

रायपुर। रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों को राखी बांधने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जेल प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 28 अगस्त को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केवल बहनों को ही बंदियों से मिलने और राखी बांधने के लिए जेल के भीतर प्रवेश की अनुमति होगी।
मुलाकात के लिए आने वाली बहनों के पास वैध पहचान पत्र होना आवश्यक है। गहन जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा कारणों से एक बंदी से मिलने और राखी बांधने के लिए अधिकतम 3 बहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। बहनों को प्रति बंदी केवल 100 ग्राम मिठाई ले जाने की छूट होगी, जिसकी पहले जांच की जाएगी। मिठाई के अलावा अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
मोबाइल, पर्स, नकदी और किसी भी प्रकार का कीमती सामान जेल के भीतर ले जाना सख्त मना है। जेल परिसर में इन्हें जमा कराने की कोई व्यवस्था नहीं होगी, इसलिए परिजनों को सलाह दी गई है कि वे ये सामान साथ न लाएं। सुरक्षा के दृष्टिगत जेल प्रवेश से पहले महिला कर्मचारियों द्वारा तीन स्तरों पर तलाशी ली जा सकती है। केंद्रीय जेल अधीक्षक ने सभी परिजनों से व्यवस्था बनाए रखने और तलाशी प्रक्रिया में जेल प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
रायपुर। राज्य शासन ने खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्राॅफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।








रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीड़ितों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकसंतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।
राज्य सरकार ने नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। नेपाल में फंसे नागरिकों की सुरक्षित वापसी एवं आवश्यक सहायता के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा ने आगामी महीनों में 15 नगरीय निकायो के लिए चुनाव प्रभारी और सह प्रभारियो की नियुक्ति कर दी है। इनमें संगठन से जुडे़ नेता, विधायक, पूर्व विधायक, महापौर और पार्षद शामिल है। हर निकायो में एक प्रभारी और दो सह प्रभारी मिलाकर कुल 45 पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई है।
इन 15 निकायो में 4 नगर निगम, 5 नगर पालिका और 6 नगर पंचायत शामिल है। इनमें से ज्यादातर जगहों में कांग्रेस काबिज है, जहां जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने अपनी तैयारियां शुरु कर दी है।


रायपुर। राजीव भवन में बुधवार को आयोजित आदिवासी कांग्रेस कार्यकारिणी समिति एवं आदिवासी सलाहकार परिषद की बैठक में साय सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा और आने वाले समय में संगठन स्तर पर बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी बनाई गई। जल-जंगल-जमीन की लड़ाई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उतरेंगे।
बता दें कि बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में संसाधनों के असंतुलित दोहन से उत्पन्न पर्यावरणीय संकट और उससे प्रभावित हो रहे आदिवासी समुदाय के अधिकारों और हितों पर भी मंथन किया गया। साथ ही आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती से उठाने और संगठन को जमीनी स्तर पर और सशक्त बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राज्य सरकार की ओर से कोई आयोजन नहीं किए जाने को लेकर निंदा प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य की करीब 32 प्रतिशत आदिवासी आबादी वाले प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और भाजपा नेताओं ने विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज को बधाई देने की औपचारिकता तक नहीं निभाई।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस महज कोई राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, संस्कृति, गौरव और एकता से जुड़ा महत्वपूर्ण दिवस है। आरएसएस आदिवासी संस्कृति को स्वतंत्र सभ्यता मानने का विरोध करती है। वह आदिवासियों को आज भी पिछलग्गू बनाकर रखना चाहती है। भाजपा आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर से अधिकार को छीनने आदिवासियों को आदिवासी नहीं वनवासी बताती है। वह जल, जंगल, जमीन को अपने उद्योगपति मित्रों को सौंपना चाहती है।
बैठक में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रव, डॉ. शिवकुमार डहरिया और अमरजीत भगत, विधायक, पूर्व विधायक सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता के साथ पदाधिकारी मौजूद रहे।
रायपुर/भाटापारा। बुधवार को आदिवासी गोंड समाज मावली महासभा सिंगारपुर द्वारा ग्राम ढाबाडीह, लक्ष्मणा धाम बलौदा बाजार भाटापारा में ‘विश्व आदिवासी परब (तिहार)’ का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल मुख्य रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के आराध्य ‘बूढ़ा देव’ और ‘मावली माता’ के पूजन के साथ हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज यदि छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा सहित समूचे प्रदेश में जल, जंगल और जमीन सुरक्षित हैं, तो इसका पूरा श्रेय आदिवासी समाज को जाता है। आदिवासी समाज केवल प्रकृति का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसका सच्चा पूजक और रक्षक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और पानी के दुरुपयोग के कारण मौसम का चक्र प्रभावित हो रहा है। पहले जहां 50 फीट पर पानी मिल जाता था, आज 500 से 1000 फीट नीचे जाने पर भी जल संकट बना हुआ है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से जल संरक्षण, सोख्ता गड्ढों के निर्माण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प लेने का आह्वान किया।


श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आदिवासी समाज के गौरव और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को पूरे विश्व में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना शुरू किया गया है। वहीं डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में ही शहीद वीर नारायण सिंह जी की जयंती मनाने की ऐतिहासिक शुरुआत की गई थी।
आज साय सरकार आदिवासियों और किसानों को ₹3100 धान का मूल्य दे रही है, महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को प्रतिमाह ₹1000 और ‘हर घर नल से जल’ योजना के जरिए घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है।


विकास कार्यों के लिए 15 लाख रुपये की घोषणा
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विकास को गति देते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ग्राम ढाबाडीह में सीसी रोड निर्माण हेतु 5 लाख रुपये, खेल मैदान के समतलीकरण हेतु 5 लाख रुपये तथा पास के गांव धोलाभाटा में 500 मीटर सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रुपये (कुल 15 लाख रुपये) स्वीकृत करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से क्षेत्रीय नेता शिवरतन शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष आनंद यादव, तिरुमाल बंसुलाल नेताम, गोपाल, तेज सिंह मंडावी, कुलपत छैतैया, समय लाल नेताम, नारद मरकाम, महान सिंह नेताम, तुलसीराम नेताम, विश्राम ध्रुव, नारायण साहू सहित मावली महासभा के समस्त पदाधिकारी, पंच-सरपंच, युवा एवं बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में तीसरी बार पेपर लीक का मामला सामने आया है। बीएससी प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर (फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स) का पेपर 19 अगस्त को सुबह 10 बजे होना था, लेकिन परीक्षा से 5 घंटे पहले ही पेपर की PDF स्टूडेंट्स के बीच वायरल हो गई। विश्वविद्यालय ने तेलीबांधा पुलिस को मामले की जांच के लिए पत्र लिखा है।
बता दें कि इससे पहले IGKV में दो पेपर लीक हो चुका है, अब यह तीसरा मामला सामने आया है। वायरल हुई PDF और एग्जाम में पूछे गए सवाल बिल्कुल एक जैसे थे। PDF में पेपर के तीनों पार्ट के सभी सवाल मौजूद थे। इतना ही नहीं, 6 नंबर वाले लॉन्ग आंसर क्वेश्चन भी पहले से PDF में मौजूद थे और उनके आंसर भी दिए गए थे। प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस तरह बाहर आया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पेपर लीक की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

IGKV में पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान का पेपर परीक्षा से करीब 2 घंटे पहले वायरल हुआ था। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने परीक्षा कैंसिल कर दी थी। पुलिस जांच में दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के एक प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद प्लांट पैथोलॉजी का पेपर लीक होने का मामला भी सामने आया। जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों ने ही यह पेपर लीक किया था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि दोनों पेपर छात्रों तक पैसे लेकर पहुंचाए गए थे। अब इन दोनों परीक्षाओं को सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा कराया जाएगा।
जशपुर। रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में बुधवार को इस पावन पर्व की यही भावना उस समय और जीवंत हो उठी, जब बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम में भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के साथ बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार के संकल्प की झलक दिखाई दी।
ग्राम पंडरीपानी में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और उनकी बातें सुनीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सुखद भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराने का भी अवसर है। छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें और परिवार तथा समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका और मजबूत हो, इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और परिवार की समृद्धि से समाज एवं प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। राज्य सरकार की योजनाओं के केंद्र में माताओं-बहनों का सम्मान, स्वावलंबन और बेहतर भविष्य है.
पंडरीपानी को विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर ग्राम पंडरीपानी में लगभग ₹64 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन गांव की महिलाओं के लिए सामूहिक प्रयासों, आर्थिक गतिविधियों और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा।

महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक कक्ष, प्रशिक्षण की सुविधा, रसोईघर और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे महिला स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों को अपनी बैठकें, प्रशिक्षण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियां संचालित करने के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बेहतर अधोसंरचना के निर्माण के साथ महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन को सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
महतारी वंदन ने बहनों को दिया आर्थिक आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह राशि बहनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए हाल ही में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। त्योहार को देखते हुए सितंबर माह की राशि अग्रिम रूप से जारी की गई, ताकि बहनें उत्साह और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल को अवसरों से जोड़ना और परिवार तथा समाज के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करना सरकार का व्यापक उद्देश्य है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें आज अनेक आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।
शासन की सेवाएं अब और आसान, समाधान भी तेज
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य शासन की सुविधाओं को सरलता और पारदर्शिता के साथ लोगों तक पहुंचाना है। इसी दिशा में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को अनेक शासकीय सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता से पहुंचे और उसकी समस्या का समयबद्ध समाधान हो, इसी सोच के साथ तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है।
महिला स्व-सहायता समूहों को मिला आर्थिक संबल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को उनकी आर्थिक और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि के चेक प्रदान किए। मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा; वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार और चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को ₹1.50-₹1.50 लाख तथा प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को ₹1 लाख की सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला समूहों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। आर्थिक सहायता से समूहों को अपने स्वरोजगार और आजीविका संबंधी कार्यों का विस्तार करने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर सृजित होंगे।
बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना
कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई। इस अवसर पर बेटियों के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को मिले अधिकार अभिलेख
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को पट्टे भी वितरित किए। इनमें ग्राम बोखी की हरावती, ग्राम वानगांव की जगमनी, ग्राम कोनपारा की राजमनी, ग्राम भगोरा की लक्ष्मी तथा ग्राम तेलाइन की सुमित्रा शामिल हैं। इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति पर अधिकार के साथ दस्तावेजी सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं मुख्यमंत्री : गोमती साय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने उपस्थित माताओं-बहनों का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को शासन की प्राथमिकताओं में रखा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है, वहीं महतारी सदन के माध्यम से गांवों में महिलाओं को अपनी बैठकों, प्रशिक्षण और गतिविधियों के लिए सम्मानजनक स्थान उपलब्ध हो रहा है।
गोमती साय ने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में विधायक पत्थलगांव गोमती साय, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित थीं।
भाटापारा/रायपुर। रायपुर लोकसभा के कर्मठ, जनप्रिय सांसद और विकास पुरुष बृजमोहन अग्रवाल का ग्राम दावनबोड़ (विकासखंड भाटापारा) आगमन पर क्षेत्रवासियों ने ऐतिहासिक और आत्मीय स्वागत किया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य जनसभा में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, महान योद्धा अमर शहीद वीर नारायण सिंह जी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, भगवान बिरसा मुंडा और रानी दुर्गावती जैसे अमर सेनानियों ने जल, जंगल, जमीन और राष्ट्र की अस्मिता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि अकाल के कठिन दौर में गरीबों का पेट भरने के लिए अंग्रेजों के गोदाम तक खोल देने वाले छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, महान योद्धा अमर शहीद वीर नारायण सिंह जी का बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। नई पीढ़ी को इन महानायकों के पदचिन्हों पर चलकर देश और समाज की सेवा का संकल्प लेना चाहिए।



विकास और विश्वास की मिसाल: मंच से ही खोली घोषणाओं की झोली
– सदैव जनता के सुख-दुख के साथी रहे बृजमोहन अग्रवाल ने ग्रामीणों की मांगों को पूरी तत्परता से सुनते हुए मंच से ही ₹50 लाख से अधिक की लागत वाले विभिन्न जनकल्याणकारी निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी।
– ग्राम दावनबोड़ में सामुदायिक भवन व मंच निर्माण हेतु ₹10 लाख तथा सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़क निर्माण हेतु ₹5 लाख
हायर सेकेंडरी स्कूल (कोड़िया): छात्रों की सुविधा हेतु भव्य शेड निर्माण के लिए ₹10 लाख, ग्राम हीरनभट्टा में स्कूल में प्रार्थना शेड व अन्य निर्माण कार्यों हेतु ₹10 लाख
– ग्राम जामडीह में महामाया मंदिर प्रांगण में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु ₹5 लाख
– ग्राम मोभट्टा में मुक्तिधाम शेड व आवश्यक निर्माण हेतु ₹5 लाख, ग्राम रोहला में सीसी रोड निर्माण हेतु ₹5 लाख, मुड़पार चौक पर मंच व शेड निर्माण हेतु राशि की स्वीकृति।



महिला कमांडो के साहस को नमन, किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख
श्री अग्रवाल ने गांव में अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाली स्थानीय 'महिला कमांडो' के अदम्य साहस की भूरी-भूरी प्रशंसा की और महिला कमांडो को साड़ी के लिए 20 हजार रुपए देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों का छत्तीसगढ़ आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में तेजी से गढ़ रहा है। किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल धान का मूल्य मिलना और 'महतारी वंदन योजना' के माध्यम से माताओं-बहनों का स्वाभिमान लौटना डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रमाण है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक एवं शिव रतन शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष आनंद यादव, गोविंद वर्मा, शशि आनंद बंजारे, गोपाल शुक्ला, सीता शशिकांत, नारायण साहू, भंवर सिंह मुईके, वेदराम साहू सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, पंच-सरपंच और भारी तादाद में ग्रामीण उपस्थित रहे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।
छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।
शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी। क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
सदियों पुरानी लोक आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम
ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है।
बाबा कर्मेश्वर से क्षेत्र की लोक मान्यताओं का भी गहरा संबंध है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होती थी, तब ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते थे। शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में वर्षा होती थी। पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी लोक आस्थाओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।
मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के अंतर्गत अपनी माता जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।
इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जगदलपुर। ओडिशा के मलकानगिरी जिले में सुरक्षा बलों को माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स (DVF) ने बुधवार तड़के ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाकर माओवादियों का एक बड़ा डंप बरामद किया। डंप से हथियार, आईईडी, क्लेमोर माइन और अन्य माओवादी सामग्री बरामद की गई है।
जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से पूछताछ के आधार पर DVF की टीम ने मथिली थाना क्षेत्र के चेरकोटला, किर्मिती, कोटवापादर और कडाभाटा के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया। यह इलाका छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के दरभा थाना और सुकमा जिले के पुषपाल थाना क्षेत्र से सटा हुआ है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने तीन देसी बंदूकें, 5 किलो, 3 किलो और 2 किलो वजन के कई आईईडी, दो क्लेमोर माइन, कोडेक्स वायर, माओवादी बैनर समेत बड़ी मात्रा में अन्य सामान बरामद किया है।
बरामद सामग्री को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर आगे की जांच की जा रही है। बता दें कि ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा का यह इलाका लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। ऐसे में डंप की बरामदगी को सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इलाके में सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग घोटाले में जेल में बंद पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट, अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल, तबीयत में सुधार बताया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, पूर्व पीएससी चेयरमैन व रिटायर्ड IAS टामन सिंह सोनवानी की 18 अगस्त को अचानक तबीयत बिगड़ी थी. ब्रेडीकार्डिया की स्थिति बनने पर आनन-फानन में एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट, अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखने के बाद हार्ट अटैक की आशंका के चलते पेसमेकर लगाया है. अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी पेपर लीक और धनशोधन के आरोपों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में हैं.
इसके पहले टामन सिंह सोनवानी को दो साल पहले सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. सीबीआई का आरोप है कि सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन हुआ.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आदिवासी कांग्रेस की बैठक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है. अगर वास्तव में किसी ने जनजाति समाज की चिंता की है, तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने की है.
मुख्यमंत्री साय ने आदिवासियों के हित में भाजपा सरकार द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अनुसूचित जनजाति समाज के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया था. उन्होंने कहा कि द्रौपदी मुर्मू आज देश की राष्ट्रपति हैं. इस उपलब्धि ने पूरे जनजातीय समाज को गौरव और सम्मान दिलाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की लगभग सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आदिवासी समाज को मिल रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम जनमन योजना शुरू की है. इसके तहत उनके गांवों तक सड़कें पहुंचाई जा रही है. राशन कार्ड समेत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. कांग्रेस कुछ भी कर ले, लेकिन जनजातीय समाज अब उसे पहचान चुका है और जनता उसके मुगालते में आने वाली नहीं है.
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में फिर से पेपर लीक की घटना को लेकर मुख्यमंत्री साय ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में भी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.
बीजेपी की जारी बैठकों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी में बैठकें लगातार चलती रहती हैं.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बलरामपुर-जशपुर दौरे के लिए रवाना हुए. अपने दौरे को लेकर उन्होंने बताया कि वे दो दिन के जशपुर प्रवास पर रहेंगे और अपने विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री पंडरीपानी में स्टेट बैंक की नई शाखा का शुभारंभ करेंगे. इसके साथ ही महतारी वंदन योजना का भवन बनकर तैयार हो गया है, जिसका लोकार्पण किया जाएगा. दौरे के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया जाएगा.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण व्यवस्था में नई कंपनी की एंट्री हो सकती है। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड ने रायपुर, धरसींवा, मंदिरहसौद और अभनपुर तहसील में बिजली वितरण की अनुमति मांगी है। कंपनी ने इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आवेदन किया है।
टाटा पावर का आवेदन विद्युत अधिनियम के तहत बिजली वितरण की अनुमति के लिए दाखिल किया गया है। इसे आयोग में याचिका क्रमांक 89/2026 के रूप में दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी कंपनी को बिजली वितरण की अनुमति नहीं मिली है और आवेदन प्रक्रिया में है।
इस मामले में 1 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के रायपुर स्थित कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान आम लोगों, स्थानीय निकायों और संबंधित संस्थाओं से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद आयोग आवेदन पर आगे की प्रक्रिया और अंतिम निर्णय करेगा।
जारी सूचना के अनुसार, इच्छुक व्यक्ति या संस्था सूचना प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति में नाम, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल और आपत्ति का कारण देना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि संबंधित व्यक्ति जनसुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना चाहता है या नहीं।
टाटा पावर के आवेदन और संबंधित दस्तावेज आयोग और कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। कार्यालय से दस्तावेजों की प्रति 500 रुपये में प्राप्त की जा सकती है। आपत्ति की छह प्रतियां शपथ-पत्र के साथ आयोग के सचिव को जमा करनी होंगी और एक प्रति टाटा पावर को भी भेजना जरूरी होगा।
फिलहाल रायपुर और प्रस्तावित क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यदि नियामक आयोग से टाटा पावर को अनुमति मिलती है, तो इन क्षेत्रों में बिजली वितरण के लिए एक और कंपनी के काम करने का रास्ता खुल सकता है। इससे उपभोक्ताओं को सेवा, शिकायतों के निराकरण, नए कनेक्शन और अन्य सुविधाओं के मामले में विकल्प मिल सकते हैं।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे बिजली बिल, बिजली दर या कनेक्शन व्यवस्था में तत्काल कोई बदलाव होगा। इन मामलों में नियामक आयोग के नियम लागू रहेंगे। टाटा पावर को अनुमति मिलेगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला जनसुनवाई और आयोग की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

रायपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर स्कूली छात्रों के प्रदर्शन सामने आ रहे हैं। शिक्षकों की कमी और बेहतर शिक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छात्र सड़क पर उतर रहे हैं। इन प्रदर्शनों को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेशभर में हो रहे स्कूली छात्रों के प्रदर्शनों को कांग्रेस से प्रेरित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बच्चों को आगे कर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि बच्चों को उकसाकर प्रदर्शन करवाना उचित नहीं है।
उन्होंने इन प्रदर्शनों को ‘कांग्रेस जनित प्रदर्शन’ करार देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश में करीब 8 हजार शौचालयों का निर्माण करने जा रही है, लेकिन कांग्रेस इसका श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।
युवा कांग्रेस के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद पर भी मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में आपसी लड़ाई कोई नई बात नहीं है। उनके मुताबिक, भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच शुरू से ही मतभेद रहे हैं और एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए दोनों गुट प्रदर्शन करते हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में लगातार हो रही बैठकों को लेकर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी में संगठन और कामकाज को लेकर नियमित बैठकें होती रहती हैं। प्रभारी जिलों में भी लगातार बैठकें आयोजित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के जरिए सामने आ रही समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाता है।
रायपुर। जातिगत जनगणना को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखे जाने पर सांसद संतोष पांडे ने बड़ा सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि पहले राहुल गांधी बताएं कि वे किस जाति से हैं? क्या राहुल गांधी पारसी हैं? देश को बताना चाहिए आखिर राहुल और प्रियंका किस जाति के हैं?
वहीं छत्तीसगढ़ में आदिवासी कांग्रेस की बैठक को लेकर सांसद संतोष पांडे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासियों का शोषण करती है. आदिवासियों को अपमानित, जेल भेजने का काम करती है. भूपेश बघेल के कार्यकाल में क्या स्थिति थी, सब जानते है.
बीजेपी के मैराथन बैठक पर सांसद संतोष पांडे का बयान हम अपने शस्त्र को मांजते रहते है. शांति काल में भी बीजेपी युद्ध के लिए तैयार रहती है. अलग-अलग कार्यक्रमों की समीक्षा हो रही है. आने वाले दिनों के लिए कार्यक्रम की रणनीति तय हो रही है.
बिलासपुर। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पदों पर होने वाली सीमित प्रतियोगी परीक्षा को हाईकोर्ट ने आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा 20 सितंबर को आयोजित थी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को न्यायिक अधिकारियों के रिटायरमेंट की उम्र को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष या अंतरिम रूप से 61 वर्ष करने पर विचार करने के निर्देश दिए हैं. जिसकी वजह से परीक्षा अगले आदेश तक स्थगित की गई है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मामला फिलहाल राज्य शासन के `समक्ष विचाराधीन व लंबित है।
सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया जजेस एसोसिएशन मामले में 5 अगस्त 2026 को दिए अपने अहम आदेश में न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने के संबंध में राज्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों के आर्थिक बोझ वाले तर्क को खारिज करते हुए कहा कि अनुभवी जजों की सेवाएं जारी रखना, नई भर्ती, प्रशिक्षण और पेंशन के खर्च की तुलना में अधिक व्यावहारिक और कम खर्चीला है। आदेश के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संबंधित हाई कोर्ट के साथ समन्वय कर सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष या अंतरिम रूप से 61 वर्ष करने के प्रस्ताव पर तेजी से निर्णय लेने को कहा गया है।
बिलासपुर। अनुकंपा नियुक्ति के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि केवल शादीशुदा होने के आधार पर बेटी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को निरस्त करते हुए दो शादीशुदा बेटियों को बैंक में अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने बैंक को यह भी निर्देशित किया कि दोनों अपीलकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता और लागू नियमों के अनुसार 90 दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बेटी के विवाहित होने को नियुक्ति में अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता।
दरअसल छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 2 कर्मचारियों मदन कुमार पांडा और शैलेन्द्र कुमार जॉन्सन की नौकरी के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी शादीशुदा बेटियों अंकिता मिश्रा और शीना डेविड ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन बैंक ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच ने 7 मई 2026 को उनकी याचिकाएं खारिज कर दी। इसके खिलाफ रिट अपील दायर की गई।
डिवीजन बेंच ने कहा कि बैंक ने सिर्फ बेटियों के विवाहित होने को आधार बनाकर उन्हें नौकरी से बाहर किया, जबकि इसी योजना के तहत विवाहित बेटों को नियुक्ति का लाभ दिया गया। यह समानता के अधिकार के खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी माना कि शादी होने मात्र से किसी बेटी की अपने माता-पिता पर आर्थिक या सामाजिक निर्भरता खत्म नहीं मानी जा सकती। निर्भरता का वास्तविक आकलन किया जाना जरूरी है। कोर्ट ने बैंक के रिजेक्शन आदेशों के साथ सिंगल बेंच का फैसला रद्द कर दिया।
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