IPL 2026 के बीच BCCI का नया फरमान, इस चीज के लिए अंपायर की परमिशन लेना जरूरी
स्पोर्ट्स डेस्क। IPL 2026 के अब तक 74 में से 13 मैच पूरे हो चुके हैं. आज सीजन का 14वां मुकाबला दिल्ली में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जा रहा है. इस मैच के बीच BCCI ने बेंच पर बैठे खिलाड़ियों की मूवमेंट को लेकर बने नियम और सख्त कर दिए हैं. नियम में बदलाव की खबर ने सभी फ्रेंचाइजियों की प्लानिंग में खलबली मचा दी है.
दरअसल, हुआ ये है कि BCCI ने अब खिलाड़ियों की ‘मटरगश्ती’ पर पूरी तरह लगाम कस दी है. मैच के दौरान कौन मैदान के अंदर जाएगा और कौन डगआउट में ही बैठा रहेगा, इसे लेकर बोर्ड ने एक ऐसा फरमान जारी किया है, जिसे तोड़ना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है.
बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को लेकर हुई और ज्यादा सख्ती
पहला बदलाव – अब मुकाबले के दौरान बेंच पर बैठे (अतिरिक्त) खिलाड़ियों को मैदान के चारों ओर घूमने की अनुमति नहीं होगी.
दूसरा बदलाव – जिन 16 खिलाड़ियों के नाम टीम शीट में होंगे, वही ड्रिंक्स (पानी), बल्ले या कोई संदेश लेकर मैदान के अंदर जा पाएंगे. उनके अलावा कोई भी खिलाड़ी मैदान के अंदर नहीं जा पाएगा. मतलब ये कि ड्रिंक्स के अलावा अगर बीच में पानी पिलाने जाना है तो अंपायर की परमिशन जरूरी होगी.
तीसरा बदलाव – बाउंड्री रोप (सीमा रेखा) के पास बिब्स पहनकर केवल 5 खिलाड़ी ही मौजूद रह सकते हैं. ये 5 खिलाड़ी टीम के नामित 16 खिलाड़ियों में से या बाकी स्क्वाड में से हो सकते हैं.
नियमों में सख्ती क्यों?
अब सवाल ये है कि आखिर क्यों यह सख्ती की गई है? अब तक ये हो रहा था कि टीम का कोई भी खिलाड़ी कहीं भी नजर आ रहा था, कभी भी मैदान में एंट्री कर ले रहा था. इसलिए BCCI ने मौजूदा क्लॉज 11.5.2 और 24.1.4 को और कड़ा किया है. पहले नियम था कि अंपायर की अनुमति के बिना ड्रिंक्स नहीं ले जाई जा सकती, लेकिन अब खिलाड़ियों की संख्या और उनकी पहचान (सिर्फ टॉप 16) को अनिवार्य कर दिया गया है. आमतौर पर एक IPL स्क्वाड में 25 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें से अब केवल 16 ही एक्टिव भूमिका (मैदान पर मदद के तौर पर) में दिखेंगे.