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‘स्त्री 2’ के बाद श्रद्धा कपूर का बड़ा धमाका, फिल्म ‘ईठा’ में बनेंगी महाराष्ट्र की मशहूर लोक कलाकार विथाबाई

Shraddha Kapoor Eetha Movie— ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘स्त्री 2’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर पर्दे पर एक बेहद शक्तिशाली और चुनौतीपूर्ण किरदार के साथ वापसी कर रही हैं। श्रद्धा कपूर अपनी अगली फिल्म ‘ईठा’ (Eetha) में महाराष्ट्र की दिग्गज लोक कलाकार और तमाशा सम्राट विथाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर की भूमिका निभाएंगी। फिल्म के शुरुआती टीज़र ने रिलीज होते ही दर्शकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच भारी उत्सुकता पैदा कर दी है।

टीज़र में दिखा विथाबाई की जिंदगी का सबसे भावुक और कड़ा दौर

फिल्म ‘ईठा’ के सामने आए टीज़र में श्रद्धा कपूर एक पारंपरिक लावणी डांसर (लोक नर्तकी) के पूरे गेटअप में दिखाई दे रही हैं। टीज़र में विथाबाई की जिंदगी के उस सबसे चर्चित और ऐतिहासिक वाकये को दिखाया गया है, जिसने मराठी लोक-संस्कृति में उन्हें अमर बना दिया। पर्दे के पीछे एक बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद, विथाबाई बिना रुके सीधे मंच पर परफॉर्म करने आ जाती हैं। पारंपरिक कपड़ों और गहनों में सजी विथाबाई प्रेगनेंट होने के बावजूद स्टेज पर जाने की तैयारी करती दिखती हैं, जो कला के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाता है।

कौन थीं विथाबाई नारायणगांवकर? जानिए उनके संघर्ष की कहानी

विथाबाई नारायणगांवकर का जन्म 1 जुलाई 1935 को महाराष्ट्र के पंढरपुर में एक लोक कलाकार परिवार में हुआ था। उन्होंने बहुत ही कम उम्र से मंच पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था और वे धीरे-धीरे तमाशा व लावणी की दुनिया का एक बड़ा नाम बन गईं। उनके दादा नारायण खुडे ने एक पारंपरिक घूमती-फिरती लोक मंडली शुरू की थी, जिसे बाद में उनके पिता और चाचा ने ‘भाऊ-बापू मांग’ नाम से आगे बढ़ाया। विथाबाई ने पुरुष प्रधान समाज और कठिन परिस्थितियों के बीच तमाशा कला को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और मराठी लोक-संस्कृति पर अपनी कभी न मिटने वाली छाप छोड़ी।

मराठी लोक संस्कृति और सिनेमा प्रेमियों पर असर

इस फिल्म के जरिए महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक कला ‘तमाशा’ और ‘लावणी’ को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी पहचान मिलने की उम्मीद है। श्रद्धा कपूर के इस गेटअप और दमदार कहानी को देखकर फैंस उम्मीद जता रहे हैं कि यह फिल्म उनके करियर का एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है। नारायणगांव, जो कि तमाशा कलाकारों का एक मुख्य केंद्र माना जाता है, वहां के स्थानीय कलाकारों और विथाबाई के प्रशंसकों में भी इस बायोपिक को लेकर काफी उत्साह है।