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पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पत्रोपाधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर राम प्रताप सिंह एवं सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने का संदेश दिया गया। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के परिवारजनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सहयोग, त्याग एवं मार्गदर्शन में आपने ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने छात्रों से कहा कि आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां आपके कठिन परिश्रम, समर्पण, आपकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 21 मार्च 2005 को स्थापित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति लाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के सपनों को गढ़ने एवं साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड दिए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि विकसित भारत, समृद्ध भारत की संकल्पना पर आधारित है। विकसित भारत संकल्पना के जरिए क्षेत्र के सभी नागरिकों को अपनी क्षमता के अनुसार विकास करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजाति क्षेत्र में रहने वाले अति पिछड़े समुदायों तथा कॉविड-19 से प्रभावित लोगों को शिक्षा का अवसर प्रदान कर अपने सामाजिक सरोकारों के उद्देश्य को भी पूरा कर रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक एवं उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। श्री साय ने कहा मुझे प्रसन्नता है कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र यह मुक्त विश्वविद्यालय अपने अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूरस्थ अंचलों में बसे ऐसे शिक्षार्थियों के लिए जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं या नौकरी पेशा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो अपने भावी सपनों को साकार करना चाहते हैं, उनके लिए यह विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रमुख केंद्र बन गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं स्वयं राज्य के दूरस्थ क्षेत्र जशपुर का हूं इसलिए मैंने हमारे छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों के लोगों की कठिनाईयों को बहुत नजदीक से देखा है मैं दूरस्थ अंचलों में बसे हमारे राज्य के लोगों की कठिनाईयों को महसूस कर सकता हूं। मुझे खुशी है कि विश्वविद्यालय अपने ध्येय वाक्य ‘‘उच्च शिक्षा आपके द्वार‘‘ के अनुरूप अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा का मूल उद्देश्य सर्वे भवंतु सुखिनः के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना है। हमारे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय को यूजीसी के 235 विश्वविद्यालयों की उस सूची में शामिल किया गया है, जो संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री दे सकता है। अब यह विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री के लिए कार्यक्रम शुरू कर सकता है, यह खुशी की बात है कि हमारे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा मेरा सुझाव है कि विश्व के लोगों का छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति से परिचय कराया जाए, इस दिशा में छत्तीसगढ़ी भाषा में पाठ्यक्रम की शुरुआत इस विश्वविद्यालय ने की है यह सराहनीय कदम है। इस विश्वविद्यालय का अध्ययन-अध्यापन के साथ यह भी दायित्व बनता है कि छत्तीसगढ़ अंचल के भाषा, संस्कृति को समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में उपस्थित जनों से ‘‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘‘ से जुड़ने की अपील की और कहा कि अपने आसपास सुलभ स्थान देखकर आप सभी एक पेड़ माँ के नाम जरुर लगाएं और उसकी देखरेख करें।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। रामचरितमानस के पाठ्यक्रम संचालित कर यहां पर आध्यात्म से जुड़ी शिक्षा दी जा रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए पाठ्यक्रम में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है और विषयों के बंधन से मुक्त किया गया है। योग्यता, गुणवत्ता एवं आवश्यकता पर आधारित विषयों को समाहित कर पाठ्यक्रम को वर्तमान उद्देश्यों के अनुरूप बनाया गया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन देते हुए स्वर्ण पदक, उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा व्यक्ति के लिए शिक्षा एवं संस्कार महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। शिक्षा मनुष्य को अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित कौशल प्रदान करता है, वहीं संस्कार मनुष्य को समाज में श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मानव जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखता है शिक्षित व्यक्ति अपना समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कुलपति प्रोफेसर बंशगोपाल सिंह ने इस गरिमामय अवसर पर सभी विद्याार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह विश्वविद्यालय पूरे छत्तीसगढ़ में 105 से अधिक अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक उच्च शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत है।
इस अवसर पर बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तुरी विधायक दिलीप लहरिया, जिला पंचायत बिलासपुर अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान, प्रबुद्ध नागरिक, विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के दूसरी बार अध्यक्ष बने कमल वर्मा, निर्विरोध जीते चुनाव…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष चुनाव में कमल वर्मा को दूसरी बार जीत मिली है. इस चुनाव में कोई और प्रतिद्वंदी ना होने के कारण उन्हें चुनाव में निर्विरोध विजेता घोषित किया गया है. चुनाव परिणाम की घोषणा निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर अजय पाठक ने की. उन्होंने कहा कि कोई प्रत्याशी नहीं होने कारण कमल वर्मा निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं.
वहीं चुनाव में जीत के बाद कमल वर्मा ने कहा कि जिस जिम्मेदारी और उम्मीद से मुझे दोबारा अध्यक्ष बनाया गया है, उस जिम्मेदारी और उम्मीद को मैं पूरा करूंगा.
फूड प्वाइजनिंग और डायरिया से बचाव के लिए प्रशासन का जागरुकता अभियान जारी, होटलों में ट्रेनिंग और जांच के साथ हो रही कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नियंत्रक खाद्य और औषधि प्रशासन बारिश के मौसम में खाद्य और पीने के पानी से होने वाली बीमारियां से आमजन की सुरक्षा को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है. प्रदेश के सभी जिलों में विभाग की तरफ से खाद्य परीक्षण लैब बनाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ खाद्य कारोबारियों को भी खाद्य पदार्थों को लेकर ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके अलावा प्रशासन की तरफ से सभी जिलों में जांच और कार्रवाई भी जारी है.
- पिछले 3 महीने में हाट बाजारों, बस स्टैंड और भीड़ वाली जगह पर 100 से अधिक जन जागरूकता कार्यक्रम किया गया है.
- पिछले 3 महीने में कुल 400 से अधिक खाद्य कारोबारी को खाद्य सुरक्षा के संबंध में विभाग के सहयोग से अधिकृत एजेंसियों द्वारा FOSTAC प्रशिक्षण दिया गया है.
- जिला रायपुर के रामा डेयरी में जांच की गई जहां पर अनहाडेरीइजीन कंडीशन में 50 किलोग्राम क्रीम का रखा जाना पाया गया स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए अधिकारियों द्वारा तुरंत नष्ट कराया. साथ ही खुला हुआ दही पनीर इत्यादि के विधिक नमूने लिए गए.
- गुढ़ियारी के कान्हा डेयरी में भी जांच कर विधिक नमूने लिए गए.
- बैजनाथ पर स्थित कुकर बिरयानी पर भी अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जांच करवाई की गई जिसमें 20 किलोग्राम बासी चिकन पाया गया जिसे मौके पर नष्ट कराया गया तथा धारा 32(1) के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया.
- शंकर नगर स्थित फर्म आनंद डेयरी एंड स्वीट्स की जांच की गई और उक्त फर्म से जांच हेतु पनीर का विधिक नमूना संकलन किया गया.
- जिला बलरामपुर में. ठेला , खोमचा और अस्थाई स्टॉल में खाद्य पदार्थों की जांच और दुग्ध उत्पाद की जांच की गई. अनियमित पाए जाने पर नोटिस दिया गया.
- जिला सरगुजा में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से जिला सुधार के आसपास के होटल कौन से ठेला और खाद्य संस्थान में पारस से जाने वाले खाद्य पदार्थ पेयजल इत्यादि
- कुल 32 स्थान की जांच कीजिए जानकारी 5 अवमानक पाया गया , जिसका विधिक नमूना लेकर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया.
- जिला मनेद्रगढ़ में भी जांच करवाई दौरान खुला हुआ दूध और पनीर के विधिक नमूने जांच हेतु भेजें गए.
- जिला बलौदा बाजार में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से 5 दुग्ध संस्थान से कुल 14 जांच किए गए, सभी संस्थाओं को नोटिस दिया गया.
- जिला बलौदा बाजार में कुल 10 होटल रेस्टोरेंट्स और फल storage की भी जांच की गई जहां पर चिकन फ्राई ,पोहा, पनीर, बालूशाही ,सीख कबाब, बॉयल्ड एग, मैदा जैसे पदार्थ कुल लगभग 20 किलोग्राम में डस्ट पार्टिकल पाए जाने पर नष्ट कारण की कार्रवाई की गई व कुल 7 संस्थाओं को नोटिस जारी किया गया.
- जिला गरियाबंद के देवभोग साप्ताहिक बाजार में खाद्य औषधि प्रशासन की टीम और एसडीम के द्वारा अस्थाई स्टॉल, ठेला, पसरा, खोमचा की जांच कर लोगों को जागरूक करते हुए नियमों के पालन हेतु निर्देश दिए.
- जिला जिला बिलासपुर में डेरी फार्म का निरीक्षण किया गया तथा आशंका होने पर दही का खुला विधिक नमूना लिया गया.
- जिला दुर्ग में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से 33 खाद्य पदार्थों की जांच की गई अमानक पाए गए दूध व दही का विधिक नमूना लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया.
- जिला सारंगढ़ वह बिलाईगढ़ में भी बरसात के सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु होटल ढाबा और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया. अनहाइजीनिक कंडीशन में पाए गए खाद्य पदार्थों व रसमलाई को नष्ट कराया गया. साथ ही खाद्य तेलों की उपयोग की निर्धारित सीमा उपयोग कर ने की समझाइए दी गई .
- मुंगेली जिले के सरगांव ब्लॉक पथरिया से दही का लीगल सैंपल और पनीर, मिक्चर, टोस्ट का सर्वेलेंस नमूना लिया गया। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा का निरीक्षण किया गया साफ सफाई हेतु निर्देश दिए गए साफ पेयजल उपलब्ध कराने, मक्खियों से बचाव हेतु खाद्य पदार्थ को ढक कर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
राजस्व प्रकरणों का पंजीयन और पेशी की तारीख अपडेट नहीं करने वाले अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्यवाही : मंत्री टंकराम वर्मा
रायपुर। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज प्रेसवार्ता लेकर राज्य में चलाए जा रहे राजस्व पखवाड़ा, राजस्व प्रकरणों एवं अन्य राजस्व विषयों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राज्य में सुशासन स्थापित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आमजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राजस्व पखवाड़ा में राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 6 से 20 जुलाई तक सभी जिलों के ग्रामों में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से बी-1, खसरा के नकल एवं किसान किताबों के आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निराकरण किया जाएगा। इसी तरह आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र संबंधी समस्त आवेदनों को लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाईन प्रविष्टि एवं शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। शिविर में प्राप्त होने वाले फौती नामांतरण, बटवारा, त्रुटि सुधार के प्रकरणों का मौके पर ही ऑनलाईन अपलोड कर हल्का पटवारी द्वारा प्रतिवेदन, पंचनामा आदि की प्रविष्टि एवं मौके पर ईश्तहार जारी कर पक्षकारों को तामिल कराया जाकर प्रकरणो का निराकरण किया जाएगा। राज्य में अभी 7 लाख 4 हजार 154 दर्ज प्रकरणों में से 5 लाख 90 हजार 490 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। लंबित प्रकरणों को समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश संबंधित राजस्व अधिकारियों को दिए गए।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए नहीं भटकना पड़ेगा : राजस्व पखवाड़ा में होगा त्वरित निराकरण
लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल राजस्व प्रकरणों की समय-सीमा में होगी कार्यवाही
लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत् राजस्व विभाग के 25 सेवाओं को अधिसूचित किया गया है। इसमें नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, ऋण पुस्तिका, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, अपील, पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन के मामले, त्रुटि सुधार, राजस्य पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से हुए क्षति पर आर्थिक सहायता के प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा अंदर निराकरण किया जाएगा। विवादित प्रकरणों के निराकरण हेतु सभी राजस्व अधिकारी नियमित रूप से न्यायालय में आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन कर गुणवत्ता युक्त निर्णय यथाशीघ्र सुनिश्चित करेंगे।
प्राकृतिक आपदा से निपटने 143 करोड़ 54 लाख रूपए की राशि जारी
बैंक खाते, यूपीआई आईडी और नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा कर सकेंगे भू-राजस्व
राजस्व मंत्री ने कहा कि राजस्व न्यायालय के सभी पीठासीन अधिकारियों को सभी राजस्व प्रकरणों को पंजीकृत करने, शून्य आदेश पत्र वाले प्रकरणों एवं ऐसे प्रकरण जिसमें पेशी तारीख की तिथि अद्यतन नहीं किये है, उन्हें शीघ्र ही पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया जा रहा है, अन्यथा अनुशानात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 अंतर्गत प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, आकाशीय बिजली गिरने, अग्नि दुर्घटना से होने वाले फसल क्षति, मकान क्षति और पशु एवं जनहानि हेतु आर्थिक सहायता हेतु समी 33 जिलों को 143 करोड़ 54 लाख रूपये की राशि जारी की जा रही है। भू-अभिलेख संबंधी समस्याओं जैसे भुईयां सॉफ्टवेयर, भू-नक्शा एवं ई-कोर्ट में तकनीकी कारणों से होने वाले समस्या से निपटने के लिए सभी जिलों में एक-एक सहायक प्रोग्रामरों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। क्लाउड में स्पेस बढ़ाया जा रहा है। भुईयां और ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में व्हाट्स एप का इंटीग्रेशन किया जा रहा है। जिससे जन सामान्य को सभी तरह की सूचनाएं व्हाटस-एप से मिल सकें। सभी प्रकार के भू-राजस्व प्राप्तियों के लिए पेमेंट गेट-वे की शुरूआत की जा रही है। अभी तक ट्रेजरी चालान के माध्यम से भू-राजस्व जमा होता था। अब बैंक खाते, यूपीआई आईडी और नेट बैंकिंग के माध्यम से भू-राजस्व जमा किया जा सकता है। भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाईल नंबर और किसान किताब नंबर की प्रविष्टि यथाशीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण जावेगा।
स्वामित्व योजना अतर्गत राज्य के सभी ग्रामों की आबादी भूमि का ड्रोन के माध्यम से सर्वे का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिसमें से 10375 ग्रामों का मैप-1 प्राप्त हो गया है। अक्टूबर 2024 तक सभी ग्रामों के आबादी भूमि धारकों को अधिकार अभिलेख वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
जियो रिफ्रेसिंग डाटा निर्माण के लिए चिप्स तकनीकी एजेंसी नियुक्त
कोटवारों द्वारा विक्रय की गई सेवाभूमि और कोटवारी भूमि के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही शीघ्र ही करने निर्देशित किया गया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे हर मौसम में उगाये फसल का रिकार्ड रखने हेतु जियो टैगिंग के माध्यम से फील्ड में जाकर ही फसल सर्वेक्षण (गिरदावरी) मोबाईल एप के माध्यम से किया जा रहा है। इससे राज्य, जिला, तहसील एवं ग्राम में उगाई जाने वाली फसलों की जानकारी आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा। जिससे फसलों के आयात-निर्यात, प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतु आवश्यक डाटा उपलब्ध होगी। जियो-रिफ्रेंसिंग प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजनांतर्गत राज्य के सभी राजस्व ग्रामों के पटवारी नक्शा का जियो रिफ्रेसिंग कर डाटा निर्माण किये जाने की कार्यवाही राज्य में प्रारंभ हो गई है, जिसके लिए चिप्स को तकनीकी एजेंसी नियुक्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका : नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत पार्षदों ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा
सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ में फिर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. नगर पंचायत भटगांव के निर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत कांग्रेस के पार्षदों ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. पूर्व एल्डरमेनों ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.
नगर पंचायत अध्यक्ष नर्मदा अमित कौशिक, उपाध्यक्ष प्रवेश दुबे ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को व्हाट्सएप पर अपना इस्तीफा भेजा है.
विधायक ने जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार का लगाया था आरोप
बता दें कि शुक्रवार को कांग्रेस विधायक कविता प्राण लहरे ने भटगांव में चक्काजाम किया था. उन्होंने भटगांव के जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. इससे आहत होकर कांग्रेस पार्टी से नगरपंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों ने इस्तीफा दिया है. इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई है.
EPFO में असिस्टेंट ऑफिसर और ESIC में नर्सिंग ऑफिसर के लिए परीक्षा कल, अभ्यर्थियों को आधे घंटे पहले पहुंचना होगा परीक्षा केंद्र
रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से 7 जुलाई को ईपीएफओ में असिस्टेंट ऑफिसर और ईएसआईसी में नर्सिंग ऑफिसर के लिए परीक्षा आयोजित की गई है. जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले केंद्र में पहुंचे. निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
रायपुर कलेक्ट्रेट के रेडक्रास सभाकाक्ष में परिवहन अधिकारी सह पर्यवेक्षक और केंद्राध्यक्ष की बैठक हुई, जिसमें रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और ऑब्जर्वर श्रवण बंसल मौजूद रहे. कलेक्टर ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग के नियमों का पालन किया जाए और सभी अभ्यर्थियों से विनम्र व्यवहार रखें. परीक्षा केंद्रों में लाइट, पंखा,पार्किंग, टेबल व पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. परीक्षा केंद्रों में पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित समय पर ही प्रवेश दिया जाएगा. परीक्षा केंद्रों में सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाए.
गौरतलब है कि परीक्षा प्रथम पाली में 9.30 बजे से 11.30 बजे तक 3 केंद्रों में और द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से 4 बजे के मध्य 20 केंद्रों में आयोजित की जाएगी. परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लेकर जाने पर प्रतिबंध किया गया है. ई प्रवेश पत्र तथा पहचान पत्र के साथ उपस्थिति अनिवार्य है. प्रशिक्षण में जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप, संघ लोक सेवा आयोग के राजकुमार सोलंकी, एडीएम कीर्तिमान सिंह राठौर व अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे.
डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्र की अखंडता और समाज की उन्नति के लिए आजीवन कार्य करने वाले महान चिंतक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्री साय ने कहा कि देश की एकता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘‘अद्वितीय प्रयासों’’ के लिए प्रत्येक भारतीय उनका ऋणी है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत की और एक मजबूत तथा समृद्ध राष्ट्र का सपना देखा। हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. मुखर्जी ने भारतीय राजनीति और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया। उनके विचार और आदर्श आज भी हमें प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों पर चलते हुए हम एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हैं।
सिविल जज परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों को मिली पोस्टिंग, हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश
बिलासपुर। सिविल जज परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों को पोस्टिंग दी गई है. उनकी नियुक्ति सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर परिवीक्षा पर की गई है. उन्हें 12 जुलाई तक पदस्थापना स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं. इसका आदेश हाईकोर्ट के रजिस्टार जनरल ने जारी किया है.
MD अबिनाश मिश्रा का बड़ा एक्शन, स्मार्ट रोड निर्माण में लेट लतीफी पर एजेंसी का कांट्रेक्ट किया खत्म
रायपुर। प्रबंध संचालक अबिनाश मिश्रा ने कड़ी कार्यवाही करते हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत लाखे नगर चौक से बूढ़ेश्वर चौक तक स्मार्ट रोड निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब, कार्य की धीमी गति व मानक स्तर की गुणवत्ता न पाए जाने पर कार्य एजेंसी मेसर्स मोहम्मद फारूक वारसी जे.वी. एवं मेसर्स राजपाल कंस्ट्रक्शन का अनुबंध निरस्त कर दिया है। एजेंसी को तत्काल कार्य स्थल खाली कर स्मार्ट सिटी को हैंड ओवर करने को कहा गया है।
कार्य एजेंसी को 31 मार्च 2022 को कार्यादेश सौंपकर लाखे नगर चौक से बूढ़ेश्वर चौक तक स्मार्ट रोड निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। 6 नोटिस के बाद भी उक्त एजेंसी द्वारा न तो वर्क शेड्यूल जमा किया जा रहा था, न ही कार्य की गति बढ़ाने अपने स्तर से कोई भी प्रयास किया जा रहा था। अकारण काम बंद करने, निर्माण एवं विध्वंस सामग्री कार्य स्थल पर छोड़ने से आम नागरिकों को भी परेशानी हो रही थी एवं यातायात भी निरंतर बाधित हो रहा था। इस कार्यक्षेत्र में स्ट्रीट लाइट पोल लगाने की भी जिम्मेदारी भी इस एजेंसी को दी गई थी, जिसकी भी गति अत्यंत धीमी एवं नगण्य थी। रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के तकनीकी अमले ने अपने स्थल निरीक्षण में भी कार्य एजेंसी के तकनीकी कर्मचारियों की अनुपस्थिति व कार्य की गुणवत्ता के संबंध में चेतावनी दी थी, बावजूद इसके आम नागरिकों की सेवा से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में एजेंसी ने उदासीनता दिखाई, जिससे न केवल आम नागरिकों को असुविधा हो रही थी, बल्कि दुर्घटना की भी आशंका बनी हुई थी।
प्रबंध संचालक श्री मिश्रा ने अपने निरीक्षण भ्रमण के दौरान कार्य एजेंसी की लापरवाही संज्ञान में आने पर इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्यवाही की है एवं अनुबंध की शर्तों के अध्यधीन मेसर्स मोहम्मद फारूक वारसी जे.वी., मेसर्स राजपाल कंस्ट्रक्शन का अनुबंध समाप्त कर दिया है एवं कार्य स्थल तत्काल खाली कर विभाग को हैंड ओवर किए जाने का आदेश जारी किया है।
जनसहयोग से खैरागढ़ में खुला प्रदेश का दूसरा एस्ट्रोनॉमी लैब, इस स्कूल में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने की थी पढ़ाई
खैरागढ़। जिले के स्कूली छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात मिली है. प्रदेश का दूसरा और संभाग का पहला एस्ट्रोनॉमी लैब खैरागढ़ शहर स्थित शाला क्रमांक 2 में बनाया गया है, जिसका शुभारंभ राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने किया. बता दें कि खैरागढ़ शहर की इस शाला में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी पढ़ाई की थी. इस स्कूल का भवन बीते कुछ वर्षों से जर्जर हो चुका था, जिसको जनभागीदारी जनसहयोग से एस्ट्रोनॉमी लैब में परिवर्तित किया गया है.
विकासखंड शिक्षा अधिकारी नीलिमा राजपूत ने बताया कि लगभग डेढ़ साल की मेहनत के बाद यह एस्ट्रोनॉमी लैब बनकर तैयार हुआ है. इसे बनाने के लिए यहां के पूर्व छात्र, नगर के समाजसेवी और शिक्षकों की एक टीम बनाई गई और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को लेकर चर्चा की गई. इसके बाद जन सहयोग से यह लैब बनकर तैयार हुआ है.
सांसद संतोष पांडे ने जनसहयोग से तैयार इस लैब को सराहा. उन्होंने कहा कि शहर के समाजसेवियों के सहयोग से यह संभव हुआ है, जिससे बच्चों को एस्ट्रनॉमी समझने में आसानी होगी.
भुगतान रोकने के बाद भी प्रगति नही लाने वाले एजेंसी होंगी ब्लैकलिस्टेड, कमजोर कार्य निष्पादन पर कोऑर्डिनेटर को नोटिस, कलेक्टर ने की जल जीवन मिशन अंतर्गत एजेंसियो के कार्यो की समीक्षा
रायपुर। बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी ने जिले में जल जीवन मिशन कार्य के लिए अनुबंधित एजेंसियो की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। उन्होने सभी एजेंसियो के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कम प्रगति वाले एजेंसी का भुगतान रोका जाएगा, इसके बाद भी सुधार नही लाने पर एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होने कमजोर फिल्ड वर्क के कारण हेल्प एंड हेल्प एजेंसी के कोऑर्डिनेटर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं ।
कलेक्टर ने बैठक के दौरान एजेंसियों के कार्य की जमीनी हकीकत जानने फिल्ड पर काम कर रहे कर्मचारियों से सीधे फोन पर बात कर जानकारी ली और जरुरी निर्देश दिए। उन्होने सभी एजेंसियो से प्रतिदिन किये गए कार्य की रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होने ऐसे एजेंसी जिनके पास आवंटित गांव की संख्या अधिक और कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण कार्य की प्रगति बहुत धीमी है उनसे गाँव की संख्या कम कर बेहतर प्रगति वाले एजेंसी को देने कहा। कलेक्टर ने कहा कि सभी एजेंसी गुणवत्तापूर्ण काम करें, अब तक जो काम अधूरे है उसे जल्द पूरा करें तथा पाईप बिछाने खोदे गए गड्ढों को ठीक करें। उन्होंने कहा कि सभी जल स्रोतों का टेस्टिंग किट से जल की गुणवत्ता जाँच एवं क्लोरीनिकरण करें। जल जीवन मिशन में सबसे पहले गुणवत्तापूर्ण कार्य हो उसके बाद ग्रामवासियों को यूजर चार्ज के लिए प्रोत्साहित करें। बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों से बचने सभी गांव में बैठक लेकर लोगों को समझाईश दें कि पानी उबालकर ठंडा होने के बाद पीने के लिए उपयोग में लाएं।
बताया गया कि विकासखंड बलौदाबाजार में एजेंसी उपवन महिला बाल विकास को 146 गाँव, पलारी में एजेंसी हेल्प एंड हेल्प को 132 गाँव, भाटापारा में एजेंसी कामगार फाउंडेशन को 108 गाँव, कसडोल में एजेंसी विकास आशा सेवा समिति को 117 एवं एजेंसी प्रतीक्षा को 110 गांव कार्य करने हेतु आवंटित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन योजना के हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया प्रवास के दौरान अपने निवास में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में पीएम जनमन योजना के तीन लाभार्थियों को नवनिर्मित घर की चाबी सौंपी। इस दौरान तीनों लाभार्थियों ने बांस से बनी टोकरी में आम, फल्ली और केला भेंटकर मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। आदिवासी समुदाय के आर्थिक-सामाजिक उत्थान के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना के तहत जिले के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर लोगों को लाभ मिल रहा है।
जशपुर जिले के जनपद बगीचा के ग्राम पंचायत सुलेसा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत 2016-23 तक कुल 90 आवास स्वीकृत किये गये थे। जिसमें 82 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण हो गए हैं। शेष 08 आवास का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2023-24 में पी.एम. जनमन आवास योजना के तहत कुल 07 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत किया गया, जिसमें 03 आवास अच्छी गुणवत्ता के साथ बनाकर पूर्ण कर दिया गया है। शेष 04 आवास की ढलाई का कार्य पूर्ण हो गया है। प्लास्टर कार्य प्रगति पर है। आगामी वर्ष में पीडब्ल्यूएल सूची के बचे सभी शेष हितग्राहियों को आवास प्रदान कर पक्का मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
लाभार्थी आलू राम पहाड़ी पिता कोटेंग ने आवास बनने पर कहा कि हर एक नागरिक का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का मकान हो, जिसमें वह अपने परिवारजनों के साथ सुकून से जीवन यापन कर सके। लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण हर किसी का यह सपना साकार नही हो पाता। गरीब असहाय के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना वरदान साबित हो रही है। जिसके लिये हम परिवार सहित माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
इसी तरह बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सुलेसा (महुआपानी) निवासी लाभार्थी बैशाखू राम पिता झिंगो राम जिसकी उम्र 50 वर्ष हो चुकी है, उसके पास अपना पुश्तैनी कच्चा आवास था। जिसमें वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मुश्किल से जीवन यापन कर रहा था और बरसात के मौसम में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में पक्का आवास बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि से अपना पक्का मकान बना कर अब वह अपने परिवार के साथ पक्के मकान में रहते हैं।
बैसाखू राम ने बताया कि मेरा कच्ची दीवार वाला पुराना घर था, जिसके ऊपर पन्नी तान कर गुजर-बसर चल रहा था बरसात के दिनों में जब मूसलाधार बारिश होती थी तो मेरे घर के चारों तरफ पानी ही पानी भर जाता था। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण घर बनवाने की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। एक दिन ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक मेरे घर आये और उन्होंने मेरा आधार कार्ड और बैंक पास बुक मांगा और मेरा मोबाईल पर पंजीयन कराया। कुछ दिनों बाद मुझे मेरा आवास स्वीकृत होने की सूचना मिली।
पहली बार में मुझे यकीन नहीं हुआ लेकिन मैंने बैंक जाकर पता किया तो मेरे खाते में पैसे आ गये थे। मैने अपना घर बनवाना शुरू कर दिया। आवास की धन राशि तथा मनरेगा की मजदूरी मिलाकर मिले पैसों से अपना आवास बनवाया। मैं सरकार का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने घर बनवाने के लिये धनराशि उपलब्ध कराकर मेरी अंधेरी जिन्दगी में रोशनी लाने का काम किया।
इसी तरह पीएम जनमन योजना के तहत योजना सुलेसा निवासी सोंगलत राम पिता लब्जी राम को भी पक्का आवास मिला है। श्री सोंगलत बताते हैं कि गरीबी के कारण कच्चे मकान में रहना एक मजबूरी बन गयी थी। जब बरसात होती थी तो पानी टपकने से रात भर बच्चों सहित जागकर रात बितानी होती थी। परन्तु अब प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अन्तर्गत वर्ष 2023-24 में मेरा आवास स्वीकृत हुआ और आज हमारा पक्का मकान बन कर तैयार है। हम आभारी है माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री के जिन्होंने गरीबों को उनके सपने पूरे करने का अवसर दिया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ‘ये शाम डॉक्टर्स के जज्बे के नाम’ कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज शाम माई एफएम द्वारा नवा रायपुर में आयोजित ‘ये शाम डॉक्टर्स के जज्बे के नाम’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में राजधानी रायपुर के 35 चिकित्सा विशेषज्ञों और डॉक्टरों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि माई एफएम द्वारा बहुत सराहनीय आयोजन किया गया है। मैं आज यहां सम्मानित हो रहे डॉक्टरों के साथ ही माई एफएम की टीम को भी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को यूं ही धरती का भगवान नहीं कहा जाता है। वे अपनी काबिलियत और अथक परिश्रम से लोगों की जान बचाते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम में मौजूदगी मेरे लिए गौरव का क्षण है। राज्य में मैं जिस विभाग का प्रभार संभाल रहा हूं, उसके कर्णधारों के सम्मान के लिए यह कार्यक्रम आयोजित है। प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा रहा है। जिस समय छत्तीसगढ़ राज्य बना, उस समय यहां मात्र एक ही मेडिकल कॉलेज था। आज प्रदेश में एम्स सहित 11 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि आयुष्मान कॉर्ड के जरिए लोगों को हर साल पांच लाख रुपए तक की चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जा रही है। इसमें सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी क्षेत्र के अस्पतालों का भी सहयोग मिल रहा है। कार्यक्रम में माई एफएम के क्षेत्रीय बिजनेस प्रमुख श्री शाजी मुकुल के साथ ही आयोजन में सहयोगी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी तथा अनेक डॉक्टर सपरिवार मौजूद थे।
जलजीवन मिशन से करिहापहर के ग्रामीणों को पेयजल संकट से मिली राहत, योजना के क्रियान्वयन में गांव की महिलाएं निभा रहीं महत्वपूर्ण भूमिका
रायपुर। जलजीवन मिशन योजना अंतर्गत दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में हर घर जल का सपना साकार हो रहा है। इस योजना से जिले के दूरस्थ अंचलों में भी घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों का पेयजल संकट भी दूर हो रहा है। महिलाओं को इस योजना से काफी राहत मिल रही है। पहले कई ग्रामीण महिलाओं को शुद्ध पेयजल के लिए कई किलोमीटर की दूरी भी तय करनी पड़ती थी, जिससे आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था और शारीरिक परिश्रम भी अधिक लगता था। जल जीवन मिशन में ग्रामवासियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिसमें महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
जिला मुख्यालय कांकेर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नरहरपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरनपुर के आश्रित ग्राम करियापहर भी ऐसा गांव है, जहां जलजीवन मिशन के तहत हर घर शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। ग्राम करियापहर गांव में 149 परिवारों की कुल जनसंख्या 767 है, जिसमें महिलाओं की संख्या 369 एवं पुरूषों की संख्या 398 है। यह गांव के कुल भू-भाग का 3 प्रतिशत हिस्सा उबड़-खाबड़ तथा पथरीला होने के कारण यहां पानी सामान्य से कम मात्रा में पाया जाता है। साथ ही सभी मौसमों में पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं रहता है। यहां निस्तारी के लिए अन्य स्त्रोतों का उपयोग किया जाता है, जिनमें तालाब तथा कुएं शामिल हैं। यहां के पानी में उपलब्ध खनिजों में लोहे की अधिकता पाई गई। अलग-अलग मौसमों में यहां के लोगों को पानी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई मोहल्लों में गर्मी के दिनों में हैण्डपम्प सूख जाने से पीने तथा निस्तारी के लिए अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई लोगों के घरों में शासन द्वारा शौचालय का निर्माण किया गया है, परन्तु पानी की कमी के कारण गांव वालों द्वारा शौचालयों का उपयोग नही किया जाता था। स्कूल तथा आंगनबाड़ी में भी पीने के पानी की समस्या हमेशा बनी रहती थी, लेकिन अब जलजीवन मिशन के तहत योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन से करियापहर के ग्रामवासियों को पानी की समस्याओं से छुटकारा मिला है।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा जल संरक्षण का दिया जा रहा संदेश
जलजीवन मिशन के सदस्य सचिव और कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बी.एन. भोयर ने बताया कि इसके तहत सबसे पहले गांव में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया एवं उन्हें नियमानुसार प्रशिक्षण प्रदान किया गया। गांव के लोगों को साफ एवं शुद्ध पेयजल से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई। गांव की पांच महिलाओं का चयन कर उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण सिखाया गया है। स्कूलों में बच्चों को सफाई की आदतों को अपनाने एवं साफ-सफाई के बारे में जानकारी प्रदान की गई। ग्रामवासियों को जल स्रोतों के स्थायित्व के लिए भूमिगत जल के संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही गांव में जलजीवन मिशन द्वारा लगाए गए जल स्रोतों की सुरक्षा तथा रख-रखाव हेतु गांव के लोगों को प्रेरित किया गया।
जलजीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन में गांव की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से जलजीवन मिशन के तहत ग्राम करियापहर में ग्रामसभा का आयोजन कर समिति के सदस्यों द्वारा जलजीवन मिशन और इसके क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई। इस अवसर पर गांव में जल प्रबंधन समिति का गठन किया गया, जिसमें 50 प्रतिशत महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की गई। इस समिति में गांव के सरपंच को अध्यक्ष तथा पंचायत सचिव को सचिव बनाया गया। इसके अलावा गुणवत्ता समिति व पानी जांच समिति का गठन कर समिति के सदस्यों को जल परीक्षण की दोनों विधियों (एफ.टी.के. एवं एच.2एस.) की जानकारी के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इस गुणवत्ता समिति में गांव की मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी शामिल किया गया है। समिति की सदस्यगण जल की गुणवत्ता की जांच के बाद परिणामों को पोर्टल पर अपलोड करते हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित हुआ युवा गोठ का मॉक सदन
रायपुर। आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित ऑडिटोरियम में प्रदेश सरकार, यूनिसेफ और नेहरू युवा केंद्र के संयुक्त प्रयास से युवा गोठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 146 विकासखंडों से आए 150 युवा प्रतिनिधियों, जिसमें विशेष रूप से बस्तर संभाग के युवाओं ने भागीदारी की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन का प्रारूप बनाकर चर्चा की। इस चर्चा के उपरांतकांत पांडे, स्टेट डायरेक्टर, नेहरू युवा केंद्र ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डॉ रमन सिंह जी ने मुख्यमंत्री रहते हुए डेढ़ दशक के कार्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। भाजपा की डेढ़ दशक की सरकार में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने युवाओं पर विशेष ध्यान दिया और कौशल उन्नयन के लिए कानून बनाकर संवैधानिक अधिकार दिया था। इसके साथ ही प्राकृतिक संरक्षण की दिशा में राज्य निर्माण के बाद से ही वृक्षारोपण की पहल और वनांचलों के बेहतर रखरखाव के लिए भी भाजपा सरकार ने अपना दायित्व निभाया था। इस संबोधन के बाद विभिन्न क्षेत्रों में सक्रीय 16 युवा मितानों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता के प्रति जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अतिथियों द्वारा पुरुस्कृत किया गया और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने युवा गोठ का वीडियो लांच किया।
इसके उपरांत छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने अपना संबोधन किया जिसमें उन्होंने प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रकृति के संरक्षण और जलवायु के महत्व पर युवाओं को संबोधित किया और युवा गोठ के इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी युवाओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान पूरे देश में संचालित हो रहा है और हर नागरिक इस अभियान से जुड़कर प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहा है। प्रदेश और देश में बढ़ते तापमान और छत्तीसगढ़ के पर्यावरण संवर्धन की दिशा में जन-जागरूकता प्रसारित कर रहे यूनिसेफ, नेहरू युवा केंद्र के युवा साथियों के योगदान के लिए उन्होंने आभार प्रकट करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज और पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में आगे मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने अपना प्रेरक संबोधन दिया उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के युवा संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप पर्यावरण परिवर्तन और जलवायु संरक्षण जैसी राष्ट्रव्यापी समस्या पर इस कार्यक्रम में चर्चा कर रहे हैं, यह न केवल युवा विचारधारा को दिखाता है बल्कि यह भी प्रदर्शित करता है कि छत्तीसगढ़ का भविष्य कितना सजग, जागरूक और प्रकृति को लेकर संवेदनशील है।
उन्होंने कहा कि जब प्रकृति में मौजूद पंच महाभूत का संतुलन बिगड़ जाता है, तब प्रकृति का विकराल स्वरूप दिखाई देता है। आज पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को लेकर एक चिंताजनक स्थिति बन गई है तब इसके पीछे एक सबसे बड़ी वजह यह है कि कोविड के दौर में हिंदुस्तान के साथ-साथ पूरी दुनिया को यह मालूम हुआ कि ऑक्सीजन जोकि प्रकृति हमें बिना किसी शुल्क के उपलब्ध करवाती है, उसकी कीमत कितनी ज्यादा होती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आगे कहा कि हमारे शरीर का 50-70% हिस्सा पानी का हिस्सा होता है, पृथ्वी पर चारों दिशा में पानी दिखाई पड़ता है लेकिन इसमें 97% पानी समुन्द्र का खारा पानी है जो पीने योग्य नहीं है, शेष बचे 3% पानी में 2.5% पानी ग्लेशियर में जमा हुआ है जिससे पिघलकर नदियाँ बनती हैं और भूमि को सिंचित रखती हैं। पूरी पृथ्वी पर मौजूद पानी का केवल 0.5% पानी ही पीने योग्य और मानव उपयोग के लिए है।
जिस प्रकार अभी दिल्ली का तापमान 52 से ऊपर हो गया था, इतनी भीषण गर्मी कभी नहीं पड़ी थी जो इस बार दिल्लीवासियों को झेलनी पड़ी है, कभी बेमौसम बरसात और कभी फसलों को मौसम में पानी न मिल पाना यह पर्यावरण परिवर्तन के स्पष्ट संकेत अब दिखाई देने लगे हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी दिलीप वासनीकर विभागीय जांच आयुक्त नियुक्त
रायपुर। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज एक आदेश जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी दिलीप वासनीकर को विभागीय जांच आयुक्त नियुक्त किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि श्री वासनीकर की संविदा नियुक्ति की अवधि में 5 जुलाई 2024 से एक वर्ष तक की वृद्धि की गई है।
लखपति दीदी बनने के सपने को साकार कर रही गीदम की महिलाएं
रायपुर। महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से आगे बढ़ रही है। और कामयाबी का परचम लहरा रही है। मेहनत करने वालों की राह स्वयं ही खुल जाती है। इस बात को दूरस्थ अंचल जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा के गीदम विकासखंड अंतर्गत 30 से 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित हिड़पाल ग्राम पंचायत में माँ गौरी स्व-सहायता समूह की महिलाएं चरितार्थ कर रहीं हैं। सुदूर वनक्षेत्र में निवासरत ये ग्रामीण महिलाएं आज सीमेंट ईट बनाने जैसा श्रम साध्य कार्य को अंजाम देने में जुटी हैं। ईंट बनाने के काम में 5 पुरूष मिस्त्रियों ने महिलाओं को इस काम में सहयोग करते हुए तैयारी के संबंध में समझाया फिर उन्हें ईट बनाने की मशीन संचालन करना, रेत, डस्ट में सीमेंट की मात्रा की मिलावट के बारे में जानकारी दी। इस तरह 10 महिलाओं ने शुरूआती दौर में 500 ईंट निर्माण की तैयारी की।
ईंट निर्माण की प्राथमिक जानकारी मिलने से महिलाओं को सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि आने वाले समय पर वे स्वयं मशीन ऑपरेट कर रही हैं। इस संबंध में मॉ गौरी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने इसे अब अपनी आजीविका का साधन बनाने का मन बना लिया हैं। ज्ञात है कि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास निर्माण को प्राथमिकता दिए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट की मांग बढ़ गई है। ईंट निर्माण से जुड़ी मॉ गौरी स्व-सहायता समूह की कमला कोर्राम का इस संबंध मे कहना है कि ईंट निर्माण कार्य से जुड़ कर उन्हें बहुत अच्छी लग रही है और काफी खुशी भी हो रही है क्योंकि हमें कुछ नया सीखने को मिल रहा है।
अन्य सदस्य तुलसी कश्यप ने बताया कि शुरूआत में निःशुल्क डस्ट एवं सीमेंट जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया। ईंट बनाने के सांचे भी उन्हे राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत प्राप्त हुए हैं। साथ ही ईंट बनाने के लिए प्रशासन की ओर से उन्हें निःशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति अभार व्यक्त किया।
आने वाले समय पर रेती, डस्ट एवं सीमेंट की खरीदी का पूरा दारोमदार समूह पर रहेगा। समूह की अन्य महिला मंगलदई ने आगे और जानकारी देते हुए कहा कि मॉ गौरी स्व सहायता समूह के द्वारा बैंक से 3 लाख रूपये का ऋण भी लिया गया है। पहले हम सभी महिलाएं लाल ईंट निर्माण कार्य से जुड़ी हुई थी जिसमें मिट्टी को अच्छे से मिलाकर ईंट बनाया जाता था। अभी इसमें फर्क इतना ही है कि मशीन के रेती, डस्ट, सीमेंट तीनों पदार्थों को एक साथ मिक्सर मशीन में डाल कर घुमाया जाता है और जिससे मिक्स होने के बाद उसे ईंट बनाने वाले मशीन में डाला जाता है। जिससे एक बार में 10 ईंट बन कर निकलती है। ईंट निर्माण के माध्यम से महिलाओं के लिए स्वरोजगार की एक और राह खुल गई है। इस प्रकार अब जिले की हर एक ग्रामीण महिला शासन की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना के तहत लखपति दीदी बनने का सपना साकार कर सकती है।