प्रदेश / छत्तीसगढ़

अफवाहों पर न दें ध्यान… प्रदेश में LPG सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की किल्लत नहीं, कालाबाजारी करने वाले 100 से अधिक लोगों पर FIR दर्ज

रायपुर। पश्चिम एशिया संकट (28 फरवरी 2020) के बाद से राज्य सरकार प्रदेश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के लगातार संपर्क में है। केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में इन सभी ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम लोगों को किसी तरह की अफवाह या भ्रम में आने की जरूरत नहीं है।

इसी को लेकर आज सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में प्रमुख सचिव कृषि विभाग शहला निगार, संचालक खाद्य एवं आपूर्ति डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रदेश में ईंधन की अद्यतन स्थिति की जानकारी पत्रकार वार्ता में दी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 63.59 लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए मार्च 2026 और वर्तमान माह अप्रैल 2026 में मांग के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। माह मार्च 2026 में 35,000 टन घरेलू एलपीजी की आवश्यकता के विरुद्ध 35,073 टन (100%) आपूर्ति की गई। वहीं अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल तक 20,619 टन घरेलू एलपीजी राज्य को प्राप्त हो चुकी है। राज्य के सभी चार एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मार्च 2026 के दूसरे सप्ताह में भ्रम और अफवाह के कारण औसत दैनिक बुकिंग संख्या 74,000 से बढ़कर 1,30,000 तक हो गई थी, जो वर्तमान में घटकर औसतन 64,000 रह गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की मांग के अनुसार आपूर्ति होने से असामान्य बुकिंग में कमी आई है तथा वर्तमान माह अप्रैल 2026 में यह सामान्य स्तर पर आ गई है।

कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं के लिए भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अप्रैल 2026 में 1533 टन के आवंटन के मुकाबले 1745 टन (116%) एलपीजी उपलब्ध रही, जिसमें से 19 अप्रैल तक 885 टन की आपूर्ति की जा चुकी है।

प्रदेश में संचालित 2485 पेट्रोल-डीजल पंपों तथा तीनों ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। मार्च 2026 में प्रदेश की मासिक पेट्रोल आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर के मुकाबले 1.27 लाख किलोलीटर (126%) पेट्रोल उपलब्ध रहा। वहीं अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल तक 77,942 किलोलीटर पेट्रोल राज्य को प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार, मार्च 2026 में डीजल की मासिक आवश्यकता 1.68 लाख किलोलीटर के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183%) डीजल उपलब्ध रहा। अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल तक 1.17 लाख किलोलीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में लगातार आकस्मिक जांच और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। अब तक 419 छापों में 3946 सिलेंडर जब्त किए गए हैं तथा 105 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

आम उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए राज्य स्तर और सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। साथ ही शिकायत दर्ज कराने के लिए विभागीय कॉल सेंटर (1800-233-3663) भी संचालित किया जा रहा है।