प्रदेश
उच्च न्यायालय ने SSP को अवमानना नोटिस किया जारी, जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के अवकाश नगदीकरण भुगतान में देरी करने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया है. जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की सिंगल बैंच ने आदेश की अवहेलना मानते हुए यह नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त सहायक उप निरीक्षक बैजनाथ राय, निरीक्षक रघुनंदन शर्मा, सहायक उप निरीक्षक हनुमान प्रसाद मिश्रा सहित कुल 33 पुलिसकर्मियों ने मध्य प्रदेश राज्य के समान 300 दिन के अवकाश नगदीकरण का लाभ देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता धीरेन्द्र पांडेय व विजय मिश्रा ने पैरवी करते हुए दलील दी थी कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की भांति छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मियों को भी 300 दिन के अवकाश नगदीकरण का लाभ मिलना चाहिए.
मामले में हाई कोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को सुनवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को निर्देशित किया था कि वे सुप्रीम कोर्ट के फगुआ राम प्रकरण के आदेश के अनुरूप 90 दिन के भीतर याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का निराकरण कर अवकाश नगदीकरण की राशि का भुगतान करें. कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद एसएसपी बिलासपुर द्वारा निर्धारित अवधि में न तो अभ्यावेदन का निराकरण किया गया और न ही अवकाश नगदीकरण की राशि का भुगतान किया गया. इससे क्षुब्ध होकर याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की. अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की बेंच ने प्रथम दृष्टया आदेश की अवहेलना मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती: शारीरिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी, अब लिखित परीक्षा के लिए करें रजिस्ट्रेशन
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती वर्ष 2023-24 के अंतर्गत विलासपुर रेंज के भर्ती केंद्र क्रमांक-01, 2री वाहिनी, छसबल, सकरी में आयोजित दस्तावेज़ परीक्षण, शारीरिक मापजोख एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। यह परीक्षा 16 नवंबर 2024 से 19 जनवरी 2025 तक बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों के पात्र अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की गई थी।
लिखित परीक्षा के लिए 15 गुना अभ्यर्थी योग्य घोषित
शारीरिक दक्षता परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर लिखित परीक्षा हेतु 15 गुना अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिसे पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा आधिकारिक वेबसाइट cgpolice.gov.in पर अपलोड (प्रकाशित) कर दिया गया है।
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, तभी मिलेगा एडमिट कार्ड
लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को अब छत्तीसगढ़ व्यापम (CG Vyapam) की आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद व्यापम की वेबसाइट पर ही प्रवेश पत्र (Admit Card) अपलोड किया जाएगा।
पात्र अभ्यर्थियों से अपील
पुलिस विभाग और परीक्षा मंडल ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय रहते व्यापम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि आगे की लिखित परीक्षा में कोई बाधा न आए।
???? महत्वपूर्ण लिंक:
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पात्र अभ्यर्थियों की सूची देखने के लिए: cgpolice.gov.in
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रजिस्ट्रेशन व एडमिट कार्ड डाउनलोड के लिए: vyapamcg.cgstate.gov.in
मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त की नियुक्ति को लेकर तय मापदंड को चुनौती, हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त की नियुक्ति को लेकर तय किए गए मापदंड को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई है। आज जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अपना जवाब प्रस्तुत करने कोर्ट से समय की मांग की। कोर्ट ने दो दिन का समय देकर 29 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है।
बता दें कि कोर्ट ने 29 मई 2025 को मुख्य सूचना आयुक्त व सूचना आयुक्त के पद पर की जाने वाली नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने स्थगन आदेश को हटाने की मांग की। इस पर याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने रिज्वाइंडर प्रस्तुत करने समय मांगा। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सुनवाई की तिथि पर वे बहस करेंगे।
रिटायर IAS बिपिन मांझी बने राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त, सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्ति करते हुए सेवानिवृत्त IAS अधिकारी बिपिन मांझी को राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है। इस संबंध में आदेश सहकारिता विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 के तहत जारी किया गया।
बिपिन मांझी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2009 बैच के अधिकारी रहे हैं और सेवा निवृत्त होने के बाद अब उन्हें राज्य में सहकारी चुनावों की निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले दो वर्षों के लिए प्रभावी रहेगी।
राज्य सरकार द्वारा की गई यह नियुक्ति सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बिपिन मांझी के अनुभव और प्रशासनिक दक्षता से उम्मीद की जा रही है कि सहकारी संस्थाओं के चुनाव और उनकी प्रक्रियाएं पहले से अधिक व्यवस्थित होंगी।
???? नियुक्ति का कार्यकाल: पदभार ग्रहण की तिथि से 2 वर्ष
???? नियुक्ति प्राधिकारी: छत्तीसगढ़ शासन, सहकारिता विभाग
???? प्रावधान: छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960
यह निर्णय सहकारी संस्थाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के राज्य सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।
हाईकोर्ट का अहम फैसला: I love you कहना यौन उत्पीड़न नहीं, POCSO मामले में युवक को राहत
बिलासपुर। पॉक्सो एक्ट के एक मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सिंगल बेंच ने कहा कि किसी नाबालिग लड़की को सिर्फ आई लव यू (I love you) बोल देने से यौन उत्पीड़न का मामला नहीं बनता। ऐसे में इसे यौन उत्पीड़न मानना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक उसमें यौन मंशा ना हो, इसे यौन उत्पीड़न नहीं माना जा सकता। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय एस अग्रवाल की एकलपीठ ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है।
मामला 14 अक्टूबर, 2019 का है, जब 15 वर्षीय छात्रा के छुट्टी के दौरान स्कूल से घर को लौटते वक्त एक युवक ने उसे देखकर आई लव यू कहते हुए प्रेम का प्रस्ताव रखा। छात्रा ने शिकायत में आरोप लगाया कि युवक उसे पहले से ही परेशान कर रहा था। छात्रा की शिकायत पर शिक्षकों ने उसे डांटा फटकारा और इस तरह की हरकत ना करने की चेतावनी भी दी थी।
छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने युवक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता IPC की धारा 354D (पीछा करना), 509 (लज्जा भंग), POCSO एक्ट की धारा 8 (यौन उत्पीड़न की सजा) और SC/ST एक्ट की धारा 3(2) (va) के तहत मामला दर्ज किया था। ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में युवक को बरी कर दिया,जिसे राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ आई लव यू कहने से यह नहीं माना जा सकता कि युवक की मंशा यौन थी। कोर्ट ने माना कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहियों में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने यौन इच्छा से प्रेरित होकर यह बात कही थी। हाईकोर्ट ने मामले से संबंधित तमाम तथ्यों पर गौर करते हुए राज्य की अपील खारिज कर ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को बरी करने का निर्णय बरकरार रखा है।
कल रायपुर पहुंचेंगे सचिन पायलट, जेल में चैतन्य बघेल से करेंगे मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट शनिवार को रायपुर दौरे पर आ रहे हैं। वे सुबह 8 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जिसके बाद वे सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सुबह 11 बजे तय है। चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। उसी दिन ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर भी छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के बाद से राज्य में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया है।
कांग्रेस पार्टी इस गिरफ्तारी को "राजनीतिक प्रतिशोध" करार देते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव समेत कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना और प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है। अब प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की चैतन्य बघेल से प्रस्तावित मुलाकात को कांग्रेस की आगामी रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पायलट की यह यात्रा केवल एक सहानुभूति भेंट नहीं, बल्कि राज्य में पार्टी के आंदोलन को धार देने की तैयारी का हिस्सा है।
माना जा रहा है कि पायलट की रिपोर्ट पर आलाकमान इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार करेगा। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि कांग्रेस इसे एक बड़ा मुद्दा बनाकर आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करेगी। सचिन पायलट की इस सक्रियता से राज्य कांग्रेस को एकजुट करने की भी कवायद देखी जा रही है, विशेषकर तब जब पार्टी अंदरूनी मतभेदों से जूझ रही है। ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने आने वाले दिनों में राज्यव्यापी जनआंदोलन चलाने का ऐलान भी किया है। पायलट के रायपुर दौरे के बाद यह आंदोलन और तेज होने की संभावना है। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को छुपाने का आरोप लगाया है और कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि कोई भी कितना ही बड़ा चेहरा क्यों न हो, अगर उसने गलत किया है, तो जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।
सूचना आयोग को हल्के में लेना डीएफओ को पड़ा भारी, सरकार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जारी किया नोटिस, जानिए पूरा मामला…
रायपुर। सूचना आयोग को हल्के में लेना एक डीएफओ को भारी पड़ गया। कई आईएफएस अधिकारियों को पेनल्टी अधिरोपित होने के बावजूद अमूमन वन विभाग के जन सूचना अधिकारी सूचना आयोग को हल्के में ही लेते हैं। पेनल्टी लगने के बाद कई अधिकारियों ने कोर्ट से स्टे ले रखा है, परंतु भूल जाते हैं कि सूचना आयोग के पास दूसरी तलवार भी है। ऐसे ही एक प्रकरण में पंकज राजपूत तत्कालीन वनमंडल अधिकारी महासमुंद वर्तमान पदस्थापना खैरागढ़ वनमंडल के विरुद्ध सूचना आयोग के आदेश उपरांत वन विभाग छग शासन ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एव अपील) नियम 1969 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने नोटिस जारी कर 15 दिना में जवाब मांगा है।
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल जनवरी 2020 में रायपुर के आवेदक नितिन सिंघवी ने महासमुंद वनमंडल से हाथी द्वारा जनहानि और धनहानि की जानकारी के दस्तावेज मांगे थे। तत्कालीन जन सूचना अधिकारी सह डीएफओ मयंक पाण्डेय ने जवाब दिया कि दस्तावेज विशालकाय है, आकर अवलोकन कर लें। अवलोकन के पश्चात चिन्हित दस्तावेज निशुल्क प्रदाय कर दिए जाएंगे। मामला सूचना आयोग पंहुचा (प्रकरण क्र.ए/3066/2020)। सुनवाई के दौरान 15 फरवरी 2021 को आयोग को जन सूचना अधिकारी ने बताया कि जानकारी 94928 पेज में हो सकती है। आयोग ने आदेशित किया कि आवेदक को दस्तावेज मांगे जाने पर अवलोकन के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। आवेदक द्वारा चाही गई जानकारी निशुल्क प्रेषित करें। प्रधान मुख्य वन संरक्षक को शासन पर निशुल्क सूचना देने वाले दस्तावेजों की लागत दोषी अधिकारी से वसूल कर शासन के कोष में जमा करने के आदेश भी दिए थे।
अगली सुनवाई में क्या हुआ
अगली सुनवाई तक 2020 में महासमुंद वन मण्डल में पदस्थ रहे डीएफओ मयंक पांडे का तबादला बालोद हो गया और नए डीएफओ पंकज राजपूत आए, जो अब खैरागढ़ वन मण्डल में पदस्थ हैं। उन्होंने आयोग को 28 अगस्त 2021 को निशुल्क सूचना प्रदाय करने के आयोग के आदेश के संबंध में बताया कि मत मांगे जाने उपरान्त महाधिवक्ता द्वारा आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपील करने की अनुशंसा की है और कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने आयोग से 15 दिन का समय मांगा, जिस पर आयोग ने बिलासपुर हाईकोर्ट का स्थगन आदेश प्रस्तुत करने के आदेश दिए परंतु जन सूचना अधिकारी ने बाद की दो सुनवाई 17 सितंबर 2021 और 18 अप्रैल 2022 में भी स्थागन आदेश प्रस्तुत नहीं किया, जिस पर आयोग ने माना कि स्थगन आदेश प्रस्तुत न कर पाने के कारण प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित रहा और शासन से पंकज राजपूत के विरुद्ध 3 अगस्त 2022 को अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की।
2022 के आदेश पर 2025 में कार्यवाही
आयोग के आदेश के बावजूद पंकज राजपूत के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जाने की जानकारी सूचना आयोग के समक्ष 2025 में लाने के बाद अवर सचिव सूचना आयोग ने शासन से सूचना आयोग के आदेश के पालन प्रतिवेदन की मांग की। इसके बाद वन एवं जलवायु विभाग ने 11 जुलाई 2025 को पंकज राजपूत वर्तमान पदस्थापना खैरागढ़ वनमंडल कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के कारण शो-कॉज नोटिस जारी कर 15 दिवस में जवाब मांगा है। नोटिस में लिखा गया है कि आपके द्वारा अपने कर्तव्यों के निष्पादन में लापरवाही बरती गई, जो अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के नियम 3 का उल्लंघन है। अतः कारण बताएं कि क्यों ना उक्त कृत के लिए आपके विरुद्ध अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाए।
अंगदान और प्रत्यारोपण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने जागरूकता बढ़ाने की जरूरत: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली। देश में अंगदान करने वालों की संख्या में बीते पांच वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2020 में जहां लगभग 6812 लोगों ने अंगदान किया था, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 17,000 तक पहुँच चुकी है। इसी अवधि में अंग प्रत्यारोपण की संख्या भी लगभग 7443 से बढ़कर 18,910 हो गई है। यह जानकारी शुक्रवार को लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल के उत्तर में दी।
रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में अंग और ऊतक बैंकों के संचालन का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अंगदान को लेकर देश में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इस दिशा में और ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। अंगदान से जुड़ी सूचनाओं की सुगमता, पारदर्शिता और अंगों के त्वरित व वैज्ञानिक ढंग से उपयोग के लिए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए।
सांसद श्री अग्रवाल ने सरकार से मांग की कि अंगदान के महत्व को लेकर देशभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुण्य कार्य से जुड़ सकें।
इसके जवाब में मंत्री श्री जाधव ने बताया कि अंग प्रत्यारोपण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO), क्षेत्रीय (ROTTO) और राज्य स्तरीय संगठन (SOTTO) के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दान किए गए अंगों को रिट्रीवल के बाद तत्काल प्रत्यारोपित किया जाना चाहिए, जबकि केवल ऊतक ही बैंक में संरक्षित किए जाते हैं। देशभर में राज्य सरकारों द्वारा आवश्यकता अनुसार ऊतक बैंक स्थापित किए गए हैं, और सभी बैंक मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 के तहत पंजीकृत हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, अंगदान महादान है। यह न केवल एक व्यक्ति के जीवन को बचाता है, बल्कि समाज में मानवता और करुणा का संदेश भी देता है। सरकार के प्रयास सराहनीय हैं, परंतु इन्हें ज़मीनी स्तर पर पहुँचाने के लिए सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, और मीडिया को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
सांसद श्री अग्रवाल ने सभी नागरिकों से अंगदान के संकल्प में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि इससे हम कई ज़िंदगियाँ बचा सकते हैं और अपने जीवन को भी सार्थक बना सकते हैं।
छत्तीसगढ़ की तरक्की में युवाओं की सुनिश्चित हो रही सक्रिय भागीदारी: “CM आईटी फेलोशिप कार्यक्रम” से खुलेगा अवसरों का द्वार
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार को सशक्त मंच देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए “CM आईटी फेलोशिप कार्यक्रम” की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह कार्यक्रम राज्य के तकनीकी रूप से दक्ष और होनहार युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT-NR) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डाटा साइंस जैसे भविष्यगामी विषयों में M.Tech करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम डिजिटल इंडिया मिशन और नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया है। इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों की पूरी ट्यूशन फीस राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी, साथ ही उन्हें ₹50,000 प्रतिमाह की फेलोशिप भी प्रदान की जाएगी। पाठ्यक्रम के दौरान युवा विद्यार्थियों को AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, हेल्थटेक, एजुटेक, राजस्व प्रणाली और ई-गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकारी प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा। प्रदेश सरकार ने युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने हेतु iiitnr.ac.in पोर्टल पर जाकर आवेदन करें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल राज्य के तकनीकी परिदृश्य को नई ऊंचाइयाँ देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को डिजिटल युग में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगा।
कोरबा में दोस्तों के साथ घूमने गया युवक नदी में बहा, पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर, कई गांवों का संपर्क टूटा
कोरबा। कोरबा में पिछले 24 घंटे से हो रहे लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर है। करतला ब्लाॅक में दोस्तों के साथ घुमने गया एक युवक सोन नदी के तेज बहाव में बह गया। घटना की जानकारी के बाद पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लापता युवक की पतासाजी की जा रही है। लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू आपरेशन चलाने में काफी दिक्कते आ रही है। वहीं नदी-नाले का जल स्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में सड़क बह जिससे कई गांवों का संपूर्ण पूरी तरह से कट गया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के कोरबा सहित कई जिलों में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने इसके लिए पहले ही अलर्ट जारी किया था। लगातार हो रही बारिश से कोरबा में नदी-नाले उफान पर है। करतला क्षेत्र में सोन नदी पूरे उफान पर है। बताया जा रहा है कि उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम सुखरीखुर्द निवासी 32 वर्षीय राजेश मनेवार अपने दोस्तों के साथ घुमने निकला था। सोन नदी के उफान पर होने का नजारा देखने राजेश नदी के किनारे खड़ा था।
इसी दौरान एकाएक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसकी तलाश में जुटे हैं। घटना की जानकारी के बाद उरगा पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में गोताखोरों को काफी परेशानी आ रही है। बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण घिनारा नाला का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
जिसस आधा दर्जन से अधिक गांवों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह नाला हमेशा भर जाता है। इससे आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। उधर लगातार हो रही तेज बारिश से हरदीबाजार क्षेत्र में लीलागर नदी उफान पर है। पानी के तेज बहाव और पुल-पुलिया के उपर से बह रहे नदी-नालो के कारण इस क्षेत्र के सुवाभोंडी-रेंकी और हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा मार्ग पूरी तरह बंद है। ऐसे में लोग सराई-सिंगार, डिंडोलभांठा मार्ग से होकर 5 किलो मीटर लंबा रास्ता तय कर अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं।
सरकारी कर्मचारियों की चल संपत्ति में गिने जाएंगे शेयर, प्रतिभूतियाँ, डिबेंचर्स और म्युचुअल फण्ड्स, लेन-देन की देनी होगी जानकारी
रायपुर। शेयर की खरीद बिक्री करने वाले कर्मचारियों पर भी राज्य सरकार ने शिकंजा कस दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसे लेकर एक कड़ा आदेश भी जारी किया है। जिसके तहत बार-बार शेयर ट्रेडिंग और खरीद बिक्री को सिविल सेवा आचरण का उल्लंघन माना गया है। यही नहीं शेयर ट्रेडिंग की जानकारी भी सरकार को देना अब अनिवार्य कर दिया गया है। दरअसल जीएडी सेकरेट्री ने सभी विभागों, राजस्व मंडल अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखा है।
सरकार द्वारा 30 जून 2025 को जारी अधिसूचना के तहत अब शेयर, प्रतिभूतियाँ, डिबेंचर्स और म्युचुअल फंड्स को भी “जंगम संपत्ति” की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह संशोधन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 19 में किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत कोई भी शासकीय सेवक यदि स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम से ऐसे निवेश करता है, जिसकी राशि दो माह के मूल वेतन से अधिक है, तो उसे संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को रिपोर्ट करना होगा।
इसके अलावा, यदि किसी भी कैलेंडर वर्ष में कुल निवेश (शेयर, सिक्योरिटीज, डिबेंचर्स और म्युचुअल फंड्स) छह माह के मूल वेतन से अधिक हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी को एक निर्धारित प्रोफार्मा में इसकी सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है।
वित्तीय अनुशासन को लेकर सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शेयरों या अन्य वित्तीय साधनों में बार-बार खरीद-बिक्री (जैसे इंट्रा डे, बीटीएसटी, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) को आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे इन नए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और शासकीय सेवकों को इस संबंध में जागरूक भी करें।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से एयर एनसीसी के छात्रों ने की मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युुवाओं को अब एनसीसी में एयर स्क्वाड्रन के जरिए अपना कैरियर बनाने के लिए मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एनसीसी की एयर स्क्वाड्रन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह छत्तीसगढ़ की 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन होगी। श्री साय के प्रयासों से यह जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय में एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं। इस अवसर पर विंग कमांडर विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक गोमती साय और रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




रंग लाई मुख्यमंत्री की पहल, जशपुर मेेें शुरू हुई एयर स्कवाड्रन
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने पिछले एनसीसी दिवस समारोह के दौरान रायपुर के समान राज्य के अन्य हवाई पट्टी वाले शहरों में भी एनसीसी की एयर स्कवाड्रन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी। अभी तक छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री की इस पहल पर मार्च माह में जशपुर की आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं।
प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को रोजगार के बेहतर अवसर
वर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी/पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।
बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास पर हाईकोर्ट सख्त, रक्षा मंत्रालय और उड्डयन मंत्रालय को भेजा नोटिस
बिलासपुर। बिलासपुर एयरपोर्ट के अधूरे विकास कार्य को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर नाराजगी जाहिर की है। एयरपोर्ट से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “क्या आप नहीं चाहते कि बिलासपुर में एयरपोर्ट बने?”कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब यह पाया गया कि अब तक विकास कार्यों को लेकर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश
हाईकोर्ट ने विकास कार्यों की धीमी गति पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी। हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी करते हुए 8 सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही नागर विमानन मंत्रालय (Aviation Ministry) से भी जवाब तलब किया गया है। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग से संबंधित प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये हैं।
जनहित याचिका पर चल रही सुनवाई
यह मामला बिलासपुर एयरपोर्ट के समुचित विकास, उड़ानों की सुविधा और नाइट लैंडिंग जैसी आधुनिक सेवाओं की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। वर्षों से लंबित इस मामले में अब हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों से उम्मीद की जा रही है कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2025 को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अगली सुनवाई तक संबंधित विभागों को ठोस जवाब और दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बस्तर में गूंज रही है विकास की आवाज – 'नियद नेल्ला नार' से शासन पहुँचा विश्वास के द्वार तक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के वे सुदूरवर्ती गाँव, जो वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहे, आज नई उम्मीदों और उजालों की ओर अग्रसर हैं। जहाँ कभी बिजली, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएँ और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब वही गाँव प्रगति के रास्ते पर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस बदलाव की नींव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और जन सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप 15 फरवरी 2024 को ‘नियद नेल्लानार – आपका आदर्श ग्राम योजना’ के रूप में रखी गई। यह योजना उन क्षेत्रों तक शासन की संवेदनशील और सक्रिय पहुँच सुनिश्चित करने का क्रांतिकारी प्रयास है, जहाँ अब तक केवल उपेक्षा और प्रतीक्षा का सन्नाटा था।



