जल संकट से त्रस्त इंदौर, कांग्रेस ने निगम पर लापरवाही का लगाया आरोप
इंदौर। शहर में बढ़ते जल संकट को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव और मध्यप्रदेश राजीव विकास केंद्र के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश शाह के नेतृत्व में “हल्ला बोल, पोल खोल” अभियान के तहत मोती तबेला चौराहा, छत्रीबाग पर मटका फोड़कर नगर निगम का ध्यान आकर्षित किया गया। गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस और राजीव विकास केंद्र ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर खाली मटके फोड़े और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ये रहे मुख्य आरोप:
शहर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नगर निगम पूरे महीने का बिल वसूल रहा है, लेकिन पानी केवल 15 दिन ही मिल रहा है। कई इलाकों में नर्मदा पाइपलाइन तक नहीं पहुंची है, जिससे लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आरोप है कि आम जनता को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा, जबकि लोग अपने खर्च पर टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं।
निगम के टैंकर होटलों और निर्माण कार्यों में
कांग्रेस ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों जैसे भगीरथपुरा, सुदामा नगर, मूसाखेड़ी, बाणगंगा और चंदन नगर में ड्रेनेज लीकेज के कारण गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है। टैंकरों को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया गया। कहा गया कि आम जनता पानी के लिए तरस रही है, जबकि निगम के टैंकर होटलों और निर्माण कार्यों में लगाए जा रहे हैं।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, चेतावनी भी दी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नई पाइपलाइन से जुड़ी फाइलें लंबित हैं और अधूरे कार्यों के कारण कई वार्डों में जल संकट गहराता जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में नर्मदा का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा और टैंकर भी कई गलियों तक नहीं पहुंच रहे। कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गंदे पानी की सप्लाई और टैंकरों की कमी का समाधान नहीं हुआ तो इंदौर नगर निगम का उग्र घेराव किया जाएगा।