रेलवे अंडर ब्रिज के अधूर निर्माण को लेकर फिर फूटा आक्रोश, कांग्रेस ने स्थानिय लोगों के साथ किया प्रदर्शन, उग्र आंदोलन की दी चेतवानी
राजनांदगांव। रेलवे स्टेशन स्थित स्टेशन पारा क्षेत्र में अंडर ब्रिज निर्माण की पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर प्रदर्शन किया गया. कांग्रेस ने स्थानीय लोगों के साथ मंगलवार को रेलवे प्रशासन का घेराव कर जमकर नारेबाजी की. इस दौरान लंबे समय से मांग के बावजूद ठोस पहल नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया. लोगों ने बताया कि रेलवे ट्रैक पार करना जोखिमभरा साबित हो रहा है.

अंडर ब्रिज निर्माण की मांग को लेकर आज हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई. प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों ने कहा कि स्टेशन पारा क्षेत्र में रेलवे लाइन पार करने के दौरान लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. क्षेत्रवासियों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से स्थानीय लंबे समय से इस क्षेत्र में अंडर ब्रिज निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन ने कोई ठोस पहल नहीं की है.

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. एक वार्डवासी ने बताया कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को रेलवे ट्रैक पार करने में सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई बार हादसे की स्थिति भी बन जाती है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है.
मूलभूत आवश्यकता बन चुका है अंडर ब्रिज
कांग्रेस पूर्व शहर अध्यक्ष श्रीकिशन खण्डेलवाल ने कहा कि बंद पड़ा अंडर ब्रिज निर्माण कार्य अब क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकता बन चुका है. 3 से 4 साल पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य अबतक पूरा नहीं हुआ है, जबकि इसकी मियाद भी खत्म हो गई है. लगभग सालभर पहले निर्माण कार्य रोक दिया गया है. कई बार ज्ञापन सौंपकर मुलाकात की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला. आज सभी इसकी वास्तविकता जानने पहुंचे हैं, क्या यह चालू होगा या नहीं. अगर चालू नहीं होता है तो उग्र आंदोलन करेंगे. कांग्रेस पूर्व शहर अध्यक्ष श्रीकिशन खण्डेलवाल आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता के कारण साल भर से निर्माण कार्य बंद पड़ा है. उन्हें यहां की जनता से कोई लेना-देना नहीं है.
प्रदर्शन के बाद रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की गई. घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा. वहीं इस मामले पर राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के जिम्मेदार अधिकारियों की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.