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दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को मोदी सरकार की मंजूरी, आठ घंटे में पहुंचें वैष्णो देवी, अभी 10 से 14 घंटे लगते हैं

नई दिल्ली। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को मोदी सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह एक हाई-स्पीड कॉरिडोर होगा, जो दिल्ली को हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से जोड़ेगा। इसका नाम दिल्ली-कटरा एनई-5 एक्सप्रेसवे होगा। छह-लेन वाले इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 1,500 करोड़ रुपये है। इसे मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर भारत में सड़क संपर्क मजबूत होगा। इसके बनने से दिल्ली से सिर्फ आठ घंटे में वैष्णो देवी पहुंच सकेंगे। अभी फिलहाल 10 से 14 घंटे लगते हैं।

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली में रानी खेड़ा गांव के पास एनएच-344एम से शुरू होगा और जसौर खेरी गांव के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके बाद यह हरियाणा और पंजाब के कई शहरों से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर के कटरा तक पहुंचेगा। एक्सप्रेसवे बनने के बाद हरियाणा से जम्मू-कटरा की यात्रा में काफी समय कम होने की उम्मीद है। माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं और ट्रांसपोर्ट कारोबार को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है।

श्रीमाता वैष्णो देवी पास के क्षेत्रोें में स्थित धर्मस्थलों व अन्य पर्यटन स्थलों का होगा विकास

इससे जम्मू कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को विशेषकर श्रीमाता वैष्णो देवी भवन और उसके आस पास के क्षेत्रोें में स्थित धर्मस्थलों व अन्य पर्यटन स्थलों के विकास, प्रचार-प्रचार को भी एक नयी गति और मजबूती मिलेगी। यह मार्ग श्री माता वैष्णो देवी के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को और अधिक सुगम व तेज बनाएगा।

इन जगहों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

एक्सप्रेसवे दिल्ली में रानी खेड़ा गांव के पास एनएच-344 एमए से शुरू होगा। इसके बाद यह जसौर खेड़ी गांव के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और हरियाणा तथा पंजाब के कई प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर में कटड़ा के पास समाप्त होगा। हरियाणा में यह कॉरिडोर खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बार्टा जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। वहीं पंजाब में यह गुलज़ापुर, पटरान, भवानीगढ़, धुरी, मलेरकोटला, अहमदगढ़, मुल्लांपुर दाखा, नूरमहल, कंगसाबू, करतारपुर, गुरदासपुर बाईपास और बलसुआ से होकर कटड़ा के पास एनएच-144 से जुड़ेगा।