प्रदेश
कंबल वाले बाबा के शिविरों पर रोक लगाने डॉ. दिनेश मिश्र ने कलेक्टर को लिखा पत्र, कहा- बीमार मरीजों पर अपना कंबल ढंक कर ठीक करने का दावा करना है संदेहास्पद
रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने रायपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर कंबल वाले बाबा के तथाकथित शिविरों पर रोक लगाने की मांग की है. डॉ मिश्र ने पत्र में कहा कि पिछले कुछ समय से अहमदाबाद (गुजरात) के पास के एक व्यक्ति गणेश यादव जो कि स्वयं को कंबल वाले बाबा के नाम से प्रचारित कर रहा है और अपने कम्बल को मरीजों को ढांकने से, झाड़-फूँक करने से, मनुष्यों की बीमारियों को ठीक करने का दावा करता है. इसके साथ ही वह अनेक स्थानों पर ऐसे शिविरों का आयोजन भी करता है. डॉ. मिश्र ने अपने पत्र में इस प्रकार के शिविरों को संदेहास्पद लिखा है.

उन्होंने आगे लिखा कि चिकित्सा विज्ञान इस प्रकार के दावों को सत्य नहीं मानता और विज्ञान के अनुसार भी किसी भी बीमारी का उपचार इस प्रकार कंबल ओढ़ाने, विवित्र प्रकार से झाडफूंक करने, हाथ-पैर मोडने, पटकने, धक्का देने से संभव नहीं है और न ही इस प्रणाली को चिकित्सा विज्ञान ने मान्यता दी है. इस प्रकार के उपचारों से अशिक्षित और ग्रामीण अंचल के ऐसे लोग जो स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं, अपने उपचार के लिए चले जाते हैं जो स्वास्थ्य एवं मानसिक रूप से ठगे जाते हैं.
उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में प्रकार पीड़ितों का मजमा लगा कर उपचार करने की बात अनैतिक व हास्यास्पद भी है. इंडियन ड्रग एंड मेजिक रेमेडी एक्ट 1954 के तहत ऐसी 54 बीमारियों जिसमें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, विकलांगता शामिल हैं, का इस प्रकार तथाकथित झाडफूंक से उपचार करना और उसका प्रचार करना कानूनी अपराध है.
उन्होंने कहा कि हमने पहले भी इस प्रकार के शिविर पर रोक लगाने की मांग की थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए सरगुजा, बलौदाबाजार के जिला प्रशासन ने उक्त बाबा के तथाकथित शिविरों पर जांच और रोक लगाने की कार्यवाही की है. हमारी मांग है कि कम्बल वाले बाबा उर्फ गणेश यादव के सभी तथाकथित स्वास्थ्य शिविरों पर प्रतिबंध लगाया जाये, ताकि क्षेत्र की भोली-भाली जनता को अंधविश्वास, ठगी से और धोखाधड़ी से बचाया जा सके.

महामाया पहाड़ के अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर, मंत्री चौधरी ने अतिक्रमण पर भूपेश बघेल से किया सवाल…
रायपुर। अंबिकापुर के महामाया पहाड़ से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई सोमवार से शुरू हुई है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर अतिक्रमण को कांग्रेस की तुष्टिकरण की गंदी राजनीति करार देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जवाब मांगा है.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने फेसबुक पर पोस्ट किए अपने रिल में कहा, “छत्तीसगढ़ के माथे अर्थात सरगुजा के संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के महामाया पहाड़ के सीने में बेखोफ अतिक्रमण होता रहा महामाया पहाड़ सिसकता रहा. दुर्भाग्य कि सब कुछ बदस्तूर जारी रहा है. कल सुबह महामाया पहाड़ की इस सिसकती आवाज को सुनकर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया. वहाँ लोग बांग्ला भाषा बोल रहे थे, क्या भूपेश बघेल जवाब देंगे अपने 5 वर्षों की कारस्तानियों पर? जवाब देंगे अपने तुष्टिकरण की गंदी राजनीति पर ? जवाब देंगे महामाया पहाड़ की सिसकती आवाज के सामने अपने बहरेपन पर?”
बता दें कि अंबिकापुर के महामाया पहाड़ से अवैध कब्जे को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार से अपनी कार्रवाई शुरू की थी. पहले दिन की कार्रवाई में 60 घरों को तोड़ा जाना है. इसके साथ प्रशासन ने नवागढ़ इलाके के 60 घरों में कब्जा हटाने का नोटिस चस्पा किया था.
नेताओं ने की व्यवस्थापन की मांग
जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में फोर्स के पहुंचने की सूचना पर कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था. व्यवस्थापन करने की भी मांग रखी. कांग्रेस नेताओं को समझाइश देने के बाद पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग भी किया.
अतिक्रमण के लिए किया प्रोत्साहित
दरअसल, सिद्ध शक्तिपीठ महामाया मंदिर से लगे महामाया पहाड़ को काटकर करीब 450 लोगों ने कब्जा कर कब्जाधारियों के मकान-बाड़ी बना लिया था. इस पर विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बवाल भी मचा था. स्थानीय प्रशासन की जांच में स्थानीय पार्षद, सरपंच द्वारा अतिक्रमण को प्रोत्साहित करने की पुष्टि भी हुई थी.
नगरीय निकाय चुनाव 2025 : कांग्रेस ने गठित की जिला स्तरीय चयन समिति, पीसीसी को देगी दावेदारों के नाम…
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा के साथ कांग्रेस की तैयारियों ने गति पकड़ ली है. नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र के लिए कांग्रेस ने जिला स्तरीय चयन समिति का गठन किया है.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू की ओर से पार्टी के तमाम जिला और शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को समिति को लेकर पत्र जारी किया गया है.
समिति में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को संयोजक, जिला प्रभारी प्रदेश पदाधिकारी को समिति का अध्यक्ष बनया गया है. इनके अलावा समिति में सांसद, पूर्व सांसद, क्षेत्रीय विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व प्रत्याशी को बतौर सदस्य शामिल किया गया है.
यह संमिति नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में आपसी समन्वय और सहमति से जीतने योग्य दावेदारों की सूची 23 जनवरी तक सीलबंद लिफाफे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जमा करेगी.

शराब घोटाला मामला : पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा भेजे गए जेल, लखमा ने कहा- मैं निर्दोष हूँ, मुझे फंसाया गया, न्यायपालिका पर भरोसा है
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया है। अब लखमा को 5 फरवरी को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पेशी के बाद लखमा ने कहा, “मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, और सच्चाई जल्द ही सामने आएगी।”
गौरतलब है कि शराब घोटाले की जांच में ED ने अब तक कई खुलासे किए हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन और अनियमितताओं की बात सामने आई है। लखमा की गिरफ्तारी से इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
साल 2019 में उजागर हुआ था मामला
ईडी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती थी, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। उस दौरान शराब को स्कैनिंग से बचाने के लिए नकली होलोग्राम भी लगाया जाता था, ताकि वह किसी की पकड़ में न आ सके। इस होलोग्राम को बनाने के लिए घोटाले में संलिप्त लोगों ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में होलोग्राफी का काम करने वाली PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी को टेंडर दिया था।
ईडी ने अपनी जांच के बाद यह बताया है कि यह कंपनी होलोग्राम बनाने के लिए पात्र नहीं थी, फिर भी नियमों में संशोधन करके यह टेंडर उसी कंपनी को दे दिया गया था। ईडी के टेंडर दिलाने के एवज में कंपनी के मालिक से भारी कमीशन लिया गया था। यह जानकारी सामने आने के बाद जब कंपनी के मालिक विधु गुप्ता को ईडी ने गिरफ्तार किया तो उसने कांग्रेस सरकार में CSMCL में एमडी अरुणपति त्रिपाठी, बिजनेसमैन अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा का नाम लिया।
ED ने जब इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो मामले में और भी खुलासे होने लगे। इसके बाद साल 2024 के अंत में कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम सामने आया। सूत्रों के मुताबिक ED की जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी (प्रोसीड ऑफ क्राइम) से हर महीने कमिशन मिलाता था।
28 दिसंबर को ED ने कवासी लखमा और बेटे हरीश के घर मारा छापा
बीते साल 28 दिसंबर को ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के रायपुर के धरमपुरा स्थित बंगले पर पहुंची थी। इस दौरान पूर्व मंत्री की कार को घर से बाहर निकालकर तलाशी ली गई। साथ ही, कवासी के करीबी सुशील ओझा के चौबे कॉलोनी स्थित घर और सुकमा जिले में लखमा के बेटे हरीश लखमा और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घर पर भी दबिश दी गई। ईडी के छापे के बाद कवासी लखमा ने कहा था कि घोटाला हुआ है या फिर नहीं, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मैं अनपढ़ आदमी हूं, अधिकारी मुझे जहां साइन करने को कहते थे, मैं कर देता था।
ED को मिले थे अहम सबूत
पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों के घर पर छापामार कार्रवाई के बाद ED ने 2 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा था कि, छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत रायपुर, धमतरी और सुकमा जिलों में स्थित 7 जगह तलाशी अभियान चलाया गया।
ईडी घोटाले की प्रासंगिक अवधि के दौरान कवासी लखमा द्वारा नकद में (पीओसी) प्रोसीड ऑफ क्राइम यानी की अपराध से अर्जित आय के उपयोग से जुड़े सबूत जुटाने में सक्षम हो गया है। इसके अलावा, तलाशी में कई डिजिटल डिवाइस बरामद और जब्त की गईं, जिनके बारे में माना जाता है कि उनमें आपत्तिजनक रिकॉर्ड हैं।
3 बार पूछताछ के बाद हुई लखमा की गिरफ्तारी
गौरतलब है कि ED ने 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था, लेकिन उससे पहले पहले दो बार 8-8 घंटे तक पूछताछ की थी, लखमा के साथ उनके बेटे हरीश लखमा से भी ED के अधिकारियों ने पूछताछ की थी।
सभी निर्वाचनों में मताधिकार का प्रयोग करने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर दिलाई जाएगी शपथ, शनिवार को अवकाश वाले कार्यालयों में 24 जनवरी को दिलाई जाएगी शपथ
रायपुर। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सभी निर्वाचनों में मताधिकार का प्रयोग करने मतदाताओं को शपथ दिलाई जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हर वर्ष 25 जनवरी को देशभर में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस बार 15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाएगा। आयोग ने शनिवार को अवकाश वाले राज्यों में अधिकारियों-कर्मचारियों को 24 जनवरी को सवेरे 11 बजे शपथ दिलाने के निर्देश दिए हैं। वहीं जहां शनिवार को अवकाश नहीं है, वहां 25 जनवरी को इसका आयोजन किया जाएगा।
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन के लिए सभी विभागों के सचिवों, राजस्व मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष, सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया है। परिपत्र में शनिवार को अवकाश वाले कार्यालयों में 24 जनवरी को सवेरे 11 बजे अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सभी शासकीय कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में सभी निर्वाचनों में मताधिकार का प्रयोग करने शपथ लेने की कार्यवाही की जाएगी।
नगरीय निकाय चुनाव 2025 : भाजपा ने बनाई 23 सदस्यीय घोषणा पत्र समिति, अमर अग्रवाल बनाए गए संयोजक, कंटेंट टीम में सीएम के सलाहकार झा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने 23 सदस्यीय घोषणा पत्र समिति बनाई है. इस समिति के संयोजक पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, सह संयोजक विधायक सुनील सोनी को बनाए गए हैं. वहीं भाजपा ने नैरेटीव एवं कंटेंट टीम का भी गठन किया है, जिसके संयोजक पंकज झा को बनाए गए हैं.
देखें पूरी लिस्ट –


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रासबिहारी बोस की पुण्यतिथि पर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महान क्रांतिकारी रासबिहारी बोस की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रासबिहारी बोस देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। आजाद हिंद फौज के गठन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। शुरू से ही अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में रूचि रखने वाले रासबिहारी बोस ने बहुत कम उम्र से अंग्रेजी सत्ता की खिलाफत शुरू कर दी थी। ब्रिटिश शासन के खिलाफ रास बिहारी बोस ने आवाज उठाई थी और भारत को आजादी दिलाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
नक्सली मुठभेड़ में जवानों को बड़ी कामयाबी, मुख्यमंत्री साय ने की सराहना, कहा- छत्तीसगढ़ मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होकर रहेगा
रायपुर। गरियाबंद जिले में जारी नक्सली मुठभेड़ में जवानों को मिली सफलता को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सराहा है. सीएम साय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा किगरियाबंद जिले के मैनपुर थाना अंतर्गत कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र में सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ रविवार रात से अब तक जारी मुठभेड़ में 10 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. मार्च 2026 तक देश-प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हुए सुरक्षाबल के जवान निरंतर सफलता हासिल कर लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है. उनकी बहादुरी को सलाम करता हूं. हमारी डबल इंजन की सरकार में निश्चित ही हमारा छत्तीसगढ़ मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होकर रहेगा.

राज्य के विकास के लिए नक्सलवाद का खात्मा जरूरी : उपमुख्यमंत्री अरुण साव
गरियाबंद नक्सली मुठभेड़ को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि हम 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बना देंगे. हमारे सुरक्षा बल भी इस दिशा में बहादुरी से काम कर रहे हैं. लगातार सफल हो रहे हैं. गरियाबंद में उनकी उपलब्धि के लिए मैं सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं. राज्य के विकास के लिए नक्सलवाद का खात्मा जरूरी है.
छत्तीसगढ़ में 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त होगा : उपमुख्यमंत्री शर्मा
गरियाबंद में जारी मुठभेड़ को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 2 दिनों से लगातार ऑपरेशन जारी है. जिसमें 14 नक्सली ढेर हो चुके हैं. ऑपरेशन अब भी जारी है. एक CC मेंबर कों भी मारा गया है. 1 करोड़ का नक्सली मारा गया है. छत्तीसगढ़ में 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त होगा. पहली बार किसी ऑपरेशन में CC मेंबर मारा गया है.
वीर जवानों को बधाई : पूर्व सीएम भूपेश बघेल
मुठभेड़ में जवानों की सफलता पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वीर जवानों को बधाई! रविवार शाम से गरियाबंद ज़िला के कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र में जारी सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में अब तक 14 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की सूचना मिली है. इस मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली केंद्रीय कमेटी मेंबर जयराम उर्फ चलपती भी मारे जाने की खबर है. लोकतंत्र विरोधी ताकतों को सबक सिखाने के लिए हम सब अपने सुरक्षा बलों का अभिनंदन करते हैं. जय हिन्द.
बता दें कि ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों की बीच रविवार से जारी मुठभेड़ में जवानों ने अबतक 14 नक्सलियों को ढेर कर दिया है. इनमें दो महिला नक्सली भी शामिल है. दो और नक्सली के शव को बरामद किया गया है. वहीं मौके से 1 एसएलआर, आईडी समेत भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए हैं.
मुख्यमंत्री ने अमर शहीद हेमू कालाणी के बलिदान को किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी हेमू कालाणी को उनके बलिदान दिवस पर नमन किया है। श्री साय ने कहा कि अमर शहीद हेमू कालाणी देश के स्वतंत्रता संग्राम के लिए शहीद होने वाले सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में से एक थे। उनके अदम्य साहस ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंग्रेजी शासन द्वारा भारतीयों पर किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ मात्र 19 साल की उम्र में हेमू कालाणी की वीरता पर पूरे देश को गर्व है। मातृभूमि के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणादायक है।
चुनाव 2025: रायपुर जिले के निकायों में बनाए गए 1290 मतदान केंद्र, 70 वार्ड के लिए 10 लाख से अधिक मतदाता डालेंगे वोट, कलेक्टर बोले-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव सिंह ने आज प्रेस कांफ्रेंस की. उन्होंने चुनावी तैयारियो को लेकर जानकारी साझा करते हुए कहा कि ‘जागो’ कार्यक्रम के तहत शत प्रतिशत मतदान का प्रयास रहेगा. उन्होंने बताया कि रायपुर से लगे बिरगांव को छोड़कर पूरे रायपुर जिले में 20 जनवरी से आचार संहिता लागू है. बता दें प्रदेश में 11 फरवरी को नगरीय चुनाव होंगे और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरण में 17,20 और 23 फरवरी को होंगे.
रायपुर जिले में नगरीय निकायों में कुल 1290 मतदान केंद्र होंगे. रायपुर नगर निगम के 70 वार्डो में 1095 मतदान केंद्र होंगे. जबकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 1378 मतदान केंद्र होंगे. इसके साथ ही नगरीय निकाय में 69 और त्रिस्तरीय पंचायत के लिए 4 सहायक मतदान केंद्र होंगे.
नगरीय निकाय को 107 और त्रिस्तरीय पंचायत को 97 सेक्टरों में बाटा गया है. वहीं मतदाता संख्या की बात करें तो रायपुर नगर निगम में कुल 10 लाख 36 हजार 79 मतदाता वोट डालेंगे. नगरीय निकाय चुनाव में 11 रिटर्निंग ऑफिसर होंगे. वहीं पंचायत में 5 रिटर्निंग और 74 सहायक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं.
उन्होंने आगे बताया कि मतदान के केंद्रों की सूची का प्रकाशन 27 जनवरी तक होगा. चुनाव चिन्ह का प्रकाशन 6 फरवरी तक होगा. कैंडिडेट डिक्लेअर होने के बाद मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता का परीक्षण किया जाएगा. चुनाव से संबंधित समस्याओं के लिए शिकायत सेल का भी गठन किया गया.




बलौदाबाजार हिंसा मामला : निलंबित तत्कालीन कलेक्टर और एसएसपी बहाल, विभागीय जांच रिपोर्ट में मिली क्लीन चीट
रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में निलंबित तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को बहाल कर दिया गया है. दरअसल, बलौदाबाजार हिंसा मामले पर सरकार ने एक्शन लेते हुए दोनों अधिकारियों को मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया था. वहीं जांच कमेटी का भी गठन किया गया था.
अब जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारीयों को क्लीन चिट मिल गई है. सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट के बाद दोनों अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी है. केएल चौहान को अब बिलासपुर में अपर संभागीय आयुक्त के साथ सचिव राजस्व मंडल के अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. साथ ही पुलिस अधीक्षक सदानंद सिंह को पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है.

बता दें कि पिछले साल 15 से 16 मई की रात कुछ अज्ञात लोगों ने बलौदाबाजार के गिरौदपुरी धाम स्थित जैतखंभ में तोड़फोड़ की थी. सतनामी समुदाय मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहा था. इसी सिलसिले में सतनामी समाज ने दशहरा मैदान में विरोध-प्रदर्शन और जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव का आह्वान किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे. विरोध हिंसक होने के बाद लोगों ने एसपी और जिलाधिकारी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया. इस घटना के बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया था.
नक्सल सेल को मिली बड़ी सफलता: 6 नक्सलियों ने सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ने का लिया निर्णय, एक पर था 2 लाख का इनाम
सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादियों पर सुरक्षाबल कहर बनकर टूट रहे हैं. जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली बैक फुट पर आ गए है. वहीं नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं. ऐसे में आज सुकमा जिले में एक इनामी नक्सली समेत छह नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इन नक्सलियों में से एक पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था जो माड़ डिविजन में सक्रिय रहा है.
इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में आरएफटी कोंटा, 217 वाहिनी सीआरपीएफ और जिला सुकमा के नक्सल सेल के कर्मियों की विशेष भूमिका रही.
नगरीय निकाय चुनाव 2025: जिले में लाइसेंसी हथियार धारकों के लाइसेंस निलंबित, कलेक्टर ने आर्म जमा करने के जारी किए आदेश…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तारीखों का ऐलान होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. इसके साथ ही रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने जिले में चुनाव प्रक्रिया के दौरान जनता की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से सभी लाइसेंस धारकों से अपने-अपने आग्नेय शस्त्र (फायरिंग करने वाले हथियार जैसे पिस्तौल, बंदूक आदि) अपने नजदीक पुलिस थाने में जमा करने के आदेश जारी किए हैं.
बता दें, यह आदेश पूरे रायपुर जिले के लायसेंसधारियों पर लागू होगा, जिसमें स्थानीय और बाहर से आए लायसेंसधारी दोनों शामिल हैं. इस कदम का उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार के भय और आतंक के माहौल को रोकना है, ताकि शस्त्रों का दुरुपयोग न हो सके.
आदेश में कहा गया है कि चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद लायसेंसधारी अपने शस्त्रों को वापस प्राप्त कर सकेंगे. हालांकि, समस्त मान्यता प्राप्त बैंकों के सुरक्षा गार्ड, राष्ट्रीय राइफल संघ, जिला राइफल संघ, और औद्योगिक संस्थानों पर तैनात सुरक्षा गार्ड इस आदेश से मुक्त होंगे, लेकिन इन्हें अपने अस्त्र-शस्त्र की सूचना संबंधित थाने में देनी होगी और वे शस्त्रों को बिना थाना प्रभारी की अनुमति के परिसर से बाहर नहीं ले जा सकेंगे.
इसके अतिरिक्त, आदर्श आचार संहिता के प्रभावी रहने तक जिले में रहने वाले सभी शस्त्र लायसेंसधारियों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएंगे. थाना प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि जमा किए गए शस्त्रों का उचित पंजीकरण किया जाए और प्रत्येक लायसेंसधारी को जमा शस्त्रों की पावती दी जाएगी. चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद एक सप्ताह के भीतर शस्त्रों को उनके स्वामी को वापस लौटाया जाएगा.
यदि किसी लायसेंसधारी के लिए शस्त्र रखना अत्यंत आवश्यक है, तो वे कलेक्टोरेट रायपुर के लायसेंस शाखा में आवेदन दे सकते हैं, और एक समिति द्वारा उनके आवेदन पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा. यह आवेदन आदेश के जारी होने के 7 दिन के भीतर प्रस्तुत किया जा सकता है.
छत्तीसगढ़ पंचायती राज संशोधन को हाईकोर्ट में चुनौती: मामले में दोनों पक्षों ने रखा तर्क, 27 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
बिलासपुर। पंचायती राज अधिनियम में संशोधन को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच में सुनवाई हुई। मामले में दोनों पक्षों ने तर्क रखा, अब मामले की सुनवाई 27 जनवरी को होगी।
बता दें कि याचिकाकर्ता नरेश रजवाड़े ने अपने अधिवक्ता शक्तिराज सिन्हा द्वारा लगाई अपनी याचिका में कहा कि राज्य सरकार बीते वर्ष 3 दिसंबर 2024 को छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) अध्यादेश -2024 ला चुकी है। जिसमें ओबीसी वर्ग को आरक्षण प्रदान करने वाली छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 129(ड.) की उपधारा (03) को विलोपित कर दिया है।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया कि अध्यादेश जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा के 16 जनवरी से 20 जनवरी 2024 तक के सत्र में इस महत्वपूर्ण अध्यादेश को पारित नहीं कराया गया है, केवल इसे विधानसभा के पटल पर रखा गया है, जिसके कारण यह अध्यादेश वर्तमान में विधि-शून्य और औचित्यहीन हो गया है।
वहीं राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने कहा 3 दिसंबर 2024 को अध्यादेश लाया गया था। वहीं 16 दिसंबर से 20 दिसंबर 2024 को विधानसभा की बैठक में रखा गया। इस अध्यादेश को पारित होने को लेकर अनुच्छेद 213(2) के तहत राज्यपाल से सहमति है। वहीं संवैधानिक रूप से 6 सप्ताह का समय है। जो 27 जनवरी 2025 को पूरा होगा।
इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शक्ति राज सिन्हा ने कैबिनेट की पूर्व बैठक में सार्वजनिक किए एक निर्णय पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इसमें आरक्षण संबंधी संशोधन अध्यादेश को 6 महीने आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वहीं नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के नोटिफिकेशन जारी होने के याचिका पर प्रभाव की बात भी कही। जिस पर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को गंभीरता से सुना और अपने आदेश में शामिल किया है। वहीं शासन के अधिवक्ता के अध्यादेश को लेकर तर्क को सुनते हुए संवैधानिक रूप से 6 सप्ताह का समय 27 जनवरी को पूरा होने पर उसी दिन सुनवाई तय की गई है।
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव 2025: कांग्रेस ने प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम का किया गठन, जानिए किसे मिली क्या जिम्मेदारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम का गठन किया है। यह कंट्रोल रूम 15 सदस्यों की टीम के साथ काम करेगा। इस कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी सलीम रिज़वी और दीपक मिश्रा को सौंपी गई है। इनके नेतृत्व में चुनावी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
बता दें कि कंट्रोल रूम का मुख्य उद्देश्य चुनाव से जुड़ी हर गतिविधि की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी तक पहुंचाना और चुनावी रणनीति को मजबूती देना है। यह कंट्रोल रूम नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगा।
देखें लिस्ट –

निकाय चुनाव 2025 : BJP नेताओं ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मूलमंत्र, संगठन महामंत्री जम्वाल बोले – हमारा लक्ष्य पंच से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपामय हो…
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय एकात्म परिसर में सोमवार को नगरीय निकाय चुनाव एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर आवश्यक बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया. क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी चयन पूरी पारदर्शिता से करती है. इसमें किसी प्रकार का कोई अपना-पराया नहीं किया जाता है. हमें चुनाव में सही प्रत्याशी को उतारना है और उसके लिए काम भी करना है. जिसको भी टिकट मिलेगी सब मिल-जुलकर उसके साथ खड़े होंगे और उसको आगे बढ़ाएंगे. इस चुनाव का जो हमारा नारा रहेगा ‘हम जीतेंगे’ और यह संकल्प लेकर इसे पूरा करना है.
अजय जम्वाल ने कहा, भारतीय जनता पार्टी एक वैचारिक आंदोलन है. इसके जो विचार है इसके जो चलने वाले हैं उनके मन में कांसेप्ट क्लीयर रहता है. यह हमारा वैचारिक आंदोलन है और इस आंदोलन को लेते हुए हमें आगे बढ़ाना है. देश स्वावलंबी बने, आर्थिक महाशक्ति बने, विश्वगुरु बने और दुनिया की एक महाशक्ति बने, यह हर कार्यकर्ता का सपना होना चाहिए और उसे पूर्ण करने का संकल्प हमारे वैचारिक संगठनों ने लिया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण दुनिया में अपने विचार को स्वीकार्यता मिल रही है. प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता पूरी दुनिया में है. आज 162 देशों ने योग की शक्ति को पहचाना है. प्रधानमंत्री मोदी की मेहनत से 10 सालों में 25 करोड़ गरीब लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं. देश में हर घर को केन्द्र सरकार की किसी न किसी 8 से 10 योजनाओं का लाभ मिला है.

क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि हमें आगामी चुनाव में अपने लिए प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली शक्तियों से भी सावधान रहना है. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मेहनती, परिश्रमी एवं निष्ठावान होते हैं. हमारी भाग्य रेखा में मेहनत करना लिखा हुआ है. हमारे प्रधानमंत्री 24 घंटे 24 साल से लगातार मेहनत कर रहे हैं. यह चुनाव जीतने का मतलब यह है कि अगर हम पंच से लेकर प्रधानमंत्री तक जीतते हैं तो हमारी जितनी भी योजनाएं हैं, इसका लाभ सभी को मिलेगा और जो हम विकास की, विचार की, स्वावलंबन की बात करते हैं, यह सब बातें जमीनी स्तर तक हर घर तक पहुंचेगी. प्रधानमंत्री कहते हैं, 2047 तक विकसित भारत बनाना हमारा लक्ष्य है। 100 वर्ष आजादी के हम पूर्ण करेंगे और यह देश स्वावलंबी भारत होगा, यह देश विश्व गुरु भारत होगा.

यह चुनाव कार्यकर्ताओं को सम्मान देने का है : पवन साय
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि चुनाव की तैयारी को लेकर यह बैठक आहूत की गई. मंडल स्तर एवं जिला स्तर पर कमेटी बनी है. त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की दृष्टि से हमारी कमेटियां बनी है. चुनाव के समय में प्रत्याशी का चयन महत्वपूर्ण विषय रहता है और जैसे चयन करेंगे, वैसा इसका परिणाम भी मिलता है. हमें सरपंच, जनपद एवं जिला पंचायत के लिए भाजपा का जो कार्यकर्ता लगातार कार्य कर रहा है और जो स्वच्छ छवि का हो, उसे प्रत्याशी बनाना है. सरपंच, जनपद एवं जिला पंचायत में भी एक ही कार्यकर्ता चुनाव लड़े, जो चुनाव जीत सकता है. भाजपा की 11,694 पंचायत यानी सरपंच जीतकर के आएंगे. केंद्र और राज्य में हमारी सरकार है. इसी तरह पंचायत में भी भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता ही सरपंच बनना चाहिए, यह हमारा संकल्प हो, इसलिए हमारा दृष्टिकोण है पंच से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपामय हो. एक-एक कार्यकर्ताओं को सम्मान देने का यह चुनाव है और इसलिए पूरी ताकत के साथ हम चुनाव के मैदान में जाएंगे.
नगरीय निकाय चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र सवन्नी एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रभारी सौरभ सिंह ने निकाय एवं पंचायत चुनाव के संदर्भ में आवश्यक मार्गदर्शन दिया. बैठक का संचालन रायपुर संभाग सह प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही ने किया एवं आभार व्यक्त वरिष्ठ भाजपा नेता प्रफुल विश्वकर्मा ने किया. बैठक में सांसद रूपकुमारी चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, भूपेन्द्र सवन्नी, लक्ष्मी वर्मा, मंत्री टंकराम वर्मा, पूर्व मंत्री विधायक अजय चंद्राकर, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, रामू रोहरा, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, संपत अग्रवाल, योगेश्वर राजू सिन्हा, रायपुर जिला प्रभारी खूबचंद पारख, चंदूलाल साहू, चंद्रशेखर साहू, देवजी भाई पटेल, जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर, प्रदेश पदाधिकारी सहित रायपुर संभाग के सभी जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।