ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर कांग्रेस का केंद्र पर वार, राहुल बोले- जनता से होगी वसूली
नई दिल्ली। खाड़ी युद्ध का हवाला देकर पेट्रो कंपनियों ने आज सुबह-सुबह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने पर कांग्रेस सासंद राहुल गांधी भयंकर गुस्से में है। पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा साधते हुए कहा कि 3 का झटका आ चुका है। बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार पर तंज कसते हुए ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। ₹3 का झटका आ चुका, बाकी वसूली क़िस्तों में की जाएगी।
कांग्रेस का केंद्र सरकार पर निशाना
कांग्रेस ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ना तय है। इसे आर्थिक विकास दर में गिरावट भी आएगी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम थी तो मोदी सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय उन्हें लूटा।
बता दें कि अमेरिका- ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद है। इससके कारण खाड़ी देशों से तेल और गैस का सप्लाई ठप है। तेल और गैस की सप्लाई ठप होने के कारण पूरा विश्व तेल और गैस की कमी से जूझ रहा है। क्रूड ऑयल और तेल की कीमतों में बेतहासा बढ़ोतरी का असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहा है। पेट्रो पंकनियों ने आज (15 मई) सुबह पेट्रोल की कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं सीएनजी के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिए गए हैं। पेट्रोल-़डीजल की कीमत बढ़ने से रोजमर्रा की कई चीजें भी महंगी हो सकती हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का भी कांग्रेस ने किया था विरोध
कांग्रेस ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का भी विरोध किया है 13 मई को मोदी सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क (Effective Import Duty) को 6 परसेंट से बढ़ाकर 15 परसेंट कर दिया, जो 13 मई, 2026 की आधी रात से लागू हो चुका है। सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से सोने और चांदी की कीमतों में 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का तत्काल उछाल देखा गया है। इस पर कांग्रेस ने कहा कि नरेंद्र मोदी का जनता को सोना न खरीदने का आदेश 3.5 करोड़ से ज़्यादा छोटे सुनारों और मज़दूरों के लिए तबाही का पैगाम लेकर आया है। यह सत्ता के ऊपर से एक बेरहम हमला है, जिसका मकसद पिछड़े वर्ग के मेहनतकश लोगों और उनके लाखों साथियों की रोज़ी-रोटी खत्म करना है। एक तरफ मोदी सरकार ने 3.5 करोड़ मेहनतकश लोगों की रोज़ी-रोटी छीन ली है, तो दूसरी तरफ स्मगलिंग माफियाओं के लिए कमाई का रास्ता खोल दिया।
ज्वेलरी सेक्टर में रोज़गार पर रोक का क्या असर होगा
ज्वेलरी सेक्टर भारत की GDP में 7% का योगदान देता है।
ज्वेलरी सेक्टर देश के कुल मर्चेंडाइज़ एक्सपोर्ट में 12% का योगदान देता है।
देश के 85% ज्वेलरी एक्सपोर्टर MSME सेक्टर में हैं।
5 मिलियन कारीगर और 35 मिलियन लोग ज्वेलरी सेक्टर से जुड़े हैं।
एक साल का रोज़गार पर रोक देश के ज्वेलरी सेक्टर को तबाह कर देगा।
15 अगस्त, 2025 तक देश में 75,082 MSME बंद हो चुके हैं।
2015-16 से 2022-23 तक 18 लाख MSME बंद हो चुके हैं।