लक्ष्मी नारायण की पूजा से मिलेगा सुख, सौभाग्य और संतान सुख, जानें महत्व और विधि
09-Jul-2025
Ashadh Purnima 2025 : वैदिक पंचांग के अनुसार, 10 जुलाई 2025 को आषाढ़ पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन को विशेष रूप से लक्ष्मी नारायण जी की पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस अवसर पर विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से साधक को सुख-समृद्धि और संतान सुख का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
क्या है आषाढ़ पूर्णिमा का महत्व?
मान्यता है कि आषाढ़ पूर्णिमा पर लक्ष्मी नारायण जी की आराधना से घर में दरिद्रता दूर होती है।
इस दिन व्रत रखने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
निसंतान दंपती संतान प्राप्ति के लिए इस दिन विशेष पूजा करते हैं।
पूजा विधि:
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर में लक्ष्मी नारायण जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
गंगा जल से शुद्धिकरण करें।
पुष्प, फल, नैवेद्य और पंचमेवा अर्पित करें।
लक्ष्मी नारायण जी की संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ करें।
सत्यनारायण व्रत कथा सुनें या करवाएं।
दिनभर व्रत रखें और संध्या काल में आरती करें।