राजनीति

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में ‘चमचा राजनीति’ पर सियासी घमासान तेज, नेताओं के तंज से गरमाया माहौल

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर हाल ही में सामने आए चरणदास महंत के चमचे वाला बयान” अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस बयान पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) चीफ दीपक बैज और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने महंत के बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देकर यह साफ कर दिया है कि पार्टी में अंदरूनी मतभेद को भाजपा भुनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर भी तंज कसे हैं।चरणदास महंत के ‘चमचे’ वाले बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सियासी हलचल बढ़ गई है। PCC चीफ दीपक बैज ने इसे “पार्टी के अंदरूनी मामले” बताते हुए बंद कमरे तक सीमित रखने की बात कही, वहीं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए भाजपा पर पलटवार किया।

PCC चीफ दीपक बैज का बयान

रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ने साफ किया कि कांग्रेस की बैठकें पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए होती हैं। उन्होंने कहा –

“कांग्रेस की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। हमारा मकसद संगठन सृजन अभियान को आगे बढ़ाना और कांग्रेस को मजबूत करना है। बैठक में जो बातें हुईं, वह पार्टी के अंदर की बातें हैं और इन्हें बाहर लाने की बजाय बंद कमरों तक ही सीमित रहना चाहिए।”

बैज ने यह भी बताया कि उनकी पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात हुई और इस दौरान कलेक्टिव लीडरशिप (सामूहिक नेतृत्व) में आगे चुनावी लड़ाई लड़ने का निर्णय हुआ है। साथ ही भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा –

“BJP को अपने भवन का नाम ‘नमक हराम भवन’ कर लेना चाहिए।”

अमरजीत भगत का शायराना जवाब

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने महंत के बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने की बजाय शायराना अंदाज में अपनी बात कही। उन्होंने संत कबीर की वाणी का हवाला देते हुए कहा –

शब्द संभाले बोलिए, शब्द के हाथ ना पाओ, एक शब्द औषधि करे, एक करे घाव।”

उन्होंने कहा कि सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि शब्दों का चयन सोच-समझकर किया जाए, क्योंकि अच्छे शब्द कहने और सुनने दोनों में अच्छे लगते हैं।

भाजपा पर भी साधा निशाना

अमरजीत भगत ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस के भीतर मतभेद की खाई चौड़ी करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा –

“भाजपा कांग्रेस को लड़ाने का काम कर रही है। जबकि खुद भाजपा में भी ‘चमचागिरी’ की परंपरा गहरी है। भाजपा में जिसने ज्यादा चमचागिरी की, उसे ही अच्छा स्थान मिला।”

इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पर तंज कसते हुए कहा –

“भाजपा के कई सीनियर नेता आज खुद परेशान हैं। बृजमोहन अग्रवाल समेत अन्य नेताओं से कहूंगा कि अच्छे से चमचागिरी करें, वरना शीर्ष नेता रिझेंगे ही नहीं।”

बढ़ सकता है विवाद

महंत के बयान से उपजा यह विवाद अब लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस के भीतर जहां कुछ नेता इसे पार्टी का आंतरिक मामला बता रहे हैं, वहीं भाजपा इस विवाद को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमलावर है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस बयानबाजी से कैसे निपटती है और क्या पार्टी नेतृत्व अपने नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर ऐसी टिप्पणियों से रोक पाता है।