राजनीति

अमरजीत भगत ने किया मंत्रिमंडल विस्तार पर कटाक्ष, कहा- कांग्रेस देगी “ग़म मिटाओ पार्टी”, भाजपा नेताओं को मिलेगा आमंत्रण

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक अमरजीत भगत ने वरिष्ठ नेताओं को नज़रअंदाज किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दिग्गज विधायकों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं के लिए “ग़म मिटाओ पार्टी” आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन पर सभी को आमंत्रित करने की घोषणा भी की।

अमरजीत भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। विधायक कॉलोनी स्थित निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में कई वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर दिया गया, जिससे स्वाभाविक रूप से उनके बीच नाराजगी है।

अमरजीत भगत ने कहा, “जहां चार यार मिलते हैं, वहां चर्चा तो होती ही है। हमारे कई पुराने मित्रों को अवसर नहीं दिया गया है, जिससे वे दुखी हैं। हम सब उनके साथ खड़े हैं और उनकी नाराजगी को समझते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सभी दिग्गज नेताओं के लिए कांग्रेस एक “ग़म मिटाओ पार्टी” आयोजित करेगी।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अजय चंद्राकर जैसे नेताओं की उपेक्षा करना सही नहीं है। “जो सीनियर है, वह चुप कैसे रह सकता है? अजय चंद्राकर के साथ गलत हुआ है। हमारी सहानुभूति उनके साथ है। अगर वे आगे बढ़ते हैं, तो हम सब भी उनके साथ हैं।”

भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सुनामी आई हुई है। कई वरिष्ठ नेताओं को महत्व नहीं दिया गया है और यह आने वाले समय में भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने सरगुजा और बस्तर क्षेत्र के संतुलन पर भी सवाल उठाए और कहा कि जो भी इन दोनों क्षेत्रों की उपेक्षा करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन पर सभी को आमंत्रित करने की घोषणा की और कहा कि उस अवसर पर चर्चा कर सभी लोग अपना ग़म बांटेंगे।

बिहार चुनाव को लेकर भी अमरजीत भगत ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में कांग्रेस की सरकार बनेगी क्योंकि राज्य में परिवर्तन का माहौल है। भगत ने आरोप लगाया कि बिहार में 65 लाख लोगों का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है और वहां के लोगों के साथ गंभीर भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा “इस भेदभाव का परिणाम सत्तारूढ़ दल को भुगतना पड़ेगा।” 

अमरजीत भगत के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां भाजपा के भीतर असंतोष की चर्चा तेज है, वहीं कांग्रेस अब इसे अपने लिए सियासी अवसर मान रही है।