राजनीति
भाजपा की नीयत कमीशनखोरी करना है, उसे आम आदमी की सहूलियतों से कुछ लेना देना नहीं,बिजली के दामों में बढ़ोतरी जनता के ऊपर अत्याचार – कांग्रेस
रायपुर। बिजली के दामों में बढ़ोतरी जनता के ऊपर अत्याचार है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत के दामों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दिया है, यह अनुचित है। भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण छत्तीसगढ़ का आम आदमी परेशान हो गया है। साय सरकार नागरिकों को हर तरफ से परेशान करने की नीयत से काम कर रही है। सरकार ने रजिस्ट्री छूट को समाप्त किया, ईवे बिल को समाप्त किया, अब बिजली बिल के दाम में बढ़ोतरी कर दिया गया। बिजली के दाम बढ़ने से घरेलू के साथ-साथ उद्योगों और व्यवसायिक उपभोक्ताओं को महंगी बिजली खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा। उद्योगों को महंगी बिजली मिलेगी तो उनके उत्पादों का महंगा होना स्वाभाविक है। ऐसे में आम आदमी पर दोहरी मार पड़ेगी। भाजपा की नीयत कमीशनखोरी करना है, उसे आम आदमी की सहूलियतों से कुछ लेना देना नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पिछले पांच माह में विद्युत सरप्लस वाला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कटौती का केंद्र बन गया है। कोई ऐसा दिन नहीं होता जब बिजली दो चार घंटे के लिये बंद न हो, रात में तो बिजली की स्थिति तो और भयावह हो जाती है। घंटो बिजली गोल हो जाती है। भाजपा से न सरकार संभल पा रहा और न ही व्यवस्थायें। सरकार एक तो पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही ऊपर से उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ डाल रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार में आम जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रहा है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रहे हैं। कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटा बिजली की आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने पर दूसरे राज्यों से भी बिजली की खरीदी किया जाता था और आम जनता को 24 घंटा बिजली की आपूर्ति की जाती थी। रवि फसल लगाने वाले किसानों को भी बोरवेल चलाने के लिए बिजली निःशुल्क मिलता था। कांग्रेस की सरकार के दौरान बिजली आपूर्ति निर्बाध गति से चले इसके लिए ट्रांसफार्मर के पावर बढ़ाए गए थे नए ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। ट्रांसमिशनों को अपग्रेड किया गया। भाजपा की सरकार में पांच माह में ही बिजली की व्यवस्था चरमरा गई है, आम जनता सड़कों पर उतरकर बिजली की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि साय सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति खराब होते जा रही है। पांच माह में सरकार ने बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया, गोबर खरीदी बंद कर दिया, गोठान बंद कर दिया, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त नहीं दिया, इसके बावजूद सरकार को 16000 करोड़ का कर्ज लेना पड़ा। साथ ही पूर्ववर्ती सरकार द्वारा आम जनता को दी जा रही रियायतें भी सरकार ने बंद कर दिया।
हमने बिजली बिल हाफ किया, इन्होंने बिजली हाफ कर दी : भूपेश बघेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिजली कटौती को लेकर मौजूदा सरकार पर निशाना साधा है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि हमने तो बिजली बिल हाफ किया था, इन्होंने बिजली ही हाफ कर दी।
भूपेश बघेल ने लिखा कि एक तरफ सांय-सांय बिजली का बिल बढ़ाने की तैयारी चल रही है तो दूसरी तरफ इस भयानक गर्मी में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जमकर बिजली की कटौती की जा रही है। प्रदेश की जनता बेहद परेशान है, लेकिन “गारंटी” लेने वाले अभी सत्ता की मदहोशी में सो रहे हैं।
बघेल की गर्मी से बचने की सलाह
सियासी तंज कसने के साथ ही आम लोगों के लिए भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि आप सबसे कहना है कि तापमान बहुत अधिक है। गर्मी और लू से हम सबको अपना, अपने बच्चों का और घर के बुजुर्गों का ख़्याल रखना है।
दिन में बच्चों को धूप में न खेलने दें. बुजुर्गों को बाहर जाने से रोकें. बहुत आवश्यक कार्य न हो तो आप भी घर से न निकलें। ORS, नींबू शिकंजी, ग्लूकोज, आम पना इत्यादि ठंडी चीजें पीते रहें।
बिजली का बिल बढ़ाने की है तैयारी
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच बिजली उपभोक्ताओं को जून में बड़ा झटका लगने वाला है। बिजली नियामक आयोग नया टैरिफ जारी करेगा। इसके बाद बिजली महंगी हो जाएगी और जुलाई में बढ़ा हुआ बिल भरना पड़ेगा।
आयोग और बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 10-15 पैसे तक अतिरिक्त देने होंगे। इसी तरह कॉमर्शियल और कृषि उपभोक्ताओं को भी अतिरिक्त शुल्क देना होगा। उन्होंने बताया कि नुकसान की भरपाई करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
65 लाख से ज्यादा उपभोक्ता
बिजली कंपनी में वर्तमान में 65 लाख से ज्यादा उपभोक्ता है। ये उपभोक्ता बीपीएल, घरेलू, कॉमर्शियल और कृषि उपभोक्ता में बंटे हुए हैं। नए टैरिफ का असर बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ता पर कम और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर ज्यादा पड़ेगा।
लोकसभा चुनाव परिणाम पर कांग्रेस का दावा, पूर्व मंत्री डहरिया बोले –
रायपुर। लोकसभा चुनाव का परिणाम 4 जून को आने वाला है. कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पहले से अधिक सीटें जीत रही. 11 में 11 सीटों पर कांग्रेस मजबूत स्थिति में है. जनता ने मोदी और साय सरकार की गारंटी पर भरोसा नहीं किया है.
भाजपा की समीक्षा बैठक पर पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने कहा, भाजपा को पता है लोकसभा में करारी हार हो रही है. 11 में 11 सीटें जीतने का दावा शिगुफा है. छत्तीसगढ़ में चुनाव खत्म होने के एक महीने बाद समीक्षा हो रही है. साय सरकार की IIM में चिंतन और ट्रेनिंग पर डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा, डॉ. रमन सिंह के बिना ही चिंतन और ट्रेनिंग की जा रही है. 15 साल सरकार चलाने वाले को दरकिनार कर दिया गया. डॉ. रमन सिंह का नहीं होने से पता चल रहा कि भाजपा में गुटबाजी हावी है. साय सरकार किस बात की ट्रेनिंग ले रही है. छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था खराब है. अब तो उनके अपने दल के लोग ही सवाल कर रहे हैं. बलरामपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं. साय सरकार में सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है.
डहरिया ने भाजपा को बताया सांप्रदायिक पार्टी
बिजली बिल में वृद्धि की खबर पर डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा, साय सरकार जनता को लुटने में लग गई है. प्रदेशभर में बिजली की कटौती जारी है. बिल में वृद्धि से जोरदार करंट का झटका देने जा रही है. धर्म, जाति और आरक्षण के मुद्दे पर डहरिया ने निशाना साधा और भाजपा को साम्प्रदायिक पार्टी बताया. उन्होंने कहा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा साम्प्रदायिक पार्टी के सरदार बने हुए हैं. छत्तीसगढ़ में मुस्लिमों को आरक्षण संविधान के अनुसार मिला हुआ है. देश के कई राज्यों में ओबीसी आरक्षण दिया हुआ है. गुजरात में भी दिया हुआ है. केंद्र सरकार ने भी दिया है. छत्तीसगढ़ में अलग से कोई काम नहीं किया गया है.
हसदेव के विनाश पर अब क्यों चुप है साय सरकार
हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई पर डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा, भाजपा चुनाव से पहले हसदेव को बचाने की बात कह रही थी. हसदेव के विनाश पर अब साय सरकार क्यों चुप है. कांग्रेस हसदेव के आदिवासियों के साथ है.
अंतिम चरण का थमा चुनावी प्रचार, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा –
रायपुर। बनारस में चुनाव प्रचार कर रायपुर लौटे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने मोदी के कन्याकुमारी में रुकने पर कटाक्ष करते हुए कहा, अवतारी पुरुष अब मानव हो गए. उन्हें कहीं जाने की जरूरत ही क्या थी ? उन्हें तो भाजपा के लोग भगवान कहने लगे हैं.
अंतिम चरण के चुनाव पर भूपेश बघेल ने कहा, देश में बदलाव की बयार है. अंतिम चरण के लिए प्रचार थम चुका है. प्रधानमंत्री मोदी ने कभी अपनी सरकार की योजनाओं पर बात नहीं की. उन्होंने हिन्दू-मुसलमान, पाकिस्तान, धर्म की ही बात कही. अब तो मुजरा तक में आ गए हैं. आरक्षण के खिलाफ, लोकतंत्र के खिलाफ ही उन्होंने बोला है.
साय सरकार के गौवंश अभ्यारण्य पर बघेल ने कहा, गौठान में क्या कमी थी ? यह बताना चाहिए और कितने अभ्यारण्य बनाएंगे ? जंगल कहां-कहां बना लेंगे ? कांग्रेस सरकार की योजना यह सोचकर पूर्व की जनहित योजनाओं को बंद करना क्या सही है ? महात्मा गांधी पर पीएम मोदी की टिप्पणी पर भूपेश बघेल ने कहा, प्रधानमंत्री का सामान्य ज्ञान कमजोर है. अधिकारियों ने जो लिखा वही पढ़ दिए. 25 साल मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहने के बाद का ऐसा हाल, इसे क्या कहा जाए. दुनिया में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता महात्मा गांधी हुए हैं.
गांधी परिवार के कुचक्र में फंस गए हैं खड़गे, ओपी चौधरी का बड़ा बयान
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, खड़गे जी भले व्यक्ति हैं, वो गांधी परिवार के कुचक्र में फंस गए हैं. रिमोट से चलते हैं. देश की जनता को ऐसा नेतृत्व चाहिए, जो पाकिस्तान को और आतंकवाद को जवाब दे सके.
आगे ओपी ने कहा, नक्सलवाद के खिलाफ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी पूरी सरकार, गृहमंत्री के साथ सभी लोग बहुत मेहनत कर रहे हैं. नक्सलवाद को समाप्त कर, अमन चैन स्थापित कर विकास का एक सुनहरा अध्याय लिखने के लिए बस्तर एक नई करवट ले रहा है. ऐसी स्थिति में अगर कोई विषय है तो कांग्रेस के लोगों ने राजनीति करके वोट लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. सरकार हमारे आदिवासी भाई-बहनों के बस्तर के लिए पूरी तरह से समर्पित होकर काम कर रही है. सरकार का साथ देना चाहिए.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नौकरियों को लेकर कहा कि कांग्रेस की तुलना में भाजपा की सरकार में ज्यादा भर्तियां होंगी. सभी विभाग अपने-अपने तरीके से इन प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएंगे. मैं इतना कह सकता हूं कि 5 साल जो कांग्रेस के रहे वह छत्तीसगढ़ के अन्य के साथ अन्याय और धोखा होते रहे, उन्होंने हर जगह या तो भर्तियां रोकी हैं. जहां थोड़ी-थोड़ी भर्ती हुई, वहां पर भारी भ्रष्टाचार किया गया. आज इसीलिए हमने सीबीपीएससी भर्ती में सीबीआई जांच का तत्काल नोटिफिकेशन करवाया है.
आप इतने बेबस क्यों हैं? गृह विभाग नहीं संभल रहा तो छोड़ क्यों नहीं देते, दीपक बैज का गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र
रायपुर। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा को एक पत्र लिखा है जिसमें विजय शर्मा द्वारा पीडिया मुठभेड़ मामले में कांग्रेस के जांच दल द्वारा उठाए गए तथ्यों पर आपत्ती व्यक्त करने को लेकर ढेर सारी बातें लिखी हैं। पत्र में लिखा है कि बस्तर में शांति के लिए उपमुख्यमंत्री जी आप जितने चिंतित हैं उतना ही चिंतित कांग्रेस पार्टी भी है, कांग्रेस पार्टी ने बस्तर में शांति बहाली के लिए सरकार के हर कदम के साथ खड़ी है लेकिन यह प्रयास बस्तर के मासूम आदिवासियों की जिंदगी के शर्त पर हो यह हमें मंजूर नहीं। पत्र में यह भी बताया गया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के प्रयास से बस्तर में शांति स्थापना की शुरुआत हुई थी जिसके कारण 80% नक्सली गतिविधियां कम हो गई थी, वर्तमान सरकार ने उस पर अविश्वास क्यों जताया? बस्तर में पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई, वन अधिकार पट्टे, सामुदायिक वन अधिकार पट्टे बाँटकर उनमें एक नया भरोसा पैदा किया।
15 सालों तक भाजपा के रमन राज में हुए फर्जी एनकाउंटर से आदिवासियों का भरोसा डीगा था, जंगल में रहने वाला हर आदिवासी नक्सली है यह सोच घातक है इसी सोच का परिणाम था कि हजारों निर्दोष आदिवासी जेल में वर्षों तक बंद रहे। कांग्रेस सरकार ने उनको रिहा करने के लिए जस्टिस पटनायक की कमेटी बनाकर रिहाई का मार्ग प्रशस्त किया था।
पत्र में दीपक बैज ने लिखा कि गृह मंत्री जी कभी आप नक्सलियों से सुझाव मांगते हैं, कभी नक्सलियों के घर जाकर लाल भाजी खाने का प्रस्ताव रखते हैं तो कभी हाथ जोड़कर विपक्ष से सुझाव मांगते हैं। आप इतने बेबस क्यों हैं? गृह विभाग नहीं संभल रहा तो छोड़ क्यों नहीं देते।


बेमेतरा ब्लास्ट में किसे बचा रही सरकार : पूर्व सीएम ने सत्ता पक्ष से किए 5 सवाल, कहा- अब तक FIR क्यों नहीं
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के पिरदा गांव स्थित स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड फैक्ट्री में हुए धमाके को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया साइट x पर पोस्ट कर लिखा है कि बेमेतरा ब्लास्ट, किसकी गारंटी और किसके सुशासन में गुनहगारों को संरक्षण दिया जा रहा है। सत्ता के किस करीबी को बचाने का प्रयास? जवाब तो देना होगा।
बता दें ब्लास्ट को 2 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं, इसके बावजूद अब तक लापता लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं है। इसे लेकर ही भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार से 5 सवालों का जवाब मांगा है। प्रशासन केवल 8 मजदूरों के लापता होने की बात कह रहा है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि संख्या इससे कहीं ज्यादा है।
ये है सरकार से भूपेश के 5 सवाल
1. 48 घंटे बाद भी घटना की अब तक FIR क्यों नहीं?
2. क्या प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन से पूछा है कि घटना वाले दिन कितने मजदूर वहां काम पर गए थे?
3. अब तक कितने मजदूर लापता हैं क्योंकि प्रशासन के 8 लोगों के दावे को तो ग्रामीण नकार रहे हैं।
4. क्षमता से अधिक रखी विस्फोटक सामग्री को क्यों निकाला जा रहा है? जांच में विस्फोटक सामग्री की क्या मात्रा दर्ज की जाएगी?
5. प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को जो मुआवज़ा देने की घोषणा की है उसे तो लेने से ग्रामीणों ने इनकार कर दिया है। क्या प्रशासन मुआवजा बढ़ाएगा?
अब तक FIR क्यों नहीं
इस दिल दहलाने वाली घटना में मृतकों के शरीर के चिथड़े उड़ गए हैं। शरीर के अंगों को पॉलीथिन में जमा करके DNA जांच के लिए भेजा गया है लेकिन इतने भयावह हादसे के बाद अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है। सवालों के जवाब तो देने होंगे।
अफसर बोले- जांच के बाद FIR
हादसे के बाद घटनास्थल पहुंचे डिप्टी सीएम अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को मामले में दंडाधिकारी जांच कराने की बात कही थी और अधिकारी इस जांच के बाद ही किसी भी तरह की FIR दर्ज करने की बात कह रहे हैं। लेकिन दंडाधिकारी जांच के अधिकारी कौन रहेंगे? वे कब तक रिपोर्ट सबमिट करेंगे? इस सवाल का जवाब विभागीय अधिकारियों के पास नहीं है।
“अगर नक्सली खत्म हो गए तो फिर कांग्रेस अपनी दुकान….” पोस्टर के जरिए BJP ने साधा कांग्रेस पर निशाना
रायपुर। नक्सलवाद के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ में राजनीति गर्म है। आये दिन कांग्रेस और बीजेपी में नक्सलियों के मुद्दे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। इसी कड़ी में भाजपा ने एक पोस्ट के जरिए कांग्रेस की नीति पर सवाल खड़े किए हैं।
पोस्टर के साथ भाजपा ने ट्वीट किया है कि अगर नक्सली खत्म हो गए तो फिर कांग्रेस अपनी दुकान कैसे चलाएगी? भाजपा की तरफ से जारी कार्टून में एक जवान नजर आ रहा है जबकि उसके पैर में नकल डालते हुए कथित कांग्रेस नेता की तस्वीर है।
पोस्टर में कांग्रेस को नक्सलवाद के मुद्दे पर भाजपा ने घेरा है। पोस्टर में जवान कह रहा है कि शर्म करो कांग्रेसियों! हम जान पे खेलकर छग की सेवा कर रहे हैं और तुम हमारी पीठ में छुरा भोंक रहे हो!
बेमेतरा फैक्ट्री ब्लास्ट : मृतकों की संख्या क्यों नहीं हो रही स्पष्ट – दीपक बैज
जगदलपुर। बेमेतरा में बारूद फैक्ट्री में ब्लास्ट के मामले में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. बैज ने कहा है कि अब तक मृतकों की संख्या सरकार जारी नहीं कर पाई है. जगदलपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान दीपक बैज ने घटना में मृतकों के परिजनों को 50 लाख और घायलों को 10 -10 लाख देने की मांग सरकार से की है.
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज घटना के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा, फैक्ट्री में मापदंड का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए थी. बैज ने कहा, सरकार शोक संवेदना व्यक्त करने के आलावा कुछ नहीं कर पा रही है.
बेमेतरा बारूद फैक्ट्री हादसा: पूर्व सीएम बघेल ने जताया शोक, कहा- पीड़ितों को उचित मुआवजा दे सरकार
रायपुर। बेमेतरा में बारूद फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख प्रकट किया है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि 10-12 श्रमिकों के असामयिक निधन का दुखद समाचार मिला. ईश्वर से मृतात्माओं को सद्गति देने एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं. सूचना है कि 3 घंटे तक बचाव दल नहीं पहुंचा है. शासन, प्रशासन बचाव कार्य सुनिश्चित करे एवं पीड़ितों को उचित मुआवजा दे.
बता दें कि बेरला ब्लॉक के ग्राम पिरदा स्थित स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड के बारूद फैक्ट्री में शनिवार सुबह ब्लास्ट हो गया, जिसमें 8-10 लोगों के मारे जाने और 10-12 लोगों के घायल होने की खबर है. ब्लास्ट के प्रभाव में आए लोगों के चिथड़े उड़ गए. मांस के टुकड़े दूर तक फैल गए हैं. ब्लॉस्ट का असर फैक्ट्री के कई किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया. वहीं फैक्ट्री के आसपास स्थित कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है. घटना की जानकारी मिलते ही बेरला ब्लॉक की जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. फैक्ट्री में ब्लास्ट की आवाज से आस-पास के गांव के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए है.
बीजेपी ने कार्टून पोस्टर बनाकर राहुल गांधी पर साधा निशाना, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने सोशल मीडिया में वीडियो शेयर कर बोला हमला…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा का कांग्रेस पर कार्टून पोस्टर वार जारी है। राहुल गांधी द्वारा एक इंटरव्यू में छ्त्तीसगढ़ के मीडिया संस्थानों को बिकाऊ बताते हुए बीजेपी पर भी मीडिया संस्थानों को 1 हजार करोड़ रुपये देने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी के इस बयान के खिलाफ प्रदेश भाजपा लगातार विरोध दर्ज कर रही है। गुरुवार को भाजपा ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी का एक कार्टून पोस्टर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा है, कि “शहजादे राहुल गांधी स्वयं के गिरेबान में झांककर देखिए…”
बीजेपी के पोस्टर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राज्य की बीजेपी सरकार पर मीडिया को 1 हजार करोड़ रुपये देने का आरोप लगाते हुए दर्शाया गया है। वहीं विनोद वर्मा जो पूर्व सीएम भुपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार थे, वह एक पोटली पकड़े दिखाई देते हैं, जिसपर टेसू मीडिया लैब लिखा है। इसके अलावा पोस्टर में एक अन्य व्यक्ति का भी कार्टून बनाया गया है, जो आम जनता की दिखाई पड़ती है, वह राहुल गांधी का पलटवार करते हुए कह रहा है कि मीडिया को पैसे देती थी! आपके भुपेश बघेल की सरकार।
देखे भाजपा का कांग्रेस पर कार्टून पोस्टर वार:
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने वीडियो साक्षा करते हुए जमकर बोला हमला
छत्तीसगढ़ विधान सभा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस मामले में वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी पर जमकर हमाल बोला है।
उन्होंने लिखा-
जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। अपनी पराजय नज़दीक देखकर
@RahulGandhi लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया पर बेतुके बयान दे रहे हैं। वो शायद 5 साल का भूपेश काल भूल गए हैं, जब पत्रकारों को प्रताड़ित किया गया या फिर आपातकाल भूल गए हैं जब मीडिया को प्रतिबंधित कर दिया गया था। पहले विपक्ष हार का ठीकरा EVM पर फोड़ते थे और अब हार सामने देखकर मीडिया पर दोष मढ़ना शुरू कर दिया है।
देखें वीडियो:
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा का राहुल गांधी पर आरोप
वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा है, कि देश में पीएम मोदी की चल रही प्रचंड लहर के चलते राहुल गांधी मानसिक संतुलन खो चुके हैं। क्योंकि राहुल को कांग्रेस और इंठी गठबंधन की हार तय लगने लगा है। यही कारण है कि अब वे मीडिया और विज्ञापन को लेकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर भी आरोप लगाने में पीछे नहीं रह रहे हैं। अभी तक तो गनीमत थी, राहुल संविधान और देश की संवैधानिक संस्थाओं को भ्रष्टाचार पर करने के नाते उस पर राजनैतिकरण का आरोप तो चुनाव से पहले ही लगा रहे हैं। श्री शर्मा ने उक्त आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी की जुबान कब क्या बोल जाए उसका कोई भरोसा नहीं है, इस बात को देश की जनता भी जानती है। राहुल अब मानसिक दिवालियापन के शिकार हो गए हैं। वे कभी मीडिया को ब्लैकमेलर तो कभी गोदी मीडिया कहने से भी गुरेज नहीं करते।
कांग्रेस की जिस राज्य में सरकार बनती है, वह मीडिया पर सबसे पहले इमरजेंसी लगाती है : शिवरतन शर्मा
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि ये वही कांग्रेस पार्टी है जब चुनाव जीतती है तो ईवीएम पर कुछ नहीं बोलती है और जैसी ही हारती है तो वह खुद की समीक्षा के बजाए ईवीएम को अपनी हार का जिम्मेदार ठहराती है। कांग्रेस की जिस राज्य में सरकार बनती है, वह मीडिया पर सबसे पहले इमरजेंसी लगाती है। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार में पत्रकारों पर कैसे फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए, वह किसी से छिपा नहीं है।
राहुल की दिमागी हालत ठीक नहीं है : शिवरतन शर्मा
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि राहुल की दिमागी हालत ठीक नहीं है, तभी उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को 1 हजार करोड़ रुपए मीडिया को विज्ञापन के नाम पर देने बयान देकर हंसी के पात्र बन गए हैं। लेकिन शहजादे फिर बोलने के झोंक में भूल गए उनके ही कांग्रेस की भूपेश पे की सरकार चंद महीनों पूर्व थी, जिसे जनता ने लूट भ्रष्टाचार के चलते सत्ता की कुर्सी से खींचकर धूल चटा दी है। राहुल जी, 1 हजार करोड़ रुपए तो आपके भूपेश बघेल की सरकार ने बांटे होंगे। पहले अपने गिरेबां में झांकिए राहुल, इस बार जनता आपको और आपकी कांग्रेस को ऐसी हार देगी कि वजूद ही खत्म हो जाएगा। क्योंकि जनता आपकी तुष्टिकरण की राजनीति को समझ चुकी है।
राहुल गांधी ने मीडिया जगत का अपमान किया है : शिवरतन शर्मा
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने पूछा कि ब्लैकमेलर कहकर राहुल गांधी ने मीडिया जगत का अपमान किया है। क्या वह बताएंगे, कि उन्होंने और उनकी कांग्रेस पार्टी ने ऐसा कौन सा कुकर्म किया था, जिससे मीडिया उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। इसको भी देश को बताना चाहिए। साथ ही कितने कुकर्मों के लिए कितनी बार ब्लैकमेल किए। राहुल जी, आप अपनी दादी के इंजरमेंसी वाली तानाशाही मानसिकता को उजागर कर दिया है।
इंडी गठबंधन के अलीबाबा 40 चोरों के सरदार राहुल : शिवरतन शर्मा
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि इंडी गठबंधन के अलीबाबा 40 चोरों के सरदार राहुल जी, आपकी कांग्रेस की यूपीए सरकार में 10 साल के कार्यकाल में हुए 12 लाख करोड़ रुपए के टूजी, थ्री जी, कामनवेल्थ सहित अनगित घोटाले हुए थे। जिसे मीडिया ने ही उजागर किया था, और देश को कांग्रेस के लूट वाले पंजों से बचाया था और जनता ने मोदी जी पर भरोसा जताते हुए देश का प्रधानमंत्री बनाया। आज देखिए भारत विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था बनने के बाद अब 2029 तक तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। कांग्रेस का तो सिर्फ लूट का ही ट्रैक रिकार्ड रहा है।
राहुल गांधी के मीडिया वाले बयान पर PCC चीफ बैज बोले –
रायपुर। राहुल गांधी के मीडिया को लेकर दिए बयान पर सियासी घमासान मचा हुआ है. इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, राहुल गांधी ने कुछ मीडिया संस्थानों के संबंध में कहा है. मुख्यमंत्री उनके बयानों को गलत ढंग से पेश कर रहे हैं. क्या BJP सरकार ने विज्ञापन नहीं दिया, प्रचार नहीं किया.
BJP के पोस्टर अटैक पर PCC चीफ दीपक बैज ने कहा, BJP को आने वाले चुनाव में हार दिखाई दे रहा है. बौखलाहट में वे तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. इंडिया गठबंधन के लिए पूरे देश में जबरदस्त माहौल है. स्पष्ट बहुमत के साथ इंडिया गठबंधन की सरकार बन रही है. हार नरेंद्र मोदी के चेहरे पर झलक रही है.
अगर इंडिया गठबंधन सरकार बनी तो कौन होगा PM वाले अमित शाह के बयान पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, अमित शाह चुनाव में अपनी हार मान चुके हैं. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी. स्पष्ट तौर पर राहुल गांधी ही देश के प्रधानमंत्री बनेंगे.
दिल्ली दौरे से लौटे पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, 2 दिन का दिल्ली दौरा था. कैंपेनिंग में सभी लगे हुए हैं. दिल्ली के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में हमने चुनाव प्रचार किया. दिल्ली के सातों सीटों पर कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी जीतेंगे.
कलकत्ता हाईकोर्ट का निर्णय धर्म आधारित तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों के मुंह पर तमाचा- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। धर्म आधारित आरक्षण पर कलकत्ता उच्च न्यायालय का निर्णय स्वागत योग्य है. यह धर्म आधारित वोटबैंक की राजनीति करने वालों, तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों के मुंह पर तमाचा है. यह कहना है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन लगातार संविधान की हत्या की साज़िश कर रही है. हम सभी जानते हैं कि धर्म आधारित आरक्षण का भारतीय संविधान में कोई स्थान नहीं है. कल कलकत्ता उच्च न्यायालय का इससे संबंधित एक फ़ैसला आया है. जिसमें कोर्ट ने 2010 के बाद पश्चिम बंगाल में जारी किए गए सभी धर्म आधारित ओबीसी प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है. यह देश के ओबीसी, आदिवासी और तमाम पिछड़े समाजों के लिए बड़ा फ़ैसला है.
सीएम साय ने कहा कि ये फैसले बताते हैं कि ममता बनर्जी की सरकार गैर-संवैधानिक तरीके से, तुष्टिकरण की नीति को आगे बढ़ा रही थी. इंडी गठबंधन केवल वोट बैंक की राजनीति के कारण लगातार आदिवासियों, पिछड़ों के हक पर डाका डाल रही है, उनका अधिकार छीन कर मुसलमानों को देना चाहती है, इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है.
उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वे इस निर्णय को नहीं मानेंगी, और नहीं लागू करेंगी. यह बहुत ही दुर्भाग्यजनक है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि धर्म आधारित किसी आरक्षण का भारत के संविधान में कोई स्थान नहीं है. लगातार संविधान के बारे में दुष्प्रचार करने वाली कांग्रेस को बताना चाहिए कि इस तरह इंडी गठबंधन द्वारा किए जा रहे इस कृत्य पर उसका क्या कहना है? भाजपा जहां परिश्रम की पराकाष्ठा कर रही है, वहीं कांग्रेस और उसका गठबंधन तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पार कर हर हद पार कर रही है. न तो भाजपा इसे सहन करेगी और न ही देश का पिछड़ा, दलित और आदिवासी वर्ग इसे बर्दाश्त करेगा. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा.
राहुल गांधी ने देश के साथ छत्तीसगढ़ की मीडिया को लेकर कह दी ये बड़ी बात, CM साय ने पूछा……क्या मीडिया संस्थान सहमत हैं ?
रायपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मीडिया को लेकर दिये बयान के बाद एक बार फिर राजनीति गरमा गयी है। राहुल गांधी द्वारा मीडिया को ब्लैकमेलर और बिकाऊ कहे जाने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा ऐतराज जताते हुए देश भर के मीडिया संस्थानों से यह पूछा है कि क्या वो कांग्रेस के युवराज के इस बयान से सहमत हैं। आपको बता दे कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने एक इंटरव्यू में भारतीय मीडिया पर सीधा आरोप लगाते हुए उसे बिकाऊ-ब्लैकमेलर बता दिया। राहुल गांधी ने कहा है कि . हिंदुस्तान का मीडिया सिस्टम अब मीडिया सिस्टम नहीं रहा। साफ शब्दों में कहें तो मीडिया पैसा कमाने के लिए राजनीतिक रूप से ब्लैकमेलिंग करने वाली व्यवस्था है।
राहुल गांधी के इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X में लिखा……”कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय मीडिया को ब्लैकमेलर और बिकाऊ कहा है। श्री गांधी ने हालिया प्रसारित एक साक्षात्कार में कहा है कि हिंदुस्तान का मीडिया सिस्टम अब मीडिया सिस्टम नहीं रहा। साफ शब्दों में कहें तो मीडिया पैसा कमाने के लिए राजनीतिक रूप से ब्लैकमेलिंग करने वाली व्यवस्था है। मैं भारतीय मीडिया संस्थानों से यह पूछता चाहता हूं कि क्या वे राहुल जी के इस घोर आपत्तिजनक बयान से सहमत हैं ?”
इसके अलावा राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देकर प्रदेश और यहां के मीडिया को विशेष तौर पर अपमानित किया है। यह निंदनीय है। उन्होंने बिना किसी तथ्य के छत्तीसगढ़ सरकार पर मीडिया को एक हजार करोड़ रुपए देने की भी बात कही है। हम इसकी भी निंदा करते हैं। राहुल गांधी का यह बयान बेहद आपत्तिजनक और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार है। यह आपातकाल वाली मानसिकता है। मुख्यमंत्री साय ने राहुल गांधी के इस बयान के बाद सभी मीडिया संस्थान को इस बयान के विरुद्ध संज्ञान लेने की अपील की बात कही है।
कवर्धा हादसे को लेकर कांग्रेस ने किया प्रतिनिधिमंडल का गठन, मृतकों के परिजनों से करेगा मुलाकात
रायपुर। कवर्धा के कुकदूर में हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से भेंट करने के लिए कांग्रेस ने प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने संगठन की ओर संवेदना व्यक्त किए जाने के लिए विधायक दलेश्वर साहू के नेतृत्व में नौ-सदस्यीय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है. कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट करेगा.
बता दें कि सोमवार को बैगा आदिवासी समुदाय के 30 से 35 लोग जंगल अपने रोजगार यानी जीवनयापन के लिए तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल गए हुए थे. तेंदूपत्ता तोड़कर सभी पिकअप वाहन में सवार होकर सभी अपने घर लौट रहे थे. इस दौरान पिकअप का ब्रेक फेल होने के बाद ड्राइवर वाहन से कूद गया. पिकअप आगे जाकर कुकदूर थाना क्षेत्र के बहपानी गांव के मोड़ के पास 30 फीट से अधिक गहरी खाई में गिर गई. यह घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई.
इस घटना से मौके पर 13 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के बाद घायलों को तुरंत कुकदूर सामुदायिक अस्पताल लाया गया. जहां रास्ते में ही पांच लोगों की और मौत हो गई. वहीं बचे चार लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया, इसमें से एक गंभीर व्यक्ति ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया.
पूर्व प्रदेश प्रभारी सैलजा को लेकर गरमायी राजनीति, पूर्व मंत्री डहरिया बोले…
रायपुर। लोकसभा चुनाव के बीच छत्तीसगढ़ की पूर्व प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा को लेकर राजनीति गरमा गयी है। बीजेपी में शामिल कांग्रेस के बागी नेताओं को कुमारी सैलजा ने मानहानि का नोटिस दिया है। जिसे लेकर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा….कांग्रेस से गए यह नेता भाजपा के लिए इलेक्शन मटेरियल है। पूर्व मंत्री के इस बयान पर बीजेपी नेता आलोक पांडेय ने पलटवार करते हुए शिव डहरिया को टोटी चोर बताते हुए हमे सीख न देने की सलाह दे दी।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की पूर्व प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा मौजूदा वक्त में हरियाणा के सिरसा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही है। ऐसे में कुमारी सैलजा के चुनाव क्षेत्र में बीजेपी उन्ही की पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए बागी कांग्रेस नेताओं का कैम्प करवा रही है। इन बागी नेताओं के द्वारा कुमारी सैलजा पर छत्तीसगढ़ की प्रभारी रहते टिकट वितरण के नाम पर पैसा वसूलने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। जिसे लेकर कुमारी सैलजा ने पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी से बागी होकर बीजेपी ज्वाइन करने वाले 11 नेताओं को मानहानि का नोटिस जारी किया था।
नोटिस में कुमारी सैलजा की तरफ से स्पष्ट किया था कि यदि वो लोग माफी नहीं मांगते है, तो जाहिर है कि कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। गलत आरोप लगाने के लिए इन्हें सजा भी हो सकती है। चुनाव खत्म होते ही इनकी अनिवार्यता खत्म हो जाएगी। जब ये कांग्रेस पार्टी के नहीं हो सके, तो भाजपा के क्या होंगे ? कुमारी सैलजा के इस नोटिस के बाद पूर्व मंत्री और जांजगीर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी शिव डहरिया ने कहा कि….छत्तीसगढ़ के 11 पूर्व कांग्रेसी नेता अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। भाजपा इन्हें इलेक्शन मटेरियल की तरह यूज कर रही है। कुमारी सैलजा पर आरोप लगाना घटिया मानसिकता है।
शिव डहरिया के इस बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता आलोक पांडेय ने उन्हें टोटी चोर बता दिया। आलोक पांडेय ने कहा कि शिव डहरिया ने हमको भाजपा का टूल किट और इलेक्शन मटेरियल कहा है, मैं उनसे कहना चाहूंगा कि आप चाटुकारिता की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि शिव डहरिया हम लोगों के ऊपर कानूनी कार्रवाई करने और जेल भेजने की बात कर रहे हैं। लेकिन उन पर खुद गरीब-मजदूरों की जमीन हथियाने का आरोप है। इन्होंने मंत्री बंगले से टीवी, एसी और टोटी चोरी की है। ऐसे टोटी चोरों को हमें सीख देना शोभा नही देता है।
झारखंड में भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार बन गया है – श्याम विहारी जायसवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को राजमहल लोकसभा का प्रवासी प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ पूर्व मंत्री भैया लाल राजवाड़े भी जुटे हुए हैं। उनकी टीम में रोहित साय, अवधेश चंदेल, भूलन सिंह मरावी, मनोज शर्मा, श्रीमती उद्धेश्वरी शामिल है। इस दौरान उन्होंने जनसंपर्क अभियान में हिस्सा लेते हुए कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार एक तरह से शिष्टाचार का स्वरूप ले लिया है। इस राज्य के बनने का के बाद जब-जब झारखंड मुक्ति मोर्चा और उनके गठबंधन की सरकार आई है। हमेशा विकास थम गया है, हर तरफ भ्रष्टाचार का ही बोलबाला है। अब इस सरकार की विदाई का समय आ गया है।
मोदी की गारंटी ही झारखंड के विकास का दस्तावेज है – संजय श्रीवास्तव
छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं रांची लोकसभा के प्रभारी प्रवासी प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने रांची लोकसभा, इचागढ़ विधानसभा के कपाली मंडल, चांडिल मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं मतदाताओं से भेंट करके भाजपा लोकसभा प्रत्याशी संजय सेठ के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है झारखंड के विकास का महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा। इसलिए भाजपा यहां के जनमानस की मजबूत संकल्प के लिए जुटी है। जिसके लिए भाजपा को झारखंड से व्यापक जन समर्थन मिल रहा है। उन्होंने सभी से भाजपा को समर्थन की अपील की है।
जीएमएम व ठगबंधन के पास कोई विजन नहीं है – चंदूलाल साहू
पूर्व सांसद व धनबाद लोकसभा के प्रवासी प्रभारी चंदूलाल साहू विजय भाजपा के संकल्प को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। धनबाद के लोकसभा एवं विधानसभाओं में उनके साथ भारत सिंह सिसोदिया, मनोज गुप्ता, डॉ.ललित मखीजा, यश मनहर, राजेश तिवारी, गुरमीत सिंह सलूजा, अनिल केसरवानी, जनसंपर्क अभियान में हिस्सा ले रहे हैं। वहाँ जनसंपर्क अभियान में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि यहां के विकास को लेकर झामुमो गठबंधन सरकार के पास कोई विजन नहीं है यहां जिस गति से विकास होना था झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ।