धर्म /अध्यात्म

नाग पंचमी 29 जुलाई को, जानिए पूजा विधि और महत्व

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली नाग पंचमी का पर्व इस वर्ष 29 जुलाई, मंगलवार को बड़े श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व नाग देवताओं की पूजा और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के प्रतीक के रूप में खास महत्व रखता है।

धार्मिक मान्यता: शिव के सेवक हैं नाग

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नागों को भगवान शिव का सेवक माना गया है और साथ ही वे पृथ्वी के अंदर जीवन चक्र के रक्षक भी हैं। नाग पंचमी पर नागों की पूजा करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

घर पर ऐसे करें नाग पंचमी की पूजा

नाग पंचमी की पूजा घर पर भी बेहद सरल तरीके से की जा सकती है। इसके लिए किसी विशेष सामग्रियों या मंदिर जाने की आवश्यकता नहीं होती।

पूजा विधि:

  • स्नान के बाद स्वच्छ स्थान पर नाग देवता की तस्वीर या प्रतीक चिह्न स्थापित करें।

  • कच्चे दूध, चावल, कुश, हल्दी और फूल अर्पित करें।

  • दीपक और धूप जलाएं।

  • फिर श्रद्धा पूर्वक नाग देवता का मंत्र जपें।

मंत्र:

  • “ॐ नमो नागदेवाय”

  • या “ॐ अनन्ताय नमः”

क्या है नाग पंचमी का महत्व?

  • यह दिन सर्पों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का होता है।

  • माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से सर्प दोष, कालसर्प दोष से राहत मिलती है।

  • यह पर्व पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी विशेष माना जाता है, क्योंकि नागों का पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र में विशेष योगदान होता है।

न करें ये कार्य नाग पंचमी पर:

  • इस दिन भूमि की खुदाई, पेड़-पौधों की कटाई नहीं करनी चाहिए।

  • नागों को नुकसान पहुंचाना अशुभ माना जाता है।

  • दूध को व्यर्थ न बहाएं, बल्कि पूजा के बाद वही दूध जरूरतमंदों को पिलाएं।