प्रदेश
ED दफ्तर पहुंचे भूपेश बघेल, बेटे चैतन्य से की मुलाकात
रायपुर। शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार किए गए चैतन्य बघेल से मिलने रविवार को उनके पिता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बेटी और बहू भी मौजूद रहीं।
गौरतलब है कि 18 जुलाई को ED ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था, और फिलहाल 22 जुलाई तक वह ईडी रिमांड पर हैं। रायपुर के ED दफ्तर में एक कमरे में उन्हें रखा गया है, जहां अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है।
परिवार से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल आज रात नई दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा कर सकते हैं।
इस मामले को लेकर शनिवार (19 जुलाई) को कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसमें भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे।प्रेस वार्ता में भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“हमारे नेताओं को जबरन फंसाया जा रहा है। पहले पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और विधायक देवेंद्र यादव को निशाना बनाया गया और अब मेरे बेटे चैतन्य बघेल, जो राजनीति में सक्रिय भी नहीं हैं, उन्हें भी गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। जंगलों की कटाई हो रही है, और जो विरोध करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।”
कांग्रेस ने इसे एक राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा है कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में मानसून की बढ़ेगी रफ्तार, इन इलाकों में अगले 5 दिन जोरदार बारिश की संभावना
रायपुर। प्रदेशभर में मानसून का असर दिखाई दे रहा है. कहीं बारिश तो कहीं आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिल रहा है. राजधानी रायपुर में सुबह से तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक बारिश वितरण और तीव्रता में वृद्धि होने की संभावना जताई है. वहीं कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. आज प्रदेश में एक दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ बादल गरजने के आसार हैं.
पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर उत्तर पश्चिम राजस्थान, फतेहगढ़, मुजफ्फरपुर , बांकुरा, कोंटई और उसके बाद पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है. एक द्रोणिका बिहार के मध्य भाग से उड़ीसा तक झारखंड होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है.
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि प्रदेश में आज कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. वहीं कुछ जगहों पर गरज-चमक (Lightning Activity) के साथ वज्रपात होने की संभावना है. 23 जुलाई से वर्षा की गतिविधि में वृद्धि हो सकती है.
इन जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर (IMD Raipur) की जारी बुलेटिन के मुताबिक, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, दुर्ग, बेमेतरा में मेघगर्जन, बिजली गिरने, अचानक तेज हवा (40-60 किमी/घंटे) और आंधी की संभावना है. अगले 3 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, कोरिया, में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और अचानक तेज हवा (30-40 किमी/घंटे) की संभावना है. इन क्षेत्रों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.
रायपुर में रविवार को कैसा रहेगा मौसम ?
राजधानी रायपुर में बारिश आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस दौरान तापमान 26 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के अनुमान है.
संस्था की प्रतिष्ठा के खिलाफ कार्य कर रहे सदस्यों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई, दस लोगों की सदस्यता हुई समाप्त
रायपुर। सीएनआई के संविधान और उपनियमों के तहत छत्तीसगढ़ डायोसिस के बिशप और ऑफिस बेयरर्स द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए संस्था विरोधी कार्यो में सक्रिय दस सदस्यों की चर्च सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। बीते माह दिनांक 29 जून 2025 को आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के आधार पर की गयी है।
सचिव नितिन लॉरेंस ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सार्वजनिक किया कि जिन व्यक्तियों द्वारा लगातार संस्था और मसीही समाज के विरूद्ध कार्य कर रहे थे। चर्च एवं संस्था के विरूद्ध झूठी शिकायतें शासन-प्रशासन तक पहुॅंचाकर समाज एवं संस्था को बदनाम करने का षडयंत्र लगातार कर रहे हैं। चर्च की आंतरिक प्रशासनिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वाले कार्यों, चर्च विरोधी गतिविधयों तथा संस्था की प्रतिष्ठा को ठेस पहुॅंचाने के प्रयासों को गंभीरता से लिया गया है। यह निर्णय पूरी तरह संवैधानिक, कानूनी एवं संस्थागत अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत लिया गया है।
चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया के संविधान के अनुसार केवल बिशप को यह अधिकार प्राप्त है कि वह ऐसे सदस्यों की चर्च सदस्यता को समाप्त कर सकता है। पदाधिकारियों की बैठक पश्चात बिशप के विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए यह कार्यवाही की गयी है। निम्नानुसार इन सदस्यों की सदस्यता समाप्त की गयी है :-
यशराज सिंह, वीनू बेनेट, व्ही के सिंग, मुकुल बेनेट, अजय जॉन, संदीप लाल, मनीशा कुलदीप, श्रीमति अर्पणा कौशिक, अतुल आर्थर, निर्मल आर्थर.
01. उपरोक्त व्यक्तियों और उनके परिवारों की पास्टोरेट की सदस्यता समाप्त की गई है।
02. उपरोक्त व्यक्तियों एवं उनके परिवारों के सदस्यों को चर्च आने जाने एवं आराधना में भाग लेने से किसी भी प्रकार से वंचित नहीं किया गया है।
03. उपरोक्त व्यक्ति चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया की प्रणाली एवं संस्थाओं के
औपचारिक सदस्य नहीं रहेंगे।
04. उपरोक्त सदस्यों की चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया की सदस्यता समाप्त की गयी "यह सामाजिक बहिष्कार नहीं अपितु अनुशासनात्मक कार्यवाही है।"
चर्च आराधना के लिए सभी के लिए खुला है उपरोक्त सभी व्यक्ति सामान्य मसीही विश्वासी की तरह चर्च सेवा में भी सम्मिलित हो सकतें है।
बिशप का निर्देश - चूंकि बिशप महोदया पूर्व निर्धारित सेवा कार्य में व्यस्त है, अतः निर्देशित किया गया है कि आगामी रविवार को चर्च सभाओं में इस कार्यवाही बतौर सूचना सार्वजनिक रूप से प्रेसबिटर इन चार्ज द्वारा घोषणा किया जाए। यह अधिसूचना इस तथ्य को स्पष्ट करती है कि चर्च सेवाएं एवं आराधना आम विश्वासियों के खुली है, परन्तु उपरोक्त व्यक्ति आज दिनांक से चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया अथवा उसकी संस्थाओं के सदस्य नहीं माने जाएंगे।
आईसीएआई की राष्ट्रीय पिच डेक प्रतियोगिता में रायपुर के छात्रों ने रचा इतिहास, हासिल किया पहला स्थान…
रायपुर। रायपुर के छात्रों ने जयपुर में आयोजित इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की राष्ट्रीय स्तरीय पिच डेक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया. छत्तीसगढ़ की टीम ने पहली बार सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (सीआईआरसी) का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है.
सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (सीआईआरसी) के अंतर्गत 7 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम में हरजोत सलूजा, श्याम सिंघल और ऋतिका जुमानी शामिल थे. टीम ने हरजोत की दिशा और सक्रिय भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर 34 टीमों को हराया और फिर राष्ट्रीय स्तर पर 4 प्रमुख टीमों को पछाड़ते हुए यह गौरव प्राप्त किया.
आईसीएआई रायपुर ब्रांच अध्यक्ष सीए विकास गोलछा तथा सिकासा चेयरमैन सीए ऋषिकेश यादव ने सीए छात्रों की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए इसे आईसीएआई रायपुर ब्रांच तथा पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक पल बताया. पिच डेक प्रतियोगिता के लिए श्याम वर्मा द्वारा विशेष प्रशिक्षण छात्रों को दिया गया. आईसीएआई के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने इस उपलब्धि की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया.
खाई में गिरते-गिरते बची बस: रायपुर से मैहर जा रहे थे कांवड़िये, घाट पर अचानक ब्रेक फेल
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मैहर जा रही कांवड़ यात्रियों से भरी एक बस का अचानक ब्रेक फेल हो गया। बस में करीब 50 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे सवार थे। बस अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेजी से बढ़ रही थी, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक चालक ने समझदारी और साहस का परिचय देते हुए अपनी ट्रक को सामने खड़ा कर दिया, जिससे बस ट्रक से टकरा गई और वही रुक गई। अगर ट्रक समय पर सामने नहीं आती, तो बस सीधे खाई में गिर सकती थी।
ट्रक से टकराकर रुकी बस
यह पूरी घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पतखई घाट की है। जानकारी के मुताबिक, बस क्रमांक CG-07-BW- 2738 में छत्तीसगढ़ के रायपुर के 50 से ज्यादा महिलाएं, पुरुष और बच्चे सवार थे, जो मैहर देवी के दर्शन के लिए मध्यप्रदेश की ओर जा रहे थे। जैसे ही बस पतखई घाट पर पहुंची वह अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेज रफ्तार से लुढ़कने लगी। इसी दौरान रीवा से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा एक ट्रक सामने से आ रहा था, ट्रक चालक ने वक्त की नजाकत को समझते हुए अपनी ट्रक को बस के सामने खड़ा कर दिया, जिससे ब्रेक फेल बस उससे टकराकर खाई में गिरने से बच गई। हादसे के दौरान बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित रहे।
समाजसेवियों ने की मदद
हादसे की सूचना मिलते ही सिंहपुर थाना प्रभारी मुन्ना लाल राहंगडाले अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित थाने ले गए। खाने-पीने की समुचित व्यवस्था कराई गई और बस की मरम्मत के बाद यात्रियों को पुनः उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इस दौरान स्थानीय समाजसेवी शिव नारायण द्विवेदी ने सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने यात्रियों की देखभाल में अहम भूमिका निभाई और प्रशासन को सहयोग देकर स्थिति को सामान्य बनाने में मदद की।
ट्रक ड्राइवर की बहादुरी की हो रही चर्चा
ट्रक चालक की सतर्कता और समाज की एकजुटता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने ट्रक चालक और प्रशासन का आभार जताया और इस घटना को ईश्वर की कृपा और इंसानी साहस का मेल बताया है। इस घटना में जिस ट्रक ड्राइवर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दर्जनों जिंदगियां बचाईं, उसकी बहादुरी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर वह ट्रक वहां न होता, तो बस सीधे गहरी खाई में समा सकती थी।

पूर्व CM भूपेश बघेल आज जाएंगे ED दफ्तर, चैतन्य बघेल से करेंगे मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है. ED ने छापा मारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दोपहर 1 बजे ईडी दफ्तर जाएंगे और चैतन्य बघेल से मुलाकात करेंगे.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट भी किया है. उन्होंने पोस्ट साझा करते हुए कहा कि “कल दोपहर 01:00 बजे बेटा चैतन्य से मिलने ED कार्यालय जाऊंगा.”

बता दें कि शुक्रवार की सुबह 6 बजे ईडी की टीम ने भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास पर छापा मारा. छापेमारी करने करीब 8 अधिकारियों की टीम दो गाड़ियों में पहुंची और इस दौरान छानबीन के बाद भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार कर रायपुर की न्यायधीश डमरूधर चौहान विशेष कोर्ट में पेश किया गया.
मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने चैतन्य बघेल को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा है, जहां उनसे शराब घोटाले में पूछताछ की जाएगी. अब चैतन्य बघेल को ED की टीम 22 जुलाई को शाम 4 बजे विशेष कोर्ट में पेश करेगी.
राज्य के सिंचाई जलाशयों में 50 फीसद जलभराव, खारंग डेम और खपरी जलाशय हुए लबालब
रायपुर। जल संसाधन विभाग द्वारा 19 जुलाई को जारी टैंक गेज रिपोर्ट के अनुसार राज्य के प्रमुख सिंचाई जलाशयों में अब तक 49.78 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बिलासपुर स्थित खारंग डेम और दुर्ग जिले का खपरी जलाशय लबालब हो गया है। राज्य के कुल 46 प्रमुख जलाशयों में से झुमका जलाशय में 98.84 प्रतिशत, मनियारी जलाशय 90 प्रतिशत से अधिक, जबकि छरपानी जलाशय में 91 प्रतिशत से अधिक जलभराव हुआ है।
मिनीमाता बांगो डेम (कोरबा) में अब तक 52.78 प्रतिशत जलभराव हुआ है, रविशंकर सागर (धमतरी) में 53.26 प्रतिशत, तांडुला डेम (बालोद) में 29.29 प्रतिशत, दुधावा डेम में 21.87 प्रतिशत, सिकासार डेम में 45.21 प्रतिशत, सोंढूर में 23 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली डेम में 21.57 प्रतिशत, कोडार डेम में 38.11 प्रतिशत, केलो डेम में 30.96 प्रतिशत जलभराव हुआ है। राज्य के 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं मेें शामिल खारंग डेम (बिलासपुर) में 100 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है, जो सर्वाधिक भराव वाले जलाशयों में शामिल है। मनियारी डेम (मुंगेली) में जल स्तर 93.17 प्रतिशत तक पहुंच गया है, छोटे जलाशयों जैसे झुमका डेम (कोरिया) और छिरपानी (कबीरधाम) में क्रमशः 98.84 प्रतिशत और 91.14 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।
इसी तरह अरपा भैंसाझार (बिलासपुर) और मायना (कांकेर) जैसे जलाशयों में 30 प्रतिशत से भी कम, गोंदली डेम (बालोद) में 30.24 प्रतिशत और कोसारटेडा डेम (बस्तर) में 42.57 प्रतिशत जलभराव हुआ है। खरखरा डेम में 22.15 प्रतिशत, परलकोट डेम में 36.44 प्रतिशत, श्याम डेम सरगुजा में 69.38 प्रतिशत, पिपरिया नाला डेम में 77.64 प्रतिशत, बलार डेम में 23.04 प्रतिशत, सुतियापात जलाशय में 67.74 प्रतिशत, मोंगरा बैराज में 62.62 प्रतिशत, मरोदा जलाशय में 38.62 प्रतिशत, सरोदा दादर में 41.03 प्रतिशत, घोंघा जलाशय में 82.84 प्रतिशत, मटियामोती जलाशय में 28.51 प्रतिशत, झुमका जलाशय में 98.84 प्रतिशत, खमारपकुट डेम में 86.11 प्रतिशत, कर्रानाला बैराज में 72.64 प्रतिशत, किंकारी नाला में 80.31 प्रतिशत, सुखा नाला बैराज 72.95 प्रतिशत, कुम्हारी डेम रायपुर में 40.44 प्रतिशत, धारा जलाशय राजनांदगांव में 46.44 प्रतिशत तथा रूसे डेम में 54.47 प्रतिशत जल भराव हो चुका है।
राज्य के कई जलाशयों से नहरों तथा स्लूइस के माध्यम से जल निकासी भी जारी है। खारंग, मनियारी, केलो और सीतानदी बेसिन के जलाशयों से जल छोड़ा गया है। जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को जलाशयों की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं।
एक साथ नहीं चल सकती आपराधिक और विभागीय जांच: हाईकोर्ट ने ASI के पक्ष में सुनाया फैसला, विभागीय जांच पर लगाया स्टे
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि एक ही मामले में आपराधिक मुकदमा और विभागीय जांच एक साथ नहीं चलाई जा सकती, विशेषकर तब जब दोनों में अभियोजन साक्षी समान हों। यह फैसला रायपुर के सहायक उप निरीक्षक (ASI) एस. बी. सिंह की याचिका पर सुनाया गया, जिनके खिलाफ धारा 74, बीएनएस एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज है।
एस. बी. सिंह, जो वर्तमान में रायपुर जिले में ASI पद पर कार्यरत हैं, के विरुद्ध 18 मार्च 2025 को थाना कोतवाली में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद, 29 मई 2025 को पुलिस अधीक्षक रायपुर ने उन्हीं आरोपों के आधार पर विभागीय जांच शुरू कर दी।इस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर एस. बी. सिंह ने अपने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं स्वाती कुमारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में रिट याचिका दाखिल की।
अदालत में प्रस्तुत तर्क:
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में यह तर्क रखा गया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों –
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बनाम नीलम नाग,
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अविनाश सदाशिव भोसले बनाम यूनियन ऑफ इंडिया
– में यह सिद्धांत स्थापित किया गया है कि जब एक ही आरोपों में आपराधिक मामला न्यायालय में लंबित हो और विभागीय जांच में वही गवाह हों, तो पहले आपराधिक मामले की सुनवाई होनी चाहिए। अन्यथा, यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा और आपराधिक कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।
इन तथ्यों और तर्कों से सहमत होते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रिट याचिका स्वीकार कर ली और विभागीय जांच पर स्थगन (स्टे) लगा दिया।
शिक्षकों को लगा झटका, स्कूल ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों का वेतन बंद करने का आदेश
रायपुर। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों की चौतरफा मुश्किलें बढ़ गयी है। राज्य सरकार किसी भी सूरत में प्रभावित शिक्षकों को राहत देने को तैयार नहीं है। डीपीआई की तरफ से लगातार जिलों से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जा रही है। इसी कड़ी में रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ा आदेशजारी किया है। सभी बीईओ को जारी आदेश में डीईओ ने स्कूल ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन बंद करने का आदेश दिया है।
साथ ही 22 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी गयी है। रायपुर जिला के धरसींवा, अभनपुर, आरंग और तिल्दा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भेजे पत्र में कहा गया है कि संदर्भित विषयांतर्गत “छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर के आदेश क्रमांक एफ 2-24/2024/20-तीन दिनांक 02.08.2024 एवं दिनांक 28.04.2025 के अनुपालन में शालाओं का युक्तियुक्तकरण किये जाने पश्चात विभिन्न शालाओं में अतिशेष शिक्षकों का काउसिंलिंग के माध्यम से युक्तियुक्तकरण किया जाकर जिला स्तर संभाग स्तर एवं राज्य स्तर पर पदस्थापना के आदेश जारी किये गये हैं।
उपरोक्त युक्तियुक्तकरण के तहत जिन शिक्षकों के द्वारा नवीन पदांकित संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है, उनका वेतन आहरण आगामी आदेश पर्यन्त रोकते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावे। यह आदेश उन शिक्षकों के लिए लागू नहीं होगा जिन्हें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम राहत दी गई है।” उक्त संदर्भित आदेश के परिपालन में आपके द्वारा की गयी कार्यवाही प्रारूप में दिनांक 22.07.2025 तक हार्ड एवं सॉफट कॉपी में अवगत कराना सुनिश्चित् करें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ऐतिहासिक पहल, जशपुर जिले के 48 मंदिरों के जीर्णाेद्धार के लिए 2.03 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले के 48 प्राचीन और जनआस्था से जुड़े मंदिरों के जीर्णाेद्धार के लिए 2 करोड़ 3 लाख 59 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति राज्य शासन द्वारा प्रदान की गई है। इससे जशपुर जिले की धार्मिक पहचान को सहेजने के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार मंदिरों के विकास, संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर यह कार्य धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर की पावन धरती सदैव से श्रद्धा, संस्कृति और आस्था का केंद्र रही है। इन मंदिरों का जीर्णाेद्धार केवल संरचना का नवीनीकरण नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और आत्मिक ऊर्जा का पुनर्जागरण है। मेरा संकल्प है कि हर ग्राम का धार्मिक स्थल सुव्यवस्थित हो, जिससे वहां न केवल भक्ति का वातावरण बने बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिले।
जशपुर जिले के जिन प्रमुख मंदिरों के जीर्णाेद्धार हेतु राशि स्वीकृत की गई है, उनमें ग्राम चेटबा के हनुमान, गायत्री एवं श्रीराम मंदिर, प्रत्येक के लिए 5-5 लाख रूपए, ग्राम दोकड़ा के हनुमान, राधाकृष्ण एवं डुमरटोली मंदिर, कुल 13 लाख रूपए, ग्राम कटंगखार, नारियरडांड, कोहलनझरिया, सिंगीबहार, अमडीहा, समडमा, साजबहार, रायकेरा, बटुराबहर, सिंदरीमुंडा और हेठघिंचा के मंदिरों में 3 से 5 लाख रूपए तक मंजूरी दी गई है।
इसी तरह कुनकुरी थाना परिसर मंदिर और कई अन्य ग्रामों के शिव एवं हनुमान मंदिर, जिनमें ग्राम पण्डरापाठ स्थित नागेश्वर धाम मंदिर हेतु 4.79 लाख रूपए तथा रायकेरा श्री जगन्नाथ मंदिर हेतु 4.80 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे ग्राम स्तर पर बिखरे धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित होगा, जिससे वहां का धार्मिक स्वरूप, सांस्कृतिक पहचान और पर्यटकीय महत्व भी बढ़ेगा।
मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए राशि की स्वीकृति पर संबंधित ग्रामों के मंदिर समितियों, पुजारियों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जशपुर की धार्मिक विरासत को संजोए रखने मदद मिलेगी।
8 लोगों पर गिरी बिजली, दो की गयी जान, छह लोगों की हालत गंभीर
बलरामपुर। जिले में मौसम का कहर एक बार फिर लोगों की जान पर बन आया। रविवार को तेज गर्जना और बारिश के दौरान तीन अलग-अलग गांवों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
घटनाएं इन गांवों में हुईं –
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बेलसर गांव: आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए।
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इन्दाकोन गांव: यहां एक व्यक्ति झुलस गया।
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भरतपुर गांव: एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
सभी घायलों को शंकरगढ़ सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर हालात का जायज़ा ले रही है। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 3 घंटों में होगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 3 घंटों के भीतर गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों में ऑरेंज और 3 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है.
बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवा (30-40 KMPH) के साथ मध्यम वर्षा की संभावना है.
वहीं सुकमा, बेमेतरा और कबीरधाम में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है. यानी इन 3 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है.
कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी पर मुख्यमंत्री ने दिया बयान, कहा- अभी तो जांच जारी है, न जाने और कितनों का नंबर लगेगा…
रायपुर। ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस के 22 जुलाई को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो जनता के लिए परेशानी खड़ा करती ही है. 5 साल सरकार चलाए तो जनता को धोखा दिए. पांच सालों में अनेक घोटाले हुए इसलिए जेल जा रहे हैं. अभी तो जांच जारी है, न जाने और कितने लोगों का नंबर लगेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि ED केंद्रीय एजेंसी है, देश की प्रतिष्ठित संस्थान है. ED ने सोच समझकर ही कोई कार्रवाई की है. कांग्रेस के लोग जो करना है, उसके लिए स्वतंत्र हैं.
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने शुक्रवार को जन्मदिन के अवसर पर शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था. इस पर आज कांग्रेस की बैठक हुई, और सर्वसम्मति से ईडी की कार्रवाई के साथ सरकार और उद्योगपति के विरोध में 22 जुलाई को प्रदेश व्यापी आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान किया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा करते हुए कहा कि (ईडी की कार्रवाई) यह बीजेपी के सोची-समझी रणनीति है. मेरा बेटा जो राजनीति में भी नहीं उसे भी टारगेट किया है. ईडी की इस अवैधानिक कार्रवाई का सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है.
मुख्यमंत्री ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का किया भव्य शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रबंधन को शुभकामनाएं दीं और उत्पादन इकाई का भ्रमण कर दवा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोविड के संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर एक मिसाल कायम की। श्री साय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स की इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और पिछले सात-आठ महीनों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इन 25 वर्षों में जो विकास हुआ है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने न केवल प्रदेश से भूखमरी को दूर किया, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी ठोस नींव रखी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है। श्री साय ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में छह से अधिक विशेषज्ञ अस्पतालों के शुभारंभ का मैं साक्षी रहा हूं, जो दर्शाता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी का मानना है कि लोग बीमार न पड़ें, निरोगी रहें, और उनकी इसी संकल्पना के अनुरूप वेलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) ₹5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और यह प्रदेशवासियों के सहयोग से ही संभव होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स का भ्रमण कर उन्नत तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह इकाई पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जहाँ टैबलेट, सिरप, ऑइंटमेंट और क्रीम जैसे विभिन्न प्रकार की दवाइयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इकाई के विस्तार से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है और कोविड काल के दौरान पूरी दुनिया को यह एहसास हुआ कि दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों ने भी उस दौर में भारत की फार्मा क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में नवा रायपुर की केंद्रीय भूमिका है। यह क्षेत्र न केवल औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त है, बल्कि सभी प्रमुख मार्गों से जुड़ाव के कारण लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से भी अत्यंत सुविधाजनक है। डॉ. सिंह ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की टीम को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह इकाई नवा रायपुर के विकास को नई गति देगी।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पवन साय, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स से कोमलचंद चोपड़ा, अनिल देशलहरा और उज्ज्वल दीपक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
युक्तियुक्तकरण की अपील की सीमा हुई समाप्त, अब ज्वाइन नहीं किया तो लटकेगी निलंबन की तलवार…
दुर्ग। जिले में अब युक्तियुक्तकरण में शिक्षकों द्वारा अपील किए जाने की समय सीमा समाप्त होने के बाद जिले में 147 आवेदनों में सिर्फ 9 आवेदनों पर सुनवाई जिला स्तरीय समिति ने कर ली है. उसके बाद अगर 138 शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं ली तो उनपर निलबंन की तलवार लटक सकती है.
दरअसल, अपील में शिक्षकों ने विषय परिवर्तन, गंभीर बीमारी से पीड़ित होने, घर से 60 से 70 किलोमीटर दूर होने, वरिष्ठता क्रम में अनदेखी आदि की बात कही थी. जिला स्तरीय समिति ने 9 प्रकरणों को मान्य किया. जारी सूची में सुधार करते हुए उन्हें उनके मूल स्थान पर भेजने की कार्रवाई की गई. वहीं समिति ने 138 प्रकरणों को अमान्य कर दिया.
जिला स्तरीय समिति में सुनवाई के दौरान ही युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई. वहीं नए स्थान पर ज्वाइनिंग नहीं दी. इससे स्कूलों की पढ़ाई समेत प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने लगे. इसे देखते हुए 16 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों के लिए सामान्य सर्कुलर जारी किया. इसमें उन्हें 18 जुलाई तक नए स्थानों में ज्वाइन करने कहा गया.
11 पेज के सर्कुलर में उन शिक्षकों के नाम की सूची भी जारी की गई, जिनके प्रकरण अमान्य किए गए हैं. शुक्रवार की शाम तक उन्हें देखा गया. अब संबंधित स्थानों से ज्वाइनिंग देने वाले और ज्वाइनिंग नहीं देने वाले शिक्षकों की सूची मंगाई जा रही है. सोमवार को निलबंन की कार्रवाई की जा सकती है.
दुर्ग जिले में 2 और 3 जून को युक्तियुक्तकरण के लिए जिला स्तरीय काउंसिलिंग हुई थी. इसमें 636 शिक्षकों की काउंसिलिंग की गई. मौके पर ही उनके नए स्थान पर ज्वाइनिंग के आदेश जारी किए गए. फिर 7 जून को संभाग स्तरीय काउंसिलिंग में 286 शिक्षकों और व्याख्याताओं को बुलाया गया था. प्रक्रिया के बाद युक्तियुक्तकरण में प्रभावित हुए जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई और नए स्थानों में ज्वाइनिंग नहीं दी.
डीईओ अरविंद मिश्रा के कहना है कि शिक्षकों को 18 जुलाई तक ज्वाइनिंग देने का आदेश जारी किया गया. समय बीत चुका है. विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से ज्वाइनिंग देने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट मंगाई है. सोमवार को उसकी समीक्षा करने के बाद ज्वाइनिंग नहीं देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रिपरिषद की उपसमिति की हुई बैठक, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने की राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित मामलों की समीक्षा
रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में 18 जुलाई को विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज अपराधों पर मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक विधानसभा परिसर, रायपुर में सम्पन्न हुई। बैठक में मंत्रिपरिषद के उप समिति के सदस्य उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री राम विचार नेताम एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद उपसमिति की बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों में से 15 प्रकरणों की समीक्षा की गई। मंत्रिपरिषद उपसमिति द्वारा इन अनुशंसाओं को मंत्रिपरिषद के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अब तक मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक में 139 विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों को प्रस्तुत किया जा चुका है जिसमे से 126 प्रकरणों को कैबिनेट की बैठक में अनुशंसा प्राप्त की जा चुकी है।
तहसीलदार संघ ने राजस्व मंत्री टंकराम से की मुलाकात, 17 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
रायपुर। तहसीलदार संघ ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर मांगों के संबंध में चर्चा की. राजस्व मंत्री ने सभी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया. संघ की मांग में तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति, नायब तहसीलदार को राजपत्रित अधिकारी घोषित करने और शासकीय मोबाइल प्रदान करने जैसे कई प्रमुख मांगें शामिल हैं।
ये है 17 सूत्रीय मांगें
1. सभी तहसीलों में स्वीकृत सेटअप की पदस्थापना
सभी तहसीलों में कंप्यूटर ऑपरेटर, WBN, KGO, नायब नाज़िर, माल जमादार, भृत्य, वाहन चालक, आदेशिका वाहक, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की पदस्थापना की जाए। यदि संभव न हो तो संबंधित तहसील को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा की बाध्यता से मुक्त किया जाए।
2. तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति प्रक्रिया
सीधी भर्ती और पदोन्नति का अनुपात पूर्व की भांति 50:50 रखा जाए और पूर्व में की गई घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन किया जाए।
3. नायब तहसीलदार पद को राजपत्रित करने की मांग
इस आशय की पूर्व घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन किया जाए।
4. ग्रेड पे में शीघ्र सुधार
तहसीलदार और नायब तहसीलदार के लंबित ग्रेड पे सुधार को शीघ्र किया जाए।
5. शासकीय वाहन की उपलब्धता
सभी तहसीलों में कार्यवाही, प्रोटोकॉल एवं लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी हेतु शासकीय वाहन व चालक की व्यवस्था हो या वाहन भत्ता प्रदान किया जाए।
6. निलंबन से बहाली
बिना वैध प्रक्रिया, नियमित आदेश या अभियोजन कार्रवाई से प्रभावित तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों को 15 दिवस में जांच पूर्ण कर बहाल किया जाए।
7. न्यायालयीन प्रकरणों में आदेशों का पालन
न्यायालयीन मामलों को जनशिकायत/जनशिकायत प्रणाली में स्वीकार न किया जाए।
8. न्यायालयीन आदेशों पर FIR नहीं
न्यायाधीश प्रोटेक्शन act 1985 के सन्दर्भ मे शासन द्वारा जारी आदेश 2024 का कड़ाई से पालन किया जाए। हर वो मामला जिसमे अपील का प्रावधान सहिता में निहित हैं तो किसी भी अन्य न्यायालय में परिवाद पेश ना कि जा सके। जिससे FIR कि स्थिति ना बने (केवल न्यायालयीन प्रकरण के सन्दर्भ में)।
9. कोर्ट में उपस्थिति व्यवस्था
न्यायालयीन कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु प्रोटोकॉल ड्यूटी से पृथक व्यवस्था की जाए।
10. लैबोरेटरी भुगतान एवं ऑफर
आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्टाफ की नियुक्ति के लिए तहसीलदार को अधिकृत किया जाए।
11. प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति
Agristack, स्वामित्व योजना, e-Court, भू-अभिलेख जैसे तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर नियुक्त किए जाए।
12. SLR/ASLR की बहाली
तहसीलदारों की पर्याप्त संख्या को देखते हुए SLR/ASLR को पुनः भू- अभिलेखीय कार्यों हेतु बहाल किया जाए।
13. व्यक्तिगत मोबाइल नंबर की गोपनीयता
TI की भांति पदेन शासकीय मोबाइल नंबर और डिवाइस प्रदान किया जाए.
14. राजस्व न्यायालयों की सुरक्षा हेतु सुरक्षाकर्मी
जाए. प्रत्येक तहसील में सुरक्षा कर्मी की तैनाती एवं फील्ड भ्रमण हेतु वाहन उपलब्ध कराया।
15. सड़क दुर्घटना मुआवजा की व्यवस्था
सड़क दुर्घटना में तहसीलदारों के माध्यम से आर्थिक सहायता राशि ₹25000 तत्काल मौके पर देने की मांग आती है। परंतु तत्काल में राशि उपलब्ध नही होती है. उक्त राशि मौके पर दिए जाने के संबंध में शासन से स्पस्ट गाइडलाइन्स जारी हो। इसके अलावा भी अन्य कई घटनाओं में तहसीलदारों से ही मौके पर मुआवजा राशि की अपेक्षा की जाती है। उसके सम्बन्ध में भी गाइडलाइन्स स्पष्ट जारी हो।
16. संघ की सिद्धांत
प्रदेश के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार संघ के सदस्य है। अतः शासन के समक्ष मांगें प्रस्तुत करने व समाधान के लिए वार्ता एवं पत्राचार में संघ को की मान्यता दी जाए।
17. विशेषज्ञ कमिटी का गठन
प्रदेश में राजस्व न्यायालय के संदर्भ में सलाह व अपनी समस्याओं को प्रस्तुत किये जाने हेतु राजस्व न्यायालय सुदृढ़ीकरण तहत विशेषज्ञ कमिटी/परिषद का गठन किया जाए।
