मंत्रिमंडल विस्तार पर गरमाई सियासत: कांग्रेस का तंज, कहा-सीनियर विधायकों की घोर उपेक्षा, दिखेगी नाराजगी व गुटबाजी, भाजपा ने किया पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने जहां इस विस्तार को भाजपा के भीतर अंतर्कलह की शुरुआत बताया, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही निशाना साधा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किए गए मंत्रीमंडल विस्तार के बाद भाजपा में असंतोष बढ़ना तय है। उन्होंने कहा कि तीन नए मंत्रियों को शपथ तो दिला दी गई, लेकिन ये मुख्यमंत्री की पसंद के मंत्री नहीं हैं। इनमें से एक तो विधानसभा चुनाव के समय हुई राजनीतिक सौदेबाजी का नतीजा हैं।
“परंपरा तोड़कर किया गया विस्तार”
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि अब तक छत्तीसगढ़ में 13 मंत्रियों की परंपरा रही है, लेकिन इस बार 14वां मंत्री बनाकर परंपरा को तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि अभी भी आधा दर्जन से अधिक विधायक मंत्री पद की दौड़ में पीछे छूट गए। वरिष्ठता, अनुभव और सक्रियता जैसे मापदंडों की अनदेखी कर नए चेहरों को शामिल किया गया। बैज ने कहा कि इससे साफ है कि भाजपा अपने ही वरिष्ठ विधायकों की घोर उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने सालों तक भाजपा को खड़ा करने में योगदान दिया, उन्हें किनारे कर दिया गया है। इससे पार्टी के भीतर नाराजगी और गुटबाजी बढ़ेगी।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने इस विस्तार को भाजपा की “राजनीतिक मजबूरी” करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव के समय जो वादे किए गए थे, उसी सौदेबाजी के तहत आज मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। कांग्रेस का तंज है कि भाजपा अपने ही नेताओं को संतुलित नहीं कर पा रही, ऐसे में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना मुश्किल होगा।
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी कड़ा पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया उसकी हार की कुंठा है। उन्होंने कहा— “कांग्रेस का जिस तरह से पांच साल में सपना टूटा, शायद वही गूंज अब भी उनके कानों में सुनाई दे रही है।” केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा का मंत्रिमंडल पूरी तरह से संतुलित है और इसमें सभी वर्गों और क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है। कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह करना चाहती है।
राजनीतिक हलचल तेज
मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर जहां भाजपा इसे जनता के हित में संतुलित कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अंतर्कलह का बीज मान रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भाजपा के भीतर असंतोष की आवाजें तेज हो सकती हैं।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रीमंडल विस्तार ने नया मोड़ ला दिया है। एक ओर नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण से सरकार को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे भाजपा की कमजोरी साबित करने में जुटा है।