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शराब घोटाला मामला : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के बेटे चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

रायपुर।   छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। ईडी की 5 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद चैतन्य को अदालत में लाया गया, जहां विशेष न्यायाधीश डमरूधर चौहान की अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

इस दौरान विशेष कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। अदालत में पेशी के समय भूपेश बघेल स्वयं उपस्थित रहे। उनके साथ पंजाब के सांसद राजा बरार भी मौजूद थे। कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे माहौल पूरी तरह से नियंत्रित रखा जा सके।

ईडी ने नहीं मांगी दोबारा रिमांड

ईडी ने इस बार रिमांड की मांग नहीं की, हालांकि यह संभावना जताई जा रही है कि आगे चलकर ईडी फिर से रिमांड की मांग कर सकती है। ईडी ने पिछले 5 दिनों तक चैतन्य बघेल से गहन पूछताछ की थी और उससे शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क की जानकारी ली गई।

क्या है मामला?

चैतन्य बघेल को ईडी ने रायपुर से नहीं, बल्कि भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की भूमिका आर्थिक लेनदेन और अवैध मुनाफाखोरी से जुड़ी हुई है। ईडी के अनुसार, इस घोटाले में बड़े स्तर पर घरेलू शराब की अवैध बिक्री, फर्जी दस्तावेजों के जरिए पैसा इधर-उधर करने और राजनीतिक संरक्षण का संदेह है।

सियासी हलचल तेज

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम मान रही है। भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई “बिना साक्ष्य के राजनीतिक दबाव” में की जा रही है।