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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ले रहे हैं मैराथन बैठक: बजट और विकास कार्यों की हाईलेवल समीक्षा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण मैराथन बैठक कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट में प्रावधानित कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करना और सभी विभागों को समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभागवार कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विशेष रूप से पूंजीगत व्यय से जुड़े कार्यों की गति बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं और अफसरों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि निर्धारित समयसीमा में सभी परियोजनाओं को पूरा किया जाए।

इस बैठक में नए मुख्य सचिव  विकास शील और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह समेत सभी विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित हैं। यह बैठक नए मुख्य सचिव के नेतृत्व में होने वाली पहली हाईलेवल समीक्षा बैठक है। इसके मद्देनजर अफसरों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मौका है कि वे अपने विभागों की प्रगति और आने वाली योजनाओं के बारे में सीधे मुख्यमंत्री को जानकारी दें।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी है, बल्कि इससे सीधे जनता को लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विभागों ने कार्यों में गति नहीं दिखाई, उनके खिलाफ कड़ा निर्देश और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की मैराथन बैठकें राज्य प्रशासन में कसावट और जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। केवल समय पर कार्य पूरा करना ही नहीं, बल्कि सभी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य है।

बैठक में यह भी चर्चा की जा रही है कि किस विभाग ने कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण किए हैं और किन विभागों को अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे बजट के तहत आने वाले सभी कार्यों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया को मजबूत करें और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए हर संभव कदम उठाएं।

राज्य प्रशासन के जानकार मानते हैं कि यह बैठक केवल एक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह अफसरों की जवाबदेही, कार्यकुशलता और विकास प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने का भी अवसर है। बैठक का समापन मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए अंतिम दिशा-निर्देशों और कार्रवाई योजनाओं के साथ होगा, जिससे सभी विभागों को स्पष्ट रोडमैप मिले और आगामी वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों में गति लाई जा सके।