पूर्व मंत्री उषा ठाकुर का बड़ा बयान: इस देश में रहना तो वंदे मातरम कहना होगा, बोलीं-
इंदौर। पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने वंदे मातरम विवाद, कुंभ वायरल गर्ल और यूसीसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान पर भड़की उषा ठाकुर ने कहा- इस देश में रहना होगा तो वंदे मातरम कहना होगा। जो नहीं कहेगा वंदे मातरम इस देश से उन्हें जाना होगा। ये इस्लामिक कंट्री नहीं हिंदुस्तान हैं, वंदे मातरम तो हर हाल में बोलना पड़ेगा।
वंदे मातरम का अपमान राष्ट्रद्रोह
वंदे मातरम का अपमान राष्ट्रद्रोह हैं। ये दुर्भाग्य है इस देश में रहने वाले कुछ ऐसे लोग है जिन्हें वंदे मातरम से एतराज हैं। खामेनई की मौत पर छाती पीटने वाले इस देश में सबसे ज्यादा सुरक्षित और सबसे ज्यादा योजनाओं का फायदा उठा रहे है और उन्हें इस्लाम वंदे मातरम बोलने की इजाजत नहीं देता हैं। इस देश के लिए ये सबसे बड़ी चिंता की बात हैं। कांग्रेस की देशविरोधी मानसिकता है जो सबके सामने आया है। जनता इसका जवाब जरूर देगी।
इस सिंहस्थ आते तक धर्मांतरित हो गई
पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने कुंभ वायरल गर्ल को लेकर कहा- यह लव जिहाद का एक बड़ा प्रकरण है। केरला फाइल 2 में भी सबने देखा है कि कैसे छोटी बच्चियों को बहकाकर और बरगलाकर उनको धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया गया। इस उद्वेश्य को लेकर कई राष्ट्रद्रोही ताकतें काम कर रही है। इंदौर में भी पूर्व पार्षद लव जिहाद फंडिंग में पकड़ाए थे। रुद्राक्ष की माला बेचने वाली बेटी पिछले सिंहस्थ में मिली थी, इस सिंहस्थ आते तक धर्मांतरित हो गई। धर्मांतरण ही राष्ट्रांतरण है, इसके पीछे भी बड़ी फंडिंग हुई होगी।
उषा ठाकुर ने UCC का किया समर्थन
यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा- समान नागरिक संहिता कानून लाने की अति आवश्यकता है। यह तो हमारे देश के 65 साल पूर्व से ही लागू कर देना चाहिए था। 65 साल की राजनीति करने वाले लोगों ने देश की अखंडता एकता के लिए काम ही नहीं किया। प्रधानमंत्री नेतृत्व करने वाली सरकार और नागरिक राष्ट्रीय विरोधी ताकत से नहीं डरते। समान नागरिक संहिता का विरोध करने वालों से डरते नहीं है राष्ट्र में यह लागू होकर रहेगा।