प्रदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरिधर मालवीय के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गिरिधर मालवीय के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतरत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के प्रपौत्र गिरिधर मालवीय के निधन का समाचार पाकर उन्हें गहरा दुःख पहुंचा है। शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभु श्री राम से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
सिमगा नगर पालिका गठित, राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना
रायपुर। राज्य शासन द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा नगर पंचायत को नगर पालिका गठित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राजपत्र में इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत सिमगा की सीमाएं ही नगर पालिका परिषद सिमगा की सीमाएं होंगी।
राजधानी में यातायात को सुगम बनाने सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ली महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक
रायपुर। राजधानी रायपुर में यातायात को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से सोमवार को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में रायपुर में प्रस्तावित और चल रही कई बड़ी परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 600 करोड़ रुपये की लागत से सरोना चौक, उद्योग भवन चौक, तेलीबांधा चौक और 400 करोड़ रुपये की लागत से धनेली जंक्शन पर प्रस्तावित फ्लाईओवर पर प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजधानी रायपुर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए यातायात समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।


बैठक में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से 186 किलोमीटर लंबे रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ हाईवे और 5,600 करोड़ रुपये की लागत से 228 किलोमीटर लंबे धमतरी-जगदलपुर हाईवे को चौड़ा कर चार लेन का बनाने की कार्ययोजना की जानकारी भी ली गई।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा, “राजधानी में ट्रैफिक का बढ़ता दबाव और रिंग रोड नंबर 5 पर सड़क दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए रिंग रोड के किनारे 11 मीटर चौड़ी सर्विस लेन निर्माण और तेलीबांधा से ताटीबंध तक एलिवेटेड रोड बनाने की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सरोना और इंद्रप्रस्थ के बीच रिंग रोड पर अंडरपास निर्माण पर भी विचार किया गया है।” इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित एक्सप्रेस वे को एनएचएआई को सौंपने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भी लिखा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को शीघ्र ही इन परियोजनाओं पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि रायपुर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना उनकी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है।
बैठक में नगर निगम कमिश्नर अविनाश मिश्रा, पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता गोविंद अहिरवार, एनएचएआई क्षेत्रीय अधिकारी दिग्विजय सिंह, प्रबंधक तकनीकी प्रवीण विजयवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को शीघ्र ही इन परियोजनाओं पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि रायपुर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना उनकी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है।
मस्जिदों से तक़रीर का मामला गरमाने के बाद वक्फ बोर्ड ने दिया स्पष्टीकरण, कहा- इमाम धार्मिक तकरीर के लिए है स्वतंत्र
बोर्ड ने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि जुमा की नमाज के पूर्व यदि मस्जिद में धार्मिक बयान/तकरीर के अतिरिक्त कोई अन्य विषय पर जमात के समक्ष अपनी बात रखनी है तो इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा पूर्व में मुतवल्लियों (सदर) के लिए बनाये गये व्हॉट्सअप ग्रुप या फिर पत्राचार के माध्यम से वक्फ बोर्ड से अनुमति लिया जाना जरुरी होगा।
मस्जिदों के इमामों के नाम वक़्फ़ बोर्ड का पत्र –

ओवैसी ने साधा था निशाना
गौरतलब है कि एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज के कथित बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक अकॉउंट पर एक पोस्ट जारी कर इसे संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन बताते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने इस पोस्ट में लिखा- “छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार का वक़्फ़ बोर्ड चाहता है के जुमा का खुतबा देने से पहले खतीब अपने खुतबे की जांच वक़्फ़ बोर्ड से करवायें और बोर्ड की इजाज़त के बिना खुतबा ना दें। अब भाजपाई हमें बतायेंगे के दीन क्या है? अब अपने दीन पर चलने के लिए इनसे इजाज़त लेनी होगी? वक़्फ़ बोर्ड के पास ऐसी कोई क़ानूनी ताक़त नहीं, अगर होती भी तो भी वो संविधान के दफा 25 के ख़िलाफ़ होती।
रायपुर की दिव्या अग्रवाल ईस्ट एशिया म्यू थाई चैंपियनशिप खेलने हॉंगकॉंग जाएगी, अमन यादव भारतीय म्यू थाई दल के मैनेजर नियुक्त किये गए
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ (IOC) से मान्यता प्राप्त संस्था IFMA की भारत मे मान्यता प्राप्त संस्था यूनाइटेड म्यू थाई एसोसिएशन इण्डिया (UMAI) द्वारा सीनियर महिला - पुरूष (18 वर्ष से ऊपर) वर्ग की ईस्ट एशिया म्यू थाई चैंपियनशिप हॉंगकॉंग में भाग लेने 13 खिलाड़ियों और दो अधिकारियों वाले 15 सदस्यीय भारतीय म्यू थाई दल की घोषणा की गई। गर्व का विषय है कि भारतीय दल में 05 महिला खिलाड़ियों में रायपुर (छ ग) से 45kg वजन वर्ग में एक महिला खिलाड़ी दिव्या अग्रवाल और भारतीय म्यू थाई दल के मैनेजर रायपुर के ही अमन यादव चयनित किये गए है।
उपरोक्त जानकारी देते हुए राज्य म्यूथाई संघ के अध्यक्ष लखन कुमार साहू और महासचिव अनीस मेमन ने आगे बताया कि भारतीय म्यू थाई दल 27 नवंबर 2024 को नई दिल्ली से हॉंगकॉंग के लिए रवाना होगा। उल्लेखनीय हैं कि ईस्ट एशिया म्यू थाई चैंपियनशिप का आयोजन 28 नवंबर से 01 दिसंबर 2024 तक हॉंगकॉंग में किया जा रहा है।
ईस्ट एशिया म्यू थाई चैंपियनशिप, हॉंगकॉंग में महिला वर्ग की प्रतियोगिता 45kg, 48kg, 51kg, 54kg और 60kg वर्ग में खेली जाएगी वहीं पुरूष वर्ग की प्रतियोगिता 48kg, 51kg, 54kg, 57kg, 60kg, 63.5kg, 67kg और 71kg वजन वर्ग में होगी।
उक्त अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रत्येक वजन वर्ग के विजेता खिलाड़ी को 600 US डॉलर और उप विजेता को 300 US डॉलर का नगद इनाम भी दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत ही गर्व की बात है कि भारतीय दल में चयनित 08 पुरुष और 05 महिला खिलाड़ियों में रायपुर के सुप्रसिद्ध व्यवसायी और सामाजिक कार्यकर्ता अजय अग्रवाल की सुपुत्री उभरती राष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी दिव्या अग्रवाल छत्तीसगढ़ से एक मात्र चयनित खिलाड़ी हैं।
भारतीय दल के मैनेजर के रूप में नियुक्त अमन यादव भाजपा कला एवँ खेल प्रकोष्ठ के सह प्रभारी है एवं देवेंद्र नगर स्थित विवेकानंद मार्शल आर्ट्स एकेडमी और फिटनेस क्लब के संचालक भी है।
छ.ग. के सुप्रसिद्ध मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक दल्लीराजहरा के सेंसई लखन कुमार साहू के शिष्य अमन यादव विगत 10 वर्षों से रायपुर में अध्ययन करते हुए छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और वर्तमान में रायपुर में मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण लखन कुमार साहू और अनीस मेमन के निर्देशन में कर रहे हैं।
हॉंगकॉंग जाने वाली खिलाड़ी दिव्या अग्रवाल, अमन यादव की ही शिष्या है जिनकी मार्शल आर्ट्स में म्यूथाई, कराते, कलारिपयात्तु सहित अनेक खेलों में अत्यन्त रुचि है। इस तरह गुरु - शिष्या एक साथ अधिकारी और खिलाड़ी के रूप में हॉंगकॉंग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अपने वजन वर्ग में दो बार की राष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स चैम्पियन कु दिव्या अग्रवाल राष्ट्रीय खेल में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीत चुकी है और लगातार राष्ट्रीय आदि मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिताओं में उभरती खिलाड़ी रूप में अनवरत सक्रिय हैं।
पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू ने छत्तीसगढ़ में दो उप-राजधानी बनाने की रखी मांग, इन दो जिलों को किया चिन्हांकित
गरियाबंद। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने छत्तीसगढ़ में दो उप-राजधानी बनाने की मांग किया है. उन्होंने कहा कि जशपुर और जगदलपुर को उप-राजधानी बनाया जाना चाहिए. दरअसल, चंद्रशेखर साहू दो दिवसीय प्रवास पर गरियाबंद पहुंचे. इस दौरान उन्होंने यह बातें स्थानीय विश्राम गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में कही.
चंद्रशेखर साहू ने आगे कहा कि जनजाति गौरव दिवस मनाया जा रहा है. आदिवासी बाहुल प्रदेश में जनजाति के विकास को लेकर सरकार कोई कमी नहीं रख रही है. प्रदेश के जशपुर और जगदलपुर को उप-राजधानी बनाने की इच्छा जाहिर किया है. उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की यह कल्पना थी, इसके लिए वे तत्कालीन सीएम सुंदरलाल पटवा के समक्ष यह प्रस्ताव रखा था. चंद्रशेखर साहू ने कहा कि वे साय सरकार के समक्ष इस मांग को दोहराएंगे.
उन्होंने भाजपा सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया है, उनकी उन्नति और विकास को लेकर केंद्र और राज्य सरकार योजना बनाकर काम कर रही है. उप-राजधानी बन जाने के बाद विकास कार्य में तेजी जरूर आएगी.

धान खरीदी नीति पर बोले- ओडिशा सरकार भी कर रही अनुकरण
छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति को पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने किसान हितैषी बताया है. उन्होंने कहा कि इसकी खासियत के वजह से ओडिशा सरकार भी अनुसरण कर रही है. गरियाबंद के कई धान खरीदी केंद्रों में किसानों से सीधे रूबरू होकर उनकी प्रतिक्रिया जानने के बाद उक्त बाते साहू ने पत्रकारवार्ता में कही है. मरौदा खरीदी केंद्र में शेड की मांग पर चंद्रशेखर साहू ने मंडी एमडी से चर्चा कर शेड की मंजूरी देने आग्रह किया है.
सरकार की नई नीतियों के सवाल पर उन्होंने ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लांच हुआ है. जनजातीय क्षेत्रों में उद्योग लगाने प्राथमिकता तय की गई है, जिसमें बिजनेस पार्क भी शामिल है, अनुदान भी दिए जा रहे हैं, जिला को भी लाभ मिलें. 15 एकड़ में 4 करोड़ रुपये का अनुदान होगा.
राज्यपाल रमेन डेका ने विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) एमबी ओझा के निधन पर उन्हें दी श्रद्धांजलि
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका आज विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) एमबी ओझा के निधन पर शोक व्यक्त करने उनके मौलश्री विहार स्थित निवास पर गए और उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया।
उल्लेखनीय है की स्वर्गीय श्री ओझा ने1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और युद्ध में भारत की विजय के साक्षी भी रहे। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मिशनों में सभी को अपने अद्भुत शौर्य एवं पराक्रम से परिचित कराया।
184 नगरीय निकायों के कर्मचारियों ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, 6 सूत्रीय मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन
संघ के अध्यक्ष ने बताया है कि 12 नवंबर 2024 से 14 नवंबर 2024 तक बिलासपुर में 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल किया जा चुका है, लेकिन शासन द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं
नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी ने बताया, कि 6 सूत्रीय मांगों पर शासन कोई सार्थक पहल नहीं कर रही है. अब तक सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है. नगरी निकाय के कर्मचारी आगामी नगरी निकाय चुनाव में कर्मचारी वा परिवार के सदस्य मतदान में भाग नहीं लेंगे. इस संबंध में कर्मचारियों से निकाय चुनाव मतदान में भाग नहीं लेने संबंधी प्रपत्र भरवाकर जिला कलेक्टर बिलासपुर व विभागीय मंत्री नगरी प्रशासन को पत्र भेजा गया है.
प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कई नगरी निकायों में 01 से 03 माह का वेतन भुगतान लंबित है. इसी संबंध में विभागीय मंत्री अरुण साव ने नगरी निकाय के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं, कि नगरी निकायों के कर्मचारियों को 1 तारीख को वेतन भुगतान किया जाना अनिवार्य है. राज्य शासन द्वारा इस संबंध में 1 तारीख को वेतन भुगतान करने के लिए आदेश भी जारी किया गया है. लेकिन निकायों के अधिकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं.
इसलिए अब सरकार की तरफ से मांगे पूरी नहीं किए जाने के कारण 184 नगरी निकाय कर्मचारी 11 दिसंबर 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे.
इन मांगो को लेकर करेंगे अनिश्चित कालीन हड़ताल:
1. लंबित वेतन भुगतान सहित 1 तारीख को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
2. नगरीय निकायों में प्लेसमेंट ठेका पद्धति को समाप्त किया जाए.
3. नगरीय निकायों में ओल्ड पेंशन योजना शीघ्र ही लागू किया जाए.
4 नगरीय निकायों में मृतक कर्मचारी के परिवारों के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए.
5. नगरीय निकायों में 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को शीघ्र ही पदोन्नति का लाभ दिया जाए.
6. छठवें एवं सातवें वेतनमान की एरियर राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए.
देश का 56वां टाइगर रिजर्व बना गुरु घासीदास-तमोर पिंगला उद्यान, नोटिफिकेशन जारी
रायपुर। साय सरकार ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गुरु घासीदास-तमोर पिंगला क्षेत्र को देश के 56वें बाघ अभयारण्य (टाइगर रिजर्व) के रूप में अधिसूचना जारी किया है. यह कदम वन्यजीव संरक्षण और बाघों के संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. बता दें कि यह नया बाघ अभयारण्य 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. वन मंत्री केदार कश्यप ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.
मंत्री कश्यप ने एक्स पर लिखा है – दहाड़ें और तेज होगी। जैसे-जैसे भारत बाघ संरक्षण में नए मील का पत्थर छू रहा है, हमने छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया है. गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. भारत एक ऐसे हरित भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, जहां मनुष्य और जानवर सद्भावनापूर्वक सहवास कर सकें. प्रदेशवासियों को बधाई.

CGPSC भर्ती घोटाला: CBI ने पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को किया गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है. सोमवार को मामले में आरोपित सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि CBI ने कुछ महीने पहले ही तामन सिंह सोनवानी के घर पर छापा मारा था, जिसके बाद अब उनकी गिरफ्तारी की गई है। सोनवानी पर चयन के एवज में अभ्यर्थियों से 45 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। इसके अलावा, रायपुर की एक बड़ी कंपनी के डायरेक्टर को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
CBI ने इनके खिलाफ दर्ज की FIR
गौरतलब है कि CBI ने सीजीपीएससी में गड़बड़ी मामले में जिन पर एफआईआर दर्ज किया है, उसमें तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जेके ध्रुव और अन्य के खिलाफ कथित भाई-भतीजावाद और अपने अयोग्य बेटों, बेटी, रिश्तेदारों और परिचितों को जिला कलेक्टर, डिप्टी एसपी के बड़े पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए मेरिट सूची में डालने का आरोप है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में चित्रकोट में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में चित्रकोट में आयोजित बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की पहली बैठक में बस्तर में पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म कॉरिडोर बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही बस्तर अंचल के पर्यटन के लिए चिन्हित स्थानों को विकसित करने के लिए रणनीति तैयार की गई। बैठक में बस्तर में एनएमडीसी द्वारा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण के संबंध में भी चर्चा की गई। इस मौके पर श्री साय ने सौर समाधान और मनो बस्तर एप्प लॉन्च किया तथा सौर ऊर्जा चलित पॉवर बैंक का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धूड़मारास गांव के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे बस्तर को नई पहचान मिली है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धूड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राधिकरण की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने बस्तर और सरगुजा के विकास पर अपना ध्यान विशेष रूप से केंद्रित किया है। इन क्षेत्रों के विकास में आदिवासी विकास प्राधिकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। सीएसआर मद में भी काफी राशि उपलब्ध है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। केन्द्र और राज्य दोनों में जनजातीय समुदायों के विकास के लिए संवेदनशील सरकारें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादी आतंकवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में राज्य में बेहतर काम हो रहा है। माओवादी आतंकवाद छोटे से क्षेत्र में सिमट कर रह गया है। हम लोगों ने बस्तर में पूर्ण शांति बहाली करते हुए अंदरूनी क्षेत्रों तक लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का संकल्प लिया है। यह तभी होगा जब शासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत होगा। यह विश्वास विकास से ही निर्मित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के तहत 34 नए सुरक्षा कैंप खोले गए हैं जहां ग्रामीणों को विभिन्न सुविधाएं भी दी जा रही हैं। बस्तर में शांति कायम हो, इसके लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें सतत प्रयास कर रही हैं। बैठक में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों से अमूल्य सुझाव मिले। सभी टीम भावना से काम करके विकास के प्रति एकजुटता दिखाएं।
केशकाल घाट सुधार कार्य को जल्द पूर्ण कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री साय ने केशकाल घाट सुधार कार्य को जल्द पूर्ण कराने और प्राधिकरण मद से स्वीकृत सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने निर्देशित किया। उन्होंने कलेक्टर बस्तर को देवगुड़ी, मातागुडी के अप्रारंभ कार्यों को डेढ़ महीने में पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने दंतेवाड़ा के ग्राम नेरली, धुरली में लाल पानी की समस्या सहित विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए एनएमडीसी को समाधानकारक उपाय करने के निर्देश दिए और कहा कि संबंधित कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर संयुक्त बैठक कर आवश्यक पहल करें।
मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नियद नेल्लानार जैसी योजना और बस्तर ओलंपिक का आयोजन मुख्यमंत्री जी के विकास की पहल को दर्शाता है। वन मंत्री केदार कश्यप ने मत्स्यपालन, डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने नदी किनारे विद्युत लाईन बिछाने, अटल व्यावसायिक परिसर, एफआरए क्लस्टर में सामूहिक खेती को प्रोत्साहित करने के सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, ऐसे में बस्तर में नई खेल अकादमियों की स्थापना के लिए पहल की जाए।
वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी ने क्षेत्र में होटल मैनेजमेंट संस्थान, नर्सिंग कॉलेज, ऑर्गेनिक, नैचुरल फॉर्मिंग प्रारंभ करने पोटा केबिन को स्थायी बनाने का सुझाव दिया। बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने बस्तर क्षेत्र में शिक्षा, उद्यमिता के विकास के लिए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रत्येक गांव में कृषि सेवा केंद्र प्रारंभ करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर को पर्यटन के क्षेेत्र में विश्व पटल पर स्थापित करने पर भी बल दिया। विधायक किरणदेव सिंह ने कहा कि शोधार्थी छात्रों को सुविधाएं देने सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटल लैबोरेटरी की स्थापना की जाए।
आकांक्षी जिलों में अभियान चलाकर रिक्त पदों की भर्ती
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पुलिस बलों को बड़ी सफलता मिल रही है। प्रभावित क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को पहुंचाने 95 गांवों में सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने आकांक्षी जिलों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जिला प्रशासन को अभियान चलाकर प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। कांकेर कलेक्टर ने बैठक में बताया कि रावघाट परियोजना के तहत प्रभावित सभी किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। बीएसपी के प्रतिनिधि ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र के 153 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। सचिव शिक्षा ने बताया कि बस्तर अंचल में एक भी स्कूल बंद नहीं किया गया है। उन्होंने भवनविहीन स्कूलों के लिए भवन का प्रावधान करने की जानकारी दी।
बैठक में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सहित बस्तर सांसद महेश कश्यप और बस्तर संभाग के समस्त विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रमुख सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विभाग, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और राहुल भगत, सदस्य सचिव प्राधिकरण डॉ बसवराजु एस., विभिन्न विभागों के सचिव, कमिश्नर बस्तर, आईजी, सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बैठक में उपस्थित थे।
CD कांड: CBI ने सुप्रीम कोर्ट से अपना आवेदन लिया वापस, राज्य में ही हो सकती है सुनवाई
रायपुर। सीबीआई ने 2017-18 के बहुचर्चित सीडी कांड मामले में सुप्रीम कोर्ट में दीगर राज्य में सुनवाई के लिए दिया गया आवेदन वापस ले लिया है। इस विवादास्पद मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके सलाहकार विनोद वर्मा मुख्य आरोपी हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने सीडी बनाकर उसे वायरल और वितरित किया। दोनों आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं।
मूलभूत सुविधा के लिए धरने पर बैठे आदिवासी परिवार, कहा – अपना हक लेकर रहेंगे…
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती में सड़क की मांग को लेकर अब करीब 20 आदिवासी परिवार धरने पर बैठ गए है. ठाकुरमुडा मोहल्ले के बूढ़े, बच्चे, महिला सभी इस बार सड़क की मांग को लेकर सक्ती नगर पालिका के सामने धरना देकर नारेबाजी कर रहे.
धरने में बैठे आदिवासी परिवार का कहना है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बेसुध हो चुके हैं, जिन्हें हम वार्डवासियों की तकलीफ दिखाई नहीं देती. दो दिन पूर्व लापता अध्यक्ष और लापता पार्षद के पोस्टर लगाने का उद्देश्य यही था कि शायद उन्हें शर्म आ जाए और वो हमारी सुध लेने ओर तकलीफ जानने मोहल्ले में आए, मगर उनकी सोच गलत साबित हुई. ये सभी जनप्रतिनिधि मतलबी हैं.
आदिवासी परिवारों ने कहा, केवल चुनाव में ही हम याद आते हैं और चुनाव के बाद हमारी तकलीफ से उन्हें कोई मतलब नहीं रहता इसलिए अब सभी मोहल्ले वासियों ने निश्चय कर लिया है कि जब तक हमारे मोहल्ले के लिए सड़क नहीं बन जाती तब तक धरने पर यूंही बैठे रहेंगे. इसके बाद भी अगर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो आमरण अनशन शुरू करेंगे, लेकिन अपना हक अपनी मूलभूत सुविधा का अधिकार ले के रहेंगे.
छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से, अधिसूचना जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो जा रहा, जो 20 दिसंबर तक चलेगा. इस सत्र में कुल 4 बैठकें होगी. इसकी अधिसूचना छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा ने जारी कर दिया है. यह सत्र छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का चतुर्थ सत्र है. इस सत्र में वित्तीय कार्य के साथ अन्य शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे.

जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित
जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बैगा, गुनिया और सिरहा जैसे परंपरागत जनजातीय समुदायों को अब प्रत्येक वर्ष 5-5 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। यह पहल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन देने के साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के फैसले छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके गौरव को बढ़ाने में सहायक साबित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समुदाय की परंपराओं को संजोने और उन्हें समाज के विकास में भागीदार बनाने के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, पूर्व विधायक महेश गागड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन और स्टाल्स का अवलोकन





प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के आयोजन हेतु विशेष तैयारियां की गई थीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन एवं विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। प्राधिकरण के बैठक स्थल पर संभाग के सात जिलों बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को स्टॉल के जरिए साझा किया गया। इन स्टालों में विकास और नवाचार की विस्तृत झलक दिखी।
‘बस्तर कॉफी’ के सफर की दिखी झलक
बस्तर जिले के स्टाल में ‘बस्तर कॉफी’ की प्रक्रिया और उसके प्रसार को रोचक ढंग से दिखाया गया है। प्रदर्शनी में कॉफी उत्पादन, ताजा चेरी उत्पादन से लेकर कॉफी की धुलाई, भुनाई, पिसाई और पाउडर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया है। ‘बस्तर कैफे’ की पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया है। बस्तर कॉफी ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है।
कला और नवाचार का संगम
कोण्डागांव जिले ने स्टाल के माध्यम से अपनी पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक विकास परियोजनाओं को सामने रखा है। झिटकू मिटकी आर्टिसन प्रोड्यूसर ने बेल मेटल कला से अयोध्या के श्री राम मंदिर के स्थापत्य को प्रदर्शित किया। इस दौरान जिले में हो रहे पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने गारमेंट फैक्ट्री, एनीमिया मुक्त कोण्डागांव अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, ‘मावा कोण्डानार’ मोबाइल ऐप: पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जानकारी दी गई।
शिक्षा और बाल विकास में नवाचार
दंतेवाड़ा जिले ने शिक्षा और बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को साझा किया। बाल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल से बाहर और अप्रवेशी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल शुरू की गई है । बाल मित्र पुस्तकालय एवं पंचायत के जरिए बच्चों को नेतृत्व और निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास के लिए भी अहम साबित हो रहा है।
लघु वनोपज से बढ़ती आजीविका
कांकेर जिले में लघुवनोपज आधारित परियोजनाओं और उद्यानिकी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। फ्रेश सीताफल परियोजना स्थानीय किसानों सहित स्वसहायता समूह की दीदियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनी है। पोषण और रोजगार, लघु धान के मछली पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन में रोजगार के नए अवसर और आजीविका संवर्धन की जानकारी दी गई है।
महिला सशक्तिकरण का उदाहरण
नारायणपुर जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। स्वसहायता समूहों की दीदियों ने हर्बल गुलाल, मशरूम उत्पादन, कड़कनाथ पालन और बटेर पालन जैसी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। इन गतिविधियों से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है। पोषण आहार और एकीकृत कृषि, कृषि में नवीन तकनीकों के समावेश का प्रदर्शन किया गया है।
यातायात और आवासीय योजनाओं की प्रगति
सुकमा जिले के स्टाल में आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है। हक्कुम मेल अंतर्गत यातायात सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना,आवासीय परियोजनाओं से सकारात्मक बदलाव, लखपति दीदी योजना मरईगुड़ा (वन) पंचायत, महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण में हो रहे सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित किया गया।
‘नियद नेल्ला नार’ योजना के सकारात्मक परिणाम
बीजापुर जिले में प्रदेश सरकार द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें ग्रामीणों के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए तकनीकी और स्थानीय संसाधनों का उपयोग, जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन के माध्यम से दुनिया के पटल पर रखने के प्रयासों की जानकारी दी गई है।
विवादों में घिरा आईआईटी भिलाई का मिराज कार्यक्रम : स्टैंडअप कॉमेडियन यश राठी ने अश्लील स्पीच के साथ भगवान राम पर की अभद्र टिप्पणी, प्रबंधन ने की जांच कमेटी गठित
दुर्ग। आईआईटी भिलाई में आयोजित मिराज कार्यक्रम का विरोध शुरू हो चुका है. यह विरोध स्टैंडअप कॉमेडियन यश राठी के द्वारा IIT BHILAI के एनुअल फंक्शन में अश्लीलता परोसने पर किया जा रहा है. वहीं यश राठी ने भगवान राम पर भी अभद्र टिप्पणी किया. जिसका विरोध शुरू हो चुका है और आईआईटी की गरिमा पर भी सवाल उठ रहे हैं.

इस कार्यक्रम के दौरान यश ने अपने स्पीच में अश्लील गालियां दी, जिसे सुनकर वहां बैठे प्रोफेसर और उनके परिजनों को अपना कान बंद करना पड़ गया. जिसका वीडियो भी स्टूडेंट ने बनाया है. यह वीडियो सोशल मीडिया में आने के बाद अब हिंदू संगठनों ने आईआईटी प्रबंधन का विरोध शुरू कर दिया है. IIT BHILAI के डायरेक्टर राजीव प्रकाश का कहना है कि उन्होंने इस मामले में जांच के लिए कमेटी गठित की है. इस आयोजन में जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने तीन सदस्यीय प्रोफेसर की जांच टीम को गठित किया है. जांच टीम ये पता लगाएगी कि कोसा ने यश राठी को सिलेक्ट करने से पहले क्या देखा. किस आधार पर उन्होंने उसे यहां गेस्ट के रूप में बुलाया. उसे अश्लील स्पीच देने के लिए पहले से रोका गया था या नहीं.

IIT में हर साल स्टूडेंट आपस में कंट्रीब्यूशन कर मिराज के रूप में एनुअल फंक्शन आयोजित करते हैं. उसका आयोजन कोसा (काउंसिल ऑफ स्टूडेंट्स अफेयर) नाम की स्टूडेंट्स कमेटी करती है. इसमें 7-8 बच्चों को शामिल किया जाता है. यही बच्चे पूरे आयोजन की तैयारी, फंडिंग, आयोजन की रूप रेखा और यहां तक की गेस्ट तक का सिलेक्शन करते हैं. यश राठी को बुलाए जाने पर अब इसी कमेटी के ऊपर सवाल उठ रहे हैं 9 नवंबर की रात मेराज में गाने, बैंड और कॉमेडी के लिए सेलिब्रिटी को बुलाया गया था. जिसमें स्टैंडअप कॉमेडियन और अश्लील स्पीच देने के लिए पॉपुलर और यू-ट्यूबर यश राठी को बुलाया गया था.
यश राठी ने कार्यक्रम की शुरुआत तो इंग्लिश स्पीच से की, लेकिन जैसे ही उन्होंने हिंदी में बोलना शुरू किया, अश्लील और गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया कि वो वहां बैठे गर्ल्स स्टूडेंट्स के परिजन और प्रोफेसर ने अपना कान बंद कर लिया. अश्लील बातें इतनी ज्यादा थी की कुछ लोग कार्यक्रम से उठकर चले गए. हालांकि, स्टैंडअप कॉमेडियन यश राठी पूरा समय नहीं बोल पाए और आयोजकों ने उन्हें बीच में ही रोक कर कार्यक्रम बंद करा दिया. इस आयोजन के बाद से IIT BHILAI के प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं. इस अश्लील स्पीच की वजह से उसकी गरिमा और संस्कार पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसके लिए जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी.