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रायपुर में छात्र आंदोलन को ट्रेड यूनियनों और सांस्कृतिक संगठनों का समर्थन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

रायपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और संसद मार्च के समर्थन में रायपुर के अंबेडकर चौक पर चल रहे छात्र आंदोलन को आज राजधानी की विभिन्न ट्रेड यूनियनों, सांस्कृतिक एवं नागरिक संगठनों ने समर्थन दिया। बड़ी संख्या में संगठन प्रतिनिधि और कार्यकर्ता आंदोलन स्थल पहुंचे, जहां छात्रों के साथ नारेबाजी और जनगीत गाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। 

प्रदर्शन में ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू), संयुक्त ट्रेड यूनियन काउंसिल, जनवादी लेखक संघ, इप्टा, जन संस्कृति मंच, प्रगतिशील लेखक संघ, झुग्गी-झोपड़ी संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित धांधलियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का उनका संगठन समर्थन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों की अनदेखी केंद्र सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये को दर्शाती है।

प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने, केंद्रीयकृत नीट परीक्षा प्रणाली समाप्त कर पूर्व व्यवस्था बहाल करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने तथा सभी के लिए निःशुल्क और सार्वभौमिक शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा की। साथ ही जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से शीघ्र छुट्टी देने की मांग भी की गई। 

सभा के अंत में विभिन्न संगठनों ने रायपुर में जारी छात्र आंदोलन को हरसंभव सहयोग देने की घोषणा की। इस दौरान आंदोलन स्थल पर हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, सोनम बंसोड, डिंकल देशभ्रातर, योगेश सेलारकर, दिवांशु बंसोड और इंडिया धृतलहरे ने भूख हड़ताल शुरू की, जिसका उपस्थित संगठनों ने समर्थन किया।