प्रदेश
मिलावट रोकने खाद्य विभाग की कार्रवाई, कई दुकानों में दी दबिश
सरगुजा। नवरात्रि एवं दशहरा पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को ध्यान में रखते हुए सरगुजा जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सघन कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत मिठाई दुकानों, किराना एवं फल दुकानों सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने संकलित किए गए हैं।
इस अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर.आर. देवांगन, प्रशांत कुमार तिवारी एवं विभागीय टीम द्वारा बीते दिनों कई दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इनमें मेसर्स सोमेश किराना एण्ड जनरल स्टोर सरगावा से सरसों तेल, मेसर्स गीता ट्रेडर्स गोधनपुर से साबूदाना एवं पतंजली दलिया, मेसर्स राज फ्लोर मिल अंबिकापुर से सिंघाड़ा आटा एवं बेसन, मेसर्स ललन बेवरेजेस सीतापुर से पैकेज्ड ड्रिकिंग वाटर, मेसर्स रमेश बेवरेजेस सीतापुर से पैकेज्ड ड्रिकिंग वाटर तथा मेसर्स पवन एजेंसी अंबिकापुर से पैकेज्ड ड्रिकिंग वाटर के नमूने शामिल हैं।
सभी संकलित नमूनों को परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा नियम- विनियम 2011 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त विभागीय चलित खाद्य प्रयोगशाला वाहन (मोबाइल वैन) के माध्यम से विगत दो दिनों में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के खाद्य प्रतिष्ठानों का मौके पर परीक्षण किया गया। विभाग का यह निरीक्षण एवं जांच अभियान त्योहारों के दौरान निरंतर जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग से देश की आज़ादी के आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि दृढ़ निष्ठा और सत्याग्रह के मार्ग से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी गांधी जी के विचार समाज को एक बेहतर दिशा देने में उपयोगी हैं और हम सबको उनसे प्रेरणा मिलती है।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी और सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने जय जवान जय किसान का का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शास्त्री जी की निष्ठा और ईमानदारी हमेशा नागरिकों को प्रेरित करती रहेगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव उपस्थित थे।
कोरबा कलेक्टर के खिलाफ हो सकती है बड़ी कार्रवाई, सरकार ने संज्ञान में लिया
कोरबा। कोरबा कलेक्टर के खिलाफ पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत पर बिलासपुर कमिश्नर से जांच प्रतिवेदन मांगा गया है। बताया गया कि कमिश्नर संभवतः शुक्रवार को प्रतिवेदन दे सकते हैं।
पूर्व मंत्री कंवर कोरबा कलेक्टर अजीत बंसत के खिलाफ 14 बिन्दुओं पर आरोप लगाए हैं। वो उन्हें हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने 4 अक्टूबर को सीएम हाऊस के सामने धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया है।
सीएम विष्णु देव साय ने कंवर के आरोपों की जांच कराने की बात कह चुके हैं। उन्होंने इस पर कमिश्नर सुनील सोनी से जांच प्रतिवेदन मांगा है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक साय खुद कंवर से चर्चा करने वाले हैं।
मुख्यमंत्री की विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ मैराथन बैठक, की ई-ऑफिस प्रणाली की तारीफ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। शेष विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो।
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के सभी कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। जिन विभागों का व्यय पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वे इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में आगामी दो महीनों का सदुपयोग करते हुए निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करें।
जनता की समस्याओं को धैर्य से सुनें अधिकारी
मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें।
मंत्रालय के कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस
मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुँचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें।
मुख्य सचिव विकास शील ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, ऊर्जा सचिव रोहित यादव सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रोजेक्ट दिव्य धुन के बच्चों को दी 11 हजार की प्रोत्साहन राशि
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि मंडपम रायपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट दिव्य धुन के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों ने तबला, गायन एवं अन्य विधाओं में मनमोहक प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 11 हजार की राशि प्रदान की।
कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया प्रोजेक्ट दिव्य धुन के अंतर्गत दृष्टिबाधित बच्चों को कलाकेंद्र रायपुर में संगीत व वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इन बच्चों ने पूर्व में चक्रधर समारोह 2025, रायगढ़ में भी अपनी प्रतिभा से सभी को मंत्रमुग्ध किया था।
ग्राम सुंगेरा में जनसुरक्षा संतृप्ति शिविर का हुआ आयोजन
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, शाखा तरपोंगी द्वारा आज ग्राम सुंगेरा में जनसुरक्षा संतृप्ति शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में लगभग 120 ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के उपमहाप्रबंधक अमरेंद्र गुप्ता, अग्रणी बैंक अधिकारी जिला रायपुर मो. मोफिज, वरिष्ठ प्रबंधक (परिचालन) क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर प्रभु बेदी, वित्तीय समावेशन अधिकारी तुषार वर्मा एवं कल्पना अहिरवार उपस्थित रहे शिविर के दौरान ग्रामीणों को बैंकिंग सुरक्षा और सेवाओं से जुड़ी जानकारी दी गई।
उपमहाप्रबंधक अमरेंद्र गुप्ता ने ई केवाईसी डिजिटल धोखाधड़ी (डिजिटल अरेस्ट), मनी म्यूल खाते और बैंक के विभिन्न शासकीय उत्पादों के बारे में बताया । अग्रणी बैंक अधिकारी मो. मोफिज ने सुरक्षित वित्तीय लेन-देन के लिए ज़रूरी सावधानियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ले रहे हैं मैराथन बैठक: बजट और विकास कार्यों की हाईलेवल समीक्षा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण मैराथन बैठक कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट में प्रावधानित कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करना और सभी विभागों को समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभागवार कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विशेष रूप से पूंजीगत व्यय से जुड़े कार्यों की गति बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं और अफसरों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि निर्धारित समयसीमा में सभी परियोजनाओं को पूरा किया जाए।
इस बैठक में नए मुख्य सचिव विकास शील और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह समेत सभी विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित हैं। यह बैठक नए मुख्य सचिव के नेतृत्व में होने वाली पहली हाईलेवल समीक्षा बैठक है। इसके मद्देनजर अफसरों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मौका है कि वे अपने विभागों की प्रगति और आने वाली योजनाओं के बारे में सीधे मुख्यमंत्री को जानकारी दें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी है, बल्कि इससे सीधे जनता को लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विभागों ने कार्यों में गति नहीं दिखाई, उनके खिलाफ कड़ा निर्देश और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की मैराथन बैठकें राज्य प्रशासन में कसावट और जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। केवल समय पर कार्य पूरा करना ही नहीं, बल्कि सभी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य है।
बैठक में यह भी चर्चा की जा रही है कि किस विभाग ने कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण किए हैं और किन विभागों को अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे बजट के तहत आने वाले सभी कार्यों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया को मजबूत करें और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए हर संभव कदम उठाएं।
राज्य प्रशासन के जानकार मानते हैं कि यह बैठक केवल एक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह अफसरों की जवाबदेही, कार्यकुशलता और विकास प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने का भी अवसर है। बैठक का समापन मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए अंतिम दिशा-निर्देशों और कार्रवाई योजनाओं के साथ होगा, जिससे सभी विभागों को स्पष्ट रोडमैप मिले और आगामी वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों में गति लाई जा सके।
मंत्रालय में 1 दिसंबर से अफसरों के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस, मुख्यमंत्री सचिवों और विभागाध्यक्षों की ले रहे हैं बैठक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण मैराथन बैठक कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट में प्रावधानित सभी कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करना और सभी विभागों को समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए निर्देश देना है। अफसरों की मंत्रालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो इसे लेकर भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये।
बैठक में प्रत्येक विभागवार कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विशेष रूप से पूंजीगत व्यय से जुड़े कार्यों की गति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को विशेष निर्देश दे रहे हैं कि वे निर्माण और विकास परियोजनाओं में तेजी लाएँ। बैठक में नए मुख्य सचिव विकास शील और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह के साथ-साथ सभी विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित हैं। यह बैठक नए मुख्य सचिव के नेतृत्व में होने वाली पहली हाईलेवल समीक्षा बैठक है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह संदेश दिया कि बजट में स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करना अनिवार्य है और विलंब स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही अफसरों को यह निर्देश भी दिए गए कि सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्टिंग प्रक्रिया को मजबूत करें और प्रत्येक परियोजना पर नियमित निगरानी बनाए रखें।
बैठक में यह भी तय किया गया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में सभी अधिकारियों के लिए बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे अधिकारियों की उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित होगी और विभागीय कार्यों में गति आने की संभावना बढ़ जाएगी।
वृद्धजनों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति के वाहक हैं। वृद्धजनों की देखभाल सरकार और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए समर्पित योजनाओं को लगातार मजबूत बना रही है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वृद्धजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए राज्य में सियान गुड़ी, प्रदेश के चार बड़े शहरों रायपुर, बिलासपुर कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल पर सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाने और दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के रिपेयरिंग के लिए राजधानी रायपुर में सर्विस सेंटर बनाने की घोषणा की। श्री साय ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता हेतु 25 नशामुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई और स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वृद्धजन दिवस हमें अपने दायित्वों को याद दिलाने का अवसर है। मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है कि माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। मैंने अपने गुरु के संस्कार और आदर्शों का हमेशा पालन किया है। श्री साय ने कहा कि हम सभी को यह सच्चाई नहीं भूलनी चाहिए कि आज हमारे बुजुर्ग जिस अवस्था में है, कल हम सभी उसी अवस्था में होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय और अतिथियों ने जनता से अपील की कि वे वृद्धजनों का सम्मान करें और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि उनका जीवन और अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों के लिए संचालित पेंशन योजनाओं में 14 लाख से बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और श्री रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के 35 वृद्धाश्रमों में 1049 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की जा रही है तथा 6 जिलों में प्रशामक देखरेख गृह संचालित हैं। विभागीय हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 54 हजार से अधिक वरिष्ठजनों की समस्याओं का समाधान किया गया है।
इस अवसर पर मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन साथी पहल : जिला प्रशासन रायपुर और इज माय ट्रिप के बीच एमओयू
कार्यक्रम में पर्यटन साथी पहल के लिए ईज़ माई ट्रिप और जिला प्रशासन के मध्य एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार नए अवसर खुलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन साथी पहल के तहत युवाओं को आईटीआई सड्डू में टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रति बैच 50 युवाओं को शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण तीन महीने में पूरा होगा।




सीएम साय की अध्यक्षता में होगा कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस, सभी सचिवों से मांगा गया एजेंडा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आने वाले महीनों में सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से राज्य सरकार ने तीन दिवसीय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिला वन अधिकारी (डीएफओ) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा करेंगे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की योजनाओं, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और आम जनता से जुड़े मुद्दों की बारीकी से समीक्षा करना है। 12 अक्टूबर को आयोजित होने वाली पहली बैठक में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विकास कार्यों की प्रगति, विभिन्न विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जिले स्तर पर आ रही चुनौतियों की जानकारी लेंगे।
13 अक्टूबर को होने वाली बैठक में कलेक्टरों के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक और जिला वन अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। इस दिन कानून-व्यवस्था, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे अभियान, पर्यावरण संरक्षण और वनाधिकार से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। बैठक का तीसरा दिन 14 अक्टूबर को होगा, जिसमें अब तक हुई बैठकों से निकले बिंदुओं का समेकित मूल्यांकन और आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस बैठक को लेकर कहा कि यह बैठक नियमित है और समय-समय पर इस तरह की समीक्षा बेहद आवश्यक होती है। उनके अनुसार, “यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे आने वाले सभी कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। प्रशासनिक कसावट और पारदर्शिता लाने में इस प्रकार की बैठकों की अहम भूमिका होती है।”
जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देंगे कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करें। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल, रोजगार और किसानों से जुड़े विषयों पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाएगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह कदम न केवल प्रशासनिक कसावट लाने की दिशा में अहम साबित होगा, बल्कि इससे जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की गति भी तेज होगी। इसके अलावा, नक्सल प्रभावित जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी मुख्यमंत्री अधिकारियों से ठोस रिपोर्ट लेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
तीन दिवसीय इस कांफ्रेंस से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में और अधिक मजबूती आएगी। इससे राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने में तेजी आएगी और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
बाल-बाल बचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, ट्रक की ठोकर से कार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त
रायपुर। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। बताया जा रहा है कि मंत्री की तेज रफ्तार कार ट्रक से टकरा गई। हादसे में जहां कार के सामने के हिस्से के परखच्चे उड़ गये। वहीं इस हादसे में मंत्री जायसवाल पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जानकारी के मुताबिक ये हादसा मंत्री श्याम बिहार जायसवाल के जन्मदिन के दिन घटित हुई। बताया जा रहा है कि मंत्री जायसवाल अपने जन्मदिन के अवसर पर मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। उन्होंने अपने दिन की शुरुआत महामाया मंदिर में के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ की थी। जब वह मंदिर से लौट रहे थे, तभी उनकी कार ट्रक से टकरा गई।
इस हादसे में गनीमत रही कि कार में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री और अन्य लोगों को किसी तरह की कोई चोंट नहीं आई। वहीं गाड़ी के सामने का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं हादसे की जानकारी के बाद शुभचिंतको मंत्री का हाल जानने उनके निवास पर पहुंचने लगे। जहां मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सकुशल होने की जानकारी सभी को दी।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की फाइल आगे बढ़ी, DGP को मिला प्रारूप
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के लिए एक प्रारूप तैयार किया गया है। यह प्रारूप उच्च स्तरीय समिति द्वारा तैयार किया गया है और इसे राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम को सौंपा गया है। समिति ने भुवनेश्वर कमिश्नरी मॉडल को बेहतर मानते हुए लगभग 60 प्रतिशत नियमों को रायपुर में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, शेष 40 प्रतिशत कमिश्नरी प्रणाली के नियम अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, ओडिशा, राजस्थान और मध्यप्रदेश में लागू मॉडल से लिए जाएंगे।
इस प्रारूप को तैयार करने के लिए समिति ने विभिन्न राज्यों में लागू कमिश्नरी मॉडलों का गहन अध्ययन किया। समिति के अध्यक्ष, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता ने इस प्रारूप को DGP को सौंपा है। अब इस रिपोर्ट का विधि विभाग के अधिकारियों के साथ अध्ययन किया जाएगा, जिसके बाद इसे राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू करने की कवायद के बीच अब पहले कमिश्नर और पुलिस को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इस दौड़ में फ़िलहाल आधा दर्जन आईपीएस अफसरों के नाम सामने आये है। इनमें सभी आईजी लेवल के अफसर शामिल है। जिन नामों पर चर्चा है उनमें अजय यादव, अमरेश मिश्रा, बद्रीनारायण मीणा और संजीव शुक्ला जैसे आईपीएस के नाम शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रतनपुर महामाया मंदिर में नवरात्रि पर की पूजा अर्चना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर रतनपुर स्थित ऐतिहासिक महामाया मंदिर पहुँचकर मां महामाया का दर्शन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर प्रांगण में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की और उन्हें नवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित महामाया ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

चीफ सेकरेट्री विकास शील बोले, “विजन 2047 को पूरा करना बड़ा लक्ष्य”, मेरे लिए एक तरह से यह घर वापसी है
रायपुर। छत्तीसगढ़ को उसका नया मुख्य सचिव मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1994 बैच के अधिकारी विकास शील ने सोमवार को मंत्रालय, महानदी भवन में मुख्य सचिव का कार्यभार संभाल लिया। वे राज्य के 13वें मुख्य सचिव बने हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि “2047 के लिए जो विजन तैयार किया गया है, उसे पूरा करना एक बड़ा लक्ष्य है। राज्य और केंद्र में अपने 30 साल के प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल कर छत्तीसगढ़ के लिए बेहतर काम करने का प्रयास करूंगा।”
ईमानदार और जिम्मेदार प्रशासन पर जोर
पदभार ग्रहण करते ही विकास शील ने साफ किया कि राज्य में जांच एजेंसियों द्वारा IAS अधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोपों के मद्देनजर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार ढंग से काम करना होगा। उन्होंने कहा, “राज्य में कुछ ऐसे हालात बने हैं कि अधिकारियों को और बेहतर तरीके से कार्य करना पड़ेगा। जो भी गड़बड़ियां पाई जाएंगी, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।”
समृद्ध अनुभव और घर वापसी की भावना
विकास शील ने अपने नए दायित्व को “घर वापसी” करार दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में कार्य करने के बाद दोबारा राज्य सेवा में लौटना उनके लिए विशेष है। “ऐसा लग नहीं रहा था कि मैं वापस आऊंगा, लेकिन अब यह घर वापसी जैसी अनुभूति है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार, जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी दी,” उन्होंने कहा।
लंबा प्रशासनिक सफर
विकास शील का जन्म 10 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीई और एमई की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद अमेरिका की सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में मास्टर और एक्जीक्यूटिव मास्टर की डिग्री ली। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन एवं नीति में एडवांस्ड स्टडी का सर्टिफिकेट कोर्स भी किया है।
IAS बनने के बाद उन्हें पहले मध्य प्रदेश कैडर मिला था। राज्य के विभाजन के बाद नवंबर 2000 में वे छत्तीसगढ़ कैडर में शामिल हुए। उन्होंने कोरिया, बिलासपुर और रायपुर में कलेक्टर के रूप में कार्य किया। वे स्कूल शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामान्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में सचिव रहे। अप्रैल 2007 से अप्रैल 2008 तक वे रायपुर कलेक्टर भी रहे।
केंद्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में भी दी सेवाएं
वर्ष 2018 से विकास शील केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में रहे। यहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर भी रहे। इसके अलावा, हाल ही में वे एशियन डेवलपमेंट बैंक, मनीला में कार्यकारी निदेशक के पद पर तैनात थे।
भविष्य की प्राथमिकताएं
पदभार ग्रहण के बाद विकास शील ने कहा कि राज्य में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना है कि विजन 2047 के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सुशासन को लेकर योजनाओं को अमलीजामा पहनाना प्राथमिकता होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा में श्री राम कथा महोत्सव में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा नगरीय क्षेत्र स्थित भवानी मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने परिसर में राम कथा वाचन हेतु पधारे श्री श्री 1008 जगद्गुरू श्री रामभद्राचार्य के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महोत्सव में आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सभी को नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि जगद्गुरू के कोरबा आगमन से ऊर्जाधानी की यह धरती धन्य हो गई है और उनका आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन माटी माता कौशल्या का मायका है तथा हमारे आराध्य भगवान श्री राम का ननिहाल भी। यहां प्रभु श्री राम ने माता सीता एवं भाई लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के दौरान अधिकांश समय व्यतीत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी को पूरा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारा राज्य विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे बहादुर जवान साहसपूर्वक नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं और हमें लगातार सफलता प्राप्त हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भवानी मंदिर एवं नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगल कामना की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माता भवानी की प्रतिमा पर नारियल, पुष्प, चंदन एवं फल अर्पित कर आरती की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर में माता कौशल्या की मूर्ति का नमन किया। इस मंदिर में माता कौशल्या की गोद में बाल रूप में भगवान श्री राम की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो मंदिर का मुख्य आकर्षण है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन कर निर्माण कार्य की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना। स्थानीय श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ओपन थियेटर मैदान में रामलीला महोत्सव में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा प्रवास के दौरान शहर के घंटाघर ओपन थिएटर मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने नगरवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें शक्ति, भक्ति और सद्भाव का संदेश देता है। इन नौ दिनों में हम माता के नौ रूपों की आराधना करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को रामलीला महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला हमारे जीवन मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि रामलीला देखकर बचपन की स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य अतिथियों का स्वागत राम दरबार की प्रतिकृति, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महापौर संजू देवी राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।


खेल महोत्सव राजनीति से परे, खेल के माध्यम से लोगों को जोड़ने का माध्यम : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आगामी रायपुर सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य राजनीति से अलग हटकर खेलों के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जोड़ना है। यह महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उत्सव है जो बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को खेलों के माध्यम से एक मंच पर लाएगा।


श्री अग्रवाल सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर रायपुर नगर निगम, बीरगांव नगर निगम और माना नगर पंचायत के अध्यक्ष, पार्षद, जोन अध्यक्ष, MIC सदस्य, अधिकारी, विधायकगण एवं महापौर उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि खेल महोत्सव का शुभारंभ सप्रे शाला मैदान में और समापन इंडोर स्टेडियम में होगा।
रायपुर में 10, बीरगांव में 2 और माना में 1 जोन मिलाकर कुल 13 जोन बनाए गए हैं। महोत्सव में 13 खेलों का आयोजन महिला-पुरुष वर्ग में 19 वर्ष से कम और 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए होगा। कोई भी बच्चा, युवा या बुजुर्ग, जिसे खेलों में रुचि है, QR कोड के माध्यम से पंजीयन कर भाग ले सकता है।
श्री अग्रवाल ने सभी पार्षदों से अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने, खिलाड़ियों की पहचान करने, खेल स्थल चयन करने और उत्सव का माहौल बनाने का आह्वान किया। गार्डन और लाइब्रेरी में भी महोत्सव के प्रचार की योजना है। उन्होंने कहा कि नगर निगम स्तर पर फाइनल टीम बनेगी, वहीं माना और बीरगांव में भी जोन स्तर पर टीमें तैयार होंगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि वार्डों के वरिष्ठ खिलाड़ियों, जिन्होंने राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनका सम्मान किया जाएगा।
महापौर मीनल चौबे ने भी सभी महिला पार्षदों से महिलाओं को और पुरुष पार्षदों से पुरुषों व युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने का आग्रह किया।
बैठक में विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, माना पंचायत अध्यक्ष संजय यादव, निगम कमिश्नर विश्वदीप, जिला शिक्षा अधिकारी, MIC सदस्यगण, पार्षदगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई “स्मार्ट”, नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर, नवा रायपुर के अटल नगर में देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस अवसर पर रायपुर की वीणा देवांगन ने सेल डीड कराई और डिजिटल भुगतान किया। उनकी रजिस्ट्री को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में कैशलेस भुगतान कराकर प्रदर्शित किया गया।
पीपीपी मॉडल पर आधारित – रजिस्ट्री अब होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक
यह कार्यालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। अब मकान, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़-भाड़ वाले सरकारी दफ्तरों में जाने की बजाय, नागरिक 12 से 15 मिनट में पासपोर्ट और एयरपोर्ट कार्यालय जैसे माहौल में अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस – नागरिकों को मिलेगा बेहतर अनुभव
नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों को नागरिकों को सुखद और सुविधाजनक अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताओं में अत्याधुनिक और वातानुकूलित परिसर शामिल है, जहाँ नागरिक आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। यहाँ फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, ताकि लोग अपने समय का सदुपयोग कर सकें। क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की मदद से लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और दस्तावेज़ों व शुल्क की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रशिक्षित हेल्पडेस्क स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेंगे। स्वच्छ पेयजल और एयरपोर्ट-स्टाइल वाशरूम से स्वच्छता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से नवा रायपुर का यह कार्यालय पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भारत सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में पंजीयन कार्यालयों को विकसित करने पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय प्रदेश में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि नागरिक सुविधा ही सुशासन का मूल आधार है।
उप मुख्यमंत्री द्वय ने इस मौके पर विभागीय मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में नागरिक सुविधाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय में इतनी अत्याधुनिक सुविधाएँ निश्चित ही छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव और सुशासन की नई दिशा को दर्शाती हैं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नागरिक सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और स्मार्ट पंजीयन कार्यालय सरकार की सुशासन तथा नागरिक सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह राज्य न केवल पंजीयन सेवाओं में बल्कि अन्य नागरिक सेवाओं में भी देश का नेतृत्व करेगा। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय नागरिकों के जीवन में सहजता, पारदर्शिता और विश्वास लाएँगे तथा सुशासन की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।


