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झांकी, धुमाल और लोक नृत्यों के साथ 3 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, सीएम-विस अध्यक्ष होंगे शामिल
रायपुर। राजधानी रायपुर में विधायक राजेश मूणत हर साल की तरह इस साल भी विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन करने जा रहे है. इस यात्रा की तैयारियों को लेकर जिला भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया. आगामी 3 अगस्त को होने वाली कावड़ यात्रा के संबंध में सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ को दिशानिर्देश दिए गए और यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौपी गई है. झांकियों और गाजे-बाजे के साथ 3 अगस्त को कावड़ यात्रा का शुभारंभ सुबह 9:30 बजे गुढ़यारी स्थित हनुमान मंदिर से होकर हाटकेश्वर नाथ मंदिर पहुंच कर भक्तगण जल अर्पण करेंगे. जहां अलग-अलग स्थान पर पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और भंडारे की भी व्यवस्था की जाएगी.
विभिन्न क्षेत्रों से आई झांकियां और बाजे-गाजे होंगे मुख्य आकर्षण
इस वर्ष कावड़ यात्रा को भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है. स्थानीय लोक कलाकारों के साथ अन्य प्रदेशों के कलाकारों को भी प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया है. उज्जैन मध्यप्रदेश में बाबा महाकाल की सवारी में डमरू और ढोल बजाने वाली टीम, उत्तर प्रदेश से अघोरी नृत्य की प्रस्तुति देने वाली टीम, उत्तर प्रदेश से ही युवतियों द्वारा मां काली की जीवंत झांकी का प्रदर्शन, उड़ीसा के बाहुबली कट्टपा की वेशभूषा में संबलपुरी बाजे में प्रस्तुति देने वाले चर्चित कलाकारों की टीम, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नृत्य कलाकारों जैसे आदिवासी नृत्य, पंथी नृत्य और राउत नाचा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का दल, भगवान भोलेनाथ की चलित झांकी और प्रदेश के प्रमुख ढोल धुमाल पार्टी अपनी अपनी प्रस्तुति देंगे जो कावड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा.
सुबह बाबा हटकेश्वरनाथ को अर्पित किया आमंत्रण पत्र
3 अगस्त को होने जा रही भव्य कावड़ यात्रा के लिए आमंत्रण पत्र भी छपवाए गए हैं, जिसकी प्रथम प्रति विधायक राजेश मूणत ने महादेवघाट तीर्थ पहुंचकर बाबा हटकेश्वरनाथ, मां महाकाली, और मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं को कांवड़ यात्रा का विशेष आमंत्रण पत्र अर्पित किया.
कावड़ यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह , रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी 7 विधानसभाओं के विधायक एवं अन्य सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओ सहित सामाजिक संस्थाओं और सनातन धर्म के प्रमुख साधु संतो उपस्थिति रहेंगे.
स्वास्थ्य मंत्री ने DKS अस्पताल का किया औचक निरीक्षण
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को सुबह 7 बजे राजधानी रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने उपचार और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा.
मरीजों का जाना हालचाल
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती बच्चों और महिला मरीजों से बात कर उनका हालचाल जाना. साथ ही इलाज संबंधी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली. उन्होंने मरीजों के परिजनों से भी चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं.
अधिक संवेदनशीलता बरतने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जायसवाल ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, दवा वितरण, चिकित्सकीय जांच, ऑपरेशन थियेटर, वार्ड व्यवस्था जैसी सुविधाओं का भी जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से संवाद कर मरीजों की देखभाल में और अधिक संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए.
नहीं बर्दाशत की जाएगी लापरवाही : मंत्री जायसवाल
मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारियों को मरीजों के हित में समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए.
आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई को
रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन आगामी 27 जुलाई रविवार पूर्वान्ह 11 बजे से 1.15 बजे को किया जा रहा है। अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर जाकर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही अभ्यर्थी अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त एसएमएस के यूआरएल को क्लिक करके भी सीधे प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
व्यापम द्वारा परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थियों के लिए जारी आवश्यक दिशा-निर्देश में कहा गया है कि परीक्षा दिवस को प्रत्येक परीक्षार्थी लगभग 2 घंटे पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र में उपस्थित रहें, जिससे उनके मूल पहचान पत्र से उनका पहचान किया जा सके एवं फ्रिस्किंग के उपरांत परीक्षा केंद्र में जाने हेतु अनुमति दी जा सके। परीक्षार्थी परीक्षा दिवस से एक दिन पूर्व ही अपने परीक्षा केंद्र की भौगोलिक स्थिति से भलीभांति परिचित हो जाएं, प्रवेश पत्र पर अंकित समय के पश्चात् किसी को भी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
अभ्यर्थी सम्पूर्ण प्रवेश पत्र को पूर्णतः डाउनलोड कर और उनका प्रिंट आउट लेकर परीक्षा केंद्र में जाएं। परीक्षार्थियों को डाकघर के माध्यम से प्रवेश पत्र नहीं भेजा जाएगा। किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र के संबंध में कठिनाई होती है तो हेल्पलाइन नंबर +91-0771-2972780 एवं मोबाईल नंबर +91-8269801982 पर समय प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। परीक्षार्थी को अपना फोटो युक्त मूल आईडी प्रूफ जैसे-मतदाता पहचान पत्र, ड्रायविंग लायसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, विद्यालय का फोटो युक्त परिचय पत्र, फोटो युक्त अंकसूची, मूल रूप में (फोटो कॉपी मान्य नहीं) परीक्षा दिवस में परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य है। मूल पहचान पत्र के अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए जारी आवश्यक दिशा-निर्देश में कहा गया है कि परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केंद्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व अर्थात् प्रातः 10.30 बजे परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा केन्द्र से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है।
क्रेडा सीईओ का औचक निरीक्षण: सौर ऊर्जा परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के अफसरों को दिये निर्देश
रायपुर। गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को जन-जन तक पहुंचाने और सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे जल जीवन मिशन और सौर सुजला योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा ने बिलासपुर और कोरबा जिलों में सौर संयंत्रों का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण 22 जुलाई को किया गया।
निरीक्षण की शुरुआत बिलासपुर जिले के लोखण्डी गांव से हुई, जहां सौर सुजला योजना के तहत कृषक प्रशांत जैन के खेत में स्थापित 3 एचपी सबमर्सिबल सोलर पंप की जांच की गई। किसान और उसके सहयोगी ने बताया कि वे इस संयंत्र की रियल टाइम मॉनिटरिंग RMS तकनीक से करते हैं, जिससे जल आपूर्ति, ऊर्जा उत्पादन और कार्बन उत्सर्जन की पूरी जानकारी मिलती है।
इसके बाद कोटा ब्लॉक के ग्राम जाली में जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए सोलर पेयजल संयंत्र का निरीक्षण हुआ। संयंत्र सही स्थिति में पाया गया और स्थानीय निवासी पार्वती केंवट समेत अन्य ने बताया कि 36 घरों तक पाइपलाइन से नियमित पानी पहुंच रहा है और कोई समस्या नहीं है।
कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम हारनमुण्डी कदमपारा और कटघोरा ब्लॉक के ग्राम रंजना में भी जल जीवन मिशन और सौर सुजला योजना के संयंत्रों की स्थिति संतोषजनक पाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि वे इन योजनाओं से लाभान्वित हैं और शासन की महतारी वंदन योजना एवं धान खरीदी भुगतान का लाभ भी प्राप्त कर चुके हैं।
रंजना गांव के हितग्राही जगेश्वर मरकाम ने बताया कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे “सौर समाधान” मोबाइल एप के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इस पर श्री राणा ने अधिकारियों को एप के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
अंत में पोड़ी विकासखंड के ग्राम मड़ई स्थित 1.2 किलोवॉट ऑफ-ग्रिड सोलर पॉवर प्लांट का निरीक्षण किया गया, जो उप स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित है। प्रभारी डॉक्टर अल्फा इक्का ने बताया कि बिजली गुल होने की स्थिति में भी अस्पताल की सेवाएं निर्बाध रूप से चलती हैं और विभिन्न उपकरण सौर ऊर्जा से संचालित होते हैं।
निरीक्षण उपरांत श्री राणा ने क्रेडा के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सोलर हाईमास्ट, पॉवर प्लांट और अन्य परियोजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ कार्य पूर्ण किए जाएं।
छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर, त्योहारी सीजन में कई ट्रेनें रहेगी कैंसिल, कईयों के रूट होंगे डायवर्ट, देखिये ट्रेनों की लिस्ट
रायपुर। अधोसंरचना विकास हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अनेक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है । इसी प्रकार बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी एवं चौथी रेलवे लाइन परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजना है यह व्यस्त रेल मार्ग है, जो इस पूरे क्षेत्र को उत्तर एवं दक्षिण भारत से जोड़ती है । परिचालन को और भी सुचारू तथा नई गाडियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है । इससे आधारभूत संरचना में तथा यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ यात्री ट्रेनों की समय बद्धता में वृद्धि होगी।
इसी क्रम में बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है । जिसमे अब तक 150 किलोमीटर से अधिक का रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है । इसके अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन के किरोड़ीमल नगर रेलवे स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य किया जाएगा ।
किरोड़ीमल नगर रेलवे स्टेशन को चौथी रेललाइन में जोड़ने का यहा कार्य दिनांक 24 अगस्त से 26 अगस्त, 2025 तक (विभिन्न तिथियो में) किया जायेगा । रेल यात्रियो को कम से कम असुविधा हो इसलिए ये कार्य किए जा रहे है । रेल विकास से संबधित इस कार्य के लिए इन ट्रेनों का परिचालन अल्पकालिक बाधित रहेगा एवं इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आयेगी ।
इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा । जिसका विवरण इस प्रकार हैः-
रद्द होने वाली गाडियां:-एक्सप्रेस गाडियां:-
01. दिनांक 23 से 26 अगस्त, 2025 तक टाटा से चलने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
02. दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक को बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
03. दिनांक 23 अगस्त, 2025 को सांतरागाछी से चलने वाली 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
04. दिनांक 25 अगस्त, 2025 को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
05. दिनांक 22 अगस्त, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
06. दिनांक 24 अगस्त, 2025 को मुंबई से चलने वाली 12869 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
07. दिनांक 25 अगस्त, 2025 को हटिया से चलने वाली 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
08. दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पुणे से चलने वाली 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
09. दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पूरी से चलने वाली 20813 पूरी-जोधपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
10. दिनांक 30 अगस्त, 2025 को जोधपुर से चलने वाली 20814 जोधपुर–पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
11. दिनांक 23 अगस्त, 2025 को उदयपुर से चलने वाली 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
12. दिनांक 24 अगस्त, 2025 को शालीमार से चलने वाली 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
13. दिनांक 27 अगस्त, 2025 को गया से चलने वाली 22358 गया-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
14. दिनांक 29 अगस्त, 2025 को कुर्ला से चलने वाली 22357 कुर्ला-गया एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
15. दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
16. दिनांक 29 अगस्त, 2025 को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
17. दिनांक 22 अगस्त, 2025 को वास्को-द-गामा से चलने वाली 17321 वास्को-द-गामा-जसीडीह एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
18. दिनांक 25 अगस्त, 2025 को जसीडीह से चलने वाली 17322 जसीडीह-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
19. दिनांक 21 अगस्त, 2025 को हैदराबाद से चलने वाली 17005 हैदराबाद-रक्सोल एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
20. दिनांक 24 अगस्त, 2025 को रक्सोल से चलने वाली 17006 रक्सोल-हैदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
21. दिनांक 23, 25 एवं 26 अगस्त, 2025 को कुर्ला से चलने वाली 12101 कुर्ला–शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
22. दिनांक 25, 27 एवं 28 अगस्त, 2025 को शालीमार से रवाना होने वाली 12102 शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
पैसेंजर गाड़ी :-
01. दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक रायगढ़ से रवाना होने वाली गाडी संख्या 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी ।
02. दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी ।
03. दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक रायगढ़ से रवाना होने वाली गाडी संख्या 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी ।
04. दिनांक 23 से 26 अगस्त, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी ।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाडियां:-
01. दिनांक 23 अगस्त, 2025 को हावड़ा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12222 हावड़ा-पुणे दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग झारसुगुड़ा, टिटलागढ़, लाखोली, रायपुर होकर चलेगी ।
02. दिनांक 25 अगस्त, 2025 को पुणे से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12221 पुणे-हावड़ा दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग रायपुर, लाखोली, टिटलागढ़, झारसुगुड़ा होकर चलेगी ।
बीच में समाप्त होने वाली गाडियां:-
01. दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक गोंदिया एवं झारसुगुडा से चलने वाली 68861/68862 गोंदिया– झारसुगुडा- गोंदिया पैसेंजर बिलासपुर-झारसुगुडा-बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी ।
02. दिनांक 23, 25 एवं 26 अगस्त, 2025 को निज़ामुद्दीन से चलने वाली 12410 निज़ामुद्दीन-रायगढ़ गोडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर में ही समाप्त होगी यह गाड़ी बिलासपुर एवं रायगढ़ के बीच रद्द रहेगी ।
03. दिनांक 25, 27 एवं 28 अगस्त, 2025 को रायगढ़ से चलने वाली 12409 रायगढ़-निज़ामुद्दीन गोडवाना एक्सप्रेस रायगढ़ के स्थान पर यह गाड़ी बिलासपुर से ही निज़ामुद्दीन के लिए रवाना होगी । यह गाड़ी बिलासपुर एवं रायगढ़ के बीच रद्द रहेगी ।
रेल प्रशासन यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है तथा सहयोग की आशा करता है ।
जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने की रायपुर में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र स्थापना की मांग
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के रायपुर में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की शाखा के लिए भवन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुए रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखा है।
सांसद श्री अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि 06 जून 2023 को एनसीडीसी रायपुर शाखा की आधारशिला माननीय मंत्री द्वारा रखी गई थी, किंतु दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर इसके दक्षिणी क्षेत्र, मलेरिया जैसे रोगों से अत्यधिक प्रभावित हैं। ऐसे में रायपुर में एनसीडीसी का पूर्ण विकसित केंद्र जन स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि जगदलपुर में एनसीडीसी की एक शाखा मलेरिया अनुसंधान फील्ड स्टेशन के रूप में वर्ष 1979 में प्रारंभ की गई थी, जो कि अब आधुनिक और विस्तृत अनुसंधान एवं रोग नियंत्रण केंद्र में परिवर्तित किए जाने की आवश्यकता है।
बृजमोहन अग्रवाल ने आग्रह किया कि रायपुर में प्रस्तावित एनसीडीसी भवन का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए ताकि राज्य में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और अनुसंधान कार्य को मजबूती मिल सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करें
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही, गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही।
नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
चक्काजाम की राजनीति कांग्रेस की हताशा का प्रतीक: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा किए गए चक्काजाम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस अब केवल ढकोसले की राजनीति कर रही है। जिन लोगों ने सत्ता में रहते हुए छत्तीसगढ़ को लूटने का काम किया, वे आज सच्चाई सामने आने पर बौखलाहट में सड़क पर उतरे हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अपने पाँच साल के शासनकाल में कोयला, रेत, शराब, धान, डीएमएफ और लोहा जैसे कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया। राज्य की संपत्तियों को लूटा गया। आज जब इन घोटालों की सच्चाई सामने आ रही है और तत्कालीन सरकार के मंत्री और अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं, तब कांग्रेस आंदोलन कर रही है।
उन्होंने दो टूक कहा "जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। जनता का पैसा खाने वाले ज्यादा दिन तक बच नहीं सकते।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस को यदि लगता है कि कार्यवाही गलत हो रही है तो वह न्यायालय जाए। सड़कों पर चक्काजाम कर कानून को हाथ में लेने से कोई लाभ नहीं होने वाला है।
बृजमोहन ने कांग्रेस को ‘भ्रष्टाचार की जननी’ बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने उसे सत्ता से बाहर कर दिया है और यह जनता की न्यायप्रियता की जीत है। अब जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और दोषियों को कानून के मुताबिक दंड मिलेगा। चक्काजाम कर कांग्रेस सिर्फ जांच को प्रभावित करना चाहती है, लेकिन देश की न्याय व्यवस्था सशक्त है। अब न कोई बचा है, न बचेगा।
प्रदेश में खेती-किसानी का कार्य तेजी के साथ जारी, अब तक 36.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी
रायपुर। प्रदेश में खेती-किसानी का काम तेजी के साथ जारी है। राज्य में अब तक 36.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 75 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को भी कहा हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 10.20 लाख मीट्रिक टन खाद और 7.22 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। 21 जुलाई 2025 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 446.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2025 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें समस्त स्त्रोतों से 7.88 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 7.22 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है, जो मांग का 146 प्रतिशत है। जबकि खरीफ वर्ष 2024 में राज्य में बीज निगम से 4.64 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था।
इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 10.20 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 70 प्रतिशत है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है।
कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी या खानापूर्ति ! आंदोलन समाप्त होने से 15 मिनट पहले पहुंचे महंत और बाबा, जयसिंह अग्रवाल का होता रहा इंतजार
रायपुर। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी के खिलाफ आज कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी की। 2 घंटे तक प्रदेश के सभी 33 जिलों में कांग्रेस की इस आर्थिक नाकेबंदी में नेशनल हाइवे पर 2 घंटे तक चक्काजाम किया गया। एक तरह से देखा जाये तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी की यह आर्थिक नाकेबंदी कार्यकर्ताओं की सक्रियता की वजह से सफल रही। वहीं दूसरी तरफ इस आर्थिक नाकेबंदी में कांग्रेस के बड़े लीडर खानापूर्ति करने नजर आये। सरगुजा में टी.एस.सिंहदेव और जांजगीर जिले में नेता प्रतिपक्ष डाॅ.चरणदास महंत आंदोलन समाप्त होने से महज 15 मिनट पहले आंदोलन स्थल पर पहुंचे। वहीं कोरबा जिला के कटघोरा में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का इंतजार हो रहा, लेकिन वह आंदोलन स्थल पर नही पहुंच सके।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार में हुए शराब घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे को गिरफ्तार की है। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज 22 जुलाई को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी का आह्वान किया था। लिहाजा आज सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता इस आर्थिक नाकेबंदी को सफल बनाने में जुटे हुए थे। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा में कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्रियों ने सड़क पर उतरकर ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का पूरजोर विरोध किया।
सड़क पर टायर जलाकर दोपहर 12 बजें से 2 बजें तक नेशनल हाइवे पर चक्काजाम कर आर्थिक नाकेबंदी का सफल बनाया गया। लेकिन कई स्थानों पर कांग्रेस की यह आर्थिक नाकेबंदी महज खानापूर्ति साबित हुई। मतलब कांग्रेस के जिन बड़े नेताओं की मौजूदगी में इस आंदोलन के जरिये कांग्रेस अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकती थी, वहां पूर्व विधायक और ब्लाॅक स्तर के नेताओं की मौजूदगी में मुट्ठी भर कार्यकर्ताओं ने इस आंदोलन की जिम्मेदारी संभाली।
सरगुजा और जांजगीर में काफी देर से पहुंचे बाबा और महंत
प्रदेश कांग्रेस के इस आर्थिक नाकेबंदी के साथ ही कांग्रेस की एकजुटता पर भी सबकी निगाहे टिकी थी। भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं ने भी ईडी की इस कार्रवाई का विरोध जताया था। जिसके बाद ये उम्मींद जतायी जा रही थी कि कांग्रेस के इस आर्थिक नाकेबंदी के जरिये कांग्रेस एकजुट होकर अपना शक्ति प्रदर्शन करेगी। लेकिन कई जिलों में यह आंदोलन महज खानापूर्ति साबित हुआ। बताया जा रहा है कि सरगुजा में चक्काजाम आंदोलन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के साथ ही कांग्रेस के नेता मौजूद रहे।
लेकिन टी.एस.सिंहदेव के बाहर होने के कारण उनका इंतजार होता रहा। लिहाजा आंदोलन समाप्त होने के महज 15 मिनट पहले सिंहदेव आंदोलन स्थल पर पहुंचे और उन्होने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए ईडी की कार्रवाई पर सवाल खड़ किये। वहीं नेता प्रतिपक्ष डाॅ.चरणदास महंत भी आज रायपुर में ही थे। आंदोलन समाप्त होने से महज 15 मिनट पहले वह जांजगीर पहुंचे और उन्होने ईडी और केंद्र सरकार की नीति पर जमकर हमला बोला।
कोरबा में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का होता रहा इंतजार
कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी के लिए कोरबा के कटघोरा का चयन किया गया था। यहां बिलासपुर-अंबिकापुर हाइवे पर कांग्रेस ने चक्काजाम कर ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का विरोध किया। इस आंदोलन में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया के साथ ही पूर्व विधायक पुरषोत्तम कंवर और मोहित केरकेट्टा के साथ ही कटघोरा विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को भी पहुंचना था, लेकिन वो अंत तक नही पहुंच सके। कांग्रेस के बड़े नेताओं की गैर मौजूदगी के संबंध में जब कांग्रेस के जवाबदार नेताओं से जानना चाहा गया, तो उन्होने भी गोलमोल जवाब देते हुए बात को टाल दिया।
डिप्टी सीएम अरुण साव बोले – कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी असफल, जनता ने भूपेश बघेल को दिखाया आईना
रायपुर। कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी पर एकात्म परिसर में भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी फ्लाप रही. आर्थिक नाकेबंदी को छत्तीसगढ़ की जनता ने नकार दिया है. भ्रष्टाचारियों का जनता समर्थन नहीं करती है. ये दिवालियापन का इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता.
डिप्टी सीएम साव ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने आरोपी के समर्थन में नाकेबंदी की. पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर 1000 करोड़ का हेराफेरी करने का आरोप है. वह कांग्रेस पार्टी का पदाधिकारी नहीं है और उसके साथ पार्टी खड़ी है. दूसरे नेता जेल गए, उसकी समर्थन में ऐसा प्रदर्शन नहीं हुआ।
साव ने कहा, आर्थिक अपराध करने वाले आर्थिक नाकेबंदी कर रहे हैं. आर्थिक नाकेबंदी पूरी तरीके से फ्लॉप रहा. भ्रष्टाचार के पक्ष में हमेशा कांग्रेस पार्टी खड़ी हुई दिखती है. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को भ्रष्टाचार का घर बनाकर देश में छत्तीसगढ़ को बदनाम किया. अपराध खुद कर रहे हैं और सजा छत्तीसगढ़ की जनता को दे रहे हैं.
अरुण साव ने कहा, भूपेश बघेल बोलते हैं बेटे पर गर्व है, उनके काम पर गर्व है. ऐसा गर्व करना समझ से परे है. ईडी ने प्रेस रिलीज जारी कर सब बता दिया है. छत्तीसगढ़ की जनता का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने कांग्रेस का साथ नहीं दिया. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ की जनता ने भूपेश बघेल को आईना दिखाने का काम किया है. कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी वजूद बनाने, बढ़ाने के लिए लड़ रहे हैं.
शराब घोटाला मामला : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के बेटे चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। ईडी की 5 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद चैतन्य को अदालत में लाया गया, जहां विशेष न्यायाधीश डमरूधर चौहान की अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
इस दौरान विशेष कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। अदालत में पेशी के समय भूपेश बघेल स्वयं उपस्थित रहे। उनके साथ पंजाब के सांसद राजा बरार भी मौजूद थे। कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे माहौल पूरी तरह से नियंत्रित रखा जा सके।
ईडी ने नहीं मांगी दोबारा रिमांड
ईडी ने इस बार रिमांड की मांग नहीं की, हालांकि यह संभावना जताई जा रही है कि आगे चलकर ईडी फिर से रिमांड की मांग कर सकती है। ईडी ने पिछले 5 दिनों तक चैतन्य बघेल से गहन पूछताछ की थी और उससे शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क की जानकारी ली गई।
क्या है मामला?
चैतन्य बघेल को ईडी ने रायपुर से नहीं, बल्कि भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की भूमिका आर्थिक लेनदेन और अवैध मुनाफाखोरी से जुड़ी हुई है। ईडी के अनुसार, इस घोटाले में बड़े स्तर पर घरेलू शराब की अवैध बिक्री, फर्जी दस्तावेजों के जरिए पैसा इधर-उधर करने और राजनीतिक संरक्षण का संदेह है।
सियासी हलचल तेज
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम मान रही है। भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई “बिना साक्ष्य के राजनीतिक दबाव” में की जा रही है।
कांग्रेस के मंडल और सेक्टर कमेटियों के पुनर्गठन के लिए प्रभारियों की नियुक्ति, PCC चीफ बैज ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट…
रायपुर। कांग्रेस के मंडल और सेक्टर कमेटियों के पुनर्गठन के लिए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने प्रभारियों की नियुक्त की है. तीन महीने में नए और रिक्त पदों में नियुक्ति की जाएगी. इसका निर्देश राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक में दिए थे.
देखें लिस्ट –









आर्थिक नाकेबंदी कर रही कांग्रेस से मंत्री ओपी चौधरी ने पूछे पांच सवाल, पहला- क्या भूपेश बघेल के शासनकाल में नहीं हुई थी जनसुनवाई?…
रायपुर। चैतन्य बघेल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी की. इस कदम पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान लिए गए निर्णयों पर पांच सवाल कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक्स पर किए अपने पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस से सवाल किया कि क्या भूपेश बघेल के शासनकाल में 16 अक्टूबर 2019 को जनसुनवाई नहीं कराई गई थी? क्या 31 मार्च 2021 को गारे पेलमा सेक्टर-2 के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की सिफारिश तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने नहीं की थी? क्या 19 अप्रैल 2022 को, कांग्रेस के भूपेश बघेल की सरकार रहते हुए फॉरेस्ट क्लीयरेंस (स्टेज वन) की स्वीकृति की सिफारिश नहीं की गई थी?
चौथा सवाल कि क्या 23 जनवरी 2023 को, ‘फॉरेस्ट क्लीयरेंस’ (स्टेज 2) की सिफारिश भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार रहते हुए नहीं की गई थी? और अंतिम सवाल कि क्या महाराष्ट्र में MAHAGENCO महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के द्वारा अडानी ग्रुप को एमडीओ बनाया गया था तब उस समय कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार वहां नहीं थी?
छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में भीषण बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए प्रदेश के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी में बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, कोरबा समेत प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, वर्तमान में मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) पूर्व-दक्षिणपूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। साथ ही एक ऊपरी हवा का चक्रवात दक्षिण उड़ीसा और उसके आसपास 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा 13 डिग्री उत्तर अक्षांश पर उत्तर मध्य कर्नाटक से दक्षिण आंध्र प्रदेश तक एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका भी मौजूद है, जिससे वर्षा की गतिविधियां और तेज होने की आशंका है।
22 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक और वज्रपात के भी आसार हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 24 जुलाई तक एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो आगामी दिनों में वर्षा को और अधिक सक्रिय बना सकता है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में तेज बारिश और वज्रपात का विशेष खतरा बना रहेगा।
इन जिलों में है गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना:
सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, महासमुंद, बलौदा बाजार, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव और दुर्ग।
राजधानी रायपुर का मौसम:
आज रायपुर में बादल छाए रहेंगे और एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग की अपील:
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहने, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की सलाह दी है। किसान, ग्रामीण क्षेत्र के लोग और यात्री विशेष सतर्कता बरतें।
ननकीराम कंवर ने जीएसटी विभाग में हुए भर्ती परीक्षा पर उठाये सवाल, प्रधानंत्री को पत्र लिखकर की सीबीआई जांच की मांग
कोरबा। बीजेपी के सीनियर आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने एक बार फिर भर्ती परीक्षा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये है। ननकीराम कंवर ने छत्तीसगढ़ में हुए जीएसटी विभाग में 350 पदों के लिए हुए भर्ती प्रक्रिया में धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई से जांच की मांग की है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पीएससी घोटाला को उजागर करने वाले पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कांग्रेस सरकार में हुए एक और परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया है। ननकीराम कंवर ने आरोप लगााया है कि जीएसटी विभाग में 2021 और 2022 में आयोजित वाणिज्यिक कर निरीक्षक के लिए 350 पदों पर परीक्षा ली गयी थी। उन्होने आरोप लगाया है कि इस परीक्षा के ठीक 2 दिन पहले चयनित अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र मुहैय्या करा दिया गया था।
ननकीराम कंवर ने आरोप लगाया है कि जीएसटी में होने वाली भर्ती की परीक्षा व्यापमं के जरिये ली जानी थी। लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में ऐसा न कर विभाग ने भर्ती परीक्षा ली, जिससे भर्ती प्रक्रिया में खुलकर धांधली करते हुए अपने मनचाहे अभ्यर्थियों की भर्ती की गयी। ननकीराम कंवर ने तत्कालीन आयुक्त समीर बिश्नोई के पीए और अन्य उच्च अधिकारियों से जुड़े कर्मचारियों के चयन पर भी सवाल उठाए हैं।
ननकीराम कंवर ने परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों को 80 से 100 प्रतिशत अंक मिलने पर अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्न पत्र मुहैय्या कराने की आशंका जतायी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में शिकायत कर सीबीआई से उक्त भर्ती प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। उधर ननकीराम कंवर के इस आरोप के बाद हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि ननकीराम कंवर की शिकायत पर यदि केंद्र सरकार भर्ती प्रक्रिया की जांच शुरू कराता है, तो कई अधिकारी इस जांच के दायरे में आयेंगे।


