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सांसद बृजमोहन अग्रवाल के संसद में उठाए गए मुद्दों का बड़ा असर, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लोकसभा में दी विस्तृत जानकारी

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों की खुशहाली, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए रायपुर के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल लगातार केंद्र सरकार के समक्ष राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी कर रहे हैं। संसद के वर्तमान सत्र में सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की प्रगति और जारी योजनाओं को लेकर पूछे गए अतारांकित प्रश्न (सं. 1891) के जवाब में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने महत्वपूर्ण जानकारी दी।

केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए आधिकारिक विवरण के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से देश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। इसमें छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता के आधार पर बहुआयामी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिलों में 383 सूक्ष्म उद्योगों की सौगात

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि, 'सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना' (PMFME) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के आकांक्षी व जनजातीय बहुल 10 जिलों में 383 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के लिए ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को सीधा रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त होगा।

इसके तहत राजनंदगांव में 77 इकाइयां, कोरबा में 76, कांकेर में 73 , बस्तर में 59 बीजापुर में 32 इकाइयां, कोंडागांव 30, महासमुंद में 17 इकाइयां, दंतेवाड़ा: 11, सुकमा: 7 इकाइयां, नारायणपुर में 1 इकाई शामिल है।

बेमेतरा और रायपुर को मिलीं बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं

सांसद बृजमोहन अग्रवाल की सक्रियता का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के अंतर्गत बेमेतरा जिले में कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर (APC) के तहत 'एमएस केके एग्रो ट्रेड वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' की करीब ₹68.87 करोड़ लागत की बड़ी परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें ₹10 करोड़ का केंद्र सरकार का अनुदान स्वीकृत है।

इसके साथ ही, रायपुर स्थित 'एमएस इंडस बेस्ट मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड' (MFP) की ₹96.58 करोड़ की विशाल परियोजना के तहत कुल 31.6 एकड़ लीज योग्य भूमि में से 24.1 एकड़ क्षेत्र खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को आवंटित किया जा चुका है। इसके विकास हेतु केंद्र सरकार द्वारा ₹39.57 करोड़ की अनुदान राशि भी जारी कर दी गई है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, " प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का विजन स्पष्ट है — खेत से लेकर बाजार तक किसान को उसकी उपज का सही मूल्य दिलाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना। छत्तीसगढ़ में धान और विविध कृषि-वनोपजों का प्रचुर उत्पादन होता है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों (Food Processing Units) के विस्तार से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में भारी कमी आएगी और छत्तीसगढ़ के मेहनतकश किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि होगी।

रायपुर लोकसभा क्षेत्र सहित पूरे छत्तीसगढ़ में कृषि आधारित उद्योगों को स्थापित कराने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश का अग्रणी हब बनेगा।"