भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 5.08 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश और रिकॉर्ड ग्रोथ: केंद्र ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को जानकारी दी
नई दिल्ली/रायपुर। भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने संसद में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को जानकारी देते हुए बताया कि देश की गैर-जीवाश्म (नॉन-फॉसिल) बिजली उत्पादन क्षमता 30 जून 2026 तक बढ़कर 297.36 गीगावॉट हो गई है, जो देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 548.85 गीगावॉट का 54.18 प्रतिशत है। साथ ही, पिछले दो वित्तीय वर्षों में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 5.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत 22 जुलाई 2026 तक 48.02 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर लगाए जा चुके हैं, जिससे 14,180.89 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता जुड़ी है। वहीं, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने से सोलर मॉड्यूल के आयात में 77 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। वित्त वर्ष 2023-24 में 4,354 मिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात घटकर 2025-26 में 994 मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सबसे बड़े स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी इस राष्ट्रीय लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है और विकेंद्रीकृत सौर परियोजनाओं, पीएम सूर्य घर योजना तथा बिजली ग्रिड के विस्तार के माध्यम से वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट नॉन-फॉसिल क्षमता हासिल करने के लक्ष्य में योगदान देगा।
मंत्रालय के अनुसार, देश में वर्तमान गैर-जीवाश्म क्षमता में 162.15 गीगावॉट सौर ऊर्जा, 57.44 गीगावॉट पवन ऊर्जा, 52.06 गीगावॉट बड़े जलविद्युत, 11.75 गीगावॉट जैव ऊर्जा, 5.18 गीगावॉट लघु जलविद्युत और 8.78 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा शामिल हैं।
इसके अलावा, वर्ष 2014-15 में 190.96 बिलियन यूनिट रहे नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी होकर 2025-26 में 477.79 बिलियन यूनिट हो गई है। कुल बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी भी 17 प्रतिशत से बढ़कर 25.97 प्रतिशत पहुंच गई है।
केंद्र सरकार ने 2030 तक 500 गीगावॉट नॉन-फॉसिल क्षमता हासिल करने के लिए पीएलआई योजना, ग्रिड और ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार, ऊर्जा भंडारण प्रणाली, नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, ऑफशोर विंड एनर्जी परियोजनाओं और पीएम-कुसुम योजना को तेजी से लागू करने की रणनीति पर काम करने की जानकारी दी।