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छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 : नवाचार और निवेश का नया अध्याय, स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए बड़ा अवसर, CM साय ने कहा- सरकार का लक्ष्य हर युवा विचार एक अवसर बने
रायपुर। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा 4 नवम्बर को छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राज्य के स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास है।
छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 में निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और युवा उद्यमी एक ही मंच पर जुटेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और तकनीकी उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाना है। यह आयोजन नए निवेश को गति देगा, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के बीच साझेदारी के अवसर बढ़ाएगा, तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राज्य की उभरती क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा।
आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) और MeitY स्टार्टअप हब जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में नई तकनीक, नवाचार नीतियों और वैश्विक सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के तहत स्टार्टअप्स और आईटी/आईटीईएस निवेशकों के लिए सीड फंडिंग, संचालन सहायता और इनक्यूबेशन सपोर्ट जैसे अनेक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी समझौते भी किए जाएंगे ताकि छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुँच प्राप्त हो सके।
छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 राज्य को मध्य भारत का प्रमुख नवाचार और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह आयोजन राज्य में एक मजबूत, नवाचार-प्रेरित और वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ स्टार्टअप वातावरण तैयार करेगा।
“4 नवम्बर को आयोजित होने जा रहा ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ राज्य में नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के नए युग की शुरुआत करेगा। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि राज्य को ‘न्यू इंडिया’ के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करेगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नवाचार और कौशल को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा विचार एक अवसर बने, और हर नवाचार राज्य की प्रगति में योगदान दे।”
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
पंडवानी गायिका तीजन बाई AIIMS में भर्ती
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मश्री- पद्मभूषण-पद्मविभूषण से सम्मानित तीजन बाई को बेहतर इलाज के लिए आज रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया। बता दें कि शनिवार को अपने रायपुर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई की बहु को फोनकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। अब प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए उन्हें एम्स में भर्ती कराया है।
एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायपुर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध पंडवानी गायिका डॉक्टर तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए फोन पर उनकी बहू रेणु से बात की थी। इस दौरान रेणु ने बताया था कि तीजन बाई का स्वास्थ्य खराब है। तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ा हुआ है, शरीर में कमजोरी है, खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। इस पर प्रधानमंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा था कि उनका ध्यान रखिए। बातचीत में पीएम ने कहा था कि कोई भी जरूरत हो, निसंकोच बताना।
पशु ट्रॉली में नेताओं के कटआउट का परिवहन, लापरवाही के बाद होश में आया निगम प्रशासन, आयुक्त ने अधिकारियों से 48 घंटे में मांगा जवाब
कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर कोरबा के ओपन थिएटर में 2 से 4 नवंबर तक होने वाले राज्योत्सव कार्यक्रम से पहले एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और श्रम मंत्री समेत अन्य नेताओं के कटआउट पशु ट्रॉली में ढोया गया, इस लापरवाही से नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
वहीं इस मामले में महापौर संजु देवी राजपूत के निर्देश पर निगम आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए तीन अधिकारियों से 48 घंटे के भीतर जवाब तलब किया है। आयुक्त ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इन अधिकारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
जानकारी के अनुसार, निगम के उप अभियंता अश्विनी दास को राज्योत्सव स्थल पर होर्डिंग लगाने का दायित्व सौंपा गया है। स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र थवाईत पशुओं वाले काऊ कैचर वाहन के प्रभारी हैं और उप अभियंता अभय मिंज निगम के वाहन शाखा में वाहनों की मॉनिटरिंग करने के प्रभारी हैं। इन तीनों की जानकारी में पशु ट्रॉली में नेताओं के कटआउट एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाए गए। इनका यह कृत्य कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही वाला माना गया है और छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत उल्लंघन मानते हुए इन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इन तीनों अधिकारियों को 48 घंटे का समय निगम आयुक्त ने दिया है। इस पूरे मामले में निगम के नेता प्रतिपक्ष ने भी निगम प्रशासन को घेरा है।
बाइकर अवतार में नजर आए CM साय, रेड टी शर्ट, गॉगल और हेलमेट लगाकर की राइडिंग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर पूरा प्रदेश उत्सव के रंग में सराबोर है। राजधानी रायपुर समेत सभी जिलों में रजत जयंती महोत्सव के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वे बाइकर अवतार में नजर आ रहे हैं। रेड शर्ट, स्टाइलिश गॉगल और दमदार बाइक पर सवार मुख्यमंत्री का यह अंदाज़ युवाओं को काफी पसंद आ रहा है।
सोशल मीडिया पर छाए ‘बाइकर सीएम’
वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को प्रोफेशनल राइडिंग गियर में हाई-CC बाइक चलाते हुए देखा जा सकता है। उनका यह नया रूप युवाओं में चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में साय अपने खास अंदाज़ में युवाओं को सेफ राइडिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़ने का संदेश देते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं- “रफ्तार सड़कों पर नहीं, रेसिंग ट्रैक पर होगी। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना जरूरी है।”
रायपुर में सुपर क्रॉस रेसिंग चैम्पियनशिप की तैयारी
मुख्यमंत्री का यह वीडियो दरअसल उस सुपर क्रॉस रेसिंग चैंपियनशिप से जुड़ा है, जिसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन कर रही है। यह आयोजन 8 और 9 नवंबर को रायपुर के बूढ़ातालाब आउटडोर स्टेडियम में होगा। तीन साल बाद राजधानी रायपुर फिर से देशभर के प्रोफेशनल बाइकर्स के रोमांचक स्टंट और रेसिंग का गवाह बनेगी। इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाइकर्स हिस्सा लेंगे, जबकि 20 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
‘सेफ रेसिंग, सेफ ड्राइविंग’ पर केंद्रित आयोजन
छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्जवल दीपक ने बताया कि इस बार आयोजन की थीम “सेफ रेसिंग और सेफ ड्राइविंग” रखी गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को असुरक्षित रेसिंग से रोककर उन्हें सुरक्षित और प्रोफेशनल ट्रैक पर रेसिंग के लिए प्रेरित करना है।
इसी थीम के तहत सोनपुर (पाटन) में प्री-इवेंट ट्रेनिंग सेशन चल रहा है, जिसमें रोजाना छत्तीसगढ़ के 10 बाइकर अपनी राइडिंग स्किल्स को निखार रहे हैं।
टिकट और प्राइज मनी
8 और 9 नवंबर के लिए 3 हजार टिकटें ऑनलाइन बिक्री के लिए जारी की जाएंगी। टिकट की कीमत ₹499 प्रति टिकट तय की गई है। विजेताओं को कुल ₹5 लाख रुपए तक की प्राइज मनी प्रदान की जाएगी। अब तक 108 नेशनल लेवल बाइकर्स रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें देश के शीर्ष सुपर क्रॉस राइडर्स शामिल हैं।
रायपुर तैयार, रोमांच अपने चरम पर
बूढ़ातालाब आउटडोर स्टेडियम को एक अत्याधुनिक मोटर रेसिंग ट्रैक में बदला जा रहा है। दो दिनों तक रायपुर में रफ्तार और एडवेंचर का संगम देखने को मिलेगा। रजत जयंती समारोह के इस खास मौके पर आयोजित सुपर क्रॉस रेसिंग चैम्पियनशिप न सिर्फ छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई पहचान देगी, बल्कि युवाओं में मोटर स्पोर्ट्स के प्रति जागरूकता और सुरक्षित ड्राइविंग की भावना को भी मजबूत करेगी।
नया रायपुर में सूर्य किरण का रोमांचक एयर शो 5 नवंबर को, नौ फाईटर प्लेन आधे घंटे तक आसमान में दिखाएंगे करतब
रायपुर। भारतीय वायुसेना की एरोबेटिक सूर्य किरण टीम का छत्तीसगढ़ के आसमान में रोमांचक प्रदर्शन 5 नवंबर को होगा। यह प्रदर्शन नवा रायपुर के सेंध जलाशय के उपर आसमान में होगा। छत्तीसगढ़ स्थापना की 25 वीं वर्षगांठ पर सूर्य किरण टीम के हैरतअंगेज हवाई करतब के लिए सूर्य किरण की टीम रायपुर पहुंच चुकी है। रोमांच से भरे इस प्रदर्शन में सूर्य किरण टीम के 9 फाइटर प्लेन शामिल होंगे।


सूर्य किरण टीम के लीडर अजय दशरथी और अन्य सदस्यों ने सूर्य किरण टीम के प्रदर्शन को लेकर स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि भारतीय वायु सेना में भर्ती के लिए युवाओं को आकर्षित करने और युवाओं में देशभक्ति का जज्बा जगाने के लिए यह प्रदर्शन किया जा रहा है। यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ वासियों के लिए एक यादगार पल होगा। इस प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के फाइटर पायलेट गौरव पटेल भी भाग लेंगे। सूर्य किरण टीम के 140 सदस्य रायपुर पहुंच चुके हैं। इस टीम में 12 फायटर पायलेट, 3 इंजीनियर और ग्राउड स्टाफ हैं। प्रदर्शन के दौरान वायु सेना द्वारा कामेंट्री भी की जाएगी।
सूर्य किरण टीम के प्रदर्शन में फाइटर पाइलट के शौर्य, अनुशासन और कार्यकुशलता का अनुभव दर्शकों के लिए रोमांचक और यादगार पल होगा। सूर्य किरण टीम 4 नवंबर को रिहर्सल करेगी और 5 नंवबर को सुबह 10 बजे से 12 के बीच फाइनल शो होगा। इस प्रदर्शन में फाइटर प्लेन मनूवर करते हुए हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान आदि फार्मेशन आकाश में दिखाई देगा। इसके साथ ही फाइटर प्लेन आर्कषक तिरंगा लहराते हुए आसमान में दिखेगें। सूर्य किरण का एयर शो लगभग 30 से 35 मिनट तक चलेगा।
सूर्य किरण के फाइटर प्लेन तेजी से मनूवर करते हुए 100 फीट से 10 हजार फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं, इस शो को इस तरह से डिजाईन किया गया है कि 10 से 15 किमी के मध्य लोगों को स्पष्ट रूप से दिखाई दे और भारतीय सेना के शौर्य गाथा को महसूस कर सके।
सूर्य किरण टीम में हिदुस्तान एरोनाटिल लिमिटेड द्वारा निर्मित हाक मार्क 123 विमान शामिल है। इस फाइटर प्लेन का उपयोग फाइटर पायलेट प्रशिक्षण के दौरान भी करते हैं। रायपुर में सूर्यकिरण टीम का प्रदर्शन 15 वर्ष पूर्व किया गया था, जिसमें सूर्य किरण मार्क-2 फाइटर प्लेन ने हिस्सा लिया था।
सूर्य किरण टीम के सदस्यों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल इंटरटेनमेंट करना ही नहीं है, बल्कि देश और प्रदेश के युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। सूर्य किरण की टीम अब तक देश-विदेश में 700 एयर शो कर चुके हैं। हाल में ही टीम ने थाइलेंड में प्रदर्शन किया था। फाइटर पायलटों ने बताया कि 8 माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद एयर शो के लिए सक्षम हो पाते हैं। शो में जोखिम भी है, लेकिन टीम के बेहतर कॉर्डिनेशन और अटूट विश्वास के चलते एयर शो का प्रदर्शन होता है। पत्रकार वार्ता में सूर्य किरण टीम के सदस्य ग्रुप कैप्टन सिद्धेश कार्तिक, स्क्वाड्रन लीडर जसदीप सिंह, राहुल सिंह, गौरव पटेल, संजेश सिंह और फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू शामिल थे।
रेलवे का रिकॉर्ड: दक्षता और गति का नया आयाम, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 216 दिनों में 150 मिलियन टन माल लदान का रिकॉर्ड बनाया
बिलासपुर। दक्षता, गति और संचालन क्षमता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने मात्र 216 दिनों में 150 मिलियन टन माल लदान का आंकड़ा पार कर लिया। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे नेटवर्क में SECR की अग्रणी भूमिका और इसकी उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है।
पिछले चार वर्षों के आंकड़ों पर नज़र डालें तो ये उपलब्धि लगातार बेहतर होती दिखाई देती है। वर्ष 2022-23 में 150 मिलियन टन लोडिंग का लक्ष्य 265 दिनों में, वर्ष 2023-24 में 244 दिनों में और वर्ष 2024-25 में 226 दिनों में पूरा हुआ था। लेकिन इस वर्ष SECR ने अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह लक्ष्य सिर्फ 216 दिनों में पूरा किया, जो अब तक का सबसे तेज़ प्रदर्शन है।
रेलवे की यह सफलता देश की औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को निर्बाध बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। कोयला, इस्पात, सीमेंट, खनिज पदार्थ, खाद्यान्न, ऊर्जा और अन्य औद्योगिक सामग्रियों की समयबद्ध आपूर्ति ने देश के औद्योगिक व ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती दी है। कोयला आपूर्ति के क्षेत्र में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है, जहाँ यह देश के प्रमुख ताप विद्युत केंद्रों, इस्पात संयंत्रों और औद्योगिक इकाइयों को लगातार आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराता रहा है।
इस उत्कृष्ट प्रदर्शन में बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडलों की अहम भूमिका रही है। तीनों मंडलों ने अपने संचालन, समन्वय, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में बड़ी दक्षता प्रदर्शित की, जिसके कारण माल लदान क्षमता में लगातार वृद्धि संभव हो सकी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि अधोसंरचना विकास और तकनीकी आधुनिकीकरण का परिणाम है। पिछले कुछ वर्षों में लाइन दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन निर्माण, यार्ड आधुनिकीकरण, ओवरहेड विद्युतीकरण और हाई-स्पीड वैगन मूवमेंट जैसी परियोजनाओं ने लॉजिस्टिक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने न केवल माल परिवहन के क्षेत्र में बल्कि यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। पर्व-त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। श्रावण मास में श्रावणी स्पेशल, नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान पूजा स्पेशल, दीपावली और छठ महापर्व पर कई विशेष ट्रेनें चलाकर यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा का अवसर प्रदान किया गया।
यह उपलब्धि न केवल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की प्रमाणित संचालन दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि भारतीय रेलवे का यह जोन आने वाले समय में लॉजिस्टिक्स और राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में और भी बड़ी भूमिका निभाने को तैयार है।
“हर टन के साथ आगे बढ़ता भारत” के लक्ष्य को साकार करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वह भविष्य में भी गुणवत्ता, समयबद्धता, सुरक्षा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उद्योगों और यात्रियों के लिए विश्वसनीय और कुशल परिवहन साझेदार बना रहेगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से छत्तीसगढ़ में दूसरी बार होगा सूर्यकिरण एयर शो
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के रजत जयंती राज्योत्सव के अवसर पर राजधानी रायपुर का आकाश भारतीय वायुसेना की गौरवशाली सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के अद्भुत करतबों का साक्षी बनने जा रहा है।
5 नवंबर को सुबह 10 बजे सेंध लेक के ऊपर होने वाले इस ऐतिहासिक एरो शो में वायुसेना के वीर पायलट अपने असाधारण कौशल, अनुशासन और पराक्रम का प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए सूर्यकिरण दल रायपुर पहुंच चुका है।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। सांसद श्री अग्रवाल ने जनता से अपील की है कि जैसे 2009 में प्रदेश की जनता ने बूढ़ा तालाब के ऊपर हुए और शो को सफल बनाया था ठीक उसी प्रकार 5 नवंबर को सेंध लेक नया रायपुर में होने वाले एयरसन को सफल बनाएं। आप सभी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर हमारे वायुसेना के शौर्य का साक्षी बनें।
इस भव्य आयोजन के लिए बृजमोहन अग्रवाल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट कर आग्रह किया था कि छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर सूर्यकिरण एरोबेटिक शो का आयोजन रायपुर में किया जाए। रक्षा मंत्री ने न केवल उनकी भावना का सम्मान किया बल्कि स्वयं पत्र लिखकर इसकी औपचारिक अनुमति भी प्रदान की।
यह अवसर रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि यह दूसरी बार है जब सूर्यकिरण टीम रायपुर के आकाश में अपने करतब दिखाएगी। वर्ष 2009 में भी जब रायपुर के बूढ़ा तालाब के ऊपर इस टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था, तब भी यह आयोजन बृजमोहन अग्रवाल के ही प्रयासों से संभव हुआ था। उस समय वे छत्तीसगढ़ शासन में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे।
लगातार दो बार भारतीय वायुसेना के इस गौरवशाली प्रदर्शन को रायपुर की धरती पर लाना, श्री अग्रवाल के राष्ट्रप्रेम, दूरदर्शिता और छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की भावना का प्रमाण है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र- रायपुर की जनता एवं विद्यार्थियों के लिए एयर शो हेतु निःशुल्क बस सेवा की मांग
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने एक बार फिर जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। उन्होंने 5 नवंबर को राज्य स्थापना के रजत जयंती अवसर पर आयोजित भारतीय वायुसेना के भव्य एयर शो में रायपुर शहर की आम जनता एवं विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में सांसद श्री अग्रवाल ने उल्लेख किया है कि एयर शो का आयोजन नया रायपुर स्थित सेंध लेक (सत्य सांई हॉस्पिटल के पास) में किया जा रहा है, जहां तक पहुंचने के लिए फिलहाल कोई नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में शहर की आम जनता एवं स्कूली बच्चों को एयर शो स्थल तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है।
उन्होंने आग्रह किया है कि रायपुर शहर के स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित आम नागरिकों के लिए नया रायपुर तक आने-जाने हेतु निःशुल्क बस सेवा की विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग भारतीय वायुसेना के शौर्य और कौशल का साक्षात अनुभव कर सकें।
सांसद श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया है कि बसों के संचालन का समय एवं रूट की जानकारी पूर्व में सार्वजनिक रूप से घोषित की जाए, ताकि नागरिक समय पर स्थल तक पहुंच सकें और इस ऐतिहासिक आयोजन का आनंद ले सकें।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, भारतीय वायुसेना का सूर्यकिरण शो केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि हमारे जवानों के पराक्रम और अनुशासन का प्रतीक है। इस अद्भुत आयोजन को हर नागरिक, विशेषकर बच्चों को देखने का अवसर अवश्य मिलना चाहिए। यह न केवल प्रेरणादायक होगा बल्कि राष्ट्रगौरव की भावना को भी सशक्त करेगा।
जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल का यह कदम फिर एक बार उनकी संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और लोकहित के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने हमेशा जनता की सुविधाओं और युवा पीढ़ी के उत्साहवर्धन के लिए सार्थक पहल की है, और यह पत्र उसी श्रृंखला की एक प्रेरक कड़ी है।

धान खरीदी से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सहकारी समिति कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर, चार सूत्रीय मांगों को लेकर पांच संभागों में प्रदर्शन शुरू
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में जहां एक ओर 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है, वहीं दूसरी ओर धान खरीदी से पहले ही सहकारी समिति कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए हैं। पांच संभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने सरकार से चार सूत्रीय मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे धान खरीदी की तैयारी पर असर पड़ सकता है।
इसी कड़ी में महासमुंद के लोहिया चौक पर पांच संभाग (महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी एवं गरियाबंद) के सैकड़ों कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। धरने के दौरान समिति के कर्मचारी व कंप्यूटर ऑपरेटरों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
ये हैं संघ की चार प्रमुख मांगें
जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ की मांग है कि धान खरीदी वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की संपूर्ण सुखद राशि समितियों को प्रदान की जाए।
धान परिवहन में विलंब रोकने के लिए प्रत्येक सप्ताह संपूर्ण धान परिवहन सुनिश्चित किया जाए।
धान खरीदी में शॉर्टेज, प्रोत्साहन, कमीशन, सुरक्षा व्यय बढ़ाया जाए तथा मध्यप्रदेश की तर्ज पर उचित मूल्य विक्रेताओं को 3000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
धान खरीदी नीति 2024-25 की कंडिका 11.3.3 के तहत आउटसोर्सिंग से ऑपरेटर की नियुक्ति समाप्त कर विभागीय रूप से नियमितीकरण किया जाए।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश सचिव का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है हम लोगों की हड़ताल जारी रहेगा।
धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू
बता दें कि खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के तहत प्रदेश में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि सभी पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। राज्य सरकार ने इस बार भी किसानों को समय पर भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले वर्ष धान खरीदी 14 नवंबर से 31 जनवरी 2025 तक चली थी, जिसमें 25.49 लाख किसानों ने हिस्सा लिया था और रिकॉर्ड 149.25 लाख टन धान खरीदा गया था।
घर खरीदारों के लिए अहम जानकारी, रेरा ने कहा – परियोजना विस्तार का अर्थ आधिपत्य तिथि बढ़ना नहीं
रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने घर खरीदारों (Allottees) के हित में महत्वपूर्ण जानकारी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी परियोजना की विस्तार अवधि (Extension Period) और आधिपत्य तिथि (Possession Date) दोनों में अंतर होता है। रेरा ने कहा है कि परियोजना की अवधि बढ़ाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि खरीदार को संपत्ति देने की निर्धारित तिथि भी बढ़ गई है। रेरा के अनुसार, रेरा अधिनियम 2016 का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजीकृत परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी हों और खरीदारों को समय पर उनका मकान या फ्लैट मिले।
क्या है परियोजना की वैधता अवधि?
प्राधिकरण ने बताया कि परियोजना की वैधता अवधि वह होती है, जो प्रमोटर (Promoter) पंजीयन के समय घोषित करता है और जिसमें निर्माण कार्य पूरा करने का वादा करता है। यह अवधि रेरा अधिनियम की धारा 4(2)(l)(C) के तहत निर्धारित की जाती है।
क्या होती है आधिपत्य तिथि?
आधिपत्य तिथि वह होती है, जो खरीदार और बिल्डर के बीच हुए Agreement for Sale में स्पष्ट रूप से लिखी जाती है। यह वह दिन होता है, जब खरीदार को फ्लैट या प्लॉट का वास्तविक कब्जा सौंपा जाना है।
प्रमोटर अगर तय समय में काम पूरा नहीं कर पाए तो?
रेरा ने बताया कि यदि प्रमोटर समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाता तो वह रेरा से परियोजना की वैधता अवधि बढ़ाने (Extension) की अनुमति ले सकता है। हालांकि इस विस्तार का अर्थ यह नहीं है कि आधिपत्य की तिथि अपने आप आगे बढ़ जाएगी।
खरीदार क्या करें यदि कब्जा देर से मिले?
रेरा ने कहा कि यदि प्रमोटर तय तिथि पर आधिपत्य नहीं देता तो खरीदार रेरा में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। रेरा अधिनियम की धारा 18 के तहत खरीदार को ब्याज या धनवापसी का अधिकार प्राप्त है।
परियोजना विस्तार और आधिपत्य तिथि में अंतर
रेरा ने दोनों अवधारणाओं के बीच स्पष्ट अंतर को रेखांकित करते हुए बताया है कि परियोजना विस्तार का उद्देश्य निर्माण कार्य की पूर्णता सुनिश्चित करना होता है, जबकि आधिपत्य तिथि का उद्देश्य खरीदार को समय पर संपत्ति उपलब्ध कराना है।
रेरा का मुख्य संदेश
रेरा ने स्पष्ट किया कि “परियोजना विस्तार का अर्थ आधिपत्य तिथि का विस्तार नहीं है।” प्राधिकरण ने घर खरीदारों से अपील की है कि वे Agreement for Sale में दी गई आधिपत्य तिथि को ध्यानपूर्वक पढ़ें और किसी भी प्रकार के भ्रम से बचें। यदि किसी खरीदार को तय तिथि पर कब्जा नहीं मिला है तो वे रेरा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं और ब्याज या धनवापसी का दावा कर सकते हैं।
शराब घोटाला : चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर हुई सुनवाई, हाईकोर्ट ने ईडी को जारी किया नोटिस, अब इस दिन होगी अगली सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी.
इससे पहले चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) को 10 दिन के भीतर काउंटर एफिडेविट (प्रति शपथ पत्र) दाखिल करने के निर्देश दिए थे। यह सुनवाई 31 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉय माल्य बागची की खंडपीठ में हुई थी। चैतन्य बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और एन. हरिहरन ने पैरवी की थी। वहीं प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू पेश हुए थे।
ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार
ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।
चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले
ईडी की जांच में पता चला है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के 16.70 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया है। इस पैसे का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया, जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया।
पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे
ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।
कांग्रेस का वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान: छत्तीसगढ़ से दिल्ली भेजा गया 15 लाख से अधिक हस्ताक्षर युक्त दस्तावेजों का बंडल
रायपुर। वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान के तहत कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में हस्ताक्षर अभियान चलाया. प्रदेशभर से करीब साढ़े 15 लाख से अधिक हस्ताक्षर फॉर्म एकत्र हुआ है, जिसे दिल्ली भेजा गया. पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर सभी हस्ताक्षर फाॅर्मों को दिल्ली के लिए रवाना किया.
छत्तीसगढ़ में SIR को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा, भाजपा वोट चोरी कर सत्ता हासिल करने में माहिर है. चुनाव आयोग और भाजपा का गठबंधन राहुल गांधी ने उजागर किया. अब जरूरत है कि BLO घर-घर जाकर मतदाता सूची का सही परीक्षण करें और पारदर्शिता बरती जाए.
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाया. आज रायपुर से वाहन को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशभर के आवेदनों को दिल्ली रवाना किया गया. लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव में गड़बड़ी, मतदाता सूची की त्रुटियों और चुनाव आयोग-भाजपा गठबंधन के खिलाफ देशभर में आवाज उठाई है. यह अभियान तीन चरणों में पूरा हुआ, जिसमें मशाल रैली, पदयात्रा और जनसभाएं शामिल थीं. पूरे प्रदेश में साढ़े 15 लाख से अधिक हस्ताक्षर जुटाए गए हैं, जिन्हें अब दिल्ली भेजा जा रहा है. ये फॉर्म एआईसीसी के माध्यम से चुनाव आयोग को सौंपे जाएंगे.
लूट और भ्रष्टाचार का जरिया बन गया है राज्योत्सव
राज्योत्सव को लेकर दीपक बैज ने कहा, राजधानी से 30 किमी दूर आयोजन कर जनता को राज्योत्सव से दूर रखा गया. वहां न पानी की व्यवस्था है, न शौचालय की सुविधा है. जिलों में भी यही स्थिति है. राज्योत्सव अब लूट और भ्रष्टाचार का जरिया बन गया है.
किसान पंजीयन से वंचित, ऑफलाइन पंजीयन की व्यवस्था करे सरकार
धान खरीदी को लेकर बैज ने कहा, 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी, लेकिन बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. 5 लाख से अधिक किसान अब भी पंजीयन से वंचित है. सरकार ऑफलाइन पंजीयन की व्यवस्था करे ताकि हर किसान अपना धान बेच सके.
मंत्री श्यामबिहारी के बयान पर बैज बोले – पहले अपना विभाग ठीक से संभालें
हस्ताक्षर अभियान पर मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा है कि “प्रदेश की आबादी का 10 प्रतिशत भी हस्ताक्षर नहीं”, इस पर बैज ने कहा, भाजपा नेता अपना विभाग नहीं संभाल पा रहे. अगर ध्यान देते तो नकली दवाइयां नहीं बिकती और जनता को बेहतर इलाज मिलता. कांग्रेस के कामों में झांकना उनकी आदत बन गई है. वे कांग्रेस की चिंता कर रहे हैं.
सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयां मिलने का मामला: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल बोले- किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त
रायपुर। सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयां मिलने के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि पिछले 5 सालों में CGMSC के सिस्टम में जंग लग गया था, उन सभी बीमारियों को हमने ठीक करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी जांच या कार्रवाई होती है, तो हम उसे जनता के सामने रखते हैं। जो भी गलत पाया जा रहा है, उस पर हम कार्रवाई कर रहे हैं। अमानक दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। रायपुर स्थित ड्रग वेयरहाउस ने सभी प्रमुख शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि “ऑफ्लॉक्सासिन ऑर्निडाजोल टैबलेट (Ofloxacin Ornidazole Tab)” के एक विशेष बैच का उपयोग तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।
कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान पर बयान
वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस के 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर अभियान पर बयान देते हुए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की आबादी का 10 प्रतिशत भी हस्ताक्षर नहीं हुआ है। कितने हस्ताक्षर बैठकर किए गए, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है।
छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा को देखने पहुंच रहे है बड़ी संख्या में लोग, जनसम्पर्क स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किए जा रहे राज्योत्सव 2025 में जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी ने दर्शकों को लुभा रही है। प्रदर्शनी का मुख्य फोकस छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा पर केंद्रित है। इस छायाचित्र प्रदर्शनी को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
छाया चित्र प्रदर्शनी में एलईडी के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं जैसे महतारी वंदन, नियद नेल्ला नार, कृषक उन्नति योजना, पीएम आवास, पीएम सूर्य घर, जल जीवन मिशन, पंडित दीनदयाल उपध्याय भूमिहीन मजदूर कल्याण योजना के साथ ही राज्य में सड़क, बिजली, सिंचाई तथा रेल नेटवर्क आदि क्षेत्रों में हो रहे उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी जा रही हैं।


प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के अनेक वाद्य यंत्रों को भी प्रदर्शित किया गया हैं। इसे भी लोग बड़ी उत्सुकता से देख रहे है। इसके अलावा यहां आने वाले लोगों को स्टॉल पर विभिन्न प्रकाशन सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिसमें उदित छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ बजट 2025-26, हम सबके राम, जनादेश रिपोर्ट, जशपुर हिंदी, दंतेवाड़ा हिंदी, वंडर्स ऑफ दंतेवाड़ा, जनमन, अद्भुत अतुल्य दंतेवाड़ा, अद्भुत जशपुर जैसी लघु पत्रिकाएं और पॉम्पलेटस शामिल हैं। इन सामग्रियों में राज्य की प्रमुख योजनाओं, बजट प्रावधानों और स्थानीय विकास की कहानियां समेटी गई हैं।


छाया चित्र प्रदर्शनी के संबंध में लोगों ने कहा कि राज्य की प्रगति को नजदीक से समझने का बेहतरीन माध्यम हैं। यह राज्य सरकार की पारदर्शिता और जन-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का बढ़िया प्रयास है। साथ ही यह प्रदर्शनी राज्य की विकास गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। यहां वितरित किए जा रहे विभिन्न प्रकाशन प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक हैं।
जनदर्शन कार्यक्रम में मचा बवाल, युवक ने डाल दिया खुद पर केरोसिन, जानिये क्या है पूरा मामला
धमतरी। जिले के कुरूद ब्लॉक के रामपुर गांव निवासी देवेंद्र कुमार साहू ने सोमवार को जनदर्शन कार्यक्रम में आत्मदाह करने की कोशिश की। युवक ने अपने ऊपर केरोसिन (मिट्टी तेल) डाल लिया था, लेकिन समय रहते नगर सैनिकों ने उसे रोका और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। देवेंद्र ने अपनी पारिवारिक ज़मीन को लेकर स्थानीय कोटवार और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आत्मदाह की कोशिश:
यह घटना उस समय घटित हुई जब देवेंद्र कुमार साहू जनदर्शन में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। साहू का आरोप था कि उनकी पारिवारिक ज़मीन को गांव के कोटवार ने धोखाधड़ी से अपने नाम करवा लिया और पटवारी तथा तहसीलदार ने उसकी मदद की। जब साहू ने इस मामले में कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उसने आत्मदाह करने की कोशिश की।
युवक ने जनदर्शन कार्यक्रम में जाते समय खुद पर केरोसिन उड़ेल लिया और आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, नगर सैनिकों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और उसके आत्मदाह के प्रयास को विफल कर दिया। इसके बाद युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
आरोपों की गंभीरता:
देवेंद्र कुमार साहू ने आरोप लगाया कि उसकी पारिवारिक ज़मीन को कोटवार ने अपने नाम करवा ली और फिर पटवारी और तहसीलदार की मिलीभगत से उसका नामांतरण कर दिया। देवेंद्र का कहना था कि उसने कई बार अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की, लेकिन कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई। निराश होकर उसने आत्मदाह का कदम उठाया।
साहू ने यह भी कहा कि उसकी आवाज़ प्रशासन तक नहीं पहुंची और जब प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया, तो उसे आत्महत्या की कोशिश करने का साहस जुटाना पड़ा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
इस घटना के बाद प्रशासन में हलचल मच गई। जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि यदि किसी भी अधिकारी की मिलीभगत पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को भी और सख्त किया जाएगा।
रजत जयंती वर्ष की प्रदर्शनी में दिखी प्रदेश की जल यात्रा की झलक
रायपुर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत नवा रायपुर में लगाई गई जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में राज्य में सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाया गया है। राज्य में सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। इस अवधि में सिंचाई क्षमता में 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।


जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में सिंचाई क्षमता में वृद्धि को आकर्षक मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसको देखने के लिए युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है। डोम में लगाए गए प्रदेश के नक्शे मॉडल में प्रमुख सिंचाई योजनाओं, नहर तंत्र और जलाशयों को इंटरएक्टिव रूप में दिखाया गया है, जिससे आगंतुक आसानी से परियोजनाओं की संरचना और इसके लाभ को समझ पा रहे हैं।
प्रदर्शनी में विशेष रूप से अटल सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मॉडल लगाए गए हैं। साथ ही जशपुर जिले की मैनी नदी पर प्रस्तावित सौर चालित बगिया दाबित सिंचाई परियोजना, खारंग जलाशय की पाराघाट व्यपवर्तन योजना, बिलासपुर जिले की छपराटोला फीडर जलाशय योजना, तथा महानदी पर प्रस्तावित मोहमेला सिरपुर बैराज को आकर्षक मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही राज्य की प्रस्तावित परियोजनाओं के रूप में सिकासार-कोडार लिंक परियोजना, बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना, तथा इंद्रावती-महानदी रिवर इंटरलिंकिंग परियोजना को भी जीवंत मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है, जिससे दर्शकों को जल संसाधन के क्षेत्र में राज्य की भावी योजनाओं की झलक मिल रही है।
छत्तीसगढ़ में निर्माण के समय राज्य में केवल 3 वृहद परियोजनाएँ, 29 मध्यम परियोजनाएँ और 1945 लघु सिंचाई योजनाएँ संचालित थीं। 25 वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 8 वृहद, 38 मध्यम और 2514 लघु योजनाएँ हो गई हैं। राज्य में सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। यानी सिंचाई क्षमता में 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो कि 61 प्रतिशत है। इसी प्रकार सिंचाई का प्रतिशत 23.28 प्रतिशत से बढ़कर 38.15 प्रतिशत हो गया है। वर्ष 2000 में जहाँ नहरों की कुल लंबाई 14,381 किलोमीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर 19,371 किलोमीटर हो गई है। कुल नहरों की संख्या 3,993 से बढ़कर 5,458 हो गई है।
जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ का देश में परचम -
छत्तीसगढ़ ने 4 लाख 05 हजार 563 जल संरक्षण कार्यों के साथ देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जल संचय-जन भागीदारी 1.0 कार्यक्रम के अंतर्गत रायपुर नगर निगम ने 33,082 जल संरक्षण कार्य पूर्ण कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए रायपुर नगर निगम को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार बालोद और राजनांदगांव जिलों को भी अपनी श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2-2 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त होगा। साथ ही महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी, सूरजपुर और दुर्ग जिलों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। ये उपलब्धियाँ प्रदेश की जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण नीति की सफलता को प्रमाणित करती हैं।
कल से घर-घर जाकर बीएलओ करेंगे मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन, सीईओ यशवंत ने दी जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत कल यानी 4 नवंबर से घर-घर गणना चरण की शुरुआत होगी. इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन करेंगे. प्रथम चरण के साथ आगे की प्रकियाओं को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा की है.
केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत : CEO यशवंत
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ में एसआईआर को लेकर जानकारी दी कि प्रथम चरण की प्रक्रिया जारी है. जिनका नाम साल 2003 के एसआईआर में है, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है. केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी. उन्होंने बताया कि असुविधा होने पर बीएलओ मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मदद ले सकते हैं.
SIR से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां
मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक
घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक
मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025
दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक
नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर मिलान किया गया है. बीएलओ ने वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया है, जो कि 71 प्रतिशत के करीब है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं. मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है. एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा. मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं. वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं. बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा. इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा. केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी.
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है. बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट (BLO Call Request) के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर पाएंगे.
सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया. उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग देने की अपील की. ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें.
राजनीति दलों से सहयोग की अपील
सीईओ यशवंत कुमार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें. उन्होंने अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को सहयोग देने की अपील की, जिससे छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा सकें. साथ ही मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें.