ, इसलिए मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं.
बता दें कि बिहार में भाजपा नीत राजग ने केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के दावों को नजरअंदाज करते हुए सोमवार को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे के समझौते की घोषणा की थी.
समझौते के तहत भाजपा बिहार में 17 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि नीतीश कुमार की जदयू 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 5 लोकसभा सीटें दी गई हैं. वहीं एनडीए के अन्य दो सहयोगियों- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक-एक सीट मिली है.
चिराग पासवान के लिए एक महत्वपूर्ण जीत में एनडीए ने उनके चाचा केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस को छोड़ने का फैसला किया, जो लोक जनशक्ति पार्टी के एक धड़े के प्रमुख हैं, और वर्तमान लोकसभा में उनके पांच सांसद हैं. यह संभवतः बिहार की कुछ सीटों पर लोजपा बनाम लोजपा चुनावी लड़ाई के लिए मंच तैयार कर सकता है.
‘शक्ति’ वाले बयान पर पीएम मोदी के पलटवार से राहुल बैकफुट पर, कहा- मोदी को मेरी बातें अच्छी नहीं लगतीं…
हैदराबाद/नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘शक्ति’ वाली टिप्पणी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव में विपक्ष पर हमले के लिए हथियार बना लिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कर्नाटक के शिवमोग्गा में कहा कि I.N.D.I.A. गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में ‘हिंदू शक्ति’ को खत्म करने का फैसला किया है.
वहीं मोदी ने तेलंगाना के जगतियाल में एक रैली में कहा, “हमने चंद्रमा पर उतरने वाले स्थान को शिव शक्ति का नाम देकर सम्मानित किया है. शक्ति के प्रति हमारी श्रद्धा ऐसी ही है. जो लोग ‘शक्ति’ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, मैं आपकी चुनौती स्वीकार करता हूं.’ मैं नारी शक्ति के लिए अपना जीवन बलिदान करने को तैयार हूं.’ मैं जान की बाजी लगा दूंगा,”
मोदी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वह किसी धार्मिक शक्ति के बारे में बात नहीं कर रहे थे, और मोदी पर उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया. राहुल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मोदी जी को मेरी बातें पसंद नहीं हैं, वह हमेशा उन्हें किसी न किसी तरह से तोड़-मरोड़कर उनका अर्थ बदलने की कोशिश करते हैं क्योंकि वह जानते हैं कि मैंने बहुत सच बोला है.”
शिवमोग्गा में भाजपा प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर रहे मोदी ने राहुल की टिप्पणी, की आलोचना करते हुए कहा, “प्रत्येक महिला, बहन, बेटी, शक्ति की प्रतिनिधि को I.N.D.I.A गठबंधन को एक सबक सिखाना चाहिए.” “कांग्रेस को पता होना चाहिए कि 4 जून को इस तरह की सोच का परिणाम क्या होगा.”
उन्होंने कहा कि शिवाजी ने देवी जय भवानी की प्रार्थना कर हिंदू राष्ट्र के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था. “लेकिन दुर्भाग्य से, कांग्रेस के नेतृत्व वाली I.N.D.I.A. गठबंधन ने शिवाजी के नाम पर बने पार्क में हिंदू शक्ति को खत्म करने का फैसला किया है.”
जगतियाल में मोदी ने कहा कि देश के करोड़ों लोग हिंदू शक्ति की पूजा करते हैं. “हमारी सरकार ने हमेशा महिलाओं की प्रतिनिधि इस शक्ति को प्राथमिकता दी है. इसलिए चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट का नाम शिव शक्ति प्वाइंट रखा गया. मेरे लिए हर माँ, बेटी और बहन ‘शक्ति’ का रूप हैं. मैं उन्हें ‘शक्ति’ के रूप में पूजता हूं.’ मैं भारत माता का उपासक हूं.”
राहुल ने मुंबई के शिवाजी पार्क में अपने भाषण में कहा था, ‘मोदी के खिलाफ हमारी लड़ाई व्यक्तिगत स्तर पर नहीं है. मोदी एक ‘मुखौटा’ हैं जो ‘शक्ति’ के लिए काम करते हैं. वह एक उथला आदमी है, जिसके पास 56 इंच का सीना नहीं है.”
चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, बंगाल के DGP सहित 6 राज्यों के गृह सचिव को हटाने का आदेश
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने छह राज्यों- गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गृह सचिव को हटाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश में सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव को भी हटा दिया गया है।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की है। इलेक्शन कमीशन ने बृहन्मुंबई नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल और अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों को भी हटा दिया है। आयोग ने सचिव जीएडी मिजोरम और हिमाचल प्रदेश को भी हटा दिया है, जो संबंधित सीएम कार्यालय में प्रभार संभाल रहे हैं।
अधिकारियों को क्यों हटाया गया?
इन सात राज्यों में जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनके पास संबंधित राज्यों में मुख्यमंत्री के कार्यालय में दोहरे प्रभार थे, जो चुनावी प्रक्रिया के दौरान जरूरी निष्पक्षता, खासकर कानून व्यवस्था सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर भी समझौता कर सकते थे। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को 2016 में सूबे के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी सक्रिय चुनाव ड्यूटी से हटा दिया था। महाराष्ट्र ने कुछ नगर आयुक्त और कुछ अतिरिक्त/उप नगर आयुक्त के संबंध में चुनाव आयोग के निर्देश नहीं माने थे, जिन्हें 16 मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के वक्त बताया गया था।
देशभर में 7 चरणों में होगी वोटिंग
गौरतलब है कि देशभर में लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बज चुका है। देशभर में 7 चरणों में चुनाव होंगे और 4 जून को नतीजे आएंगे। 16 मार्च को चुनावी शेड्यूल जारी कर निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजीव कुमार ने मतदाताओं से खास अपील की थी और ज्यादा से ज्यादा मतदान करने का आग्रह किया था। देशभर में चुनाव की प्रक्रिया 43 दिन तक चलेगी। 19 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग होगी, जबकि दूसरा चरण 26 अप्रैल, तीसरा 7 मई, चौथा चरण 13 मई, पांचवां फेज 20 मई, छठवां फेज 25 मई और सातवें चरण का मतदान 1 जून को होगा।
‘राजा की आत्मा EVM, ED, CBI और IT विभाग में बसती है’, राहुल गांधी का NDA पर तीखा हमला
मुंबई। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के समापन पर राहुल गांधी ने एनडीए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीख हमला बोला। कांग्रेस नेता ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल और केवल एक मुखौटा हैं। जैसे बॉलीवुड के अभिनेताओं को एक रोल दिया जाता है और उन्हें उस हिसाब से ही एक्टिंग करनी पड़ती है। ऐसे ही मोदी को रोल मिला हुआ है। उन्हें बताया जाता है कि सुबह आपको यह करना है। कल आपको ये बोला है, परसों आप ये करोगे। सुबह उठकर समुद्र के नीचे जाओ और सी प्लेन में बैठ जाओ।”
राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी 56 इंच की छाती वाले व्यक्ति नहीं बल्कि खोखले व्यक्ति हैं। कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमले बोलते हुए कहा कि राजा की आत्मा ईवीएम, ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं में बसती है। इन एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके विपक्ष के नेताओं को डराया जा रहा है। उन्हें धमकी दी जा रही है कि या तो हमारे साथ आ जाओ, वरना जेल जाने के लिए तैयार रहो।
इस जनसभा में राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण का उदाहरण देते हुए बताया कि कांग्रेस छोड़ने से पहले उनका सोनिया गांधी के पास फोन आया था। उन्होंने रोते हुए सोनिया गांधी से कहा कि मेरे पास इनकी शक्ति से लड़ने की हिम्मत नहीं बची है। मैं जेल नहीं जाना चाहता हूं और इसलिए कांग्रेस पार्टी से अलग हो रहा हूं। हालांकि इस दौरान राहुल गांधी ने अशोक चव्हाण का नाम नहीं लिया।
देश में बदलाव लाने की जरुरत- शरद पवार
वहीं इससे पहले शरद पवार ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में बदलाव लाने की जरुरत है। BJP ने देश की जनता को झूठा आश्वासन देकर फंसाया है। हमें एक साथ मिलकर BJP को सत्ता से दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि यह लोकसभा चुनाव देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए इंडिया गठबंधन लड़ रहा है।
भारत को अब एकता की आवश्यकता- एम.के. स्टालिन
वहीं INDIA गठबंधन की मेगा रैली में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा, “भारत को अब एकता की आवश्यकता है। पीएम मोदी ने पिछले 10 सालों में सिर्फ 2 काम किए हैं। पहला विदेश यात्राएं और दूसरा फेक प्रोपेगेंडा। हमें अब इसे रोकना होगा। यह हमारा एजेंडा है।” उन्होंने कहा कि हम लोगों के लिए काम करने के लिए राजनीति में आए हैं। राहुल गांधी ने भारत के दिल को समझने के लिए पूरे भारत का दौरा किया है। यह उस भारत को पुनर्स्थापित करने की यात्रा है जिसे भाजपा ने नष्ट कर दिया है।”
लोकसभा चुनाव की तारीखों का हुआ एलान, 7 चरणों में होगा चुनाव, 4 जून को होगी मतगणना…
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि देश में सात चरणों में लोकसभा चुनाव होगा. पहले चरण के लिए 16 मार्च से चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. सातों चरण के मतदान के बाद एक साथ 4 जून को मतगणना होगी.
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ने नवनियुक्त चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के अलावा वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया.
पहले चरण में 21 राज्यों में चुनाव होगा. चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो जाएगी. 20 मार्च को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा, 27 मार्च तक नामांकन जमा किए जाएंगे. 28 मार्च को नामांकनों की जांच की जाएगी. 30 मार्च को नाम वापसी की अंतिम तिथि है. वहीं बिहार में 28 मार्च तक नामांकन जमा किए जा सकते हैं, और 30 मार्च को नामांकनों की जांच होगी, वहीं 2 अप्रैल तक नाम वापस लिया जा सकता है. 19 अप्रैल को मतदान होगा.
दूसरे चरण में 13 राज्यों में चुनाव होगा. चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो जाएगी. 28 मार्च को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा, 4 अप्रैल तक नामांकन जमा किए जाएंगे. 5 अप्रैल को नामांकनों की जांच की जाएगी. 8 अप्रैल को नाम वापसी की अंतिम तिथि है. 26 अप्रैल को मतदान होगा।
तीसरे चरण में 12 राज्यों में चुनाव होगा. चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो जाएगी. 12 अप्रैल को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा.19 अप्रैल तक नामांकन जमा किए जाएंगे. 20 अप्रैल को नामांकनों की जांच की जाएगी. 22 अप्रैल को नाम वापसी की अंतिम तिथि है. 7 मई को मतदान होगा.
चौथे चरण में 10 राज्यों में चुनाव होगा. चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो जाएगी. 18 अप्रैल को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा. 25 अप्रैल तक नामांकन जमा किए जाएंगे. 26 अप्रैल को नामांकनों की जांच की जाएगी. 29 अप्रैल को नाम वापसी की अंतिम तिथि है. 13 मई को मतदान होगा.
पांचवें चरण में 7 राज्यों में चुनाव होगा. चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो जाएगी. 26 अप्रैल को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा. 3 मई तक नामांकन जमा किए जाएंगे. 4 मई को नामांकनों की जांच की जाएगी. 6 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि है. 20 मई को मतदान होगा.
छठवें चरण में 10 राज्यों में चुनाव होगा. चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो जाएगी. 29 अप्रैल को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा. 6 मई तक नामांकन जमा किए जाएंगे. 7 मई को नामांकनों की जांच की जाएगी. 9 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि है. 25 मई को मतदान होगा.
सातवें चरण में 8 राज्यों में चुनाव होगा. चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो जाएगी. 7 मई को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा. 14 मई तक नामांकन जमा किए जाएंगे. 15 मई को नामांकनों की जांच की जाएगी. 17 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि है. 1 जून को मतदान होगा.
लोकसभा चुनाव के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का भी एलान किया. सिक्किम 20 मार्च को नोटिफिकेशन और 19 अप्रैल को मतगणना, अरुणाचल प्रदेश 20 मार्च को नोटिफिकेशन 19 अप्रैल को मतगणना और आंध्र प्रदेश 18 अप्रैल को नोटिफिकेशन 13 मई को और ओडिशा में पांच चरणों में चुनाव होगा.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने आम चुनाव 2024 की तैयारी की जानकारी देते हुए बताया कि भारत में अमेरिका और यूरोप जैसे महाद्वीपों की आबादी से कहीं ज्यादा 97 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं. चुनाव के दौरान 10.5 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे. चुनाव की जिम्मेदारी 1.5 करोड़ चुनाव अधिकारी और सुरक्षा कर्मी संभालेंगे. चुनाव में 55 लाख ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा. वहीं 4 लाख गाड़ियों का उपयोग होगा.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि 96.8 करोड़ कुल मतदाताओं में से 49.7 करोड़ पुरुष और 47.1 करोड़ महिला मतदाता हैं. 18-19 साल के 1.8 करोड़ मतदाता पहली बार मतदान करेंगे. 88.4 लाख दिव्यांग मतदाता हैं, 19.1 लाख मतदाता सेना से जुड़े हैं. 82 लाख मतदाता 85 साल से अधिक उम्र के हैं. 2.18 लाख मतदाता सौ साल से अधिक उम्र के हैं. वहीं 19.74 करोड़ युवा मतदाता हैं. वहीं 48 हजार मतदाता ट्रांसजेंडर हैं.
लोकसभा चुनाव की तारीखों का चुनाव आयोग कल करेगा एलान…
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए आखिरकार तारीखों की घोषणा होने की घड़ी आ गई है. चुनाव आयोग शनिवार को दोपहर 3 बजे प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहा है, इसमें लोकसभा के साथ-साथ चार राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया जाएगा. कयास लगाए जा रहे हैं कि अबकी बार लोकसभा चुनाव 6 से 7 चरणों में आयोजित किए जाएंगे.
लोकसभा के चुनाव के साथ चुनाव आयुक्त चार राज्यों – अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान करेंगे. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर अभी असमंजस की स्थिति है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इस साल सितंबर महीने तक चुनाव कराने की समय सीमा दे रखी है.
बात करें लोकसभा चुनाव की तो आज से पांच साल पहले वर्ष 2019 में 11 मार्च को चुनाव तारीखों की घोषणा की गई थी. 7 चरणों में 11 अप्रैल से लेकर 19 मई तक मतदान हुआ था, जिसके बाद 23 मई को चुनाव परिणाम की घोषणा की गई थी. उसके पांच साल पहले वर्ष 2014 में 5 मार्च को चुनाव तारीख का एलान किया गया था. 9 चरणों में 7 अप्रैल से 12 मई तक मतदान हुआ था, जिसके बाद 16 मई को मतगणना हुई थी.
2019 लोकसभा चुनाव में 543 सीटों में से भाजपा और सहयोगी दलों ने 353 सीटों पर और कांग्रेस और सहयोगी दलों ने 112 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 61 सीटें आई थी.
अमित शाह की दो टूक, कहा- CAA कभी वापस नहीं लिया जाएगा, नियम अब केवल औपचारिकता…
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) कभी वापस नहीं लिया जाएगा. भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार इसके साथ कभी समझौता नहीं करेगी. यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक समाचार एजेंसी के साथ साक्षात्कार में कही. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “हमारे देश में भारतीय नागरिकता सुनिश्चित करना हमारा संप्रभु अधिकार है, हम इस पर कभी समझौता नहीं करेंगे और सीएए को कभी वापस नहीं लिया जाएगा.”
बता दें कि विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) अधिनियम या सीएए के नियमों को इस सप्ताह की शुरुआत में अधिसूचित किया गया था, जिसकी विपक्षी दलों ने आलोचना की थी.
सत्ता में आने पर कानून रद्द करने के इंडिया ब्लॉक के नेताओं के बयानों के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष भी जानता है कि उसके सत्ता में आने की संभावना कम है. “यहां तक कि भारतीय गठबंधन भी जानता है कि वह सत्ता में नहीं आएगा. सीएए भाजपा द्वारा लाया गया है, और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इसे लेकर आई है. इसे रद्द करना असंभव है. हम पूरे देश में इसके बारे में जागरूकता फैलाएंगे.” शाह ने कहा, “जो लोग इसे रद्द करना चाहते हैं उन्हें जगह नहीं मिलती.”
उन्होंने विपक्ष के इन आरोपों की खिल्ली उड़ाई कि भारतीय जनता पार्टी विवादास्पद कानून के जरिए नया वोट बैंक बना रही है. शाह ने कहा, “विपक्ष के पास कोई और काम नहीं है. उनका कुछ और कहने का और कुछ और करने का इतिहास है. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी का इतिहास अलग है. बीजेपी या पीएम मोदी जो कहते हैं वह पत्थर पर गढ़ा हुआ जैसा है. मोदी की हर गारंटी पूरी हो गई है.
भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए सीएए का उपयोग करने के आरोप का खंडन करते हुए शाह ने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा निर्णयों पर विपक्ष की इसी तरह की आपत्तियों की ओर इशारा किया. शाह ने सवाल किया. “उन्होंने यहां तक कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से राजनीतिक फ़ायदा होता है. तो क्या हमें आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए?”
सीएए अधिसूचना के समय को लेकर चिंताओं पर मंत्री ने कहा, “राहुल गांधी, ममता या केजरीवाल सहित सभी विपक्षी दल झूठ की राजनीति में लिप्त हैं, इसलिए समय का सवाल ही नहीं उठता.” शाह ने दोहराया कि भाजपा ने सीएए को लेकर अपने इरादे पहले ही स्पष्ट कर दिए थे.
उन्होंने बताया कि पार्टी ने अपने 2019 के घोषणापत्र में सीएए लाने और पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया था.
“भाजपा का एक स्पष्ट एजेंडा है और उस वादे के तहत, नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 में संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था. इसमें कोविड के कारण देरी हुई. भाजपा ने चुनाव में पार्टी को जनादेश मिलने से पहले ही अपना एजेंडा साफ कर दिया था.”
“नियम अब औपचारिकता बन गए हैं. समय अथवा राजनीतिक लाभ या हानि का कोई सवाल नहीं है. अब, विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति करके अपने वोट बैंक को मजबूत करना चाहता है. मैं उनसे अनुरोध करना चाहता हूं कि वे बेनकाब हो गए हैं. सीएए कानून पूरे देश के लिए है, और मैंने चार साल में लगभग 41 बार दोहराया है कि यह वास्तविकता बनेगी.”
देश में लागू हुआ CAA, मोदी सरकार ने की अधिसूचना जारी, जानिए इससे किसको होगा फायदा
दिल्ली. लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान कर दिया है. मोदी सरकार नें भारत में CAA नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है. आज से ही देश में नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए लागू हो जाएगा. दरअसल, CAA संसद से पारित हुए करीब पांच साल बीत चुके हैं. अब केंद्र सरकार आगामी लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सीएए को देश में लागू करने जा रही है.
क्या CAA संवैधानिक है
भारतीय संसद में CAA को वर्ष 2019 में 11 दिसंबर को पारित किया गया था, जिसमें 125 वोट इसके पक्ष में पड़े थे और 105 वोट इसके खिलाफ थे. राष्ट्रपति ने इस विधेयक को 12 दिसंबर को मंजूरी दे दी थी.
क्या है CAA
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 एक ऐसा कानून है, जिसके तहत दिसंबर 2014 से पहले तीन पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आने वाले 6 धार्मिक अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) को नागरिकता दी जाएगी. लंबे समय से भारत में शरण लेने वालों को इससे बड़ी राहत मिलेगी.
गृह मंत्रालय की 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक 1 अप्रैल 2021 से 31 दिसंबर 2021 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के इन गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदायों के कुल 1,414 विदेशियों को भारतीय नागरिकता दी गई है. जिन 9 राज्यों में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी गई है, वे गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र हैं.
केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में निर्णय कांग्रेस की 70 सीटों पर मुहर
दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से फिर ताल ठोकेंगे. कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में गुरुवार को 70 उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लग गई है. इसमें उत्तर पूर्वी और दक्षिण भारत के राज्य शामिल है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राज्यवार सीटों पर चर्चा की गई. उम्मीदवारों की सूची जल्द जारी की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, छत्तीसगढ़, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और लक्षद्वीप की लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों को लेकर चर्चा हुई. बैठक में राज्यवार लोकसभा सीटों और दावेदारों के नाम पर विचार विमर्श किया गया.
बताया जा रहा कि चुनाव समिति ने 70 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगा दी है. माना जा रहा कि कांग्रेस अपनी पहली सूची एक से दो दिन में जारी करेगी. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा के लिए चुनाव समिति की अगली बैठक 11 मार्च को होगी. मध्य प्रदेश कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने राज्य के 29 सीटों में से 15 सीटों पर मंथन का काम पूरा कर लिया है. चुनाव समिति की 11 मार्च को होने वाली बैठक में इन्हीं नाम पर चर्चा होनी है. कांग्रेस चुनाव समिति उन राज्यों की लोकसभा सीटों पर जल्द से जल्द उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी में है जहां किसी सहयोगी दल के साथ सीटों का बंटवारा नही है. साथ ही जिन राज्यों में सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर बात बन गई है.
शिव भक्तों के लिए खुशखबरी, इस दिन से खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट, तारीख और समय घोषित
देहरादून। उत्तराखंड में बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख आ गई है. महाशिवरात्रि के पावन मौके पर तिथि घोषित की गई है. 10 मई को बाबा केदार के कपाट खुल जाएंगे. सुबह 7 बजे से कपाट खुलने पर श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे. यह जानकारी शुक्रवार को श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दी है. बता दें कि बर्फबारी की वजह से केदारनाथ के कपाट साल में 6 महीने बंद रहते हैं.
मंदिर समिति ने बताया कि भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने की प्रक्रिया 6 मई से शुरू हो जाएगी. पंचमुखी डोली 6 मई को श्री केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी और विभिन्न पड़ावों से होते हुए 9 मई की शाम को केदारनाथ धाम पहुंचेगी. कपाट खुलने की तिथि आज पचकदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय की मौजूदगी में तय की गई है.
महिला दिवस पर PM मोदी की बड़ी सौगात; घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 100 रुपए घटाए
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के दाम 100 रुपए कम करने का ऐलान किया है। इस कटौती के बाद अब दिल्ली में कीमत 903 से घटकर 803 रुपए, भोपाल में 808.50 रुपए, जयपुर में 806.50 रुपए और पटना में 901 रुपए हो गई है।
करोड़ों परिवारों का आर्थिक बोझ कम होगा
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, ‘इससे नारी शक्ति का जीवन आसान होने के साथ ही करोड़ों परिवारों का आर्थिक बोझ भी कम होगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार बनेगा, जिससे पूरे परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।’
इससे पहले रक्षाबंधन में हुआ था कीमतों में बदलाव
इससे पहले रक्षाबंधन के मौके पर सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के दामों में 200 रुपए की कटौती की थी। तब दिल्ली में कीमत 1103 रुपए से घटकर 903 रुपए, भोपाल में 908, जयपुर में 906 रुपए हो गई थी।
PM उज्ज्वला योजना की सब्सिडी एक साल और बढ़ी
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत LPG सिलेंडर पर दी जाने वाली 300 रुपए की सब्सिडी को बीते दिन 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दिया है। 7 मार्च को कैबिनेट मीटिंग में ये फैसला लिया गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया था कि इस योजना का लाभ 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा। सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। पहले 10 सिलेंडर पर सब्सिडी मिलती थी, अब इसे बढ़ाकर 12 कर दिया गया है।
PM मोदी ने बंगाल को दी सौगात, 15 हजार करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास
कोलकाता। दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राज्य को बड़ी सौगातें दी है. उन्होंने नदिया के कृष्णा नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में 15 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि बिजली, सड़क, रेल की बेहतर सुविधाएं पश्चिम बंगाल के लोगों के जीवन को आसान बनाएगी. साथ ही इन विकास कार्यों से प्रदेश के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी.
PM मोदी ने आज पुरुलिया जिले में स्थित दामोदर घाटी निगम के रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन के दूसरे चरण की आधारशिला रखी. साथ ही प्रधानमंत्री मेजिया थर्मल पावर स्टेशन में 650 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन प्रणाली का भी उद्घाटन किया.
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बंगाल में नेशनल हाइवे 12 के फोर लेन के 100 किमी लंबे फरक्का-रानीगंज सेक्शन का उद्घाटन किया. इस राजमार्ग का निर्माण 1,986 करोड़ रुपये की लागत किया गया है. पीएम मोदी ने 940 करोड़ रुपये के फोर रेल प्रोजेक्ट्स को भी देश को समर्पित किया. इनके तहत दामोदर-मोहिशिला लाइन का दोहरीकरण किया गया है. बाजारसाउ-अजीमगंज रेल लाइन का भी दोहरीकरण किया गया है. वहीं अजीमगंज और मुर्शिदाबाद रूट पर नई लाइन बिछाई गई है.
GST कलेक्शन में 12.5% की बढ़ोतरी, जानिए सरकार ने कितने लाख करोड़ जुटाए?
सरकार ने फरवरी-2024 में वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी से 1.68 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं. यह एक साल पहले यानी फरवरी 2023 से 12.5% ज्यादा है.तब जीएसटी से 1.49 लाख करोड़ रुपये इकट्ठा हुए थे.एक महीने पहले जनवरी से यह 4 हजार करोड़ रुपए कम है.जनवरी में सरकार ने जीएसटी से 1.72 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे.
यह लगातार 12वीं बार है जब राजस्व संग्रह 1.5 लाख करोड़ रुपये से ऊपर रहा है. अब तक सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2023 में हुआ था, जब यह आंकड़ा 1.87 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया था. इसके अलावा लगातार 23 महीनों से देश का जीएसटी कलेक्शन 1.4 लाख करोड़ रुपये से ऊपर बना हुआ है.
GST 31,785 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 39,615 करोड़ रुपये
वित्त मंत्रालय के मुताबिक फरवरी 2024 में जीएसटी कलेक्शन 1,68,337 करोड़ रुपये रहा है. इसमें से सीजीएसटी 31,785 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 39,615 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 84,098 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्र 38,593 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 12,839 करोड़ रुपये था.सेस में माल के आयात से प्राप्त 984 करोड़ रुपये शामिल हैं.
2017 में लागू हुआ GST
जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर है. इसे पिछले कई अप्रत्यक्ष करों (वैट), सेवा कर, खरीद कर, उत्पाद शुल्क और कई अन्य अप्रत्यक्ष करों को बदलने के लिए 2017 में लागू किया गया था.जीएसटी में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब हैं.