विश्लेषण

सुख-समृद्धि के लिए दीपोत्सव के 5 दिनों में इन स्थानों पर जरूर जलाएं दीपक

दीपोत्सव यानी दीपों का पर्व, हिंदू धर्म में सबसे शुभ और पवित्र त्योहारों में से एक माना जाता है। यह केवल रोशनी का त्योहार नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक भी है। दीपावली से पहले और बाद के 5 दिन अत्यंत खास होते हैं, जिन्हें पंचदिवसीय दीपोत्सव कहा जाता है। इन दिनों में विशेष स्थानों पर दीप जलाने से घर में सुख, शांति और लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

पहला दिन – धनतेरस (धन की वृद्धि के लिए

धनतेरस के दिन घर के मुख्य द्वार और तिजोरी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में धन का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक समृद्धि आती है।

दूसरा दिन – नरक चतुर्दशी (नकारात्मकता से मुक्ति के लिए

इस दिन बाथरूम या घर के पिछवाड़े में एक दीपक जलाना चाहिए। यह दीपक नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में सकारात्मकता लाता है।

तीसरा दिन – दीपावली (लक्ष्मी प्राप्ति के लिए

दीपावली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के दौरान पूजा स्थान, मुख्य द्वार, बालकनी, और घर के कोनों में दीपक जलाना चाहिए। यह मां लक्ष्मी को प्रसन्न करता है।

चौथा दिन – गोवर्धन पूजा सुरक्षा और समृद्धि के लिए

इस दिन रसोईघर और भोजन स्थल पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। यह परिवार के स्वास्थ्य और सुरक्षा का प्रतीक माना गया है।

पांचवां दिन – भाई दूज (रिश्तों की मिठास के लिए

भाई दूज के दिन भाई-बहन के पूजा स्थान पर दीपक जलाना चाहिए। इससे रिश्तों में प्रेम और अपनापन बढ़ता है।