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नौकरी में नहीं चलेगा जुगाड़: साय सरकार का क्लियर कट मैसेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब एक बात बिल्कुल साफ हो चुकी है कि अगर नीयत साफ हो और नेतृत्व मजबूत हो, तो व्यवस्था बदलते देर नहीं लगती। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ हुए वर्षों के खिलवाड़ पर निर्णायक विराम लगा दिया है।

रायपुर के पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 430 युवाओं को शासकीय सेवा में नियुक्ति पत्र सौंपना केवल एक भर्ती प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस पुरानी व्यवस्था के खिलाफ सशक्त संदेश है, जिसमें प्रतिभा से ज्यादा पहुंच और सिफारिश का बोलबाला था।

मुख्यमंत्री साय ने साफ शब्दों में यह जता दिया है कि अब छत्तीसगढ़ में नौकरी “जुगाड़” से नहीं, बल्कि “योग्यता” से मिलेगी। यही कारण है कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सरकार ने न सिर्फ सिस्टम बदला, बल्कि भ्रष्टाचार के रास्तों पर सीधा प्रहार किया। ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन और पूरी प्रक्रिया का डिजिटलाइजेशन इस बात का प्रमाण है कि सरकार केवल भाषण नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव में विश्वास रखती है।

सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश तब गया, जब पूर्व पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। यह कदम साफ तौर पर बताता है कि मुख्यमंत्री साय की सरकार किसी को बचाने नहीं, बल्कि सच सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल और गड़बड़ी पर सख्त कानून लागू कर यह सुनिश्चित किया गया है कि अब युवाओं का हक कोई नहीं छीन सके।

सरकार यहीं नहीं रुकी है भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ और तय परीक्षा कैलेंडर की दिशा में काम तेज किया गया है। यानी अब युवाओं को अनिश्चितता नहीं, बल्कि एक स्पष्ट रोडमैप मिलेगा।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री साय केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि नई औद्योगिक नीति के जरिए निजी क्षेत्र में भी स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर अवसर तैयार कर रहे हैं। यह एक व्यापक और दीर्घकालिक रणनीति है, जो छत्तीसगढ़ को रोजगार के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं से स्पष्ट कहा कि यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हर युवा की भागीदारी जरूरी है।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने भी इस पूरी प्रक्रिया को सुशासन की मिसाल बताते हुए साफ किया कि अब योग्य युवाओं को उनका अधिकार दिलाने में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।

संदेश बिल्कुल साफ है कि छत्तीसगढ़ में अब राजनीति बदली है, प्राथमिकताएं बदली हैं और सबसे महत्वपूर्ण, व्यवस्था बदलने की इच्छाशक्ति दिख रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने यह साबित कर दिया है कि जब निर्णय मजबूत हो, तो परिणाम भी ऐतिहासिक होते हैं।

-कैलाश शर्मा