रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है और राज्य में भारी वर्षा का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज़ हवाओं, आकाशीय बिजली गिरने और भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इस संबंध में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, आज 11 सितंबर को रायपुर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली समेत कई जिलों में तेज़ हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
मानसून की स्थिति और मौसम तंत्र
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून द्रोणिका इस समय उत्तर-पूर्व अरब सागर से लेकर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा दक्षिण ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पश्चिमी हवाओं में भी द्रोणिका बनने से वर्षा गतिविधियों में और इजाफा हो रहा है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है।
आज का मौसम पूर्वानुमान
आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के साथ मेघगर्जन और वज्रपात हो सकता है। राजधानी रायपुर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने का अनुमान है और मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
अगले दो दिनों का दृष्टिकोण
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटे तक प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा। एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। लोगों को सलाह दी गई है कि आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर न जाएं, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।
येलो अलर्ट वाले जिले
बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज़ हवाओं, भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
रायपुर। बिजली गिरने से राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) में सिग्नल देने वाले तकनीकी उपकरण खराब हो गए हैं, जिसके चलते विमान सेवा ठप है. विजिबिलिटी कम होने के कारण आज सुबह की कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई है. वहीं कल 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था. इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा. तकनीकी उपकरणों के मरम्मत का काम जारी है.
रायपुर एयरपोर्ट पर सुबह 10 बजे से विमानों का संचालन सामान्य होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक, विजिबिलिटी क्लियर होने के बाद विमान रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड कर सकेंगे. विमानों के टेक ऑफ में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन फाइनल कॉल पायलट का रहेगा. सीएम विष्णुदेव साय भी आज जगदलपुर जाने वाले हैं, लेकिन इस पर भी फैसला 10 बजे के बाद ही होगा.
बताया जा रहा कि विजिबिलिटी कम होने के कारण लैंडिंग में दिक्कत हो रही है. आज सुबह की 6 फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है. कल 5 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था. रायपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों का कहना है कि विजिबिलिटी क्लियर नहीं होने के चलते कुछ फ्लाइट को रद्द किया गया है. हम लोग इंदौर जाने वाले थे, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने से परेशानी हो रही. अब सबसे पहले भोपाल जाना पड़ेगा, क्योंकि यहां से डायरेक्ट फ्लाइट अब इंदौर नहीं जा रही है. भोपाल से डेढ़ सौ किलोमीटर का बायरोड सफर करके इंदौर जाना पड़ेगा.
रायपुर। नेपाल में बिगड़े हालात और लगातार हो रही हिंसा ने वहां मौजूद विदेशी नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच खबर आई है कि छत्तीसगढ़ से गए कुछ पर्यटक भी नेपाल में फंसे हुए हैं। जैसे ही यह सूचना मुख्यमंत्री तक पहुंची, उन्होंने तुरंत उच्चाधिकारियों को सक्रिय कर दिया और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार से संपर्क साधा।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “मुझे जानकारी प्राप्त हुई है कि छत्तीसगढ़ के कुछ पर्यटक इस समय नेपाल में हैं। उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं तथा भारत सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर उनकी सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कठिन समय में हमारी सरकार हर नागरिक की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण
यह कदम मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। विदेश में संकट की स्थिति में अपने प्रदेश के नागरिकों के लिए तुरंत पहल करना न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण का भी परिचायक है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार का हर नागरिक उसके लिए परिवार के समान है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्थानीय प्रशासन और केंद्र के साथ समन्वय
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय और नेपाल में भारतीय दूतावास से भी संपर्क साधने के निर्देश दिए हैं। राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर परिवारजनों से संपर्क बनाए रखने को कहा गया है, ताकि पर्यटकों की स्थिति की पल-पल की जानकारी मिलती रहे।
परिवारजनों को भरोसा
नेपाल में फंसे पर्यटकों के परिवारजनों को सरकार ने भरोसा दिलाया है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई गई है जो लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के पर्यटक अब यह उम्मीद कर सकते हैं कि उनकी सकुशल वापसी जल्द ही संभव होगी। मुख्यमंत्री की इस त्वरित पहल से राज्य के नागरिकों को यह भरोसा भी मिला है कि किसी भी संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति, जगदलपुर के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 2025 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि 75 दिनों तक चलने वाला यह पर्व हरेली अमावस्या से प्रारंभ होकर आश्विन शुक्ल पक्ष के 13वें दिन तक मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी शुरुआत 24 जुलाई को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ हुई है। आगामी प्रमुख आयोजनों में 21 सितंबर को काछनगादी पूजा, 29 सितंबर को बेल पूजा तथा 4 अक्टूबर को मुरिया दरबार का आयोजन शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर दशहरा के आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल का आभार व्यक्त किया और आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
रायपुर। दिल्ली से रायपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट को नेविगेशन सेवा बंद होने के कारण भोपाल में इमरजेंसी लैंड कराना पड़ा। सूत्रों के अनुसार रायपुर एयरपोर्ट में आवश्यक सिग्नल उपकरणों पर बिजली गिरने से तकनीकी खराबी आ गई है, जिसके चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क और नेविगेशन नहीं मिल पा रहा है। फिलहाल एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग प्रभावित है और कई फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि कुल 5 फ्लाइट्स को अलग-अलग शहरों में इमरजेंसी लैंड कराया गया है। इनमें हैदराबाद से रायपुर आने वाली फ्लाइट को भुवनेश्वर, कलकत्ता से रायपुर आने वाली फ्लाइट को भुवनेश्वर, दिल्ली से रायपुर आने वाली फ्लाइट को भोपाल, मुंबई से रायपुर आने वाली फ्लाइट को नागपुर और पुणे से रायपुर आने वाली फ्लाइट को फिलहाल हवा में ही रखा गया है।
प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन फ्लाइट्स को वैकल्पिक हवाईअड्डों की ओर मोड़ दिया है। रायपुर एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार तकनीकी उपकरणों पर बिजली गिरने से नेविगेशन प्रणाली बाधित हुई है, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल को फ्लाइट्स को सुरक्षित लैंडिंग की सुविधा देने में कठिनाई हो रही है। एयरपोर्ट पर आवश्यक सिग्नल उपकरणों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारी बताते हैं कि मौसम के साफ होने और तकनीकी सुधार के बाद ही सामान्य उड़ान सेवाएँ फिर से शुरू की जा सकेंगी। अभी यह समस्या कल तक बनी रह सकती है। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को समय पर सूचना देने के लिए हेल्पलाइन सक्रिय कर दी है। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
जहाँ उन्हें भोजन, पानी और ठहरने की अस्थायी व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही वैकल्पिक उड़ानों और रिफंड संबंधी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हवाईअड्डा प्रशासन, मौसम विभाग और एयरलाइंस कंपनियाँ मिलकर तकनीकी खराबी को दूर करने में लगी हुई हैं। यात्रियों से धैर्य रखने और सहयोग करने की अपील की गई है। साथ ही मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यह घटना एक बार फिर एयरपोर्ट की तकनीकी व्यवस्थाओं की संवेदनशीलता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक नेविगेशन प्रणाली और बिजली से सुरक्षा के मजबूत उपाय आवश्यक हैं। अधिकारी मरम्मत कार्य को प्राथमिकता पर लेकर जल्द समाधान का प्रयास कर रहे हैं।
जगदलपुर। नक्सल आंदोलन की जड़ें 1967 में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी गांव से जुड़ी हैं। यह आंदोलन किसान विद्रोह से जन्मा और चारु मजूमदार तथा कन्हाई चट्टोपाध्याय के नेतृत्व में शुरू हुआ। शुरुआती दौर में आंदोलन खेतिहर मजदूरों और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई तक सीमित था, लेकिन समय के साथ यह हथियारबंद संघर्ष में बदल गया।
बता दें कि 2004 में कई नक्सली गुटों के एकजुट होने के बाद CPI माओवादी का गठन हुआ और संगठन को संगठित रूप मिला। संगठन की कमान सबसे पहले गणपति के पास थी, इसके बाद महासचिव बने बसवराजु। अब बसवराजु की मौत के बाद तेलंगाना के करीमनगर निवासी देवजी को नया महासचिव चुना गया है।
देवजी का इतिहास और कुख्यात कांड
देवजी नक्सलियों के सैन्य विंग का अहम चेहरा हैं। उनका नाम कुख्यात ताड़मेटला कांड से जुड़ा है, जिसमें 2010 में 76 जवान शहीद हुए थे। तेलंगाना में सरेंडर हुए नक्सली कमलेश ने पुलिस को बताया कि पोलित ब्यूरो के छह सदस्यों ने देवजी को नया महासचिव मान लिया है।
देवजी को नया महासचिव चुनने वाले पोलित ब्यूरो के प्रमुख सदस्य
गणपति – पूर्व महासचिव
बसवराजु – पूर्व महासचिव, अबूझमाड़ एनकाउंटर में मारा गया
देवजी – नया महासचिव, करीमनगर, तेलंगाना
मल्ला राजी रेड्डी – तेलंगाना
अभय – केंद्रीय प्रवक्ता, तेलंगाना
मिसिर मिश्रा – झारखंड
ध्यान देने वाली बात यह है कि छह में से चार सदस्य तेलंगाना के करीमनगर इलाके से हैं, जो दक्षिण भारत में नक्सलियों की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी
छत्तीसगढ़ के सुकमा इलाके में सक्रिय कुख्यात नक्सली हिड़मा को दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) की जिम्मेदारी दी गई है। हिड़मा कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। हालांकि नक्सलियों ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की है।
नई रणनीति: हथियार और भर्ती पर फोकस
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि देवजी के महासचिव बनने के बाद नक्सल संगठन अपनी हथियारों की कमी को पूरा करने और नए कैडर की भर्ती तेज करने की कोशिश करेगा। बीते दो सालों में सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में आधुनिक हथियार जब्त किए हैं, जिससे संगठन कमजोर हुआ है। अब इसे फिर से ताकतवर बनाने की रणनीति बनाई जा रही है।
नक्सलियों की यह नई रणनीति और नेतृत्व परिवर्तन संगठन की दिशा, गतिविधियों और भविष्य के हमलों पर सीधे असर डाल सकता है। दक्षिण भारत में करीमनगर की पकड़ और छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रियता सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बने रहने वाली है।
रायपुर। शनिवार को अब सुबह की पाली में ही स्कूल संचालित होगी। इस सबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। इससे पहले डीपीआई ने शिक्षा विभाग को सुबह की पाली में स्कूल संचालित करने का प्रस्ताव भेजा था। जिसके बाद अब आदेश जारी कर दिया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक एक पाली वाले स्कूलों में सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तक स्कूल संचालित होगी। जबकि दो पाली वाले स्कूलों में प्राथमिक और माध्यमिक शाला 12 बजे से 4 बजे तक और हायर सेकेंडरी और हाईस्कूल सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तक संचालित होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सुविधा युक्त आवास का सपना छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल पूरा कर रहा है। मंडल ने पिछले छह माह में 2230 संपत्तियों का विक्रय कर 435 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले पाँच वर्षों में अर्जित राजस्व की तुलना में कहीं अधिक है। इस उपलब्धि में वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 गेम चेंजर साबित हुई है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल संपत्तियों का विक्रय नहीं, बल्कि हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक छत प्रदान करना है। यह उपलब्धि हितग्राहियों के विश्वास और टीम के समर्पण का परिणाम है। अब हम गुणवत्ता आधारित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में और तेजी से काम करेंगे।
गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल ने आने वाले समय में किफायती दरों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बनाई है। मंडल द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-आवास और भुगतान प्रक्रिया को और सरल एवं पारदर्शी बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मात्र छह माह में 2200 से अधिक परिवारों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आवास क्रांति में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने औसतन प्रतिवर्ष 1387 संपत्तियों का विक्रय किया, जिनका वार्षिक मूल्य लगभग 262 करोड़ रुपये रहा। वहीं मार्च 2025 से अगस्त 2025 तक मात्र छह माह में ही यह आँकड़ा 2230 संपत्तियों और 435 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। इसमें अटल विहार एवं सामान्य आवास योजना के तहत 1070 संपत्तियाँ 259 करोड़ रुपये में तथा ओटीएस-2 योजना के अंतर्गत 30 प्रतिशत तक की छूट के साथ 1160 संपत्तियाँ 176 करोड़ रुपये में विक्रय की गईं।
छत्तीसगढ़ सरकार की इस वर्ष लागू वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 ने आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। इस योजना के तहत 1160 संपत्तियों का 176 करोड़ रुपये मूल्य का विक्रय हुआ। इसके पहले, सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक लागू ओटीएस-1 योजना के अंतर्गत तीन वर्षों में केवल 506 संपत्तियाँ 88 करोड़ रुपये में विक्रय हो पाई थीं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 11 सितम्बर को जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। इस आयोजन से बस्तर अंचल में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, वहीं रोजगार के अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके।
इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।ब
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, गृह (पुलिस) विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना में व्यापक फेरबदल किया गया है। यह आदेश राज्य शासन द्वारा दिनांक 06.06.2025 को जारी किए गए निर्देशों के आधार पर लागू किया गया है। आदेश में निरीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पदों पर कार्यरत अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से पदोन्नति उपरांत नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों को उनके नाम, वर्तमान पदस्थापना तथा नई नियुक्ति स्थान के साथ सूचीबद्ध किया गया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।
जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है।
प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके।
पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी।
शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात
मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की।
आधारभूत संरचना और पर्यटन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओ.पी. चौधरी, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव बसवराजू, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन, प्रभारी आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से।
नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।
नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है। बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।
नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा।
उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है। सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में एसीबी की टीम ने दबिश देकर दो सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सूरजपुर में भू-अभिलेख विभाग में पदस्थ अनुरेखक को किसान से 6600 रुपए लेते पकड़ा गया।
सूरजपुर में अनुरेखक गिरफ्तार
सूरजपुर जिले के संयुक्त कार्यालय परिसर में एसीबी की 10 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई करते हुए अनुरेखक प्रमोद नारायण को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने एक किसान को नक्शा उपलब्ध कराने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। किसान ने इस मामले की शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। तय समय पर जैसे ही अनुरेखक ने 6600 रुपए की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया।पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी और पंच गवाहों की मौजूदगी में सत्यापन किया गया। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी की सतर्कता से बढ़ा भरोसा
छत्तीसगढ़ में एसीबी द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में हड़कंप मचा है। अधिकारी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि यदि कोई उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत एसीबी हेल्पलाइन पर करें।इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना होगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया में दोनों आरोपियों को क्या सजा मिलती है।
रायपुर। राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में आज दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र प्रभात साहू की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब स्कूल से छुट्टी के बाद प्रभात अपने एक साथी छात्र के साथ घर जा रहा था।
स्कूल से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र प्रभात साहू अमलीडीह रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल का छात्र था। दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद वह अपने साथी के साथ पैदल घर लौट रहा था। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने से पहले ही दोनों बच्चे आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिजली गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और प्रभात मौके पर ही गिर पड़ा। उसके साथ चल रहा दूसरा छात्र घायल तो नहीं हुआ, लेकिन गहरी दहशत में है।
डाक्टरों ने मृत किया घोषमित
स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों छात्रों की मदद की और प्रभात को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, पूरे घर में कोहराम मच गया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।घटना की सूचना मिलते ही राजेंद्र नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रशासन ने भी स्थानीय स्तर पर स्थिति का जायजा लिया और परिवार को ढांढस बंधाया।
इस साल वज्रपात से 100 से ज्यादा मौतें
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन के दौरान हर साल आकाशीय बिजली से सैकड़ों लोग प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने पर बिजली गिरने का खतरा ज्यादा रहता है। यही वजह है कि ग्रामीण अंचल में अक्सर ऐसे हादसे सुनने को मिलते हैं।विशेषज्ञ और प्रशासन आमजन से अपील कर रहे हैं कि बारिश और गरज-चमक के समय खुली जगहों पर जाने से बचें। मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और सुरक्षित स्थान पर शरण लें। इस तरह की सावधानियाँ बरतकर हादसों से बचा जा सकता है।
नई दिल्ली/रायपुर। नेपाल में हाल ही में हुए जन-आंदोलन और उसके बाद फैली हिंसा को लेकर भारत में भी कुछ तत्व युवाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि, हमारे देश में कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ और निजी महत्वाकांक्षाओं के चलते भारत की शांति और लोकतांत्रिक वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि भारत के मूल में लोकतंत्र की गहरी जड़ें हैं। यहां विदेशी षड्यंत्रकारी शक्तियां अशांति नहीं फैला सकतीं। जो हालात श्रीलंका, म्यांमार, पाकिस्तान, बांग्लादेश या नेपाल में उत्पन्न होते हैं, वैसी स्थिति भारत में संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत आज आत्मविश्वासी, सशक्त और स्थिर लोकतंत्र के रूप में पूरी दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मोदी के नेतृत्व ने देश की एकता और अखंडता को नई मजबूती दी है।
सांसद अग्रवाल ने आगे कहा कि भारत की जनता जागरूक है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखती है। किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार, भड़काऊ एजेंडे या देशविरोधी प्रयासों को भारतीय समाज कभी सफल नहीं होने देगा।
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने सोमवार को वाड्रफनगर इलाके में दबिश देकर पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी मोहन सिंह जमीन बंटवारे के नाम पर शिकायतकर्ता से 13 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
जमीन बंटवारे के एवज में मांगी रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, वाड्रफनगर के पंडरी गांव के एक ग्रामीण ने अपनी जमीन के बंटवारे का आवेदन दिया था। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर पटवारी मोहन सिंह ने उससे पैसे की मांग की। पीड़ित किसान ने अनिच्छा के बावजूद मामले की शिकायत एसीबी से कर दी। एसीबी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ट्रैप की योजना बनाई। सोमवार को तय अनुसार जब पटवारी ने 13 हजार रुपए की रकम स्वीकार की, तभी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
एसीबी की त्वरित कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान एसीबी ने आरोपी पटवारी के पास से रिश्वत की रकम बरामद की। साथ ही पंच गवाहों की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का सत्यापन किया गया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश
एसीबी की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पटवारियों और राजस्व अमले द्वारा जमीन संबंधी कार्यों में लंबे समय से घूसखोरी का सिलसिला चलता आ रहा है। इस गिरफ्तारी से निश्चित रूप से ऐसे कर्मचारियों को कड़ा संदेश जाएगा जो पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगते हैं।
रायपुर। बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए।
उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship/ पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे scholarship@azimpremjifoundation.org पर प्रेषित किया जा सकता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड सुनील शाह उपस्थित थे।
रायपुर। नगर निगम जोन-6 के तहत भाठागांव इलाके में मंगलवार को करीब पांच एकड़ क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की है. कार्रवाई दो जगहों पर की गई है, एक जमाह पर करीब चार एकड़ और दूसरे स्थान पर लगभग 1 एकड़ में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी.
अवैध प्लाटिंग की सूचना मिलने पर जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव ने नगर निवेश विभाग के अमले के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान प्लाट में मुरुम की रोड मिली. इसके अलावा कुछ लोगों ने प्लॉटिंग पर मार्किंग कर ली थी. निगम अमले ने तत्काल मौके पर जेसीबी की मदद से रोड को तोड़ दिया. जोन कमिश्नर ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग करने वाले के बारे में जानकारी के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा गया है. जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.
मिली जानकारी के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग करने वालों के लिए भाठागांव इलाका सबसे उपयुक्त है. यहां पर नजदीक ही इंटर स्टेट बस टर्मिनल है, और यह इलाका रिंग रोड से लगा हुआ है. इन दो सुविधाओं के लिए भाठागांव का पूरा क्षेत्र लोगों के लिए घर बनाने और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है. यही वजह है कि यहां सबसे ज्यादा अवैध प्लॉटिंग हो रही है.