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शारदीय नवरात्रि: पहले दिन ‘ब्रह्म’ योग समेत कई शुभ संयोग

इस साल की शारदीय नवरात्रि बेहद खास होने वाली है। नवरात्रि के पहले दिन, 23 सितंबर को, कई शुभ और मंगलकारी योग बन रहे हैं, जो भक्तों के लिए बेहद फलदायी साबित होंगे। इन शुभ संयोगों के कारण इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होगी और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

पहले दिन बन रहे हैं ये शुभ योग

शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन, यानी प्रतिपदा को, ‘ब्रह्म’ योग और ‘इंद्र’ योग जैसे महत्वपूर्ण संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ब्रह्म योग सुबह से दोपहर तक रहेगा, जबकि इंद्र योग उसके बाद शुरू होगा। इन दोनों योगों को पूजा-पाठ, नए कार्यों की शुरुआत और शुभ अनुष्ठानों के लिए बेहद उत्तम माना जाता है।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का समय सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 53 मिनट तक है। इस शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करने से मां दुर्गा की कृपा से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।

मां शैलपुत्री की होगी पूजा

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। इनकी पूजा करने से भक्तों को साहस, शक्ति और स्थिरता का आशीर्वाद मिलता है।

दुर्गा पूजा का महत्व

नौ दिनों तक चलने वाली यह नवरात्रि मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का महापर्व है। इन दिनों में व्रत रखने, पूजा-पाठ करने और मंत्र जाप करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस साल के शुभ संयोग इसे और भी खास बना रहे हैं, जिससे भक्तों को दोगुना लाभ मिलेगा।