प्रदेश
कर्मचारियों की हड़ताल से आज कामकाज रहा ठप
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने गुरुवार को 11 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेशभरमें जबरदस्त नाराज़गी देखने को मिली। नतीजा यह रहा कि रायपुर से लेकर बस्तर और सरगुजा तक, शासकीय कार्यालय सूने पड़े रहे और अधिकांश स्कूलों पर ताले लटक गए।
इंद्रावती भवन में भी कामकाज पूरी तरह ठप रहा। नगरीय निकाय, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास समेत तमाम विभागों के कर्मचारियों ने अवकाश लेकर फेडरेशन के आंदोलन में अपनी ताकत झोंक दी। विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
हर जिले में उग्र प्रदर्शन – “अब नई साहिबों, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो!”
प्रदेशभर में एक ही नारा गूंजता रहा – “अब नई साहिबों, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो!”।
रायपुर में कमल वर्मा और चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारी सड़क पर उतर आए। नवा रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बलौदाबाजार, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, रायगढ़, बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, अंबिकापुर और जशपुर – हर जिले में फेडरेशन का गुस्सा लावा बनकर फूटा।
जगह-जगह कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाज़ी की और साफ चेतावनी दी – अगर अब भी सरकार संवाद नहीं करती तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक देगा।
11 सूत्रीय मांगों पर आर-पार की लड़ाई
फेडरेशन की मांगें स्पष्ट और ठोस हैं –
1️⃣ केंद्र के समान महंगाई भत्ता (DA) लागू हो।
2️⃣ बकाया DA एरियर्स GPF खाते में जमा हो।
3️⃣ चार स्तरीय समयमान वेतनमान मिले।
4️⃣ पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक हो।
5️⃣ सेवा गणना नियुक्ति तिथि से हो, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण।
6️⃣ शिक्षकों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को तीसरा समयमान।
7️⃣ अनुकंपा नियुक्ति में 10% सीलिंग खत्म।
8️⃣ प्रदेश में कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू।
9️⃣ अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिन तक।
1️⃣0️⃣ दैनिक, अनियमित और संविदा कर्मियों का नियमितीकरण।
1️⃣1️⃣ सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
प्रदेश भर में हुआ प्रदर्शन
जी.आर.चंद्रा संभाग प्रभारी बिलासपुर और रोहित तिवारी के मार्गदर्शन में बिलासपुर में कलम बंद, काम बंद आंदोलन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। जिला संयोजक बिलासपुर डॉ बी पी सोनी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जांजगीर चांपा के जिल संयोजक विश्वनाथ परिहार, कोरबा के जिला संयोजक के आर डहरिया, मुंगेली के जिला संयोजक जे एस ध्रुव, गौरेला-मरवाही के जिला संयोजक डॉ संजय शर्मा, रायगढ़ के जिला संयोजक आशीष रंगारी, सारंगढ़ के जिला संयोजक फकीरा यादव के नेतृत्व में अब नई साहिबों, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो नारे के साथ उग्र प्रदर्शन किया गया।आंदोलन में सभी जिलों के कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किए।
कैलाश चौहान संभाग प्रभारी बस्तर और टार्जन गुप्ता के मार्गदर्शन में बस्तर में कलम बंद, काम बंद आंदोलन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। जिला संयोजक जगदलपुर आर डी तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कांकेर के जिला संयोजक प्रमोद तिवारी, कोंडागांव के जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर , नारायणपुर के जिला संयोजक डॉ दीपेश रावटे, बीजापुर के जिला संयोजक के डी राय, दंतेवाड़ा के जिला संयोजक अरविंद यादव, सुकमा के जिला संयोजक विनायक साहू के नेतृत्व में अब नई साहिबों, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो नारे के साथ उग्र प्रदर्शन किया गया।आंदोलन में सभी जिलों के कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किए।
ओंकार सिंह संभाग प्रभारी सरगुजा और नृपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में सरगुजा में कलम बंद, काम बंद आंदोलन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। जिला संयोजक अंबिकापुर कमलेश सोनी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सूरजपुर के जिला संयोजक डॉ आर एस सिंह, कोरिया के जिला संयोजक डॉ आर एस चांदे, बलरामपुर के जिला संयोजक डॉ दीपेश रावटे, बीजापुर के जिला संयोजक नन्द कुमार देवांगन, जशपुर के जिला संयोजक संतोष कुमार तानडे , मनेंद्रगढ़ चिरमिरी गोपाल सिंह के नेतृत्व में अब नई साहिबों, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो नारे के साथ उग्र प्रदर्शन किया गया।
छत्तीसगढ़ GST विभाग में हुए तबादले, देखें पूरी सूची
रायपुर। छत्तीसगढ़ GST में आज बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है. छत्तीसगढ़ शासन, GST विभाग ने 23 जून और 27 जून 2025 को जारी किए गए आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए 10 अधिकारी-कर्मचारियों के नए पदस्थापना आदेश जारी किया है.
देखें आदेश की कॉपी:


डीएसपी साइबर सेल ने छात्रों को ठगी से बचाव के दिए टिप्स
रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन पर आज उप पुलिस अधीक्षक (साइबर) अनिल विश्वकर्मा के नेतृत्व में कृषि कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र रायगढ़ में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज के डीन डॉ. ए.के. सिंह और प्राध्यापकों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह और आरक्षक नवीन शुक्ला ने छात्र-छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी।
डीएसपी श्री विश्वकर्मा ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसमें एटीएम क्लोनिंग, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, ओटीपी साझा करवाकर बैंक खाते खाली करना, सोशल मीडिया प्रोफाइल हैक कर ब्लैकमेल करना और ऑनलाइन शॉपिंग ठगी, नकली जॉब ऑफर देकर पैसे ऐंठना, क्रिप्टो और शेयर मार्केट में फर्जी निवेश दिखाकर ठगना, और म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर अपराध की कमाई को घुमाना शामिल है। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीकों की भी जानकारी दी, जिसमें अपराधी खुद को पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी बताकर लोगों को धमकाते हैं।
कार्यक्रम में उन्होंने रायगढ़ में ऑनलाइन ठगी के केस के बारे में बताया और छात्रों को साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियम समझाए गए—अनजान लिंक या QR कोड स्कैन न करना, किसी भी कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी या OTP न बताना, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचना, मजबूत पासवर्ड और टू-स्टेप वेरीफिकेशन का इस्तेमाल करना, तथा साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराना। छात्र-छात्राओं ने भी ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े सवाल पूछे जिनका उत्तर अधिकारियों ने सरल शब्दों में देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह ने वास्तविक घटनाओं का उदाहरण देते हुए समझाया कि कैसे असावधानी से लोगों की मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में ठग ली जाती है और जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधियों से निपटने के लिए तकनीकी जांच और कानूनी कार्रवाई तो की जा रही है, लेकिन सबसे प्रभावी उपाय यही है कि हर व्यक्ति खुद जागरूक और सतर्क बने।
शिक्षकों के वेतनमान मामले में उच्च न्यायालय ने जताई नाराजगी, 15 सितंबर तक सरकार से मांगा जवाब
बिलासपुर। क्रमोन्नत वेतनमान की मांग को लेकर 300 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका लगाई है. जिस पर एकसाथ सुनवाई हुई, इस दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब पहले से ही सुनवाई की तारीख तय थी, तो तैयारी अधूरी क्यों रही. हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम मौका देते हुए 15 सितंबर तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है.
दरअसल, इससे पहले शिक्षिका सोना साहू की याचिका पर हाई कोर्ट ने राज्य शासन को क्रमोन्नत वेतनमान और एरियर्स की राशि भुगतान का आदेश दिया था. आदेश के बाद सरकार ने शिक्षिका के खाते में वेतनमान और एरियर्स जमा भी कराए थे. हाई कोर्ट का यह फैसला शिक्षकों के लिए टर्निंग पाइंट साबित हुआ. इसके बाद पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने लगे. जानकारी के अनुसार अब तक 27 हजार से अधिक शिक्षकों ने याचिकाएं दायर कर दी हैं, जिन पर क्रमवार सुनवाई शुरू होगी.
सोना साहू केस के बाद जिन शिक्षकों ने तुरंत याचिका लगाई थी, उन्हें हाई कोर्ट ने विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने और नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इन शिक्षकों ने अभ्यावेदन पेश भी किया, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग और डीपीआइ ने उन्हें खारिज कर दिया. अब ऐसे शिक्षक भी पुनः हाई कोर्ट पहुंचे हैं.
मुख्यमंत्री साय ने जापान पहुंचने के बाद सबसे पहले टोक्यो स्थित ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर में की पूजा-अर्चना
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापान पहुंचने के बाद सबसे पहले जापान की राजधानी टोक्यो में स्थित ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। टोक्यो का यह सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर मानवता को शांति और शक्ति का संदेश देता है और यही भाव छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं में भी झलकता है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर है। इस ग्लोबल आउटरीच मिशन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसरों को तलाशना है।
बीएसएनएल दूरसंचार सलाहकार समिति में बृजमोहन अग्रवाल के 8 सांसद प्रतिनिधियों की नियुक्ति को मिली केंद्र से मंजूरी
रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर बीएसएनएल की दूरसंचार सलाहकार समिति (टीएसी) में 8 सांसद प्रतिनिधियों की नियुक्ति को केंद्र सरकार ने मंजूरी प्रदान की है।
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी दी है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा अनुशंसित व्यक्तियों में से 8 प्रतिनिधियों को समिति में स्थान दिया गया है जिनमें प्रेम बिरनानी, राहुल जैन, श्याम सुंदर अग्रवाल, हर्षिला रूपाली शर्मा, पवन सिंघानिया, कमलेश शर्मा, कृष्ण कुमार अवधिया, जब्बार दग़्गली शामिल हैं। यह नियुक्तियाँ विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई हैं।
सांसद श्री अग्रवाल ने नामित सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि वे दूरसंचार सेवाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए सकारात्मक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि, दूरसंचार सेवाएँ आज के युग में विकास और सुशासन की रीढ़ हैं। बीएसएनएल टीएसी में हमारे क्षेत्र के प्रतिनिधियों की भागीदारी से रायपुर संसदीय क्षेत्र के उपभोक्ताओं की समस्याएँ और सुझाव सीधे विभाग तक पहुँचेंगे और समाधान की दिशा में ठोस कार्यवाही होगी।


नारायण सेवा संस्थान का नारायण लिंब फिटमेंट कैम्प का आयोजन 24 अगस्त रविवार को
छत्तीसगढ़ के 382 से अधिक दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम हाथ-पैर से मिलेगी आसान जिंदगी की सौगात
रायपुर। दिव्यांगजनों और मानव सेवा के लिए समर्पित उदयपुर का नारायण सेवा संस्थान अब छत्तीसगढ़ की धरती पर उन जीवन दीपों को फिर से प्रकाशमान करने जा रहा है, जो बीमारी,हादसों और दुर्घटनाओं की अंधेरी रात में बुझ गए थे। संस्थान द्वारा रविवार 24 अगस्त को रायपुर स्थित शगुन फार्म, वीआईपी रोड, विशाल नगर पर प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक निःशुल्क नारायण लिम्ब एवं कैलीपर्स फिटमेंट शिविर आयोजित किया जाएगा।
शिविर का उद्घाटन समारोह प्रातः 11 बजे होगा, जिसमें केवल पूर्व चयनित दिव्यांग ही लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर 382 दिव्यांगजन, जिन्हें संस्थान ने 13 अप्रैल के निःशुल्क नारायण लिंब मेजरमेंट कैंप में चयनित किया था, कृत्रिम अंग पाकर नई जिंदगी की ओर कदम बढ़ाएँगे।
संस्थान के मीडिया एवं जनसंपर्क निदेशक भगवान प्रसाद गौड़ ने बताया कि संस्थान विगत 40 वर्षों से देश-विदेश में लाखों दिव्यांगों को उनके ही शहर और घर के नजदीक सेवा पहुंचा रहा है। रायपुर में अब वही दिव्यांग, जो किसी हादसे के बाद अपने परिवार पर बोझ समझे जाने लगे थे, संस्थान की जर्मन टेक्नोलॉजी से निर्मित नारायण लिम्ब पहनकर अपने पैरों पर खड़े होंगे और समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे।
निदेशक गौड़ ने कहा – “हर समृद्ध समाज की शक्ति उसके प्रत्येक नागरिक में बसती है। जब दिव्यांग सशक्त होते हैं तो देश की प्रगति का रथ और गतिमान हो जाता है।”
वार्ता के दौरान निदेशक गौड़, शिविर प्रभारी हरि प्रसाद लड्ढा, आश्रम प्रभारी भरत पालीवाल और हेमंत मेघवाल ने इस शिविर का पोस्टर भी जारी किया। संस्थान अब तक भारत ही नहीं बल्कि केन्या, युगांडा, मेरु, तंजानिया और नेपाल जैसे देशों में भी सेवा के दीप जला चुका है। प्रतिमाह लगभग 1800 से अधिक कृत्रिम हाथ-पैर लगाए जा रहे हैं। शिविर की भव्यता को बढ़ाने के लिए अनेक संतों, गणमान्य नागरिकों और समाजसेवियों को आमंत्रित किया गया है। आने वाले दिव्यांगों के लिए निःशुल्क भोजन और लिम्ब फिटमेंट के बाद चलने की व्यवस्थित ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई है। शिविर में पूर्व लाभान्वित दिव्यांग भी उपस्थित रहेंगे, जो अपने अनुभवों से नव लाभार्थियों का हौसला बढ़ाएँगे।
यह शिविर केवल कृत्रिम अंगों का वितरण नहीं, बल्कि उम्मीद और आत्मनिर्भरता की सौगात है। यह उन दिव्यांगों की मुस्कुराहट है, जिनकी दुनिया रुक गई थी और अब फिर से दौड़ने वाली है।
नारायण सेवा संस्थान 1985 से “नर सेवा ही नारायण सेवा है” की भावना से कार्यरत है। संस्थापक कैलाश मानव को उनकी अद्वितीय सेवा भावना के लिए राष्ट्रपति महोदय द्वारा पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया गया है। हाल ही में 30 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन्हें सामुदायिक सेवा एवं सामाजिक उत्थान श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया।
संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल दिव्यांगों के लिए मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी जैसी पहल से लाखों जीवनों को संबल प्रदान कर चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्हें भी राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत किया गया। अब तक संस्थान 40,000 से अधिक कृत्रिम अंग नि:शुल्क लगा चुका है।
उल्लेखनीय है कि संस्थान की सेवा-यात्रा के अंतर्गत, 44वां दिव्यांग सामूहिक विवाह समारोह 30-31 अगस्त को उदयपुर में आयोजित होगा, जहाँ 51 जोड़े जीवन की नई शुरुआत करेंगे।
166 महतारी सदन की मिली स्वीकृति
रायपुर। प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयास से 166 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी।
5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना
प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा।
142 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
जांजगीर-चांपा। काम में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है. सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने 142 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
ऑनलाइन काम नहीं करने पर पटवारियों से जवाब मांगा गया है. बता दें कि जिले में 16 अगस्त से राजस्व का कामकाज ठप है. पटवारियों ने कोई ऑनलाइन काम नहीं किया है, जिससे जनता को परेशानी हो रही है. पटवारियों के रवैये को आचरण नियम 1965 के खिलाफ माना गया है.
सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन करने पर जांजगीर तहसील के 40 पटवारी, चांपा तहसील के 32, पामगढ़ तहसील के 28 और अकलतरा तहसील के 42 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. सभी पटवारियों को 3 दिन में जवाब देना होगा. जवाब संतोषप्रद नहीं मिलने पर 1966 नियम के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
मंत्रिमंडल विस्तार पर अजय चंद्राकर ने कहा- कैबिनेट अच्छी है, नवाचारी लोग हैं, सब संतुलित है
रायपुर। साय कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाने पर कांग्रेस के निशाने पर आए पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस यह बताए कि भूपेश कैबिनेट में धनेन्द्र साहू और सत्यनारायण शर्मा के साथ क्या व्यवहार किया.
उन्होंने कैबिनेट विस्तार को मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार बताते हुए कहा कि कैबिनेट अच्छी है, नवाचारी लोग हैं, सब संतुलित है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने साय मंत्रिमंडल विस्तार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा असंवैधानिक बताए जाने पर कहा कि भूपेश जी सोशल मीडिया की जगह, पार्टी से पता करें. हरियाणा में अपने नेताओं से पूछे वहां 14 मंत्री क्यों हैं.
इसके साथ ही कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान अजय चंद्राकर ने तंज कसते हुए कांग्रेस के पदाधिकारियों को पपेट (पुतला) करार दिया. उन्होंने कहा कि एमपी में कांग्रेस की सूची पर भारी बवाल हो रहा है. कांग्रेस में ऐसे लोगों की तलाश है, जिनकी निष्ठा गांधी परिवार से है. कांग्रेस में यह लोग जननायक नहीं, पपेट होते हैं. पपेट गांधी परिवार के लिए सोचते हैं, और काम करते हैं. अभी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को पपेट नहीं मिल रहा होगा. जब पपेट मिलेगा तब संगठन विस्तार करेंगे. धर्मांतरण विवाद पर नारायणपुर की युवतियों द्वारा की गई शिकायत पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जांच के मामले में अजय चंद्राकर ने आयोग अध्यक्ष किरणमयी नायक पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पार्टी एजेंडे से हटकर इस पर जांच करनी चाहिए. कुछ लोग राजनीति करने के लिए फैब्रिकेटेड शिकायत करवाते हैं. पार्टी मेनिफेस्टों के अनुसार नहीं, निष्पक्ष जांच करनी चाहिए.
दंतेवाड़ा जिला-शहर कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी सूची जारी कर दी है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश सिंह गौतम हैं और जयदीप मालवीय को कोषाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं मंगराम यादव, मंगरू कश्यप, मंगतू भगतानी और ए.के. सिंह (टैंकु) को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है.
महामंत्री पद पर कुल 15 नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें सत्यन राज उस्मानी, रितेश नायडू, गोविंद पटेल, कमलनाथ सिड़िया, खुशराम नाग, अजमल कश्यप और अन्य शामिल हैं. इसी तरह कार्यकारिणी सदस्य, संयुक्त महामंत्री और सचिव पदों पर भी अनेक नाम घोषित किए गए हैं.
मीडिया टीम की जिम्मेदारी मनीष ठाकुर को मीडिया प्रभारी और विमल सलाम व राहुल साहू को प्रवक्ता के रूप में दी गई है.
देखें पूरी लिस्ट:

CGMSC ने इन दवाओं के कई बैचों के उपयोग और मरीजों को बांटने पर लगाई रोक
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने 21 अगस्त 2025 को आदेश जारी कर पेरासिटामॉल और एसिक्लोफेनाक दवाओं के अलग-अलग बैचों के उपयोग और वितरण पर रोक लगा दी है। आदेश में इन बैचों की दवाइयों का तत्काल प्रभाव से उपयोग बंद करने और उपलब्ध स्टॉक को रायपुर स्थित दवा गोदाम में वापस लौटाने की बात कही गई है।
दवाइयों के इन बैचों के वितरण पर लगी रोक
1 – Paracetamol 650mg Tablet (Drug Code- SP19448), Batch No. RT24045 (निर्माता: M/s 9M India Limited, Mfg: 01-02-2024, Exp: 31-01-2026) पर रोक लगाई गई है।
2 – Paracetamol 500mg Tablet IP (Drug Code- D395) के दो बैच पर लगी रोक –
- Batch No. RT23547 (Mfg: 01-11-2023, Exp: 31-10-2025, Supplier: 9M India Limited)
- Batch No. RT24032 (Mfg: 01-02-2024, Exp: 31-01-2026, Supplier: 9M India Limited)
3 – Aceclofenac 100mg + Paracetamol 325mg Tablet (Drug Code- SP19588), Batch No. APC-508 (निर्माता: M/s Healers Lab, Mfg: 01-07-2024, Exp: 30-06-2026) पर रोक लगाई गई है।
रायपुर स्थित दवा गोदाम में वापस जमा कराने का आदेश
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस संबंध में डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रायपुर, दाऊद कल्याण सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (DKS), शासकीय डेंटल कॉलेज रायपुर के साथ रायपुर और बलौदाबाजार के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जनों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन संस्थानों में यह स्टॉक उपलब्ध है, वहां इनका उपयोग तुरंत रोका जाए और न ही मरीजों को वितरित किया जाए। स्टॉक को तत्काल दवा गोदाम रायपुर में वापस जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
देखें आदेश



गौरतलब है कि इससे पहले भी CGMSC ने कई बार संदिग्ध दवा बैचों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। हाल ही में एल्बेंडाजोल टैबलेट के 6 अलग-अलग बैच के उपयोग और वितरण पर रोक लगाई गई थी, ताकि किसी भी तरह की गुणवत्ता संबंधी समस्या से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्वास्थ्य विभाग सूत्रों का कहना है कि कॉरपोरेशन लगातार सप्लाई की जा रही दवाओं की गुणवत्ता पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर इस तरह की कार्यवाही की जाती है।
घूस लेते शिक्षा विभाग का बाबू गिरफ्तार, मेडिकल बिल के एवज में ले रहा था 10% कमीशन
रायपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को राजधानी रायपुर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने शिक्षा विभाग के बाबू को 10 प्रतिशत कमीशन लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू शिक्षक से मेडिकल बिल की प्रतिपूर्ति राशि दिलाने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
मामला ग्राम पारागांव, विकासखंड अभनपुर, जिला रायपुर निवासी शिक्षक चन्द्रहास निषाद से जुड़ा है। चन्द्रहास शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांपाझर (चंपारण), अभनपुर में कार्यरत हैं। उन्होंने हाल ही में अपने नवजात शिशु के उपचार में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए विद्यालय प्राचार्य कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था।
आरोप है कि इस आवेदन पर कार्रवाई करते समय कार्यालय के बाबू मनोज कुमार ठाकुर ने शिक्षक से प्रतिपूर्ति की जाने वाली 1 लाख रुपये की मेडिकल राशि पर 10 प्रतिशत यानी 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिक्षक रिश्वत देना नहीं चाहता था और उसने सीधे एसीबी से संपर्क साधा। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद बुधवार 21 अगस्त को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
योजना के तहत शिक्षक ने आरोपी बाबू को 10 हजार रुपये सौंपे। जैसे ही पैसे दिए गए, मौके पर पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने बाबू मनोज कुमार ठाकुर को रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार की जड़ों को खत्म करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में पदस्थ कर्मचारी द्वारा इस तरह से रिश्वत मांगना बेहद गंभीर मामला है। एसीबी ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत पर सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग में कार्यरत कर्मचारी और अधिकारी अक्सर शिक्षक व अन्य कर्मचारियों से फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे की मांग करते हैं। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता पर आधारित कार्यशाला में आये प्रतिभागियों को CREDA, सी.ई.ओ. राजेश सिंह राणा ने किया संबोधित
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) की ओर से दिनांक 21.08.2025 को ट्यूलिप एरीना में ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया।
क्रेडा सी.ई.ओ. राजेश सिंह राणा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में निर्मित होने वाले व्यावसायिक भवनों को अनिवार्य रूप से ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC) आधारित भवन निर्माण करने हेतु नियम व शर्तें लागू किया जाने तथा भवन निर्माणकर्ता इकाई, शासकीय हाउसिंग बोर्ड एवं निजी हाउसिंग सोसायटी हेतु ECBC, ईको निवास संहिता (ENS) एवं ऊर्जा दक्ष सामग्रियों के उपयोग पर विशेष बल देने की अपील की। साथ में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों हेतु ऊर्जा अंकेक्षण का प्रावधान विकसित कर ऊर्जा दक्ष तकनीक एवं सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिये जाने का कार्ययोजना पर विशेष जोर दिया।
श्री राणा द्वारा राज्य के भवन क्षेत्र में क्रेडा द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी देते हुए राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता के बारे में जानकारी साझा किया गया। इस दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता नियम अधिसूचित करने हेतु क्रेडा द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी साझा किया गया, आने वाले भविष्य में निर्माण होने वाले समस्त शासकीय भवनों को ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC) अनुरूप निर्माण किये जाने हेतु क्रेडा द्वारा तत्परता से कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP), तथा लोक निर्माण विभाग (CGPWD) के अभियंता एवं वास्तुविद (Architect) बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ आदिवासी शिक्षा एवं सशक्तिकरण में पूरे देश में सबसे आगे: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर/नई दिल्ली। लोकप्रिय सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आज आदिवासी शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में पूरे देश में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में जनजातीय कार्य मंत्रालय से जनजातीय लोगों के विकास हेतु संचालित योजनाओं, लाभार्थियों की संख्या, सफल परियोजनाओं, एकलव्य मॉडल विद्यालयों व छात्राओं की नामांकन स्थिति से संबंधित प्रश्न पूछा।
जिसपर जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा समिति (NESTS) के अंतर्गत संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) और एकलव्य मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल (EMDBS) आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। वर्तमान में देशभर के 150,867 छात्रों में से सबसे अधिक 25,820 विद्यार्थी केवल छत्तीसगढ़ में अध्ययनरत हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि आदिवासी परिवार अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर जागरूक हो रहे हैं और इन संस्थानों पर उनका विश्वास निरंतर बढ़ रहा है। देश के कुल 485 विद्यालयों में से 74 विद्यालय केवल छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे हैं, जो राज्य को इस दिशा में अग्रणी बनाते हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और राज्य सरकार की साझा प्रतिबद्धता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का परिणाम है।
उन्होंने कहा आदिवासी बच्चों को केवल शैक्षणिक ही नहीं बल्कि समग्र विकास देने की दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता है। एक ऐसा वातावरण आवश्यक है जहाँ उनके प्रतिभा का पोषण हो और वे बिना किसी आर्थिक बाधा के आगे बढ़ सकें।
आदिवासी युवाओं को स्वरोज़गार की ओर बढ़ना है: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) भी आदिवासी युवाओं को स्वरोज़गार और उद्यमिता की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में निगम द्वारा छत्तीसगढ़ को कुल ₹499.43 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई, जिससे 4,837 युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। सावधि ऋण, सूक्ष्म ऋण वित्त (MCF) और अन्य योजनाओं के अंतर्गत यह सहयोग प्रदेश के युवाओं को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, प्रदेश के आदिवासी युवा इन योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें और देशभर के सफल आदिवासी उद्यमियों से प्रेरणा लें। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर वे स्वरोज़गार के माध्यम से न केवल अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि समाज और प्रदेश की प्रगति में भी भागीदार बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल जापान एवं दक्षिण कोरिया के दौरे पर
रायपुर। भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुआ। इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है। टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा। इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री श्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे। दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहाँ निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे।
वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस
ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियाँ स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
विकास और निवेश को नई गति
विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे। यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है।
छत्तीसगढ़ को मिलेगी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा, मुख्यमंत्री के निर्देश पर 40 करोड़ की राशि स्वीकृत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ लगातार नए आयाम गढ़ रही हैं। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर के कैंसर अस्पताल का विस्तार किया जा रहा है। मौजूदा जी प्लस टू (G+2) भवन को उन्नत कर जी प्लस सिक्स (G+6) भवन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 39.36 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना केवल ईंट-पत्थरों से बनी इमारत का विस्तार भर नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनता के लिए उम्मीद की नई किरण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्माण कार्य को शीघ्र गति प्रदान की जाए ताकि जनता जल्द से जल्द इसका लाभ उठा सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में कैंसर से जूझ रहे मरीजों को सीमित संसाधनों और भवन संरचना के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जी प्लस सिक्स भवन तैयार होने के बाद अस्पताल में न केवल अधिक मरीजों का उपचार संभव होगा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस कैंसर उपचार सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें उन्नत रेडियोथेरेपी मशीनें, आधुनिक केमोथेरेपी यूनिट, अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधाएं और मरीजों के लिए आरामदायक वार्ड शामिल होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
इस परियोजना के पूरा होने से प्रदेश के दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को राजधानी में बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी और उन्हें बाहर अन्य राज्यों में इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विशेष रूप से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह अस्पताल वरदान साबित होगा, क्योंकि सरकारी स्तर पर मिलने वाली सेवाएं निजी अस्पतालों की तुलना में बेहद किफायती होंगी।
अस्पताल के विस्तार के बाद डॉक्टरों और विशेषज्ञों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सके। साथ ही कैंसर रिसर्च और प्रशिक्षण सुविधाओं को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। इस प्रकार, डॉ. अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय का यह उन्नयन केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर नागरिक के स्वस्थ जीवन का सपना साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

