राजनीति

बीजेपी की नई कार्यकारिणी पर सियासत शुरू, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- अडानी पर सवाल उठाने की कीमत रवि भगत को भुगतना पड़ा, भाजपा ने किया पलटवार

रायपुर।  छत्तीसगढ़ बीजेपी की बहुप्रतिक्षित प्रदेश कार्यकारिणी सूची आखिरकार जारी कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के दोबारा अध्यक्ष बनने के करीब डेढ़ साल बाद यह घोषणा हुई है। नई कार्यकारिणी में युवाओं, अनुभवी नेताओं और विभिन्न वर्गों को शामिल किया गया है।

कांग्रेस का हमला: “गुटबाजी चरम पर”

पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू ने नई कार्यकारिणी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुराने सभी पदाधिकारियों को बदलना पार्टी में बढ़ते अविश्वास और गुटबाजी का संकेत है। उनका कहना है कि बीजेपी में गुटबाजी इस समय चरम पर है और कार्यकारिणी की देर से घोषणा भी इसका सबूत है।

बीजेपी का पलटवार: “कांग्रेस अपने गिरेबान में झांके”

कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व बीजेपी महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा—
“बीजेपी की अपनी व्यवस्था होती है। पहले सदस्यता होती है, उसके बाद कार्यकारिणी की घोषणा की जाती है। 11 महीनों में सदस्यता, सक्रिय सदस्यता और संगठनात्मक तैयारी पूरी करने के बाद यह टीम बनाई गई है।”

उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस में कार्यकारिणी घोषणा के समय जूते-चप्पल चल जाते हैं, इसलिए उन्हें लगता है कि हर दल में गुटबाजी होती होगी। श्रीवास्तव ने दावा किया कि बीजेपी की टीम सर्वसम्मति से बनी है और आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

भूपेश बघेल का बड़ा आरोप: “अडानी पर सवाल उठाने की कीमत”

इधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को पद से हटाने के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा। उन्होंने लिखा—
“रवि भगत को कीमत चुकानी पड़ी! उन्होंने ‘अडानी संचार विभाग’ के प्रवक्ता और वर्तमान मंत्री से DMF व CSR में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल किए थे। न तो जवाब मिला, न जांच हुई, उल्टा पहले नोटिस दिया गया और अब उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया।”

भूपेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी आदिवासियों का जल-जंगल-जमीन छीनने के बाद अब उनका नेतृत्व भी छीन रही है। उनके अनुसार, यह संदेश स्पष्ट है कि अडानी की टीम के खिलाफ बोलने वालों को सज़ा दी जाएगी।