इंदौर। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब भारत के आम नागरिकों की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इस वैश्विक तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ रहा है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने लागत बढ़ने के चलते ‘फ्यूल सरचार्ज’ लागू कर दिया है। इसके बाद से ही मध्य प्रदेश सहित देशभर में फ्लाइट टिकट 15 से 20% तक महंगे हो गए हैं।
मार्च के अंत से लागू समर शेड्यूल के बाद इंदौर से कई शहरों की सीधी फ्लाइट्स बंद हो गई हैं। जिसके कारण यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेनी पड़ रही हैं, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। बढ़े हुए किराये की वजह से कई लोग अब ट्रेन या दूसरे विकल्प चुन रहे हैं। इस महंगाई का असर समर वेकेशन प्लान पर भी पड़ा है। ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) के चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे और एटीएफ सस्ता नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में किराए और बढ़ सकते हैं।
इंदौर से मुंबई का किराया 2000 तक बढ़ा
इंदौर से चलने वाली घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के किराए में औसतन 20% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ रूट्स पर यह और ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर इंदौर से मुंबई का किराया 4500 रुपए से बढ़कर करीब 6500 रुपए तक पहुंच गया है।
कोलकाता जाने वाला किराया सबसे ज्यादा बढ़ा है। जहां पहले टिकट 6500-7500 रुपए में मिल जाता था, वहीं अब 8500 से 12,000 रुपए तक पहुंच गया है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस रूट पर कम प्रतिस्पर्धा और ज्यादा मांग की वजह से किराए तेजी से बढ़े हैं।
इंदौर। शहर में बढ़ते जल संकट को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव और मध्यप्रदेश राजीव विकास केंद्र के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश शाह के नेतृत्व में “हल्ला बोल, पोल खोल” अभियान के तहत मोती तबेला चौराहा, छत्रीबाग पर मटका फोड़कर नगर निगम का ध्यान आकर्षित किया गया। गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस और राजीव विकास केंद्र ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर खाली मटके फोड़े और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ये रहे मुख्य आरोप:
शहर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नगर निगम पूरे महीने का बिल वसूल रहा है, लेकिन पानी केवल 15 दिन ही मिल रहा है। कई इलाकों में नर्मदा पाइपलाइन तक नहीं पहुंची है, जिससे लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आरोप है कि आम जनता को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा, जबकि लोग अपने खर्च पर टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं।
निगम के टैंकर होटलों और निर्माण कार्यों में
कांग्रेस ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों जैसे भगीरथपुरा, सुदामा नगर, मूसाखेड़ी, बाणगंगा और चंदन नगर में ड्रेनेज लीकेज के कारण गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है। टैंकरों को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया गया। कहा गया कि आम जनता पानी के लिए तरस रही है, जबकि निगम के टैंकर होटलों और निर्माण कार्यों में लगाए जा रहे हैं।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, चेतावनी भी दी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नई पाइपलाइन से जुड़ी फाइलें लंबित हैं और अधूरे कार्यों के कारण कई वार्डों में जल संकट गहराता जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में नर्मदा का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा और टैंकर भी कई गलियों तक नहीं पहुंच रहे। कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गंदे पानी की सप्लाई और टैंकरों की कमी का समाधान नहीं हुआ तो इंदौर नगर निगम का उग्र घेराव किया जाएगा।
भोपाल। मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के लिए एक राहत भरी खबर आई है। प्रदेश में इस वर्ष गेहूं के बंपर उत्पादन को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के अनुरोध पर गेहूं खरीदी का कोटा बढ़ा दिया है। अब राज्य में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की सीमा 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दी गई है।
CM मोहन ने जताया आभार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय किसानों के परिश्रम का सम्मान है, उन्हें उचित मूल्य दिलाने की दिशा में सशक्त कदम है।
चरणबद्ध तरीके से होगी खरीदी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गेहूं की खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सबसे पहले छोटे किसान, दूसरे चरण में मध्यम श्रेणी के किसान और तीसरे चरण में बड़े किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी।
उज्जैन। उज्जैन में “सिंहस्थ 2028” की तैयारियों को लेकर रेलवे और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया । खास बात यह रही कि वरिष्ठ अधिकारियों ने रेलवे के अधिकारियों के साथ ट्रेन कोच में बैठकर विभिन्न स्टेशनों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उज्जैन जंक्शन के साथ विक्रम नगर, पिंगलेश्वर, पंवासा, चिंतामन, नईखेड़ी और मोहनपुरा सहित अन्य स्टेशनों का भ्रमण किया गया।
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि “सिंहस्थ 2028” को ध्यान में रखते हुए सभी स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है । प्लेटफॉर्म विकास, फुटओवर ब्रिज, होल्डिंग एरिया, पेयजल और टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं के काम शुरू हो चुके हैं और तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि रेलवे के कार्य अच्छी गति से चल रहे हैं और सिंहस्थ से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे । इस दौरान रेलवे और जिला प्रशासन के बीच समन्वय के तहत लंबित मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनमें अधिकांश को मंजूरी मिल चुकी है और आवश्यक एनओसी भी जारी हो गई हैं।
कलेक्टर ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान ट्रेनों की आवाजाही को लेकर भी विस्तृत प्लानिंग की गई है । मक्सी रोड, नागदा और इंदौर दिशा से आने वाली नियमित और स्पेशल ट्रेनों को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म और होल्डिंग एरिया की क्षमता तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएंगी, जिससे सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और सुगम सुविधाएं मिल सकें।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण की बात तो करती है, लेकिन उसका पालन खुद नहीं कर रही है। सीएम मोहन यादव ने कहा, “कांग्रेस की नीति और नियत में फर्क दिख रहा है। वे कहती जरूर हैं कि महिला आरक्षण होना चाहिए, लेकिन जब सवाल आता है तो इसका पालन नहीं करतीं। महिला आरक्षण पर कांग्रेस बेनकाब होती दिख रही है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महिला आरक्षण संबंधी बिल को सर्वसम्मति से पारित होना चाहिए था, लेकिन विपक्ष हमेशा मीन-मेक निकालता रहता है। उन्होंने कहा, “जब कोई बात कहनी हो तो सदन के फ्लोर पर कहें, जनता के बीच विरोध करने से गलत संदेश जाता है। कांग्रेस को यह भी सोचना चाहिए कि आधी आबादी उसके बारे में क्या सोचेगी।” सीएम मोहन यादव ने तीन तलाक कानून का जिक्र करते हुए कहा कि तीन तलाक खत्म करने का पाप भी कांग्रेस के माथे पर था। वहीं, महिला सशक्तिकरण को लेकर भाजपा की पूरी प्रतिबद्धता है। “जो हम करते हैं, उसे खुले मन से कहते हैं।”
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोले सीएम:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को क्रांतिकारी निर्णय बताया। उन्होंने कहा, “यह बहनों के लिए और लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा निर्णय है। इससे आधी आबादी को पूरा बल मिलेगा।” सीएम ने कहा कि 1971 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू है। अब नए परिसीमन से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
इंदौर। पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने वंदे मातरम विवाद, कुंभ वायरल गर्ल और यूसीसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान पर भड़की उषा ठाकुर ने कहा- इस देश में रहना होगा तो वंदे मातरम कहना होगा। जो नहीं कहेगा वंदे मातरम इस देश से उन्हें जाना होगा। ये इस्लामिक कंट्री नहीं हिंदुस्तान हैं, वंदे मातरम तो हर हाल में बोलना पड़ेगा।
वंदे मातरम का अपमान राष्ट्रद्रोह
वंदे मातरम का अपमान राष्ट्रद्रोह हैं। ये दुर्भाग्य है इस देश में रहने वाले कुछ ऐसे लोग है जिन्हें वंदे मातरम से एतराज हैं। खामेनई की मौत पर छाती पीटने वाले इस देश में सबसे ज्यादा सुरक्षित और सबसे ज्यादा योजनाओं का फायदा उठा रहे है और उन्हें इस्लाम वंदे मातरम बोलने की इजाजत नहीं देता हैं। इस देश के लिए ये सबसे बड़ी चिंता की बात हैं। कांग्रेस की देशविरोधी मानसिकता है जो सबके सामने आया है। जनता इसका जवाब जरूर देगी।
इस सिंहस्थ आते तक धर्मांतरित हो गई
पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने कुंभ वायरल गर्ल को लेकर कहा- यह लव जिहाद का एक बड़ा प्रकरण है। केरला फाइल 2 में भी सबने देखा है कि कैसे छोटी बच्चियों को बहकाकर और बरगलाकर उनको धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया गया। इस उद्वेश्य को लेकर कई राष्ट्रद्रोही ताकतें काम कर रही है। इंदौर में भी पूर्व पार्षद लव जिहाद फंडिंग में पकड़ाए थे। रुद्राक्ष की माला बेचने वाली बेटी पिछले सिंहस्थ में मिली थी, इस सिंहस्थ आते तक धर्मांतरित हो गई। धर्मांतरण ही राष्ट्रांतरण है, इसके पीछे भी बड़ी फंडिंग हुई होगी।
उषा ठाकुर ने UCC का किया समर्थन
यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा- समान नागरिक संहिता कानून लाने की अति आवश्यकता है। यह तो हमारे देश के 65 साल पूर्व से ही लागू कर देना चाहिए था। 65 साल की राजनीति करने वाले लोगों ने देश की अखंडता एकता के लिए काम ही नहीं किया। प्रधानमंत्री नेतृत्व करने वाली सरकार और नागरिक राष्ट्रीय विरोधी ताकत से नहीं डरते। समान नागरिक संहिता का विरोध करने वालों से डरते नहीं है राष्ट्र में यह लागू होकर रहेगा।
रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम पहुंचे अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने लव जिहाद को लेकर बड़ा दिया है। बोले- प्रयागराज कुंभ में रुद्राक्ष बेचने वाली ने मोनालिसा ने केरल में बुर्का पहन लिया। कहां- बच्चियों को 5 साल की उम्र में ही हिंदू संस्कार दिया जाना चाहिए।
तीन राज्यों में हिंदुओं की हालत खराब
प्रवीण तोगड़िया ने सनातन धर्म अध्यक्ष अनिल झालानी के निवास पर प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उक्त बातें कही। कहा- कल तक जो रुद्राक्ष बेच रही थी आज उसने बुर्का पहन लिया। यह बात उन्होंने लव जिहाद को लेकर कहीं कुंभ गर्ल मोनालिसा की शादी के बाद उपजे विवाद को लेकर कही। कहा कि 5 साल की बच्ची को हिंदू धर्म के बारे में बताना चाहिए कौन अपना है कौन पराया तब संस्कार आएंगे। जब उनसे पूछा गया कि हिंदू की दुनिया में क्या स्थिति है तो उन्होंने बताया की तीन राज्यों में हिंदुओं की हालत खराब है बाकी जगह हिंदुओं को कोई दिक्कत नहीं है।
मेरा दौरा हनुमान चालीसा पाठ को
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के बारे में कहा कि यह राजनीति का विषय है मैं हिंदू की बात करता हूं। हिंदुओं को कुछ भी खरीदना है या कुछ भी काम करवाना है तो सिर्फ हिंदुओं से ही करवाएं और हिंदुओं से ही खरीदे। प्रवीण तोगड़िया आज एक दिवसीय दौरे पर रतलाम में हैं। उनके साथ सनातन धर्म अध्यक्ष अनिल झालानी भी रहे। उन्होंने कहा कि मेरा दौरा हनुमान चालीसा पाठ को लेकर जन जागरण अभियान से जुड़ा है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को दिन-प्रतिदिन नई-नई सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने रविवार को मध्यप्रदेश (ज़िला निवाड़ी) और उत्तर प्रदेश (झांसी) राज्यों में, झांसी के लिए 15.5 किमी लंबाई के 4-लेन वाले दक्षिणी बाईपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। यह बायपास और लिंक रोड दो बड़े प्रदेशों के नागरिकों को एक सांस्कृतिक डोर से हमेशा के लिए जोड़ देगा।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-39, राष्ट्रीय राजमार्ग-539, राष्ट्रीय राजमार्ग-552 इन पाँच राजमार्गों के जंक्शन पर स्थित है, जिसके कारण शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य इलाके से होकर गुज़रने वाले ट्रैफिक में भारी बढ़ोतरी होती है।
झांसी में एक नया औद्योगिक शहर (BIDA) भी बसाया जा रहा है, जहां भारी माल ढुलाई की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी बाईपास झांसी के आस-पास से गुज़रने वाले शहरों के बीच के ट्रैफिक के लिए एक निर्बाध रास्ता बनाएगा, जिससे शहर के अंदर यात्रा का समय कम होगा और शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इससे प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के बीच, झांसी से होकर गुज़रने वाले पांच राष्ट्रीय राजमार्गों के रास्ते माल की आवाजाही में लगने वाला समय भी कम होगा। यह बाईपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहाँ जहाँगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को भी गति मिलेगी।
भोपाल। मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक बुलाई और गेहूं उपार्जन को लेकर खाद्य विभाग के साथ बैठक में समीक्षा की। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि एमपी में गेहूं उपार्जन 10 अप्रैल और 15 अप्रैल से शुरू हो रही है। इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से गेंहू उपार्जन और बाकी बचे हुए जिलों में 15 अप्रैल से गेहूं खरीदी होगी। गेहूं उपार्जन की तारीख दो बार बढ़ चुकी है। बैठक में बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता और भंडारण को लेकर चर्चा हुई है।
78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य
खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त इंतजाम रखने भी निर्देश दिए। इस बार 78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य है। सरकार ने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर दिया। किसानों को ना हो परेशानी इस बात का भी अधिकारी ध्यान रखें। खरीदी व्यवस्था, भंडारण और वितरण पर अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में की समीक्षा बैठक।
भोपाल। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह अब शिक्षक के समर्थन में उतर आये हैं। TET की अनिवार्यता को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। दरअसल टीईटी की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम के आदेश के बाद देश भर के शिक्षकों में डर का माहौल है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर राज्य के लाखों शिक्षकों की चिंताओं को सामने रखा है। उन्होंने अपने पत्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर राज्य सरकार से पुनर्विचार करने की अपील की है।
दिग्विजय सिंह ने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कार्यरत दो लाख से अधिक शिक्षक इस समय असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं। इसका मुख्य कारण सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद टीईटी को अनिवार्य किए जाने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस निर्णय को वर्तमान शिक्षकों पर भूतलक्षी (retrospective) प्रभाव से लागू किया जाता है, तो इससे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन या क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टीईटी की अनिवार्यता को भविष्यलक्षी (prospective) प्रभाव से लागू किया जाए। इससे वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के हित सुरक्षित रहेंगे और उन्हें अनावश्यक तनाव से राहत मिलेगी।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि कोई शिक्षक टीईटी परीक्षा में सफल नहीं हो पाता है, तो उसकी सेवा समाप्ति या समयपूर्व सेवानिवृत्ति जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस आशंका के कारण शिक्षकों में व्यापक चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
दिग्विजय सिंह ने यह भी तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय सामने आया है, वह मूल रूप से महाराष्ट्र राज्य से संबंधित था, और मध्य प्रदेश इस मामले में प्रत्यक्ष पक्षकार नहीं था। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो कई सवाल खड़े करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में पहले से ही मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से टीईटी के समान एक परीक्षा प्रणाली लागू है, जिसके आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाती रही है। ऐसे में नई अनिवार्यता लागू करने से व्यवस्था में भ्रम और असंतोष बढ़ सकता है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं बहाल कर दी गई है। साथ ही एक महीने के लिए सेवाएं बढ़ा दी गई है।
पीएमश्री / समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को यह बड़ी रहत दी गई है। DPI ने अतिथि शिक्षकों को लेकर आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि इससे पहले 31 मार्च तक उनकी सेवाएं लेने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अब एक महीने के लिए सेवा बढ़ाने पर अतिथि शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में शराब दुकानों के संचालन के लिए सरकारी निगम गठन पर विचार किया जा रहा है।मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में यह सुझाव आया है। नीलामी के 12वें चरण में आरक्षित मूल्य से 30% तक कम ऑफर ई-टेंडर के माध्यम से प्राप्त हुए है। 454 दुकानें अभी भी नीलामी से शेष हैं। इन दुकानों के लिए मिले ऑफर आरक्षित मूल्य से 30% से नीचे है। आरक्षित मूल्य कम होने के कारण होल्ड पर रखे गए हैं।
ठेकेदारों की संख्या 489 से बढ़कर 860
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि- 30% से नीचे ऑफर वाली दुकानों के संचालन के लिए निगम गठन पर विचार किया जाए। इस प्रस्ताव की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 3099 शराब दुकानों की नीलामी में 16,637.85 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। प्रदेश में शराब दुकानों के आवंटन को लेकर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक हुई। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में यह भी बताया गया कि ठेकेदारों की संख्या 489 से बढ़कर 860 हो गई है।
नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से
समिति ने निर्णय लिया है कि आरक्षित मूल्य से 30% से नीचे के ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। साथ ही 13वें चरण में ऑफसेट प्राइस की सीमा भी अधिकतम 30% तक ही रखी जाएगी। नीलामी के 13वें चरण में शराब दुकानों की नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से होगी, किसी प्रकार का ऑक्शन नहीं होगा।
कांग्रेस- सरकार ही शराब बेचने की तैयारी में
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा- सरकार ही शराब बेचने की तैयारी में है। सरकार को शराब की दुकानें चलाने से बचना चाहिए. सरकार चलाएगी तो भ्रष्टाचार होगा। समय है अब धार्मिक जिलों में शराब बंद कर दें, हम कुछ जिले तो बंद करें। गुजरात, बिहार की तर्ज पर नशाबंदी करें।
बीजेपी- कांग्रेस हमें ज्ञान न दे
बीजेपी प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा- सरकार प्रदेश हित में निर्णय लेगी। हर घर शराब, घर-घर शराब, शराब की होम डिलीवरी करने का जतन करने वाली कांग्रेस हमें ज्ञान न दे कि क्या करना है। प्रदेश हित में होगा उस सम्बन्ध में निर्णय लिया जाएगा।
भोपाल/बांकुरा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में जादू बिखेरा। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता को भाजपा के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बांकुरा में आज हमारे सभी प्रत्याशियों का नामांकन भरने का मौका है। यह धरती सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर, सुप्रसिद्ध मूर्तिकार राम किंकर की धरती। आज चुनाव का शंखनाद हो रहा है। ममता दीदी के राज में सब परेशान हैं। उन्होंने कहा कि ममता अब दीदी नहीं है, ये अप्पी हो गई हैं। ये बात पूरे देश में सुनाई दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ममता दीदी बंगाली मानुष के अधिकारों को बांग्लादेश को देने पर तुली हुई हैं। इसलिए यह चुनाव नहीं धर्म युद्ध है। इस माहौल में श्री राम का मंत्र हम सभी को ताकत दे रहा है। आज हमारे बंगाल में यहां का युवा-महिला-गरीब-किसान, सभी लोग बदलाव के लिए खड़े हो गए हैं। सब अपनी आन-बान-शान के लिए लड़ रहे हैं। आज दुनिया की कोई ताकत बीजेपी को बंगाल में सत्ता हासिल करने से रोक नहीं सकती। बांकुरा जिले में 15 साल से सत्ता पर कायम ममता दीदी के राज में लोग पलायन कर रहे हैं। कोई ओडीशा जा रहा है, कोई महाराष्ट्र जा रहा है, कोई झारखंड जा रहा है। वर्तमान में बंगाल का युवा कंगाल हो रहा है और बांग्लादेशी मालामाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया भारत का कद-उसका मान बढ़ता देख रही है। बांग्लादेश से घुसपैठिए आ रहे हैं और हमारे अधिकारों पर कब्जा कर रहे हैं। बांग्लादेश के लोगों के लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है।
भाजपा जीतने वाली है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपके चेहरे का नूर बता रहा है कि रिजल्ट आने वाला है, भाजपा जीतने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के मंत्र पर चल रहे हैं। आज हमारे देश में अनूसूचित जनजाति की बहन राष्ट्रपति पद पर आसीन है। इससे भाजपा की नीति और काम करने का तरीका पता चलता है। वामपंथी-कांग्रेस और ममता की पार्टी ने कभी एससी-एसटी को महत्व नहीं दिया। गरीब से गरीब आदमी की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए, उसे पक्का मकान दिलाने का कलेजा केवल भाजपा के पास है। आज गरीब को पक्का मकान, राशन मिल रहा है। आज एससी-एसटी वर्ग को दस लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक के लोन स्टैंडअप योजना के माध्यम से मिले हैं। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए हैं।
मजबूत स्थिति में है हमारा देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज दुनियाभर में हाहाकार मचा हुआ है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा देश फल-फूल रहा है। वो जमाना गया जब आतंकवादी महानगरों में विस्फोट करके चले जाते थे, आज भारत पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों को खत्म करता है। 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना का हौसला बढ़ा है। आज ममता दीदी ने 77 समुदाय की ओबीसी लिस्ट में मुस्लिम जातियां जोड़ दीं, हिंदुओं को नहीं जोड़ा। मैं पूछना चाहता हूं कि वोट के लिए ऐसा पागलपन क्यों करना। इसलिए बंगाल के लोगों ने कसम खाई है भाजपा को सत्ता में लाने की। अब ममता दीदी को बाय-बाय करने का टाइम आ गया है।
हिसाब चुकता करने का समय आ गया है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ये माहौल बता रहा है कि भाजपा ही भाजपा जीतेगी। ममता दीदी की सरकार में शिक्षक घोटाला हुआ, 26 हजार नियुक्तियां रद्द की गईं। उनके शासनकाल में प्रधानमंत्री आवास घोटाला, मनरेगा घोटाला हुआ। ममता ने केवल हिंदुओं का अपमान किया है। उन्होंने 24788 से ज्यादा मुकदमे दायर कर बहनों को लज्जित किया है। ये सारी परेशानियां खत्म करने का समय आ गया है। अब बंगाल को आगे बढ़ाने का समय आ गया है। आजादी के पहले से बंगाल में सबसे ज्यादा प्रतिभाएं थीं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि पहले कम्युनिस्ट और बाद में ममता की पार्टी ने राज्य का भट्टा बैठा दिया है। आज हिसाब चुकता करने का समय आ गया है। हम सब जान की बाजी लगाकर भाजपा को जिताने वाले हैं। हमें एक-एक के घर जाना है, 24 घंटे काम करना है, हम बंगाल में कमल खिलाकर रहेंगे, भाजपा को जिताकर रहेंगे। जब तक एक-एक वोट भाजपा के पक्ष में न डल जाए, तब तक चैन से नहीं बैठना है।
ममता के राज में सब परेशान
दूसरी ओर, मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किआज बंगाल की धरती पर बांकुरा जिले से हमारे पांच प्रत्याशियों के नामांकन जमा करने के लिए मैं मध्यप्रदेश से आया हूं। जिस प्रकार से यहां हमारे कार्यकर्ताओं के बीच माहौल दिखाई दे रहा है मुझे इस बात की प्रसन्नता है इस पूरे क्षेत्र के अंतर्गत हर एक कार्यकर्ता जोश और उत्साह से भरा हुआ है। बंगाल में ममता दीदी की सरकार से सभी लोग परेशान हैं, बांग्लादेशी घूसपेठियों को जिस तरीके से बढ़ावा दिया गया, हिंदुओं को अपमानित किया गया। आज वह सारा हिसाब चुकता करने का लोकतंत्र में सबसे बड़ा अवसर चुनाव का होता है। ऐसे में निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब देश आगे बढ़ रहा है और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सभी घुसपेठियों सहित सभी प्रकार के आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जनता का रुझान भाजपा के साथ है और निश्चित रूप से बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। आज 21 से ज्यादा राज्यों में हमारी या हमारे सहयोगी दलों की सरकार हैं, ऐसे समय में लोकतंत्र का यह पावन मंदिर बंगाल में खिलता कमल मांगता है। हम सब मिलकर के भाजपा की जीत की कामना करें, मेरी अपनी ओर से नॉमिनेशन फॉर्म भरने वाले पांचो प्रत्याशियों को बधाई।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2026 में ‘स्कूल चले अभियान’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक यह अभियान चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणा की कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को स्कूल आने-जाने में सुविधा देने के लिए 4 लाख साइकिलें अगले 3-4 महीनों में वितरित की जाएंगी। इसके अलावा सरकार विद्यार्थियों को किताबें, गणवेश की राशि और अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया करा रही है।
ड्रॉपआउट दर शून्य पर पहुंची
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में ड्रॉपआउट की स्थिति को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जो शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश में कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि शासकीय विद्यालयों में यह बढ़ोतरी 32.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस वर्ष 1 करोड़ 45 लाख नामांकन का लक्ष्य रखा गया है। कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं और योजनाएं
नई शिक्षा नीति-2020 के तहत 49 नई हिंदी किताबें तैयार कर 69 जनजातीय क्षेत्रों में वितरित की जा रही हैं।
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1913 छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता 95 हजार है।
अनुसूचित जाति के 25,439 विद्यालयों में लगभग 20 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
अब तक55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म वितरित की जा चुकी है।
वर्ष 2024-25 में 99,710 और 2025-26 में 94,306 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए।
75% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की प्रतिबद्धता।
इस वर्ष के बजट में ₹250 करोड़ का प्रावधान कर टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी देने की योजना शुरू की गई है।
शिक्षक नियुक्ति पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 76,325 शिक्षकों की नियुक्ति कर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सांदीपनि विद्यालय और पीएम श्री स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बन रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, हमारा संकल्प है कि हर बच्चा स्कूल आए, पढ़े-लिखे और अपने जीवन में आगे बढ़े। 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांवों में ‘स्कूल चले अभियान’ के माध्यम से हर बच्चे को स्कूल पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बड़ा और सख्त फैसला सुनाते हुए चार वरिष्ठ अधिकारियों को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने पूर्व एसीएस मोहम्मद सुलेमान, IAS अधिकारी तारो राठी, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. डी.के. तिवारी और मंदसौर के सीएमएचओ डॉ. गोविंद चौहान को दो-दो महीने की कैद की सजा सुनाई है।
क्या है मामला ?
यह पूरा मामला मंदसौर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2023 को स्पष्ट आदेश दिया था कि 2004 से 7 अप्रैल 2016 तक के कर्मचारियों को नियमित किया जाए। विभाग को इस आदेश को लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ। इसके बाद कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में 9 अवमानना याचिकाएं दायर कीं।न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद सभी चार अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहराया। हालांकि, कोर्ट ने आदेश के पालन का अंतिम अवसर देते हुए सजा को तीन हफ्ते के लिए स्थगित रखा है।
पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा का बयान
कांग्रेस के पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “जब न्यायालय के आदेश का पालन वरिष्ठतम अधिकारी नहीं करते, तो विधानसभा के निर्देशों और आदेशों का क्या हाल होगा? यह बहुत गंभीर मामला है। सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और अपने स्तर पर भी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने कक्षा 5वीं और 8वीं का वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भोपाल में औपचारिक रूप से रिजल्ट घोषित किया। इस बार कुल 24 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। इस साल 5वीं का कुल पास प्रतिशत 95.14% और 8वीं का 93.83% रहा है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परिणाम लगभग 3 प्रतिशत बेहतर रहा है। मंत्री महोदय ने कहा कि सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सरकारी स्कूलों का परिणाम निजी स्कूलों से बेहतर रहा है। शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
टॉप जिलों का प्रदर्शन:
कक्षा 5वीं में:
नरसिंहपुर — 99.70%
बालाघाट — 99.30%
डिंडोरी — 99.29%
कक्षा 8वीं में:
नरसिंहपुर — 99.38%
डिंडोरी — 98.74%
बालाघाट — 98.71%
छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट www.rskmp.in/result.aspx पर रोल नंबर या समग्र आईडी डालकर आसानी से देख सकते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि इस बार रिजल्ट पिछले साल से 3 दिन पहले जारी किया गया है, जिससे छात्रों को आगे की पढ़ाई की तैयारी के लिए ज्यादा समय मिलेगा।
बोर्ड पैटर्न में हुआ था एग्जाम
इस बार प्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा दी थी। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में मूल्यांकन का विशाल कार्य किया गया। 322 केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की, जिसके बाद अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई।
बिलासपुर। हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों के लिए नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS) द्वारा जारी केंद्रीय भर्ती प्रक्रिया में यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि लंबे समय से कार्यरत अतिथि शिक्षकों की पूर्व सेवाओं को नियुक्ति प्रक्रिया में समुचित महत्व दिया जाए तथा उनके अनुभव के लिए यथोचित अंक (weightage/marks) प्रदान कर उनकी नियुक्ति पर विचार किया जाए.
इस प्रकरण में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने पक्ष प्रस्तुत किया. याचिकाकर्ता वर्ष 2016 से 2024 के मध्य छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्थित ईएमआरएस विद्यालयों में पीजीटी एवं टीजीटी के रूप में कार्यरत रहे हैं. इन सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एके प्रसाद ने फैसला सुनाया.
न्यायालय ने अपने आदेश में यह स्वीकार किया कि अनेक याचिकाकर्ताओं ने छह वर्ष से अधिक अवधि तक दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में निष्ठापूर्वक शिक्षण कार्य किया है, और विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. न्यायालय ने यह भी कहा कि यद्यपि अस्थायी अथवा अतिथि सेवा के आधार पर नियमितीकरण का कोई स्वचालित या वैधानिक अधिकार उत्पन्न नहीं होता, तथापि न्याय, समानता और प्रशासनिक निष्पक्षता की दृष्टि से उनकी दीर्घकालीन सेवा को नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं होगा.
इसी संदर्भ में न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि NESTS तथा राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया के दौरान याचिकाकर्ताओं की पूर्व सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें अनुभव के आधार पर उपयुक्त अंक/वेटेज प्रदान करें तथा पात्रता की शर्तें पूर्ण करने पर उनकी नियुक्ति पर विचार करें. न्यायालय ने यह रेखांकित किया कि वर्षों तक की गई सेवा को व्यर्थ नहीं जाने दिया जा सकता और उसका प्रभावी मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है.
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश स्वतः नियमितीकरण या प्रत्यक्ष नियुक्ति का निर्देश नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष एवं न्यायसंगत हो तथा पूर्व में सेवाएँ दे चुके शिक्षकों को उनके अनुभव का वास्तविक लाभ प्राप्त हो.
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम ऐसी दहलीज पर खड़े हैं जिसे मोदी सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी। उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बना है। भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का राज्यपाल ने जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक मप्र को 2 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है।
राज्यपाल ने 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का भी जिक्र किया। पीएम जनमन के तहत 1 लाख 35 हजार आवास बनाए, उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने का जिक्र, नई शिक्षा नीति के तहत काम हुए। हालांकि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को टोका और कहा कि राज्यपाल नलजल योजना और इंदौर में दूषित जल से हुई मौत का मुद्दा भूल गए। आरोप- राज्यपाल ने नलजल योजना वाला मुद्दा नहीं पढ़ा। विपक्ष के हंगामा के बीच राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण पर कल से चर्चा होगी।