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छत्तीसगढ़ में निलंबन की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 22 अफसरों को किया गया सस्पेंड, देखिये आदेश
रायपुर। 22 अधिकारियों को एक साथ राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। शराब घोटाले में चालान प्रस्तुत होने के बाद राज्य सरकार ने ये कार्रवाई की है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2174 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 22 वाणिज्य कर एवं आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आबकारी विभाग द्वारा सोमवार, 7 जुलाई को यह सख्त आदेश जारी किया गया।
यह कदम उस समय उठाया गया जब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इसी दिन 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में करीब 2300 पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया। कोर्ट ने इस चालान को स्वीकार कर लिया है, जिससे जांच की दिशा और भी गंभीर हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई थीं। भारी भरकम कमीशन, फर्जी बिलिंग और बेनामी लेन-देन के जरिए राज्य को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।
राज्य सरकार की इस कड़ी कार्रवाई से साफ हो गया है कि शराब घोटाले में संलिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। निलंबन के बाद इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।




प्रदेश के सांप्रदायिक मेल-मिलाप पर संकट! कलेक्टरों को मिला NSA की कार्रवाई का अधिकार…
रायपुर। राज्य सरकार के पास रिपोर्ट है कि कतिपय तत्व सांप्रदायिक मेल-मिलाप को संकट में डालने के लिए सक्रिय है. स्थिति को देखते हुए गृह विभाग ने विभिन्न जिलों के कलेक्टरों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई का अधिकार प्रदान किया है. यह अधिकार एक जुलाई से 30 सितंबर तक प्रदान किया गया है.
छत्तीसगढ़ शासन की ओर से गृह विभाग द्वारा राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई है. इसमें बताया गया है कि कतिपय तत्व राज्य में सांप्रदायिक मेल-मिलाप को संकट में डालने और लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कोई कार्य करने के लिए या तो सक्रिय हैं, या उनके सक्रिय होने की आशंका है.
ऐसी स्थिति में रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, जांजगीर-चांपा, कोरबा, कबीरधाम, महासमुंद, धमतरी, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोण्डागांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, मुंगेली, सूरजपुर, बलरामपुर, मोहला – मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरि-भरतपुर (एम.सी.बी.), गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती के कलेक्टर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रदान की गई शक्तियों का एक जुलाई से लेकर 30 सितंबर तक उपयोग कर सकते हैं.
छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर: रेल ट्रैक डूबे, येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी, शिवनाथ उफान पर
रायपुर। मध्य छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ रेल यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. दुर्ग रेलवे स्टेशन पर रेल पटरी पानी में डूब गई है, जिससे कई ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई को मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना है. हालांकि, 11 जुलाई से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 13.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है. अब तक कुल 343.6 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 15% अधिक है. केवल दुर्ग जिले में ही बीते दिन 13 सेमी बारिश रेकॉर्ड की गई.
बारिश के चलते मोंगरा बांध से पानी छोड़ा गया, जिससे शिवनाथ नदी उफान पर है. नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों और शहरी इलाकों की कॉलोनियों में पानी घुसने का खतरा उत्पन्न हो गया है.
बारिश का क्षेत्रीय ब्यौरा कुछ इस प्रकार रहा:
- बालोद: 12 सेमी
- अहिवारा: 10 सेमी
- धमधा, मंदिरहसौद, गंडई: 9 सेमी
- बोरई, अर्जुदा: 8 सेमी
- धरसींवा, डौंडीलोहारा, भखारा, पाटन, भिलाई: 7 सेमी
- माना, मारी बंगला, रायपुर शहर, खैरागढ़: 6 सेमी
- सरायपाली, आरंग, अंबागढ़ चौकी, पामगढ़, खरोरा, गोबरा नवापारा, गुंडरदेही, छुरिया, लाभांडी, मोहला, राजनांदगांव: 5 सेमी
लगातार हो रही बारिश ने एक ओर जहां खेतों और जलस्त्रोतों को लाभ पहुंचाया है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन और यातायात व्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी साफ दिखाई दे रहा है. रेलवे प्रशासन द्वारा पानी की निकासी और यातायात को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं.
22 प्रतिष्ठानों पर छापे के बाद जीएसटी की जांच पूरी, कारोबारियों पर लगेगा करोड़ों का लगेगा जुर्माना…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की जीएसटी टीम ने पिछले महीने रायपुर समेत 22 जगहों पर कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे थे, जिसमें रायपुर से लगी एक बड़ी गुटखा फैक्ट्री भी शामिल थी. बताया जा रहा है कि छापे में मिले दस्तावेजों की जांच लगभग पूरी हो गई है. जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा किया जाएगा.
जांच पूरी होने के बाद इन तमाम कारोबारियों से करोड़ों का टैक्स मिलने की भी उम्मीद है. प्रारंभिक जांच में ही 5 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी सामने आ चुकी थी. इसके बाद अफसरों की टीम ने लगातार एक-एक संस्थानों के हर दस्तावेजों की जांच कर बड़ी कार्रवाई की है.
विभाग के अफसरों ने पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि बिना टैक्स दिए कारोबार नहीं हो पाएगा. यही वजह है कि पिछले तिमाही में छत्तीसगढ़ देश के उन टॉप राज्यों में शामिल था, जहां से केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा जीएसटी का कलेक्शन कर दिया गया है. इस बार की तिमाही में भी यह रिकार्ड बरकरार रखने की कोशिश की जा रही है. सभी कारोबारियों से कहा जा रहा है कि वे कोई भी टैक्स लंबित न रखें.
वेटिंग लिस्ट में थी नंबर 1, लेकिन पद रिक्त होने पर भी नहीं मिली ज्वाइनिंग, अब हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह में नियुक्ति देने का दिया आदेश
बिलासपुर। असिस्टेंट ग्रेड 3 के पद पर वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर होने और पद रिक्त होने पर भी ज्वाइनिंग नहीं कराई गई। मामले में हाईकोर्ट ने कमर्शियल कोर्ट को आदेशित किया कि 6 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को नियुक्त किया जाए।
कमर्शियल कोर्ट रायपुर में रिक्त असिस्टेंट ग्रेड 3 के पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। 16 जून 2023 को इसका विज्ञापन प्रकाशित किया गया। यहाँ असिस्टेंट ग्रेड 3 के दो रिक्त पदों पर चयन होना था। पहला पद अनारक्षित, जबकि दूसरा पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित था। अनारक्षित पद पर नियुक्ति कर दी गई। ओबीसी के रिक्त पद पर विक्रांत देवांगन ने सूची में सबसे आगे होने पर ज्वाइन कर लिया। इस पद के लिए डूमरतराई रायपुर निवासी राधा डडसेना ने भी लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त की और उन्हें वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर रखा गया था। इधर देवांगन ने ज्वाइन करने के कुछ माह बाद शिक्षक के रूप में चयन हो जाने के कारण पद से इस्तीफ़ा दे दिया। हाईकोर्ट रूल्स के अनुसार वोटिंग लिस्ट की वैधता एक साल तक रहती है। इस पर राधा डडसेना ने कमर्शियल कोर्ट में आवेदन दिया कि, अब यह पद रिक्त हो चुका है तो वोटिंग लिस्ट में प्रथम होने के आधार पर नियमनुसार उसको ज्वाइनिंग दी जाए।
कमर्शियल कोर्ट ने आवेदन नामंजूर कर कहा कि चयनित व्यक्ति के ज्वाइनिंग करने के बाद अब कोई दावा नहीं रह जाता। इस पर ने राधा डडसेना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद माना कि वेटिंग लिस्ट एक साल तक वैध रहती है। अगर चयनित व्यक्ति ने त्यागपत्र दे दिया है तब भी वह पद रिक्त रहेगा और जो वेटिंग में सबसे आगे होगा उसे नियुक्त किया जायेगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कमर्शियल कोर्ट को आदेशित किया कि, 6 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को असिटेंट ग्रेड 3 के पद पर नियुक्त किया जाए।
सीएम साय ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्रदान किया गया है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन भारत में गुरु पूर्णिमा मनाने की परंपरा है। यह दिन गुरु के अमूल्य ज्ञान, मार्गदर्शन और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष अवसर होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु जीवन में अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का आलोक प्रदान करते हैं। उनके द्वारा दी गई शिक्षा और मूल्य हमारे जीवन के पथ को आलोकित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अभी को गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर होते हुए जीवन को सार्थक करना चाहिए।
भाजपा का प्रशिक्षण शिविर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – जनप्रतिनिधियों के दायित्व निर्वहन में सहायक सिद्ध होगा मैनपाट प्रशिक्षण
रायपुर। प्राकृतिक हरीतिमा से भरपूर सरगुजा संभाग के मैनपाट में भाजपा का त्रिदिवसीय सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशिक्षण वर्ग को अत्यंत उपयोगी बताते हुए प्रदेश भाजपा को आयोजन के लिए बधाई दी और इस महत्वपूर्ण आयोजन में योगदान देने वाले सभी कार्यकर्ताओं और व्यवस्था में लगे सभी दायित्ववानों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा, जनप्रतिनिधियों के दायित्व निर्वहन में मैनपाट प्रशिक्षण सहायक सिद्ध होगा.
मुख्यमंत्री साय ने अपने X हैंडल पर लिखा कि निरंतर अभ्यास और प्रशिक्षण भारतीय जनता पार्टी की कार्यपद्धति का एक मजबूत स्तंभ है. पार्टी में मंडल इकाई से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक नियमित प्रशिक्षण की परंपरा है, जिससे कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को न केवल संगठन की रीति-नीति, कार्यक्रम और कार्ययोजना की जानकारी मिलती है, बल्कि समसामयिक विषयों पर भी गहन मार्गदर्शन प्राप्त होता है.
उन्होंने कहा कि मैनपाट प्रशिक्षण वर्ग में राष्ट्रीय नेताओं और विषय विशेषज्ञों के विविध सत्रों के माध्यम से सांसदों और विधायकों को उनके दायित्व निर्वहन में सहायक अमूल्य मार्गदर्शन मिला. यह प्रशिक्षण हमें अपनी कार्यशैली को और अधिक प्रभावी, समन्वित और जनसेवी बनाने में सहायता करेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण वर्गों में कार्यकर्ताओं का एक साथ रुकना, रहना, सहभोज करना आपसी समझ और सामूहिकता की भावना को गहराता है. इससे न केवल संगठनात्मक समरसता बढ़ती है, बल्कि एक परिवार के रूप में पार्टी का भाव भी सुदृढ़ होता है. उन्होंने कार्यक्रम में सहभागी राष्ट्रीय नेताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने व्यस्त समय में से इस प्रशिक्षण के लिए समय निकालकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को ऊर्जावान और मार्गदर्शित किया. साथ ही उन्होंने सरगुजा संभाग, विशेषकर सीतापुर विधानसभा के सभी कार्यकर्ताओं, आयोजन समिति और सहयोगी समूहों को आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी. मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रशिक्षण वर्ग भाजपा की वैचारिक प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना को और अधिक सशक्त बनाएंगे.
पिता ने खुद को बताया बेरोजगार, बोला- शिक्षिका पत्नी करेगी बच्चे का भरण-पोषण, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा- बच्चे की भलाई सर्वोपरि, माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी
बिलासपुर। फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के दौरान पति ने हाईकोर्ट में दलील दी कि वह बेरोजगार है और उसकी कोई स्थायी आय नहीं है, जबकि उसकी पत्नी नौकरी करती है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि बच्चे की शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी से पिता खुद को अलग नहीं कर सकता, भले ही वह बेरोजगार ही क्यों न हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि पढ़ी-लिखी और कमाने वाली पत्नी होने के बावजूद, बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी माता-पिता दोनों की होती है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में हुई।
बता दें कि रायगढ़ में रहने वाले दंपती आपसी विवाद के बाद अलग रह रहे हैं। उनका करीब 4 साल का बेटा रायगढ़ के कान्वेंट स्कूल में पढ़ता है। पत्नी ने रायगढ़ के फैमिली कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 127 के तहत भरण-पोषण देने की मांग करते हुए याचिका लगाई थी। जिस पर फैमिली कोर्ट ने पति को मां और बेटे को हर माह 6 हजार रुपये अंतरिम खर्च के तौर पर देने का आदेश दिया।
पति ने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका लगाई। याचिका में बताया गया, कि वह बेरोजगार है। विशेषकर कोरोना काल के बाद से उसके पास कमाई का कोई जरिया नहीं रह गया है। जबकि पत्नी अपने पिता के स्कूल में शिक्षिका है। उसकी आमदनी भी अच्छी है। यह भी तर्क दिया कि दोनों पक्षों के बीच पहले ही समझौता डिक्री हो चुकी है, लिहाजा नया आदेश गलत है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि, बच्चा प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। उसके लिए पर्याप्त आर्थिक मदद जरूरी है। बच्चे की भलाई सर्वोपरि है। भरण-पोषण से संबंधित जिम्मेदारी सिर्फ मां की नहीं हो सकती। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को न्यायसंगत, निष्पक्ष और कानूनी सिद्धांतों के अनुरूप मानते हुए पति की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है।
बस्तर का धुड़मारास गांव बना विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से गांव में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का हुआ क्रियान्वयन
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिला के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाला छोटा सा आदिवासी गांव धुड़मारास आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल यह गांव अब पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास का मॉडल बनकर उभरा है।


प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक जीवनशैली से परिपूर्ण यह गांव, अब सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। धुड़मारास गांव में क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा आधारित विभिन्न परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर स्वच्छ पेयजल, रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से गांव में 03 नग सोलर ड्यूल पम्प की स्थापना कर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 02 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्र की स्थापना कर रात्रिकालीन प्रकाश की व्यवस्था की गई है। ग्राम की गलियों में सोलर पावर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश राणा द्वारा परियोजनाओं की निरंतर निगरानी कर कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया गया।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा बस्तर जिले के धुड़मारास गांव और चित्रकोट गांव को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सर्वश्रेष्ठ गांव के रूप में पुरस्कृत किया गया है। प्राकृतिक रूप से समृद्ध धुड़मारास गांव कांगेर नदी की सुरम्य धारा, हरियाली, जैव विविधता एवं पारंपरिक बस्तरिया संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित करती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा ट्रैकिंग ट्रेल, कैंपिंग साइट और होम-स्टे की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्थानीय शिल्पकारों व कलाकारों को प्रोत्साहन देकर पारंपरिक हस्तशिल्प को बाजार से जोड़ा जा रहा है। सड़क एवं परिवहन सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।
धुड़मारास गांव में ईको-पर्यटन विकास समिति द्वारा कांगेर नदी में कयाकिंग और बांस राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। पर्यटकों हेतु प्रतीक्षालय, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी ग्रामीण स्तर पर किया जा रहा है। राज्य शासन के वन एवं पर्यटन विभाग द्वारा धुड़मारास को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। इसी तर्ज पर नागलसर एवं नेतानार जैसे गांवों में भी ईको पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
धुड़मारास की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि शासन की योजनाएं सामुदायिक सहभागिता के साथ लागू की जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास संभव है। यह गांव अब पूरे बस्तर अंचल के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुका है।
कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में EOW की बड़ी कार्रवाई: आरोपी अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को किया गिरफ्तार, कोर्ट से पुलिस रिमांड मंजूर
रायपुर। बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और व्यवसायी अनवर ढेबर को विशेष अदालत में पेश कर विधिवत गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
बता दें कि ईओडब्ल्यू ने इस प्रकरण में अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 11, 13(1)(क), 13(2), भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 384 (जबरन वसूली) एवं 409 (लोकसेवक द्वारा आपराधिक विश्वासभंग) के तहत मामला दर्ज किया है।
पहले से जेल में बंद थे दोनों आरोपी
गौरतलब है कि अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर पहले से शराब घोटाला मामले में जेल में बंद हैं, लेकिन इस कस्टम मिलिंग घोटाले में ईओडब्ल्यू की जांच के बाद इनकी संलिप्तता स्पष्ट होने पर आज विधिवत गिरफ्तारी की गई। जांच में सामने आया है कि दोनों ने मिलकर राज्य में चावल मिलर्स से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की सुनियोजित साजिश रची और उसे अंजाम तक पहुंचाया।
कोर्ट से पुलिस रिमांड
विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, अब रिमांड के दौरान उन सभी कड़ियों को जोड़ा जाएगा जिनके माध्यम से इस घोटाले की रकम का प्रवाह हुआ और अन्य संभावित लाभार्थियों की पहचान की जाएगी।
ईओडब्ल्यू की जांच तेज
ईओडब्ल्यू इस पूरे प्रकरण की जांच तेजी से कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासों की संभावना है। जांच एजेंसी अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह घोटाला वर्ष 2021–22 के दौरान रचा गया था, जब धान की कस्टम मिलिंग के लिए केंद्र सरकार से 62 लाख मीट्रिक टन की मंजूरी मिली थी। इसके बाद प्रदेश सरकार के भीतर कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने मिलर्स से दो किस्तों में अवैध वसूली का तंत्र खड़ा किया।
रिपोर्टों के अनुसार, इस योजना में राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश रुंगटा, कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर, रामगोपाल अग्रवाल और सिद्धार्थ सिंघानिया जैसे नाम भी शामिल हैं। रोशन चंद्राकर द्वारा अलग-अलग जिलों से वसूली की गई राशि सिद्धार्थ सिंघानिया के माध्यम से अनवर ढेबर और फिर अनिल टुटेजा तक पहुंचाई गई।
सभी को हँसाने वाला कवि हमें रुलाकर चला गया – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के जोरा स्थित श्री सालासर बालाजी धाम के सभागार में आयोजित सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय डॉ. दुबे के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हास्य-व्यंग्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत थे। सभी को हँसाने वाला यह महान कवि आज हमें रुलाकर चला गया। उन्होंने अपनी विलक्षण काव्य प्रतिभा के माध्यम से न केवल देशभर में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। उनका आकस्मिक निधन पूरे राज्य और साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई असंभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अनेक कवि सम्मेलनों में भाग लिया है, और शायद ही कोई प्रमुख आयोजन ऐसा रहा हो जहाँ डॉ. दुबे की उपस्थिति न रही हो। हर मंच पर उन्हें देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा विशेष सम्मान प्राप्त होता था।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी श्रद्धांजलि सभा में स्व. डॉ. सुरेंद्र दुबे को नमन करते हुए कहा कि वे केवल एक कवि नहीं, बल्कि एक जिंदादिल और ऊर्जावान व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को सम्मान दिलाया। उन्होंने प्रदेश के कोने-कोने में घूम-घूमकर लोगों को न केवल हँसाया, बल्कि सामाजिक चेतना भी जगाई। इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र दुबे के परिजन एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
7 करोड़ के तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में एक और एक्शन, EOW ने एक और आरोपी राजशेखर पुराणिक को किया गिरफ्तार
रायपुर/सुकमा। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस में हुए करोड़ों रुपये के गबन मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी राजशेखर पुराणिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुराणिक, प्राथमिक लघुवनोपज सहकारी समिति फुलबगड़ी के प्रबंधक और जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन, सुकमा में पर्यवेक्षक के पद पर पदस्थ थे।
2021-22 के सीजन में हुआ था करोड़ों का घोटाला
मामला साल 2021 और 2022 के तेंदूपत्ता सीजन से जुड़ा है, जब संग्राहकों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) का बड़ा हिस्सा हड़प लिया गया। करीब 7 करोड़ रुपये के इस घोटाले में आरोप है कि वन विभाग के तत्कालीन डीएफओ अशोक कुमार पटेल समेत प्राथमिक लघुवनोपज समितियों के प्रबंधक, अधिकारी और कर्मचारी मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत संग्राहकों को उनका हक नहीं दे पाए।
बिना वैध संविदा के गबन, निजी व्यक्तियों को दी गई राशि
EOW की जांच में सामने आया कि बोनस की राशि का वितरण ना कर, बिना वैध संविदा के निजी व्यक्तियों को भुगतान किया गया, जो विश्वासघात और बेईमानी की श्रेणी में आता है।इस संबंध में अपराध क्रमांक 26/2025, धारा 409 और 120बी भादंवि के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस घोटाले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें अशोक कुमार पटेल, तत्कालीन वनमंडलाधिकारी, चार वनकर्मी, सात लघुवनोपज समिति प्रबंधक शामिल हैं। EOW ने 17 अप्रैल 2025 को अशोक कुमार पटेल और 25 जून 2025 को अन्य 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। अब राजशेखर पुराणिक की गिरफ्तारी के साथ यह आंकड़ा 13 पहुंच गया है।
ब्यूरो की जांच अभी जारी है और इस बात की पूरी संभावना है कि इस घोटाले में और भी बड़े चेहरे सामने आएंगे। EOW सूत्रों के अनुसार, साक्ष्य और बैंक ट्रांजैक्शनों की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि प्रत्येक दोषी को सजा दिलाई जा सके।
भारतमाला मुआवजा घोटाले की आंच धमतरी में भी पहुंची, अफसर- ब्रोकर्स ने कर लिया करोड़ों का गोलमाल
धमतरी। देश की बहुचर्चित भारतमाला परियोजना घोटाले की आंच अब छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले तक पहुंच गई है। ग्राम सिवनीकला के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुआवजा वितरण में बड़े घोटाले के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की।
मुआवजे की बंदरबांट का आरोप, अफसर-ब्रोकर्स की सांठगांठ
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।उनका कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर एक ही जमीन को कई टुकड़ों में दिखाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा हड़प लिया।ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक भूमि स्वामियों को उनका हक नहीं मिला, जबकि भूमाफिया और रसूखदार लोग मोटी रकम लेकर मालामाल हो गए।
कलेक्ट्रेट में गरजे ग्रामीण, दी आंदोलन की चेतावनी
कलेक्ट्रेट परिसर में “घोटालेबाजों होश में आओ” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए 15 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर उग्र आंदोलन छेड़ेंगे।
जांच की मांग, सरकार से पारदर्शिता की अपील
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि भ्रष्ट तंत्र और गरीबों के हक के शोषण का है। उन्होंने शासन से मांग की कि पूरे मुआवजा वितरण की सीबीआई या उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए, ताकि भ्रष्टाचार की परतें खुल सकें।
बीज निगम की लापरवाही पड़ी भारी, अमानक बीज थमाने के बाद अब समितियां बना रही किसानों की सूची…
गरियाबंद। जरूरत के समय किसानों को समय पर जहां बीज निगम बीज उपलब्ध कराने में नाकाम रहा, तो वहीं समितियों ने किसानों को अमानक बीज थमा दिया. अब लापरवाही सामने आने पर अब समितियां अमानक बीज लेने वाले किसानों की सूची बना रही है.
देवभोग तहसील में सहकारी समितियों से पंजीकृत किसानों को समय पर मांग की अनुरूप बीज की सप्लाई करने में इस बार बीज निगम नाकाम रही है, वहीं तीन समितियों में 200 क्विंटल अमानक बीज खपा दिया. कायदे से बीज निगम द्वारा भंडारण के बाद बीज निरीक्षक को प्रत्येक समिति में भंडारित लॉट का परीक्षण करना अनिवार्य होता है. लेकिन जांच में भी देवभोग क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया गया.
30 जून को इलाके भर में सेंपल लिया गया था. जिसमें रोहानागुडा समिति से स्वर्णा (एमटीयू 7029), एमटीयू 1156, गोहरा पदर समिति से लिए गए स्वर्णा एमटीयू 7029 और मैनेपुर ब्लॉक से लिए गए विक्रम टीसीआर का सेंपल फेल हो गया. तीनों समिति इस किस्म के 200 क्विंटल से ज्यादा मात्रा की बीज सप्लाई हुई थी.
जांच के वक्त समितियों में 162 क्विंटल बीज मौजूद था. रिपोर्ट 2 जुलाई को आया. तब तक 50 से ज्यादा किसानों को अमानक बीज बेच दी गई थी. 2 जुलाई को रिपोर्ट जारी कर अमानक बीज ले जाने वाले किसानों की सूची बनाने कहा गया था. हालांकि, अब तक अंकुरण में किसी भी प्रकार की कोई समस्या किस शिकायत नहीं आई, पर जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही उजागर हो गई है.

10 लाख का बीज का उठाव नहीं हो सका
तहसील के 8 सहकारी समितियों में 2742.30 क्विटल बीज का भंडारण कराया गया, जिसमे केवल 1789 क्विटल बीज ही वितरण हो सका. अब भी सहकारी केंद्र के गोदाम में 961 क्विंटल बीज पड़ा हुआ है. बोनी का समय 15 जून तक था ऐसे में अब बीज का उठाव नहीं के बराबर होगा. पहली बार ऐसा हुआ है कि तहसील में बीज का उठाव प्रतिशत कम रहा है.
मामले में जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक अमर सिंह ध्रुव ने कहा कि समय से पहले किस्म की मांग और मात्रा ऊपर भेजी जा रही थी. लेकिन 40 फीसदी मात्रा का भंडारण समय पर नहीं हुआ. अब समिति प्रबंधक इसकी वापसी के लिए पत्राचार कर रहे हैं, क्योंकि सीमितियों को स्थानाभाव की वजह से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करा कर मार्गदर्शन मांगा गया है.
पसंद के किस्म और भंडारण में विलंब
रिकॉर्ड के मुताबिक, मई माह में पसंद के किस्मों का भंडारण मांग के अनुपात में पूर्ति एक तिहाई हुई. इलाके में किस्म 1001 और किस्म 1010 जैसे मोटा धान की बीज की ज्यादा मांग थी. किसानों के पसंद को दरकिनार कर निगम ने अपने पसंद के बीज खपाया. 15 जून तक बोनी अंतिम हो जाता है. प्री मानसून के चलते इस बार कृषि कार्य 15 दिन आगे चल रहा. जून के पहले सप्ताह में बोनी पूरी हो चुकी थी. 25 जून के बाद भी एक बड़ा खेप बीज का भंडारण किया गया, जबकि इस समय रोपा-व्यासी आरम्भ हो चुका था.
हैंडलिंग के वक्त हो जाता है ऊपर-नीचे
इस संबंध में उपसंचालक कृषि चंदन रॉय ने बताया कि समितिवार मांग को बीज निगम के पास भेजा जाता है. हमारी पूरी कोशिश होती है कि पूर्ति मांग के अनुरूप हो, लेकिन ऊपर से हो रही सप्लाई के आधार पर भंडारण कराने की मजबूरी है. बीज के अमानक रिपोर्ट आने के बाद बिक्री पर रोक लगाया गया है. जिन्हें वितरित किया गया था, उनकी सूची मांगी गई है. हैंडलिंग के वक्त ऊंच-नीच के चलते रिपोर्ट में अमानक आता है, पर उपज प्रभावित हो ऐसा फाल्ट नहीं पाया गया है. सभी सही अंकुरण हुआ है.
भाजपा प्रशिक्षण शिविर का समापन : प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा- प्रशिक्षण BJP की कार्ययोजना का अभिन्न अंग
सरगुजा। मैनपाट में आयोजित भाजपा सांसदों-विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हुआ. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेसवार्ता में प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी. प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, प्रशिक्षण भाजपा की कार्य पद्दति, कार्य योजना का अभिन्न अंग है, इस तरह का प्रशिक्षण बीजेपी कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्र और अलग-अलग मोर्चो को भी समय-समय पर दिया जाता है.
प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को संगठन में कैसा काम करना है, पदाधिकारियों की क्या जिम्मेदारी है. इन सभी विषयों पर हर कोई संसद-विधायकों को बताया जाता है. शिविर में हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ वरिष्ठ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिसे हम अपने कार्यशैली में अपनाने वाले हैं.
प्रशिक्षण सत्र के बाद कॉर्डिनेशन में किस तरह बदलाव होगा, इस पर किरण देव ने कहा, हमारी सरकार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत पूरे कैबिनेट के बीच किसी प्रकार से समन्वय को लेकर कोई तकलीफ नहीं होती है. हमारा मूल कार्य राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सेवा के साथ प्रधानमंत्री की परिकल्पना से विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है, जिससे इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके. भाजपा का कार्यक्रम हमारे कार्य करने की पद्दति, योजनाओं का महत्वपूर्ण अंग है. राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग लगाया जाता है.
ऐतिहासिक रहा प्रशिक्षण शिविर : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग हर एक दृष्टि से ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रहा है. अंबिकापुर के मैनपाट की खूबसूरती को पूरे देश और दुनिया ने देखा है. इस जगह पर ऐसा कार्यक्रम होना, बहुत ऐतिहासिक रहा है. प्रशिक्षण शिविर बीजेपी के कार्य पद्दति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. हमारे सभी सांसद और विधायक एक साथ तीन दिन एक स्थान पर रहकर कार्यक्रम में शामिल हुए. यह ये बताता है कि बीजेपी में परिवार का भाव कैसे बनता है.
सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे
डिप्टी सीएम साव ने कहा, हमारी प्रतिबद्धता केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. प्रशिक्षण शिविर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लिए मिल का पत्थर साबित होने वाला है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ की ताकत और क्षमता उसके माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण और यहां के लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए रहा है.
छत्तीसगढ़ के विकास में वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन की होगी बड़ी भूमिका
अरुण साव ने कहा, इस आयोजन में शत प्रतिशत उपस्थिति, पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है. सूरजपुर विधानसभा में पहली बार बीजेपी जीती है इसीलिए भी यह जगह बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है. इस जगह से निकला हुआ संदेश पूरे देश और विश्व तक पहुंचने वाला है.
ट्रेड यूनियनों का भारत बंद… LIC बिल्डिंग परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने किया हड़ताल
रायपुर। देशभर में आज ट्रेड यूनियनों का ‘भारत बंद’ जारी है. राजधानी रायपुर में कई ट्रेड यूनियनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. पंडरी स्थित एलआईसी दफ्तर के परिसर में हड़ताल किया गया. इसमें कुल 25 करोड़ कर्मचारी इस बंद में भाग शामिल हुए. यूनियनों का कहना है कि सरकार की नीतियों से निजी कंपनियों को फायदा हो रहा है, लेकिन यह मजदूरों के हित में नहीं है. ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की “श्रमिक-विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक” नीतियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए आम हड़ताल बुलाई है. बैंकिंग, बीमा, डाक, परिवहन, बिजली, कोयला, निर्माण जैसे कई क्षेत्रों के 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल है.
ट्रेड यूनियन संघ के अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की श्रमिक और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आज आहूत श्रमिकों की देशव्यापी आम हड़ताल किया गया. ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर आज संगठित और असंगठित क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों लोगों ने कर्मचारी प्रदर्शन प्रदर्शन है.
धर्मराज महापात्र ने कहा कि देशव्यापी हड़ताल में बैंक, बीमा, पोस्टल, टेलीकॉम, रेलवे, स्टील, कोयला क्षेत्र सहित राज्य शासन और केंद्र सरकार कर्मियों के साथ असंगठित क्षेत्र के श्रमिक इस हड़ताल में शामिल हुए. नई श्रम संहिताओं को थोपे जाने, निजीकरण, ठेकाकरण, आउट सोर्सिंग, ट्रेड यूनियन अधिकारों पर हमले,सांप्रदायिकता, संविधान पर हमलों, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों को फसल का उचित मूल्य देने सहित केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया. इंटक, सीटू, एटक, एच एम एस, ऐक्टू सहित प्रमुख 10 केंद्रीय श्रम संगठनों और 100 से अधिक श्रमिक एवं जन संगठनों ने आह्वान पर यह हड़ताल किया गया.
संयुक्त किसान मोर्चा ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया. उन्होंने बताया कि कि रायपुर के तमाम मेहनतकश अपने कार्य स्थलों में हड़ताल करने के बाद एल आई सी के पंडरी स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित संयुक्त सभा में शामिल हुए. जहां हड़ताल से संबंधित मुद्दों पर नेतागण विस्तार से अपनी बात रखी.
उन्होंने सरकारी क्षेत्र में तत्काल नई भर्ती शुरू करने, न्यूनतम वेतन 26000 रूपये प्रतिमाह करने, महंगाई व बेरोजगारी पर रोक लगाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, प्रस्तावित बीमा संशोधन विधेयक पर रोक लगाने, वित्तीय क्षेत्रों में एफ डी आई और निजीकरण पर रोक लगाने, सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्रों को बचाए रखने, धर्म और जाति के नाम पर जारी फसादों पर रोक लगाने, संविधान को बदल देने की मुहिम पर रोक लगाने, श्रम संहिताओं को वापस लेने, 35 घंटे का कार्य सप्ताह लागू करने, महिलाओं – दलितों और अल्पसंख्यकों पर जारी उत्पीड़न को रोक लगाने की मांग की गई.
राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने वाला पटवारी निलंबित, SDM ने जारी किया आदेश
रायपुर। राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ करने वाले ग्राम पंडरीतराई के पटवारी विरेंद्र कुमार झा को रायपुर एसडीएम ने निलंबित कर दिया है. पटवारी के खिलाफ शिकायत की जांच में पाया गया है कि पंडरीतराई के पटवारी ने अपने शासकीय पद का दुरूपयोग करते हुए राजस्व अभिलेखों में अवांछित एवं गैर कानूनी छेड़छाड़ कर भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाया है.
ग्राम सेवा समिति रायपुर ने मामले की शिकायत संभाग आयुक्त कार्यालय में की थी. जांच में शिकायत सही निकली. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पटवारी विरेंद्र कुमार झा का कृत्य छग सिविल सेवा आचरण नियम-1965 के नियम-3 के विरूद्ध है एवं कदाचरण की श्रेणी में आता है.
