प्रदेश
मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज देर शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर देश के 28 राज्यों से आए लगभग 1200 प्रतिभागियों और 300 कोचों का भगवान श्रीराम की ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन ने इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना।
मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ राज्य की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि यह देश के हृदयस्थल पर स्थित एक छोटा, परंतु अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसका 44 प्रतिशत भूभाग सुरम्य वनों से आच्छादित है। यहाँ 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला सघन अबूझमाड़ क्षेत्र है, जहाँ सूर्य की किरणें तक नहीं पहुँचतीं। राज्य में मनोरम जलप्रपात, सुंदर गुफाएँ, समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विविधता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों को आग्रहपूर्वक छत्तीसगढ़ घूमने का निमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक सशक्त स्थान प्रदान करेगा।”
मुख्यमंत्री ने किक बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण का भी पाठ सिखाते हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे मेहनत, लगन और जुनून के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में निरंतर अग्रसर रहें। मुख्यमंत्री ने कहा, “जीत और हार जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन असली लक्ष्य अपनी क्षमता को पहचानना और उसे निखारना होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित खेलो इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत खेल मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की व्यवस्था, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता तथा पारंपरिक खेलों के आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा जताई कि आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ देश में खेलों के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल विशेष रूप से बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी स्कूली छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेलों को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल अकादमियों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
महापौर मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष छगन मुंदड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, ऑब्जर्वर रेणु पारीख, मुरली शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं खेलप्रेमीजन उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में 22 स्वर्ण, 18 रजत एवं 26 कांस्य पदकों के साथ पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 21 स्वर्ण, 16 रजत एवं 29 कांस्य पदकों के साथ महाराष्ट्र द्वितीय और 12 स्वर्ण, 14 रजत एवं 15 कांस्य पदकों के साथ तमिलनाडु तृतीय स्थान पर रहा। इस चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने 8 स्वर्ण, 13 रजत और 37 कांस्य पदक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर छठवाँ स्थान अर्जित किया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही असम रायफल्स को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम के रूप में सम्मानित किया गया।
सीएम विष्णुदेव साय का कांग्रेस पर हमला, कहा- इनके पास अब बोलने को कुछ नहीं बचा, जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर होना चाहिए विश्वास
दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग स्थित रूंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस द्वारा पत्रकार वार्ता के माध्यम से लगाए जा रहे आरोप और ईडी की कार्रवाई पर सीएम विष्णुदेव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के पास बोलने के लिए कुछ बचा नहीं है। क्योंकि लगातार विधानसभा, लोकसभा और फिर नगर निगम, नगर पंचायत में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर विश्वास होना चाहिए और अगर एजेंसियां गलत हैं, तो घोटाले में संलिप्त लोगों की जमानत याचिका खारिज क्यों हो रही है।
दरअसल, सीएम साय का यह बयान तब आया है जब ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। वहीं उनसे शराब घोटाले के मामले में पूछताछ की जा रही है। इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों को अडानी को बेचने की तैयारी की जा रही है। छत्तीसगढ़ अब अडानी प्रदेश बनने जा रहा है। इसका विरोध करने पर कांग्रेस नेताओं पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक देवेंद्र यादव और मेरे बेटे चैतन्य बघेल को भी इसी साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है। वहीं आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने बेटे से मिलने ईडी कार्यालय पहुंचे थे।
छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – “समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़”
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।



मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल और विधायक रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।
रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर संभागायुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर राज्य स्तरीय गाडगे सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन में रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सुशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हमें अलग छत्तीसगढ़ राज्य मिला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य को भुखमरी की समस्या से मुक्ति मिली और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ।
सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका रजनी रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप, हिंदू संगठनों ने मचाया हंगामा
बिलासपुर। शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित गीतांजली सिटी में रविवार को धर्मांतरण के आरोप को लेकर जमकर हंगामा हुआ। एक निजी मकान में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए मौके पर पुलिस के साथ दबिश दी।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि एक महिला शिक्षिका द्वारा प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा था। मकान में मौजूद करीब 20–25 लोग प्रार्थना करते हुए पाए गए, जिससे माहौल गरमा गया।
मौके पर पहुंचे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं और धर्म विशेष के लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है।
फिलहाल सरकंडा थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और मकान मालिक तथा उपस्थित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
नियमितीकरण और वेतनवृद्धि की मांग को लेकर धरने पर बैठे आत्मानंद स्कूल के संविदा शिक्षक
जांजगीर-चांपा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक-शिक्षिकाएं और कर्मचारी संघ अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर रविवार को जांजगीर के हॉकी मैदान में सांकेतिक धरने पर बैठ गए।
धरने के माध्यम से शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की अपील की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं —
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नियमित वेतनवृद्धि।
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शिक्षा विभाग में समावेशन (स्थायीकरण)।
धरने पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि वे पूर्णकालिक कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो स्थायीत्व प्राप्त है और न ही नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन या सुविधाएं मिल रही हैं।
शिक्षकों का कहना है कि जब उनसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पूर्णकालिक योगदान की अपेक्षा की जाती है, तो उन्हें सुरक्षा और समान अधिकार भी मिलने चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इस विषय में ठोस निर्णय नहीं लेती, तो भविष्य में राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
ED दफ्तर पहुंचे भूपेश बघेल, बेटे चैतन्य से की मुलाकात
रायपुर। शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार किए गए चैतन्य बघेल से मिलने रविवार को उनके पिता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बेटी और बहू भी मौजूद रहीं।
गौरतलब है कि 18 जुलाई को ED ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था, और फिलहाल 22 जुलाई तक वह ईडी रिमांड पर हैं। रायपुर के ED दफ्तर में एक कमरे में उन्हें रखा गया है, जहां अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है।
परिवार से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल आज रात नई दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा कर सकते हैं।
इस मामले को लेकर शनिवार (19 जुलाई) को कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसमें भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे।प्रेस वार्ता में भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“हमारे नेताओं को जबरन फंसाया जा रहा है। पहले पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और विधायक देवेंद्र यादव को निशाना बनाया गया और अब मेरे बेटे चैतन्य बघेल, जो राजनीति में सक्रिय भी नहीं हैं, उन्हें भी गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। जंगलों की कटाई हो रही है, और जो विरोध करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।”
कांग्रेस ने इसे एक राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा है कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में मानसून की बढ़ेगी रफ्तार, इन इलाकों में अगले 5 दिन जोरदार बारिश की संभावना
रायपुर। प्रदेशभर में मानसून का असर दिखाई दे रहा है. कहीं बारिश तो कहीं आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिल रहा है. राजधानी रायपुर में सुबह से तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक बारिश वितरण और तीव्रता में वृद्धि होने की संभावना जताई है. वहीं कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. आज प्रदेश में एक दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ बादल गरजने के आसार हैं.
पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर उत्तर पश्चिम राजस्थान, फतेहगढ़, मुजफ्फरपुर , बांकुरा, कोंटई और उसके बाद पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है. एक द्रोणिका बिहार के मध्य भाग से उड़ीसा तक झारखंड होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है.
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि प्रदेश में आज कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. वहीं कुछ जगहों पर गरज-चमक (Lightning Activity) के साथ वज्रपात होने की संभावना है. 23 जुलाई से वर्षा की गतिविधि में वृद्धि हो सकती है.
इन जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर (IMD Raipur) की जारी बुलेटिन के मुताबिक, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, दुर्ग, बेमेतरा में मेघगर्जन, बिजली गिरने, अचानक तेज हवा (40-60 किमी/घंटे) और आंधी की संभावना है. अगले 3 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, कोरिया, में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और अचानक तेज हवा (30-40 किमी/घंटे) की संभावना है. इन क्षेत्रों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.
रायपुर में रविवार को कैसा रहेगा मौसम ?
राजधानी रायपुर में बारिश आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस दौरान तापमान 26 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के अनुमान है.
संस्था की प्रतिष्ठा के खिलाफ कार्य कर रहे सदस्यों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई, दस लोगों की सदस्यता हुई समाप्त
रायपुर। सीएनआई के संविधान और उपनियमों के तहत छत्तीसगढ़ डायोसिस के बिशप और ऑफिस बेयरर्स द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए संस्था विरोधी कार्यो में सक्रिय दस सदस्यों की चर्च सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। बीते माह दिनांक 29 जून 2025 को आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के आधार पर की गयी है।
सचिव नितिन लॉरेंस ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सार्वजनिक किया कि जिन व्यक्तियों द्वारा लगातार संस्था और मसीही समाज के विरूद्ध कार्य कर रहे थे। चर्च एवं संस्था के विरूद्ध झूठी शिकायतें शासन-प्रशासन तक पहुॅंचाकर समाज एवं संस्था को बदनाम करने का षडयंत्र लगातार कर रहे हैं। चर्च की आंतरिक प्रशासनिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वाले कार्यों, चर्च विरोधी गतिविधयों तथा संस्था की प्रतिष्ठा को ठेस पहुॅंचाने के प्रयासों को गंभीरता से लिया गया है। यह निर्णय पूरी तरह संवैधानिक, कानूनी एवं संस्थागत अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत लिया गया है।
चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया के संविधान के अनुसार केवल बिशप को यह अधिकार प्राप्त है कि वह ऐसे सदस्यों की चर्च सदस्यता को समाप्त कर सकता है। पदाधिकारियों की बैठक पश्चात बिशप के विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए यह कार्यवाही की गयी है। निम्नानुसार इन सदस्यों की सदस्यता समाप्त की गयी है :-
यशराज सिंह, वीनू बेनेट, व्ही के सिंग, मुकुल बेनेट, अजय जॉन, संदीप लाल, मनीशा कुलदीप, श्रीमति अर्पणा कौशिक, अतुल आर्थर, निर्मल आर्थर.
01. उपरोक्त व्यक्तियों और उनके परिवारों की पास्टोरेट की सदस्यता समाप्त की गई है।
02. उपरोक्त व्यक्तियों एवं उनके परिवारों के सदस्यों को चर्च आने जाने एवं आराधना में भाग लेने से किसी भी प्रकार से वंचित नहीं किया गया है।
03. उपरोक्त व्यक्ति चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया की प्रणाली एवं संस्थाओं के
औपचारिक सदस्य नहीं रहेंगे।
04. उपरोक्त सदस्यों की चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया की सदस्यता समाप्त की गयी "यह सामाजिक बहिष्कार नहीं अपितु अनुशासनात्मक कार्यवाही है।"
चर्च आराधना के लिए सभी के लिए खुला है उपरोक्त सभी व्यक्ति सामान्य मसीही विश्वासी की तरह चर्च सेवा में भी सम्मिलित हो सकतें है।
बिशप का निर्देश - चूंकि बिशप महोदया पूर्व निर्धारित सेवा कार्य में व्यस्त है, अतः निर्देशित किया गया है कि आगामी रविवार को चर्च सभाओं में इस कार्यवाही बतौर सूचना सार्वजनिक रूप से प्रेसबिटर इन चार्ज द्वारा घोषणा किया जाए। यह अधिसूचना इस तथ्य को स्पष्ट करती है कि चर्च सेवाएं एवं आराधना आम विश्वासियों के खुली है, परन्तु उपरोक्त व्यक्ति आज दिनांक से चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया अथवा उसकी संस्थाओं के सदस्य नहीं माने जाएंगे।
आईसीएआई की राष्ट्रीय पिच डेक प्रतियोगिता में रायपुर के छात्रों ने रचा इतिहास, हासिल किया पहला स्थान…
रायपुर। रायपुर के छात्रों ने जयपुर में आयोजित इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की राष्ट्रीय स्तरीय पिच डेक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया. छत्तीसगढ़ की टीम ने पहली बार सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (सीआईआरसी) का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है.
सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (सीआईआरसी) के अंतर्गत 7 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम में हरजोत सलूजा, श्याम सिंघल और ऋतिका जुमानी शामिल थे. टीम ने हरजोत की दिशा और सक्रिय भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर 34 टीमों को हराया और फिर राष्ट्रीय स्तर पर 4 प्रमुख टीमों को पछाड़ते हुए यह गौरव प्राप्त किया.
आईसीएआई रायपुर ब्रांच अध्यक्ष सीए विकास गोलछा तथा सिकासा चेयरमैन सीए ऋषिकेश यादव ने सीए छात्रों की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए इसे आईसीएआई रायपुर ब्रांच तथा पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक पल बताया. पिच डेक प्रतियोगिता के लिए श्याम वर्मा द्वारा विशेष प्रशिक्षण छात्रों को दिया गया. आईसीएआई के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने इस उपलब्धि की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया.
खाई में गिरते-गिरते बची बस: रायपुर से मैहर जा रहे थे कांवड़िये, घाट पर अचानक ब्रेक फेल
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मैहर जा रही कांवड़ यात्रियों से भरी एक बस का अचानक ब्रेक फेल हो गया। बस में करीब 50 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे सवार थे। बस अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेजी से बढ़ रही थी, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक चालक ने समझदारी और साहस का परिचय देते हुए अपनी ट्रक को सामने खड़ा कर दिया, जिससे बस ट्रक से टकरा गई और वही रुक गई। अगर ट्रक समय पर सामने नहीं आती, तो बस सीधे खाई में गिर सकती थी।
ट्रक से टकराकर रुकी बस
यह पूरी घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पतखई घाट की है। जानकारी के मुताबिक, बस क्रमांक CG-07-BW- 2738 में छत्तीसगढ़ के रायपुर के 50 से ज्यादा महिलाएं, पुरुष और बच्चे सवार थे, जो मैहर देवी के दर्शन के लिए मध्यप्रदेश की ओर जा रहे थे। जैसे ही बस पतखई घाट पर पहुंची वह अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेज रफ्तार से लुढ़कने लगी। इसी दौरान रीवा से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा एक ट्रक सामने से आ रहा था, ट्रक चालक ने वक्त की नजाकत को समझते हुए अपनी ट्रक को बस के सामने खड़ा कर दिया, जिससे ब्रेक फेल बस उससे टकराकर खाई में गिरने से बच गई। हादसे के दौरान बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित रहे।
समाजसेवियों ने की मदद
हादसे की सूचना मिलते ही सिंहपुर थाना प्रभारी मुन्ना लाल राहंगडाले अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित थाने ले गए। खाने-पीने की समुचित व्यवस्था कराई गई और बस की मरम्मत के बाद यात्रियों को पुनः उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इस दौरान स्थानीय समाजसेवी शिव नारायण द्विवेदी ने सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने यात्रियों की देखभाल में अहम भूमिका निभाई और प्रशासन को सहयोग देकर स्थिति को सामान्य बनाने में मदद की।
ट्रक ड्राइवर की बहादुरी की हो रही चर्चा
ट्रक चालक की सतर्कता और समाज की एकजुटता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने ट्रक चालक और प्रशासन का आभार जताया और इस घटना को ईश्वर की कृपा और इंसानी साहस का मेल बताया है। इस घटना में जिस ट्रक ड्राइवर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दर्जनों जिंदगियां बचाईं, उसकी बहादुरी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर वह ट्रक वहां न होता, तो बस सीधे गहरी खाई में समा सकती थी।

पूर्व CM भूपेश बघेल आज जाएंगे ED दफ्तर, चैतन्य बघेल से करेंगे मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है. ED ने छापा मारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दोपहर 1 बजे ईडी दफ्तर जाएंगे और चैतन्य बघेल से मुलाकात करेंगे.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट भी किया है. उन्होंने पोस्ट साझा करते हुए कहा कि “कल दोपहर 01:00 बजे बेटा चैतन्य से मिलने ED कार्यालय जाऊंगा.”

बता दें कि शुक्रवार की सुबह 6 बजे ईडी की टीम ने भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास पर छापा मारा. छापेमारी करने करीब 8 अधिकारियों की टीम दो गाड़ियों में पहुंची और इस दौरान छानबीन के बाद भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार कर रायपुर की न्यायधीश डमरूधर चौहान विशेष कोर्ट में पेश किया गया.
मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने चैतन्य बघेल को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा है, जहां उनसे शराब घोटाले में पूछताछ की जाएगी. अब चैतन्य बघेल को ED की टीम 22 जुलाई को शाम 4 बजे विशेष कोर्ट में पेश करेगी.
राज्य के सिंचाई जलाशयों में 50 फीसद जलभराव, खारंग डेम और खपरी जलाशय हुए लबालब
रायपुर। जल संसाधन विभाग द्वारा 19 जुलाई को जारी टैंक गेज रिपोर्ट के अनुसार राज्य के प्रमुख सिंचाई जलाशयों में अब तक 49.78 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बिलासपुर स्थित खारंग डेम और दुर्ग जिले का खपरी जलाशय लबालब हो गया है। राज्य के कुल 46 प्रमुख जलाशयों में से झुमका जलाशय में 98.84 प्रतिशत, मनियारी जलाशय 90 प्रतिशत से अधिक, जबकि छरपानी जलाशय में 91 प्रतिशत से अधिक जलभराव हुआ है।
मिनीमाता बांगो डेम (कोरबा) में अब तक 52.78 प्रतिशत जलभराव हुआ है, रविशंकर सागर (धमतरी) में 53.26 प्रतिशत, तांडुला डेम (बालोद) में 29.29 प्रतिशत, दुधावा डेम में 21.87 प्रतिशत, सिकासार डेम में 45.21 प्रतिशत, सोंढूर में 23 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली डेम में 21.57 प्रतिशत, कोडार डेम में 38.11 प्रतिशत, केलो डेम में 30.96 प्रतिशत जलभराव हुआ है। राज्य के 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं मेें शामिल खारंग डेम (बिलासपुर) में 100 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है, जो सर्वाधिक भराव वाले जलाशयों में शामिल है। मनियारी डेम (मुंगेली) में जल स्तर 93.17 प्रतिशत तक पहुंच गया है, छोटे जलाशयों जैसे झुमका डेम (कोरिया) और छिरपानी (कबीरधाम) में क्रमशः 98.84 प्रतिशत और 91.14 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।
इसी तरह अरपा भैंसाझार (बिलासपुर) और मायना (कांकेर) जैसे जलाशयों में 30 प्रतिशत से भी कम, गोंदली डेम (बालोद) में 30.24 प्रतिशत और कोसारटेडा डेम (बस्तर) में 42.57 प्रतिशत जलभराव हुआ है। खरखरा डेम में 22.15 प्रतिशत, परलकोट डेम में 36.44 प्रतिशत, श्याम डेम सरगुजा में 69.38 प्रतिशत, पिपरिया नाला डेम में 77.64 प्रतिशत, बलार डेम में 23.04 प्रतिशत, सुतियापात जलाशय में 67.74 प्रतिशत, मोंगरा बैराज में 62.62 प्रतिशत, मरोदा जलाशय में 38.62 प्रतिशत, सरोदा दादर में 41.03 प्रतिशत, घोंघा जलाशय में 82.84 प्रतिशत, मटियामोती जलाशय में 28.51 प्रतिशत, झुमका जलाशय में 98.84 प्रतिशत, खमारपकुट डेम में 86.11 प्रतिशत, कर्रानाला बैराज में 72.64 प्रतिशत, किंकारी नाला में 80.31 प्रतिशत, सुखा नाला बैराज 72.95 प्रतिशत, कुम्हारी डेम रायपुर में 40.44 प्रतिशत, धारा जलाशय राजनांदगांव में 46.44 प्रतिशत तथा रूसे डेम में 54.47 प्रतिशत जल भराव हो चुका है।
राज्य के कई जलाशयों से नहरों तथा स्लूइस के माध्यम से जल निकासी भी जारी है। खारंग, मनियारी, केलो और सीतानदी बेसिन के जलाशयों से जल छोड़ा गया है। जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को जलाशयों की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं।
एक साथ नहीं चल सकती आपराधिक और विभागीय जांच: हाईकोर्ट ने ASI के पक्ष में सुनाया फैसला, विभागीय जांच पर लगाया स्टे
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि एक ही मामले में आपराधिक मुकदमा और विभागीय जांच एक साथ नहीं चलाई जा सकती, विशेषकर तब जब दोनों में अभियोजन साक्षी समान हों। यह फैसला रायपुर के सहायक उप निरीक्षक (ASI) एस. बी. सिंह की याचिका पर सुनाया गया, जिनके खिलाफ धारा 74, बीएनएस एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज है।
एस. बी. सिंह, जो वर्तमान में रायपुर जिले में ASI पद पर कार्यरत हैं, के विरुद्ध 18 मार्च 2025 को थाना कोतवाली में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद, 29 मई 2025 को पुलिस अधीक्षक रायपुर ने उन्हीं आरोपों के आधार पर विभागीय जांच शुरू कर दी।इस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर एस. बी. सिंह ने अपने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं स्वाती कुमारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में रिट याचिका दाखिल की।
अदालत में प्रस्तुत तर्क:
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में यह तर्क रखा गया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों –
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बनाम नीलम नाग,
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अविनाश सदाशिव भोसले बनाम यूनियन ऑफ इंडिया
– में यह सिद्धांत स्थापित किया गया है कि जब एक ही आरोपों में आपराधिक मामला न्यायालय में लंबित हो और विभागीय जांच में वही गवाह हों, तो पहले आपराधिक मामले की सुनवाई होनी चाहिए। अन्यथा, यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा और आपराधिक कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।
इन तथ्यों और तर्कों से सहमत होते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रिट याचिका स्वीकार कर ली और विभागीय जांच पर स्थगन (स्टे) लगा दिया।
शिक्षकों को लगा झटका, स्कूल ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों का वेतन बंद करने का आदेश
रायपुर। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों की चौतरफा मुश्किलें बढ़ गयी है। राज्य सरकार किसी भी सूरत में प्रभावित शिक्षकों को राहत देने को तैयार नहीं है। डीपीआई की तरफ से लगातार जिलों से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जा रही है। इसी कड़ी में रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ा आदेशजारी किया है। सभी बीईओ को जारी आदेश में डीईओ ने स्कूल ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन बंद करने का आदेश दिया है।
साथ ही 22 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी गयी है। रायपुर जिला के धरसींवा, अभनपुर, आरंग और तिल्दा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भेजे पत्र में कहा गया है कि संदर्भित विषयांतर्गत “छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर के आदेश क्रमांक एफ 2-24/2024/20-तीन दिनांक 02.08.2024 एवं दिनांक 28.04.2025 के अनुपालन में शालाओं का युक्तियुक्तकरण किये जाने पश्चात विभिन्न शालाओं में अतिशेष शिक्षकों का काउसिंलिंग के माध्यम से युक्तियुक्तकरण किया जाकर जिला स्तर संभाग स्तर एवं राज्य स्तर पर पदस्थापना के आदेश जारी किये गये हैं।
उपरोक्त युक्तियुक्तकरण के तहत जिन शिक्षकों के द्वारा नवीन पदांकित संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है, उनका वेतन आहरण आगामी आदेश पर्यन्त रोकते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावे। यह आदेश उन शिक्षकों के लिए लागू नहीं होगा जिन्हें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम राहत दी गई है।” उक्त संदर्भित आदेश के परिपालन में आपके द्वारा की गयी कार्यवाही प्रारूप में दिनांक 22.07.2025 तक हार्ड एवं सॉफट कॉपी में अवगत कराना सुनिश्चित् करें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ऐतिहासिक पहल, जशपुर जिले के 48 मंदिरों के जीर्णाेद्धार के लिए 2.03 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले के 48 प्राचीन और जनआस्था से जुड़े मंदिरों के जीर्णाेद्धार के लिए 2 करोड़ 3 लाख 59 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति राज्य शासन द्वारा प्रदान की गई है। इससे जशपुर जिले की धार्मिक पहचान को सहेजने के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार मंदिरों के विकास, संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर यह कार्य धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर की पावन धरती सदैव से श्रद्धा, संस्कृति और आस्था का केंद्र रही है। इन मंदिरों का जीर्णाेद्धार केवल संरचना का नवीनीकरण नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और आत्मिक ऊर्जा का पुनर्जागरण है। मेरा संकल्प है कि हर ग्राम का धार्मिक स्थल सुव्यवस्थित हो, जिससे वहां न केवल भक्ति का वातावरण बने बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिले।
जशपुर जिले के जिन प्रमुख मंदिरों के जीर्णाेद्धार हेतु राशि स्वीकृत की गई है, उनमें ग्राम चेटबा के हनुमान, गायत्री एवं श्रीराम मंदिर, प्रत्येक के लिए 5-5 लाख रूपए, ग्राम दोकड़ा के हनुमान, राधाकृष्ण एवं डुमरटोली मंदिर, कुल 13 लाख रूपए, ग्राम कटंगखार, नारियरडांड, कोहलनझरिया, सिंगीबहार, अमडीहा, समडमा, साजबहार, रायकेरा, बटुराबहर, सिंदरीमुंडा और हेठघिंचा के मंदिरों में 3 से 5 लाख रूपए तक मंजूरी दी गई है।
इसी तरह कुनकुरी थाना परिसर मंदिर और कई अन्य ग्रामों के शिव एवं हनुमान मंदिर, जिनमें ग्राम पण्डरापाठ स्थित नागेश्वर धाम मंदिर हेतु 4.79 लाख रूपए तथा रायकेरा श्री जगन्नाथ मंदिर हेतु 4.80 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे ग्राम स्तर पर बिखरे धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित होगा, जिससे वहां का धार्मिक स्वरूप, सांस्कृतिक पहचान और पर्यटकीय महत्व भी बढ़ेगा।
मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए राशि की स्वीकृति पर संबंधित ग्रामों के मंदिर समितियों, पुजारियों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जशपुर की धार्मिक विरासत को संजोए रखने मदद मिलेगी।
8 लोगों पर गिरी बिजली, दो की गयी जान, छह लोगों की हालत गंभीर
बलरामपुर। जिले में मौसम का कहर एक बार फिर लोगों की जान पर बन आया। रविवार को तेज गर्जना और बारिश के दौरान तीन अलग-अलग गांवों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
घटनाएं इन गांवों में हुईं –
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बेलसर गांव: आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए।
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इन्दाकोन गांव: यहां एक व्यक्ति झुलस गया।
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भरतपुर गांव: एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

