चेक बाउंस केस: राजपाल यादव ने बताया तिहाड़ जेल जाने का असली सच
मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव ने साल 2026 की शुरुआत में हुए अपने जेल सरेंडर और 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस विवाद पर पहली बार खुलकर बात की है। 5 फरवरी 2026 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने वाले अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनके जेल जाने का कारण वित्तीय असमर्थता नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के प्रति उनका सम्मान और कुछ कानूनी पेच थे।
9 करोड़ का विवाद और तिहाड़ का सफर
यह पूरा मामला एक फिल्म निर्माण के लिए लिए गए लोन से जुड़ा है। राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने साल 2010 में फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। ब्याज और कानूनी कार्यवाही के बाद यह राशि बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गई। चेक बाउंस होने के बाद मामला कोर्ट पहुंचा। राजपाल यादव ने बताया कि उन्होंने 5 फरवरी को सरेंडर किया, जिसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत के लिए बकाया राशि का एक हिस्सा जमा करने का आदेश दिया गया था।
“मेरे पास पैसे थे, फिर भी जेल गया” – राजपाल का खुलासा
राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि समाज में यह धारणा बन गई थी कि उनके पास 5 करोड़ रुपये नहीं हैं, इसलिए उन्हें जेल जाना पड़ा। अभिनेता ने कहा:
“लोग समझ रहे थे कि मेरे पास पैसे खत्म हो गए हैं, लेकिन सच्चाई यह नहीं थी। मैं कानून का सम्मान करने वाला नागरिक हूं। उस समय तकनीकी और कानूनी उलझनों की वजह से सरेंडर करना ही सही विकल्प था। मैं भागना नहीं चाहता था। मैंने जेल की रोटी खाई ताकि मैं अपनी जिम्मेदारी से नजरें मिला सकूं।”
— राजपाल यादव, अभिनेता
उन्होंने आगे बताया कि इंडस्ट्री के कई बड़े नामों ने उन्हें सपोर्ट किया, लेकिन वह इस लड़ाई को खुद लड़ना चाहते थे। कोर्ट ने उन्हें इस शर्त पर राहत दी थी कि वह तय समय सीमा के भीतर समझौता राशि का भुगतान करेंगे।
इंडस्ट्री का रुख और आगामी योजनाएं
विवादों के बीच राजपाल यादव के काम पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने साझा किया कि फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें उनके टैलेंट के आधार पर काम देना जारी रखा है। उनके पास फिलहाल कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिनसे होने वाली कमाई का इस्तेमाल वह इस कानूनी देनदारी को पूरी तरह खत्म करने में कर रहे हैं। दिल्ली की अदालत में चल रहे इस मामले में अगली सुनवाई जल्द होने वाली है, जहां उनके वकील भुगतान का पूरा ब्योरा पेश करेंगे।