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रंग लाई छत्तीसगढ़ के कोच राहुल पांडेय की ट्रेनिंग, पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली नित्या श्री अर्जुन अवॉर्ड से होंगी सम्मानित
रायपुर। खेल प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ियों के पीछे उनके ट्रेनर्स की अहम भूमिका होती है. वे खिलाड़ियों को सफल बनाने के लिए खुद भी कड़ी मेहनत करते हैं. ऐसे ही एक कोच की चर्चा पूरे देश में हो रही है. हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के कोट राहुल पांडेय की, जिन्होंने नित्या श्री को एक बेहतरीन प्लेयर बनाया और पेरिस पैरालंपिक 2024 में शानदार प्रदर्शन करने योग्य बनाया.
बता दें, कोच राहुल पांडेय की शिष्या नित्या श्री ने पेरिस 2024 पैरालंपिक में महिला एकल श्रेणी से भारत के लिए कांस्य पदक जीता था. वहीं आज नित्या का नाम अर्जुन पुरस्कार से होने वाले खिलाड़ियों में दर्ज हो गया है. इसके बाद से कोट राहुल को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है.

बता दें, राहुल पांडेय ने नित्या सहित कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया है और उनके प्रदर्शन में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, राहुल पांडेय ने छह खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया था और उनमें से दो ने पैरालिंपिक खेलों में पदक जीते.
वर्तमान में राहुल पाण्डेय असम रणजी टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच पद पर कार्यरत हैं. राहुल पांडेय ने अपनी मेहनत और लगन से साबित कर दिया है, कि छत्तीसगढ़ में भी प्रतिभाशाली कोच हैं. नित्या को अर्जुन पुरस्कार मिलना राज्य के लिए गौरव का क्षण है.
साधारण परिवार के युवाओं का भारतीय सेना में चयन : CM साय ने वीणा और आदित्य के देश सेवा के जज्बे को सराहा, फोन पर कहा – आप दोनों ने रोशन किया छत्तीसगढ़ का नाम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट नर्सिंग अफसर के रूप में सेवा दे रही छत्तीसगढ़ की बेटी वीणा साहू और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में चयनित बस्तर संभाग के फरसगांव के आदित्य सिंह के भारतीय सेना में जाने के जज्बे की सराहना की है। ये दोनों युवा साधारण परिवार से हैं, साधारण पृष्ठभूमि के इन युवाओं ने देश की सेवा और भारतीय सेना में शामिल होने के अपने जुनून और जज्बे के चलते यह मुकाम हासिल किया है। वीणा साहू बालोद जिले के जमरूवा गांव के किसान चेतन साहू की बेटी हैं। वीणा साहू का सपना मिलिट्री में जाने का था, जो उन्होंने अपने लगन और मेहनत से पूरा कर दिखाया। आदित्य सिंह के पिता जयप्रकाश सिंह जनरल स्टोर चलाते हैं। आदित्य के पिता एयरफोर्स में जाना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनका यह सपना उनके बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से साकार कर दिखाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने वीणा साहू से फोन पर बात कर उन्हें उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी और उनका उत्साहवर्धन किया। वीणा साहू छुट्टियों में अपने घर आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हमारा स्वाभिमान है, छत्तीसगढ़ की शान हैं। उन्होंने वीणा साहू से कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है, छत्तीसगढ़ का नाम ऊंचा किया है। आपकी यह उपलब्धि प्रदेश के असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। वीणा साहू ने कहा कि नर्सिंग ऑफिसर बनकर हम उन लोगों की सेवा कर रहे हैं, जो देश की सेवा करते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने आदित्य सिंह की इस उपलब्धि के लिए उनके पिता से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदित्य की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्वित करने वाला पल है, आदित्य को भी इस उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री ने आदित्य के पिता से कहा कि आदित्य की पढ़ाई की चिंता न करें, जो भी जरूरी होगा सहयोग करेंगे। आदित्य ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा देश और प्रदेश की सेवा में सदैव तत्पर हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश का पहला सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष का किया शुभारंभ
रायपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज परिवहन कार्यालय, कबीरधाम में राज्य का पहला सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह कक्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिला प्रदेश का पहला जिला है जहां इस प्रकार का अनुभव कक्ष स्थापित किया गया है। इस उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कक्ष के सभी पहलुओं का अवलोकन किया और इसकी कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी ली। सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष का उद्देश्य नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस कक्ष में विभिन्न प्रकार की सड़क सुरक्षा संबंधित जानकारी और सामग्री प्रस्तुत की गई है, जिसमें वाहन चालकों को दुर्घटनाओं से बचने के उपाय, ट्रैफिक नियमों के पालन और सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में बताया गया है। कक्ष में विभिन्न वर्चुअल अनुभव, वीडियो और मॉडल्स के जरिए सड़क सुरक्षा को समझने का एक आकर्षक तरीका अपनाया गया है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बचपन से ही हमें सही और गलत का भेद सिखाया जाता है। माताओं की भूमिका बच्चों को जीवन के उचित और अनुचित कार्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण होती है। इसी प्रकार यह सत्र समाज में सुरक्षा और नियमों के प्रति एक सकारात्मक सोच विकसित करेगा। उन्होंने कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को निरंतर जारी रखा जाए, ताकि हर व्यक्ति सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सके। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष के शुभारंभ में कहा कि अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने आने वाले व्यक्तियों को एक विशेष ऑडियो, वीडियो सत्र से गुजरना होगा। यह सत्र आवेदनकर्ताओं को ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक व्यक्ति ट्रैफिक नियमों, चालान प्रक्रिया और सुरक्षित वाहन संचालन के महत्व को गहराई से समझे। ऑडियो, वीडियो सत्र पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र यह दर्शाएगा कि उन्होंने सड़क सुरक्षा के नियमों को समझ लिया है। यह सत्र लोगों को सड़क पर सही निर्णय लेने और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करेगा। इससे न केवल ट्रैफिक नियमों के पालन में सुधार होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या भी कम होगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जागरूकता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने वाला हर व्यक्ति सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ में इस प्रक्रिया की शुरुआत कवर्धा से की गई है। इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के समक्ष उस समय कार्यालय में लाईसेंस बनवाने के लिए आए नागरिकों ने भी सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध जानकारी का लाभ लिया। उन्होंने कहा कि इस कक्ष की स्थापना से न केवल स्थानीय नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता मिलेगी। इस उद्घाटन के साथ ही कबीरधाम जिला एक कदम और आगे बढ़ा है, जहां सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता के साथ-साथ सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री के प्रयासों से आईटी हब के रूप में उभर रहा है नवा रायपुर, युवाओं के लिए खुल रहे हैं रोजगार के नए अवसर, मिल रही हैं बेहतर सुविधाएं
रायपुर। विकसित भारत की तर्ज पर विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सतत प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में नवा रायपुर अटल नगर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर क्षेत्र में आईटी और आईटी- इनेबल्ड सर्विसेस का तेजी से विकास हो रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार की योजनाओं और संस्थाओं की पहल से नवा रायपुर युवाओं के लिए रोजगार और विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने बताया कि नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने अपनी सेवाएं शुरू की हैं, जिससे अब तक 260 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।
रायपुर के एक साधारण मध्य वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली 24 वर्षीय सतरूपा का सपना था कि वह आत्मनिर्भर होकर परिवार का सहारा बने। खेती- किसानी और घरेलू काम काज करने वाली सतरूपा की मां को अपनी बेटी पर गर्व है, क्योंकि पढ़ाई पूरी करने के बाद सतरूपा आज न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि परिवार को भी आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। नवा रायपुर के स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज में नौकरी कर रही सतरूपा ने मेहनत और लगन से तरक्की की राह पकड़ ली। पहले साल में ही उसे पदोन्नति मिली और उसका वेतन बढ़ा, जिससे उसने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी। नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज ने 180 और टेली परफॉर्मेंस ने 80 पदों पर भर्ती की है। इसके अलावा, टेली परफॉर्मेंस ने 100 और कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है और सीएसएम टेक्नोलॉजीज ने 200 प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। यह न केवल नवा रायपुर के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सकारात्मक बदलाव के संकेत है।
नवा रायपुर के आईटी हब बनने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रायपुर और नवा रायपुर के बीच आईटी पेशेवरों के लिए मुफ्त बस सेवा की तथा स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के कर्मचारियों के लिए आवासीय समाधान भी उपलब्ध कराने की योजना है। सीबीडी सेक्टर 21 में अत्याधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है, जो कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करेंगे।
नवा रायपुर में आईटी क्षेत्र के विकास के साथ ही आने वाले समय में 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।


नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राज्य निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र, नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है. इससे पहले उन्होंने चुनाव को लेकर राज्यपाल रामेन डेका को भी पत्र लिखा था. राज्यपाल से पत्र का जवाब नहीं मिलने पर अब नेता प्रतिपक्ष महंत ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर चुनाव समय पर कराने की अपील की है.
इस मामले में उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि संविधान के विपरीत कदम उठाकर विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित किया गया. विधानसभा में भी कांग्रेस ने विरोध किया. अब अंतिम हथियार अपनाते हुए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है. राज्य निर्वाचन आयोग को अपना कर्तव्य का निर्वहन कर समय पर चुनाव कराये.
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि छत्तीसगढ़ की पंचायतों (तीनों स्तर) तथा नगरीय निकायों (नगर पंचायत, नगर पलिका परिषद तथा नगर पालिक निगम) का निर्वाचन कराए जाने के लिए भारत का संविधान के अनुच्छेद 243- के तथा 243-जेड ए के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किया गया है. इस आयोग का यह बंधनकारी संवैधानिक कर्तव्य है कि अनुच्छेद 243-इ और 243-यू के अनुसार समय पर निर्वाचन कराए . पंचायतों तथा नगर पलिकाओं की अवधि उनके निर्वाचन के पश्चात् आयोजित प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष होती है और इस विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पूर्व नया निर्वाचन पूर्ण किया ही जाना चाहिए.
छत्तीसगढ़ की विद्यमान निर्वाचित पंचायतों की अवधि माह फरवरी 2025 की विभिन्न तारीखों में समाप्त होने जा रही है. निर्वाचित नगर पालिकाओं की अवधि माह जनवरी 2025 की विभिन्न तारीखों में समाप्त होने जा रही है. किंतु छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा अब तक इनके गठन हेतु निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की गई है. इससे यह स्पष्ट है कि संविधान के आदेशात्मक प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन हो रहा है जिसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ही पूरी तरह से उत्तरदायी है.
माननीय उच्चतम न्यायालय के दो निर्णयों Writ Petition (c) No.278 of 2022 decided on May 10, 2020 तथा Petition (s) For Special Leave to Appeal (c) No-(s) 26468 to 26469/2024 Date 11-11-2024 की प्रतिलिपि संलग्न है, कृपया इनका अध्ययन/अवलोकन करने का कष्ट करेंगे.
आपसे अनुरोध है कि अब और अधिक विलम्ब किये बिना पंचायतों तथा नगरीय निकायों के गठन के लिए निर्वाचन की प्रक्रियाओं को तत्काल प्रारंभ करने का कष्ट करें.
देखें पत्र की कॉपी:


बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी : डिप्टी सीएम विजय शर्मा बोले – 2 हजार से ज्यादा लोगों की हो चुकी पहचान, बैज के बयान पर किया पलटवार
कवर्धा। प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा आज कवर्धा प्रवास पर रहे. इस दौरान उन्होंने बाहरी लोगों के खिलाफ एक बार फिर बयान देते हुए कहा कि अब तक पूरे प्रदेश में 2000 से अधिक लोगों की पहचान हो चुकी है, जो अपनी पहचान छुपा कर यहां रह रहे हैं, और पता नहीं कौन से गतिविधियों में सम्मिलित हैं. ऐसे लोगों की लगातार शिनाख्त की जा रही है.
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा, कई लोग तो अब तक भाग चुके हैं. वहीं दीपक बैज के बयान पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि अपने वोट बैंक बढ़ाने के चक्कर में उन्हें बाकी जनता की सुरक्षा की चिंता ही नहीं है. हम किसी विषय पर ध्यान नहीं भटका रहे.
धान खरीदी फर्जीवाड़ा: भाजपा नेता और पुत्र पर FIR के निर्देश, खरीदी केंद्र कर्मियों पर भी गिरेगी गाज
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। जिले के मानपुर ब्लॉक अंतर्गत औंधी तहसील मुख्यालय स्थित धान खरीदी केंद्र में बीते दिनों धान खरीदी फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. इस पर जिले की कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने फर्जीवाड़े करने वाले औंधी सहकारी समिति पदाधिकारी कनक राणा और उसके पुत्र हुमन राणा के खिलाफ थाने में FIR दर्ज कर फर्जीवाड़े में संलिप्त समिति कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
बता दें, गड़डोमी गांव निवासी किसान कन्हैया लाल फरदिया ने औंधी सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक को आवेदन देकर ये आरोप लगाते हुए जांच व कार्यवाही की मांग की थी कि उसने केवल 84 कट्टा धान ही केंद्र में बेचा है, लेकिन उनके नाम से 220 कट्टा धान खरीदी दर्ज है. किसान ने अपने शिकायत पत्र में भाजपा नेता कनक राणा द्वारा 136 कट्टा अतिरिक्त धान को बिना बेचे फर्जी एंट्री करवाए जाने का भी आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की थी.
इस मामले को लेकर कलेक्टर के निर्देश पर मानपुर एसडीएम के नेतृत्व में बनी चार सदस्यीय जांच कमेटी ने मामले की गंभीरता पूर्वक पड़ताल की. प्रशासनिक जांच में पाया गया कि किसान कन्हैया लाल द्वारा बेचने लाए गए धान का सत्यापन किए बगैर तौल पर्ची बनाकर फर्जी रूप से खरीदी की मात्रा दर्ज की गई.
उक्त फर्जी धान खरीदी में धान खरीदी केंद्र में कार्यरत हुमन राणा तथा उसके पिता समिति उपाध्यक्ष व भाजपा नेता कनक राणा की संलिप्तता पाई गई है, जिसके बाद कलेक्टर ने संबंधित अफसर को धान फर्जीवाड़े के सूत्रधार कनक राणा व उसके पुत्र हुमन राणा के विरुद्ध औंधी थाने में एफ.आई.आर. दर्ज कराने का निर्देश दिया है. इसके अलावा कलेक्टर ने फर्जीवाड़े के मद्देनजर खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले समिति कर्मचारियों मशलन बारदाना प्रभारी जागेश्वर कुमार, कांटा प्रभारी टीकम दास ऑपरेटर अशोक कुमार और अमित नायक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया है.
अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज ने शुरू किया डिजिटल तकनीक से ओपनकास्ट माइनिंग, पीईकेबी खदान में हुआ डोजर पुश माइनिंग का सफल परीक्षण
अम्बिकापुर। राष्ट्रीय वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) एवं केंद्रीय खनन व ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीआईएमएफआर) के मार्गदर्शन में भारतीय खनन उद्योग में एक अभूतपूर्व विकास हुआ है. भारत में पहली बार डिजिटल तकनीक पर आधारित डोजर पुश माइनिंग तकनीक का परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया है.
खनन क्षेत्र में भारत की अग्रणी निजी कंपनी अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज ने छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर के उदयपुर विकासखण्ड में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की परसा ईस्ट केते बासेन (पीईकेबी) खदान में इस तकनीक का सफलतापूर्वक परीक्षण बीते सप्ताह किया. यह परीक्षण खनन तकनीक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसमें कोयला निष्कर्षण प्रक्रिया के लिए मानवरहित मशीनों का उपयोग किया गया है. डिजिटल स्वायत्त खनन की दिशा में यह तकनीक बहेतर उत्पादन और सलामती के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
क्या है डोजर पुश की विशेष तकनीक
डोजर पुश माइनिंग परीक्षण में एक स्वचालित, (मानवरहित) ड्रिल मशीन द्वारा ड्रिल करके कास्ट ब्लास्टिंग किया जाता है. ब्लास्टिंग के बाद, ब्लास्ट की गई सामग्री को इस प्रक्रिया के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई एक स्वचालित, बड़े आकार की डोजर मशीन का उपयोग करके उसे डीकोल किए गए क्षेत्र में स्थापित करते हैं. डोजर पुश माइनिंग विधि को पारंपरिक ट्रक-शॉवल खनन द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों के संभावित समाधान के रूप में देखा जा रहा है, खासकर बरसात के मौसम में जब ढुलाई वाली सड़कें कीचड़ से भर जाती हैं, जिससे सुरक्षा और उत्पादकता प्रभावित होती है. ट्रकों और उत्खनक मशीन पर निर्भरता को कम करके, यह विधि उत्खनन कार्यों को अनुकूलित कर सकती है और इकाई की लागत को कम कर सकती है, जिससे खनन के लिए अधिक टिकाऊ और कुशल दृष्टिकोण प्रदान किया जा सकता है. यही नहीं चूंकि इस तकनीक में ट्रकों का उपयोग नहीं होता है अतः सुरक्षा की दृष्टि से भी यह डोजर पुश तकनीक पाँच सितारा पीईकेबी खदान को सुरक्षा के मापदंडों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करती है.
भारत में पहली बार अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज द्वारा कोयला खनन में उपयोग में ली जा रही इस डोजर पुश तकनीक के परीक्षण की सफलता को सीएसआईआर और सीआईएमएफआर के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एम पी रॉय ने भी सराहना की और कहा कि, “यह नई तकनीक भारत में ओपनकास्ट खनन कार्यों में क्रांति ला सकती है. डोजर पुश माइनिंग विधि पारंपरिक ड्रैगलाइन और ट्रक/शॉवल उत्खनन का एक आधुनिक विकल्प है. यह न केवल खनन प्रक्रिया की गति और दक्षता को बढ़ाता है बल्कि परिचालन लागत को भी कम करता है.”
परीक्षण का नेतृत्व सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के निदेशक प्रोफेसर अरविंद कुमार मिश्रा ने किया, जिसमें डॉ. एम पी रॉय, डॉ. विवेक कुमार हिमांशु, आर एस यादव, सूरज कुमार और डॉ. आशीष कुमार विश्वकर्मा का योगदान रहा, जिन्होंने पीईकेबी खदान में डोजर पुश माइनिंग तकनीक के प्रथम विस्फोट के सफल निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत को अत्याधुनिक खनन प्रौद्योगिकियों को अपनाने में अग्रणी स्थान पर रखती है, जिसका इस क्षेत्र के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा.
कवासी लखमा के घर मारे गए छापे पर ED ने किया खुलासा, नगद लेन-देन के सबूत के साथ मिले आपत्तिजनक रिकॉर्ड…
रायपुर। भूपेश बघेल सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा के ठिकानों पर मारे गए छापे के बाद अब जाकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है. ईडी ने सोशल मीडिया में किए अपने पोस्ट में बताया कि लखमा द्वारा किए गए नगदी लेन-देन के सबूत हासिल हुए हैं.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इसके साथ सोशल मीडिया एक्स पर किए अपने पोस्ट में बताया कि कवासी लखमा के ठिकानों पर की गई तलाशी अभियान में पीओसी (Proof Of Cash) के उपयोग से संबंधित सबूत जुटाने के साथ कई डिजिटल डिवाइस बरामद और जब्त की गईं, जिनके आपत्तिजनक रिकॉर्ड है.

नगरीय निकाय चुनाव : मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान, कहा- देर जरूर होगी, लेकिन टलेगा नहीं, कांग्रेस ने कही यह बात…
रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा बयान देते हुए कहा कि देर जरूर होगी, लेकिन टलेगा नहीं. उन्होंने कहा कि देरी के चलते नगरीय निकायों में प्रशासक बैठना पड़ा है.
जगदलपुर के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि लोकार्पण और भूमिपूजन का कार्यक्रम है. 350 करोड़ से ज्यादा लागत के विकास कार्य होंगे. बस्तर के विकास को लेकर मांझी समाज से सरकार सलाह लेगी.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए सरकार वचनबद्ध है. एक साल में बस्तर में शांति स्थापित करने के लिए सरकार सफल साबित हुई है. क्षेत्र के विकास के लिए नियत नेल्लानार योजना चलाई जा रही है.
यह बीजेपी का अलोकतांत्रिक चरित्र
वहीं नगर निगमों में प्रशासकों की नियुक्ति पर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह बीजेपी का अलोकतांत्रिक चरित्र है. समय से पहले चुनाव कराना सरकार का संवैधानिक दायित्व है. चुनाव में देरी कर प्रशासक बैठना यह सरकार की मंशा थी. भाजपा चुनाव में जाने से डर रही है इसलिए अध्यादेश लाई थी. हम मांग करते हैं कि आज ही चुनाव की घोषणा हो.
नगर पालिका के CMO निलंबित, फर्नीचर क्रय और रिनोवेशन में अनियमितता पाए जाने पर हुई कार्रवाई
बालोद। दल्लीराजहरा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) भूपेंद्र वार्डेकर को निलंबित कर दिया गया है. उन पर यह कार्रवाई कोंडागांव नगर पालिका में सीएमओ रहते हुए की गई अनियमितताओं के कारण की गई है.
जानकारी के अनुसार, यह घटना करीब 6 महीने पहले की है, जब वार्डेकर कोंडागांव नगर पालिका के सीएमओ थे। इस दौरान अध्यक्ष कक्ष के रिनोवेशन कार्य और फर्नीचर क्रय में गंभीर अनियमितता पाई गई. मामले में जांच के बाद यह पाया गया कि भूपेंद्र वार्डेकर ने इन कार्यों में वित्तीय नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन किया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें निलंबित किया गया है.

नए वार्डों में मैकेनाइज्ड और मैन्युअल सफाई शुरू : लायंस की टीम उतरी मैदान पर, सुबह 6 बजे से फील्ड पर रहे सभी जोन कमिश्नर, कहा – स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बिलासपुर। नए साल का पहला दिन शहरवासियों के लिए एक अच्छी और स्वच्छ सवेरा लेकर आया। व्यवस्थित साफ-सफाई की बांट जोह रहे नए वार्ड के रहवासियों को 1 जनवरी को सुबह मैकेनाइज्ड और मैन्युअल स्विपिंग की सौगात मिली, जिससे आने वाले दिनों में पुराने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सफाई और सर्वेक्षण में बिलासपुर के बेहतर रैंक आने की उम्मीद है. नगर निगम सीमा में जुड़े नए क्षेत्रों की सड़कें और गलियां भी अब साफ-सूथरी नजर आएगी. अब तक निगम के पुराने क्षेत्रों में साफ-सफाई का काम संभालने वाली लायंस सर्विसेस कंपनी ने नए जुड़े वार्डों में भी मैकेनाइज्ड और मैन्युअल सफाई शुरू कर दिया है.
मैकेनाइज्ड और मैन्युअल स्विपिंग का दायरा बढ़ाते हुए नगर निगम ने स्वीकृति मिलने के बाद 18 नए वार्ड जिसमें 15 पुराने ग्राम पंचायत,2 नगर पंचायत और 1 नगर पालिका शामिल है, वहां इस व्यवस्था को लागू करने का पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में एग्रीमेंट किया था, जिसमें 1 जनवरी 2025 से प्रारंभ करने की तैयारी थी। निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर साल के पहले दिन इसे शुरू कर दिया गया। लायंस सर्विसेस ने पुराने के साथ नए क्षेत्र में सुबह 6 बजे अपने सफाई कर्मियों को फील्ड पर उतार दिया तथा रात में सफाई कार्य किया गया।

पहले दिन नए सभी वार्डों में पहुंची टीम
मैन्युअल और मैकेनाइज्ड स्विपिंग के तहत सफाई कंपनी के लगभग 560 कर्मचारी सभी नए 18 वार्डों में सुबह पहुंच गए थे। पहले दिन मुख्य मार्ग और गलियों की सफाई की गई। विस्तार होने के बाद नए क्षेत्रों में कुल 790 कर्मचारियों की टीम मोर्चा संभालेगी। अगले दो दिनों में सभी 790 कर्मियों को बीट के आधार पर जिम्मेदारी दी जाएगी।
सुबह 6 बजे से फील्ड पर रहे जोन कमिश्नर
निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर सभी 8 जोन के कमिश्नर और सफाई अमला सुबह 6 बजे से फील्ड पर तैनात होकर सफाई कार्य का मानिटरिंग करते रहे। दरअसल निगम कमिश्नर ने सख्त हिदायत देते हुए सफाई कार्य को प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए है और रोजाना इसकी मानिटरिंग करने को कहा है।
449 नए आवासीय बीट, 45 व्यावसायिक बीट, 790 की नई टीम
नए क्षेत्रों में व्यवस्थित सफाई के लिए पूरे क्षेत्र के लिए 449 नए आवासीय बीट, 45 व्यावसायिक बीट निर्धारित किए गए है, जिसके जरिए सफाई कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा सभी मुख्य मार्गों जिसमें हाइवे भी शामिल है। कुल 11 किमी का मैकेनिकल सफाई किया जाएगा। पुराने क्षेत्र को अभी 400 आवासीय और 75 व्यावसायिक बीट में बांटकर सफाई कार्य किया जा रहा हैं, जिसमें 775 कर्मी कार्यरत हैं। नए क्षेत्रों में इस व्यवस्था के तहत कार्य शुरु होने पर पूरे शहर में कुल 849 आवासीय बीट,120 व्यावसायिक बीट हो जाएंगे और 1565 सफाई कर्मी मिलकर पूरे शहर को स्वच्छ रखेंगे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पीएम आवास के हितग्राहियों से की मुलाकात, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर दिया जोर
रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान ग्राम तिवारी नवांगांव में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का निर्माण केवल एक बुनियादी आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करता है और इसे पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे घरों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों से बातचीत कर अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर लाभार्थी को समय पर, पूरी गुणवत्ता के साथ अपना आवास मिलना चाहिए, ताकि वे जल्द से जल्द अपना नया घर पा सकें। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लाभार्थियों से कहा कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पूरी तरह से उठाएं और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का सही तरीके से उपयोग करें। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही उपस्थित थे।


छत्तीसगढ़ के चावल निर्यातकों को मिलेगी मंडी शुल्क में छूट, साय सरकार के फैसले से चावल उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ के चावल उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा राज्य से गैर-बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चावल निर्यातकों को मण्डी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क से पूर्णतः छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट उन निर्यातकों को मिलेगी जो राज्य के राइस मिलर्स और मंडियों के माध्यम से खरीदे गए धान से तैयार गैर-बासमती चावल का निर्यात करेंगे। शुल्क में छूट देने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ से गैर बासमती चावल निर्यात को बढ़ावा देना और राज्य के किसानों तथा चावल मिलर्स को अधिक लाभ दिलाना है। सरकार के इस फैसले से छत्तीसगढ़ के चावल उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंडी शुल्क एवं किसान कल्याण में छूट दिए जाने की अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशन के लिए जारी कर दिया गया है। यह छूट अधिसूचना प्रकाशन के दिनांक से लेकर एक वर्ष तक के लिए होगी। उक्त दोनों शुल्कों में छूट के लिए चावल निर्यातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके शिपिंग बिल में चावल के कार्गाे का मूल स्थान छत्तीसगढ़ लिखा हो। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ का वस्तु एवं सेवा कर विवरण, लदान बिल, और बैंक री-कॉसिलेशन स्टेटमेंट की प्रति संबंधित मंडी में प्रस्तुत करनी होगी। राज्य के पंजीकृत चावल निर्यातकों और राइस मिलर्स को एक घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो कि चावल छत्तीसगढ़ से खरीदे गए धान से तैयार किया गया है। राइस मिलर्स को मंडी अधिनियम के तहत चावल निर्यातकों को परमिट जारी करना होगा।
नवा रायपुर अटल नगर में एकीकृत उपनगर के विकास हेतु नियमों का सरलीकरण, आदर्श शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर नवा रायपुर अटल नगर के लेयर 2 में एकीकृत उपनगर के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मौजूदा नियमों को अधिक सरल और व्यावहारिक बनाया गया है। यह कदम क्षेत्र में बसाहट और निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बदलाव सुनिश्चित करेगा कि इन आवश्यक सुविधाओं का विकास उपनगर के भीतर अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि सुधारों का मुख्य उद्देश्य नवा रायपुर अटल नगर के लेयर 2 में एकीकृत उपनगरों के विकास को गति देना और क्षेत्र में बसाहट को बढ़ावा देना है। यह कदम नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और क्षेत्र को एक आदर्श शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि सामाजिक सुविधाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, सामुदायिक भवन, और धार्मिक स्थलों के लिए आरक्षित क्षेत्र को न्यूनतम 5 प्रतिशत किया गया है, जो पहले अधिकतम 5 प्रतिशत था। इसके अलावा आवासीय गतिविधियों को प्राथमिकता देते हुए, पूर्व में निर्धारित अधिकतम 50 प्रतिशत क्षेत्र को बदल कर अब न्यूनतम 50 प्रतिशत क्षेत्र को आवासीय उपयोग के लिए अनिवार्य किया गया है। इससे आमजन के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी और लोगों को आवास की बेहतर सुविधा मिलेगी।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) संबंधित प्रावधान को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिसूचना/नियमों के अनुरूप करते हुए संबंधित प्रावधानों में सुधार किया गया है, ताकि इन नियमों में एकरूपता लाई जा सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, एकीकृत उपनगरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को अनिवार्य किया गया है।
छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के तहत 10 प्रतिशत क्षेत्र को खुली जगहों जैसे गार्डन और खेल के मैदानों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है।
जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों का तबादला, देखें लिस्ट …
रायपुर। राज्य सरकार ने नए साल के दिन आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के तबादले किए हैं. इसके साथ ही जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों का भी ट्रांसफर किया गया है. इस संबंध में जल संसाधन विभाग ने आदेश जारी किया है.
जारी आदेश के अनुसार, जल संसाधन विभाग ने 14 अधिकारियों का ट्रांसफर किया है. इनमें जे. आर. भगत, कुलदीप तिर्की, अरुण कुमार साय, इम्तियाज अहमद सिद्धीकी, डी. जायसवाल, सुशील कुमार गुप्ता, होमेश नायक, एन.सी. सिंह, खिलेश्वर साहू, विनोद भगत, जी.डी. रामटेके, नीलिमा गुप्ता, विजय कुमार सोनवानी और शिवनारायण साय , पीके वासनिक, महेन्द्र कुमार शांडिल्य और वीपी वर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.
देखिये लिस्ट –

