आज से UPI में लागू हुए नए नियम, अब इन बातों का रखना होगा ध्यान
UPI : डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI (Unified Payments Interface) के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ये नए नियम 15 सितंबर, 2025 से लागू हो जाएंगे। इन बदलावों का मकसद यूपीआई ट्रांजेक्शन को और भी सुविधाजनक और सुरक्षित बनाना है। आइए जानते हैं क्या हैं ये नए नियम और इनका आप पर क्या असर पड़ेगा।
1. 1 साल से इनएक्टिव UPI ID हो जाएगी बंद
नए नियम के तहत, अगर आपकी यूपीआई आईडी एक साल या उससे अधिक समय से इनएक्टिव है, यानी आपने कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं किया है, तो उसे संबंधित पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर (PSP) जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm द्वारा बंद कर दिया जाएगा। यह कदम धोखाधड़ी और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को कम करने के लिए उठाया गया है।
आपके लिए क्या है जरूरी: अगर आप अपनी आईडी को बंद होने से बचाना चाहते हैं, तो 15 सितंबर से पहले कम से कम एक ट्रांजेक्शन कर लें।
2. तकनीकी खराबी पर भी देना होगा शुल्क
अब अगर आप पेमेंट करते समय किसी तकनीकी समस्या के कारण ट्रांजेक्शन रोकते हैं और वह बाद में पूरा नहीं होता है, तो उस पर शुल्क (Fee) लगाया जा सकता है। यह नियम खासतौर पर P2M (पर्सन-टू-मर्चेंट) ट्रांजेक्शन पर लागू होगा, यानी जब आप किसी व्यापारी को भुगतान कर रहे हों।
3. UPI से मिलेगा प्री-अप्रूव्ड लोन
यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और फायदेमंद बदलाव है। अब बैंक और NBFCs (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां) यूपीआई के जरिए योग्य ग्राहकों को प्री-अप्रूव्ड लोन दे सकते हैं। इससे लोन लेना और भी आसान हो जाएगा और आपको तुरंत क्रेडिट मिल सकता है।
4. ऑटोमेटिक पेमेंट का नियम
नए नियमों के तहत, यूपीआई में अब ऑटोमेटिक पेमेंट की सुविधा शुरू हो रही है। इसका मतलब है कि आप अपने बिजली बिल, बीमा प्रीमियम, मोबाइल रिचार्ज, या ओटीटी सब्सक्रिप्शन जैसे नियमित भुगतानों को ऑटोमैटिक कर सकते हैं। एक बार सहमति देने के बाद, तय तारीख पर पैसा अपने आप आपके खाते से कट जाएगा।
5. ट्रांजेक्शन की लिमिट में बढ़ोतरी
कुछ विशेष ट्रांजेक्शन के लिए लिमिट को बढ़ा दिया गया है। अस्पताल, शिक्षा और बीमा से जुड़े भुगतानों के लिए अब आप एक बार में ₹5 लाख तक का भुगतान कर सकते हैं। हालांकि, सामान्य यूपीआई ट्रांजेक्शन की दैनिक लिमिट अभी भी ₹1 लाख ही रहेगी।
ये सभी बदलाव यूपीआई को एक सुरक्षित और कुशल पेमेंट सिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे इन नियमों का पालन करें ताकि डिजिटल भुगतान का अनुभव निर्बाध बना रहे।