कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी या खानापूर्ति ! आंदोलन समाप्त होने से 15 मिनट पहले पहुंचे महंत और बाबा, जयसिंह अग्रवाल का होता रहा इंतजार
छत्तीसगढ़ |
22-Jul-2025
रायपुर। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी के खिलाफ आज कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी की। 2 घंटे तक प्रदेश के सभी 33 जिलों में कांग्रेस की इस आर्थिक नाकेबंदी में नेशनल हाइवे पर 2 घंटे तक चक्काजाम किया गया। एक तरह से देखा जाये तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी की यह आर्थिक नाकेबंदी कार्यकर्ताओं की सक्रियता की वजह से सफल रही। वहीं दूसरी तरफ इस आर्थिक नाकेबंदी में कांग्रेस के बड़े लीडर खानापूर्ति करने नजर आये। सरगुजा में टी.एस.सिंहदेव और जांजगीर जिले में नेता प्रतिपक्ष डाॅ.चरणदास महंत आंदोलन समाप्त होने से महज 15 मिनट पहले आंदोलन स्थल पर पहुंचे। वहीं कोरबा जिला के कटघोरा में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का इंतजार हो रहा, लेकिन वह आंदोलन स्थल पर नही पहुंच सके।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार में हुए शराब घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे को गिरफ्तार की है। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज 22 जुलाई को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी का आह्वान किया था। लिहाजा आज सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता इस आर्थिक नाकेबंदी को सफल बनाने में जुटे हुए थे। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा में कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्रियों ने सड़क पर उतरकर ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का पूरजोर विरोध किया।
सड़क पर टायर जलाकर दोपहर 12 बजें से 2 बजें तक नेशनल हाइवे पर चक्काजाम कर आर्थिक नाकेबंदी का सफल बनाया गया। लेकिन कई स्थानों पर कांग्रेस की यह आर्थिक नाकेबंदी महज खानापूर्ति साबित हुई। मतलब कांग्रेस के जिन बड़े नेताओं की मौजूदगी में इस आंदोलन के जरिये कांग्रेस अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकती थी, वहां पूर्व विधायक और ब्लाॅक स्तर के नेताओं की मौजूदगी में मुट्ठी भर कार्यकर्ताओं ने इस आंदोलन की जिम्मेदारी संभाली।
सरगुजा और जांजगीर में काफी देर से पहुंचे बाबा और महंत
प्रदेश कांग्रेस के इस आर्थिक नाकेबंदी के साथ ही कांग्रेस की एकजुटता पर भी सबकी निगाहे टिकी थी। भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं ने भी ईडी की इस कार्रवाई का विरोध जताया था। जिसके बाद ये उम्मींद जतायी जा रही थी कि कांग्रेस के इस आर्थिक नाकेबंदी के जरिये कांग्रेस एकजुट होकर अपना शक्ति प्रदर्शन करेगी। लेकिन कई जिलों में यह आंदोलन महज खानापूर्ति साबित हुआ। बताया जा रहा है कि सरगुजा में चक्काजाम आंदोलन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के साथ ही कांग्रेस के नेता मौजूद रहे।
लेकिन टी.एस.सिंहदेव के बाहर होने के कारण उनका इंतजार होता रहा। लिहाजा आंदोलन समाप्त होने के महज 15 मिनट पहले सिंहदेव आंदोलन स्थल पर पहुंचे और उन्होने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए ईडी की कार्रवाई पर सवाल खड़ किये। वहीं नेता प्रतिपक्ष डाॅ.चरणदास महंत भी आज रायपुर में ही थे। आंदोलन समाप्त होने से महज 15 मिनट पहले वह जांजगीर पहुंचे और उन्होने ईडी और केंद्र सरकार की नीति पर जमकर हमला बोला।
कोरबा में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का होता रहा इंतजार
कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी के लिए कोरबा के कटघोरा का चयन किया गया था। यहां बिलासपुर-अंबिकापुर हाइवे पर कांग्रेस ने चक्काजाम कर ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का विरोध किया। इस आंदोलन में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया के साथ ही पूर्व विधायक पुरषोत्तम कंवर और मोहित केरकेट्टा के साथ ही कटघोरा विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को भी पहुंचना था, लेकिन वो अंत तक नही पहुंच सके। कांग्रेस के बड़े नेताओं की गैर मौजूदगी के संबंध में जब कांग्रेस के जवाबदार नेताओं से जानना चाहा गया, तो उन्होने भी गोलमोल जवाब देते हुए बात को टाल दिया।