भाजपा विधायक रेणुका सिंह का विवादित बयान, कहा- “सरकार में भी हैं रावण”
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत विधानसभा क्षेत्र में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं भाजपा विधायक रेणुका सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “सरकार में भी रावण हैं और समाज में भी रावण रहते हैं, लेकिन रावण के अंत का संकल्प लेना पड़ता है।”
उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विजयादशमी का पर्व जहां अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है, वहीं विधायक के इस बयान को कई लोग राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
कांग्रेस ने किया पलटवार
विधायक के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि, “विधायक बताएं कि आपकी सरकार में रावण कौन हैं? कौन जनता का हक निगल रहा है?”
गुलाब कमरो ने यह भी आरोप लगाया कि समाज में अगर रावण जैसे लोग पल रहे हैं तो वह किसके संरक्षण में हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि उनके बयान का असल मतलब क्या है।
राजनीतिक मायने और चर्चाएं
रेणुका सिंह का यह बयान केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। विजयादशमी के दिन दिया गया यह संदेश साफ तौर पर समाज और सत्ता दोनों में मौजूद बुराइयों की ओर इशारा करता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है। खासकर इसलिए क्योंकि छत्तीसगढ़ में अगले चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और ऐसे बयानों से माहौल गरमाना तय है।
जनता की प्रतिक्रियाएं
स्थानीय स्तर पर भी लोगों में इस बयान को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे समाज सुधार का संदेश मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे भाजपा सरकार के खिलाफ भीतरघात या असंतोष का संकेत बता रहे हैं।
आगे की राह
अब देखना यह है कि भाजपा इस बयान पर क्या रुख अपनाती है और कांग्रेस इसे किस हद तक भुनाती है। फिलहाल इतना तय है कि विजयादशमी जैसे पावन पर्व पर दिया गया यह बयान छत्तीसगढ़ की राजनीति को एक नया मुद्दा दे गया है।