पीएम मोदी के काफिले में सिर्फ दो गाड़ियांः पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए खुद की अपील पर किया अमल
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले को साइज को काफी छोटा कर लिया है। पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए खुद की अपील पर अमल करते हुए प्रधानमंत्री ने अपना काफिला छोटा किया है। पीएम मोदी के काफिले में अब सिर्फ 2 से 4 गाड़ियां ही रहेंगी। इसका नजारा आज कैबिनेट की बैठक में देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी कैबिनेट की बैठक में सिर्फ चार गाडि़यों के काफिले से पहुंचे। हालांकि बैठक खत्म होने के बाद पीएम सिर्फ 2 गाड़ियों के काफिले के साथ अपने आवास पहुंचे। पहले सामान्य स्थिति में प्रधानमंत्री के काफीले में 14 से 18 गाड़ियां होती थी। अब उन्होंने 90 फीसदी काफिले को छोटा कर दिया है।
हालांकि यह अभी तक साफ नहीं हुआ है कि पीएम मोदी सिर्फ दिल्ली में रहने के दौरान ही 2 से 4 काफिला का इस्तेमाल करेंगे या फिर दूसरे राज्यों के दौरे के दौरान भी वो इतनी ही गाड़ियों का काफीला रखेंगे। एस संबंध में एसपीजी सुरक्षा बारिकियों को देखते हुए निर्णय ले सकती है।
बता दें कि ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचत की अपील की थी। अपने अपील पर खुद अमल करते हुए प्रधानमंत्री ने काफीले को छोटा करने का आदेश दिया था। अब पीएम मोदी ने काफीले को काफी छोटा कर लिया है। पीएम मोदी के नक्शेकदम पर चलते हुए कई मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिलों में कमी की है।
जानकारी के मुताबिक पहले पीएम के काफिले में करीब 14 से 18 गाड़ियां चलती थीं। प्रधानमंत्री के काफिले में आमतौर पर कई सुरक्षा और सपोर्ट वाहन शामिल होते हैं. इनमें एसयूवी, सुरक्षा वाहन, एंबुलेंस और तकनीकी सहायता वाली गाड़ियां शामिल रहती हैं। अब इसे घटाकर काफी छोटा कर दिया गया है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर इसमें बदलाव संभव है।
प्रधानमंत्री के काफिले में इस्तेमाल होने वाली ज्यादातर गाड़ियां बड़ी एसयूवी होती हैं। ये गाड़ियां औसतन 6 से 8 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती हैं। अगर एक दौरे में काफिला 100 किलोमीटर चलता है, तो पहले करीब 250 से 300 लीटर तक ईंधन खर्च हो जाता था। अब गाड़ियों की संख्या कम होने से यह खपत लगभग आधी हो सकती है। अगर सालभर के सरकारी दौरों को देखा जाए तो इससे हजारों लीटर पेट्रोल और डीजल बचाया जा सकता है।