प्रदेश
‘भारत माता की जय’ पर पुरंदर मिश्रा को दीपक बैज का जवाब, कहा- ‘भारत माता’ और ‘वंदे मातरम्’ हमारे दिल में है…
रायपुर। कांग्रेस को भारत माता की जय, अशांति वाले पुरंदर मिश्रा के बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास कोई भी संपत्ति नहीं बची है. कभी वंदे मातरम्, तो कभी भारत माता की जय का स्मरण करें। सरकार किसानों की चिंता करती है तो किसानों की, चित्र पर बैठे रसोइयों की, 5 लाख सहायक कर्मचारियों की चिंता करे। भारत माता और वंदे मातरम हमारे दिल में है, बीजेपी को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।
दरअसल, धर्मांतरण के मुद्दे पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर साधा निशाना कहा था कि यह कांग्रेस का बढ़ाई हुई बीमारी है. 5 साल सरकार में हर जगह चर्च बनाएं. कांग्रेस प्रदेश के साथ-साथ देश को ही विकसित नहीं होने देना चाहती. भी कांग्रेस को भारत मां की जय बोलने में भी तकलीफ है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ बैज की दिल्ली में आज शाम 5 बजे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक होगी. रवानगी से पहले मीडिया से चर्चा में बैज ने बताया कि बैठक में प्रदेश कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा होगी. वोट चोरी, SIR और मनरेगा से जुड़े मामलों को दिल्ली में रखा जाएगा. जनता से जुड़े तमाम मुद्दों को राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखने जा रहे हैं.
धान खरीदी पर किसानों के साथ खड़ी कांग्रेस
वहीं धान खरीदी और मनरेगा को लेकर 30 जनवरी को किए जाने वाले कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है. लगातार सड़कों पर चक्काजाम किया जा रहा है. 25 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसान इतने ज्यादा चिंतित हैं, लेकिन सरकार को किसानों की मेहनत पर भरोसा नहीं. कल किसानों के पक्ष में कांग्रेस पार्टी सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेगी. पुरंदर मिश्रा रायपुर से बाहर निकल कर किसानों के हालात देख लें. किसानों पर ध्यान देते तो ऐसा बयान नहीं देते.
एसटी-एसटी वर्ग के साथ भेदभाव कर रही सरकार
वहीं कवर्धा एसपी द्वारा राज्य सरकार पर लगाए गए भेदभाव के आरोप पर दीपक बैज ने कहा कि ऐसा बयान सरकार के लिए सोचने का विषय है. आरक्षण और प्रमोशन को लेकर ST-SC वर्ग के साथ सरकार भेदभाव कर रही है. स्थिति बेहद चिंता जनक है. अधिकारी ने अपनी पीड़ा और भावनाएं देश की जनता के सामने रखी है.
बुलडोजर कार्रवाई की सहमत नहीं कांग्रेस
वहीं अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई पर दीपक बैज का बयान ने कहा कि जिला कांग्रेस नेताओं से इस मुद्दे पर चर्चा हुई. बिना चर्चा और बिना विस्थापन के सीधे घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. कांग्रेस इस कार्रवाई से सहमत नहीं है. बीजेपी की 2 साल की सरकार में प्रदेश के कई हिस्सों में बुलडोजर चल चुके हैं. सरकार गरीबों को मकान देने का वादा करती है, और दूसरी ओर बुलडोजर चला रही है. अगर कोई गलत है तो कांग्रेस उसके खिलाफ है, लेकिन गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे.
अंगद जैसे नहीं हो सकती भाजपा की टांग
बीजेपी की टांग अंगद जैसी अगले 15 साल तक जमे रहने वाले बयान पर पीसीसी चीफ ने कहा कि बीजेपी की टांग अंगद जैसी हो ही नहीं सकती. अंगद और बीजेपी में जमीन आसमान का अंतर है. बीजेपी उल्टी टांग से चल रही है. छत्तीसगढ़ में बीजेपी सिर नीचे और टांग ऊपर करके चल रही है.
बीजापुर में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, मुठभेड़ में दो ढेर
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के कोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर में आज सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस कार्रवाई में दो बड़े कैडर के नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. वहीं, सतर्क जवानों ने नक्सलियों द्वारा लगाए गए भारी मात्रा में आईईडी (IED) बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया है.

सुबह 7 बजे से मुठभेड़, 2 नक्सली ढेर
बीजापुर के दक्षिण इलाके में बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम को सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था. सुबह करीब 7:00 बजे नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. इस मुठभेड़ में एक ACM रैंक का नक्सली और एक पार्टी सदस्य मारा गया है. जवानों ने मौके से नक्सलियों के शव के साथ पिस्टल, 303 रायफल और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है. फिलहाल इलाके में रुक-रुक कर फायरिंग जारी है और सुरक्षाबल सर्चिंग अभियान चला रहे हैं.
30 किलो के आईईडी से जवानों को उड़ाने की थी साजिश
मुठभेड़ के बीच सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक और खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया. डीआरजी बीजापुर, थाना इलमिड़ी, और छसबल 9वीं वाहिनी की टीम जब लंकापल्ली क्षेत्र में सर्चिंग कर रही थी, तब सड़क के बीचों-बीच 20-30 किलोग्राम के 02 IED बम बरामद हुए.

बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने इन बमों को ‘कमांड स्विच सिस्टम’ से जोड़ा था, ताकि किसी बड़े वाहन को निशाना बनाया जा सके. बीडीएस (BDS) टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए दोनों शक्तिशाली बमों को मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया.

जवानों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सुरक्षाबलों की सूझ-बूझ और त्वरित कार्यवाही से नक्सलियों की नापाक साजिश विफल हो गई है. क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान को और तेज कर दिया गया है.
जमीन डायवर्सन अब होगा ऑनलाइन, 15 दिन में फैसला नहीं तो 16वें दिन ऑटो-अप्रूवल
रायपुर। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में जमीन डायवर्सन (व्यपवर्तन) के लिए चक्कर काट रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. राजस्व विभाग डायवर्सन की पूरी प्रक्रिया को हाईटेक करने जा रहा है. इसके लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार कर लिया गया है, जिसका वर्तमान में ट्रायल चल रहा है. जल्द ही लोग घर बैठे ही अपनी जमीन का डायवर्सन करा सकेंगे.
क्यों अटका था काम?
बता दें कि डायवर्सन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए 13 दिसंबर को अधिसूचना जारी की गई थी. हालांकि, पोर्टल पूरी तरह तैयार न होने के कारण पिछले करीब डेढ़ महीने से काम प्रभावित था. अब विभाग के बड़े अधिकारियों ने तकनीकी खामियों को दूर कर पोर्टल को जल्द लाइव करने के निर्देश दिए हैं. अफसरों का कहना है कि अब डायवर्सन का पूरा काम मैनुअल के बजाय सिर्फ ऑनलाइन ही होगा.
कैसे काम करेगा ‘ऑटोमेटिक’ सिस्टम?
नए ऑनलाइन सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी समय सीमा (Deadline) है. पारदर्शिता लाने के लिए इसे बेहद सरल बनाया गया है…
ऑनलाइन आवेदन: जमीन मालिक को सरकारी पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा.
डिजिटल पेमेंट: आवेदन के साथ ही क्षेत्र के अनुसार तय भू-राजस्व और प्रीमियम (डायवर्सन फीस) का ऑनलाइन भुगतान करना होगा.
SDM के पास पहुंचेगा आवेदन: भुगतान सफल होते ही आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम (SDM) के पास ऑनलाइन पहुंच जाएगा.
15 दिन की समय सीमा: नए नियमों के मुताबिक, एसडीएम को 15 दिनों के भीतर आदेश जारी करना अनिवार्य होगा.
16वें दिन खुद जारी होगा आदेश
भ्रष्टाचार और देरी पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम में ‘ऑटो-अप्रूवल’ का फीचर जोड़ा गया है. अगर एसडीएम 15 दिनों के भीतर आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लेते हैं, तो 16वें दिन ऑटोमेटिक सिस्टम से आदेश जारी हो जाएगा. यह कंप्यूटर जनरेटेड आदेश पूरी तरह मान्य होगा.
राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नया ऐप और वेबसाइट बनकर तैयार है. ट्रायल के अंतिम चरण के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. इससे आम लोगों को तहसील और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी.
कौशल्या माता धाम में स्थापना के लिए बन गई प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा, लाने के लिए ग्वालियर रवाना हुई टीम…
रायपुर। चंदखुरी स्थित कौशल्या माता धाम में जल्द भगवान श्रीराम की नई प्रतिमा लगाई जाएगी. ग्वालियर में नई प्रतिमा बनकर तैयार है, जिसे लाने के लिए टीम ग्वालियर निकल चुकी है. कुछ दिन में श्रीराम की प्रतिमा लाकर शुभ मुहूर्त में स्थापित किया जाएगा.
पर्यटक एवं संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि TCIL आर्गेनाइजेशन की ओर से कौशल्या माता धाम में प्रतिमा लगाई गई थी. जो प्रतिमा बनी थी, वह प्रपोशन में नहीं होने के कारण हमने बता दिया था कि यह प्रतिमा हमें मंजूर नहीं है. इसीलिए वह प्रतिमा हमे रिप्लेश करके चाहिए.
राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित मूर्तिकार ने बनाई है प्रतिमा
चन्द्रखुरी स्थित कौशल्या मंदिर में भगवान श्री राम की वनवासी स्वरुप वाली 51 फीट ऊंची यह प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इस प्रतिमा को वहां वर्तमान में स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा की जगह पर ही स्थापित किया जाएगा.
इस प्रतिमा के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के प्रसिद्ध राष्ट्रपति सम्मानित मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा को निर्देश दिए थे. इसके बाद ग्वालियर सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर पर मूर्ति का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो अब पूरा हो गया है. प्रतिमा की एक खासियत यह भी है कि इसमें 108 मनके रुद्राक्ष के बनाये गए है.
30 जनवरी को मुंगेली में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, UGC बिल के खिलाफ आंदोलन
मुंगेली। यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण समाज मुंगेली में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में सवर्ण समाज की हुई बैठक में 30 जनवरी को नगर में विशाल रैली निकालकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया.
बैठक में सवर्ण समाज के विभिन्न समाज प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने UGC बिल को समाज के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे काला कानून करार दिया और कड़े शब्दों में इसकी निंदा की. वक्ताओं ने कहा कि यह बिल सामाजिक संतुलन, समान अवसर और शैक्षणिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर कुठाराघात करता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 30 जनवरी को सवर्ण समाज मुंगेली द्वारा पुराना बस स्टैंड स्थित कम्युनिटी हॉल में दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में एकत्रित होकर शांतिपूर्ण रैली निकाली जाएगी. रैली के उपरांत कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा.

इस अवसर पर समाज के युवाओं, महिलाओं एवं सभी वर्गों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकजुटता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की गई. बैठक में यह भी कहा गया कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, अनुशासित और संविधान सम्मत रहेगा.
सवर्ण समाज मुंगेली ने स्पष्ट किया कि जब तक UGC बिल को लेकर समाज की आशंकाओं का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. बैठक में जोश, एकता और जागरूकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जिसने आने वाले आंदोलन की व्यापकता का संकेत दे दिया है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी, 23 फरवरी से 20 मार्च तक होंगी 15 बैठकें…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की तारीख तय कर दी गई है. विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा और 20 मार्च तक चलेगा. इस सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी.
राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत
सत्र के पहले दिन, यानी 23 फरवरी को राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण होगा. राज्यपाल के संबोधन के साथ ही सदन की कार्यवाही की विधिवत शुरुआत होगी, जिसमें सरकार की आगामी योजनाओं और उपलब्धियों का खाका पेश किया जाएगा.
बजट सत्र होने के नाते इस दौरान राज्य सरकार के वित्तीय लेखा-जोखा पर विस्तार से चर्चा होगी. इसके अलावा जनहित से जुड़े मुद्दों, नए विधेयकों और अनुपूरक बजट को लेकर भी सदन में तीखी बहस होने की संभावना है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस महत्वपूर्ण सत्र के लिए अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार करने में जुट गए हैं.



नारायणपुर में विकास उत्सव, सीएम साय करेंगे लोकार्पण–भूमिपूजन और पीस मैराथन का शुभारंभ
रायपुर। अबूझमाड़ अंचल सहित पूरे नारायणपुर जिले के लिए यह दौरा विकास की नई रफ्तार लेकर आएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 30 और 31 जनवरी को जिले के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे 361 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार और प्रस्तावित विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। सड़क, अधोसंरचना, जनसुविधा और सामाजिक विकास से जुड़े ये कार्य जिले के दूरस्थ इलाकों तक विकास की पहुंच को मजबूत करेंगे।
पद्मश्री विभूतियों और समाज प्रमुखों से करेंगे संवाद
मुख्यमंत्री 30 जनवरी को दोपहर 1 बजे हेलीकॉप्टर से तहसील हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से वे गढ़बेंगाल घोटूल जाकर पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी, बुटलुराम माटरा सहित समाज प्रमुखों से भेंट करेंगे। इस संवाद को आदिवासी संस्कृति, सामाजिक सहभागिता और परंपराओं के सम्मान की दिशा में अहम माना जा रहा है।
बस सेवा से कुरूषनार जाएंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री बस सेवा इस दौरे का खास आकर्षण रहेगी। मुख्यमंत्री इसी बस से सफर कर ग्राम कुरूषनार पहुंचेंगे। यहां वे पीडीएस दुकान का निरीक्षण, स्कूल में बच्चों से संवाद, और महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों को राशि वितरण करेंगे। यह दौरा सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर परखने और लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने का उदाहरण बनेगा।
शांत सरोवर में बोटिंग, बाइकर्स इवेंट में भी होंगे शामिल
कुरूषनार से मुख्यमंत्री शांत सरोवर (बिजली) पहुंचेंगे, जहां बोटिंग और कायाकिंग का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही बाइकर्स इवेंट में शामिल होकर पर्यटन और युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने का संदेश देंगे।
हाईस्कूल नारायणपुर में बड़ा कार्यक्रम मुख्यमंत्री इसके बाद हाईस्कूल नारायणपुर पहुंचेंगे, जहां विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास, बस्तर पंडुम का जिला स्तरीय आयोजन, विभिन्न परियोजनाओं के अनुबंध, हितग्राहियों को सामग्री वितरण, मलखंभ प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का उद्बोधन, और ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा।
आईटीबीपी जवानों से भेंट, रात्रि भोज में होंगे शामिल
सायंकाल मुख्यमंत्री आईटीबीपी बटालियन, जेलबाड़ी गंराजी पहुंचकर जवानों से मुलाकात करेंगे और उनके साथ रात्रि भोज में शामिल होंगे। इसके बाद वे विश्रामगृह में जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। रात्रि विश्राम नारायणपुर में रहेगा।
31 जनवरी पीस हाफ मैराथन का फ्लैग-ऑफ
31 जनवरी को सुबह 6 बजे अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के अंतर्गत जुंबा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसके बाद 6.30 बजे मैराथन को फ्लैग-ऑफ करेंगे। मैराथन के बाद वे रामकृष्ण आश्रम पहुंचकर बच्चों के साथ नाश्ता करेंगे और फिर हाईस्कूल ग्राउंड हेलीपैड से रायपुर रवाना होंगे।
विकास, विश्वास और पहचान की ओर नारायणपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दौरा नारायणपुर के लिए विकास कार्यों की सौगात, दूरस्थ इलाकों में सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच, और सांस्कृतिक-सामाजिक पहचान को मजबूती देने वाला माना जा रहा है। अबूझमाड़ जैसे अति दूरस्थ अंचल तक मुख्यमंत्री की मौजूदगी से जिले में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है।
अबूझमाड़ पीस मैराथन 31 जनवरी को, सीएम विष्णुदेव साय होंगे शामिल, 6500 से अधिक धावकों ने कराया पंजीयन
रायपुर। कभी देश के सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाने वाला अबूझमाड़ आज शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर अग्रसर है। दशकों तक माओवादी हिंसा और भय के साये में रहे इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का सशक्त प्रतीक बनकर अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 सामने आई है।
नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित 21 किलोमीटर की यह हाफ मैराथन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि शांति, एकता और सौहार्द का संदेश देने वाला अभियान है। इस आयोजन के माध्यम से उन क्षेत्रों तक सकारात्मक संदेश पहुंच रहा है, जो लंबे समय तक विकास और सरकारी योजनाओं से वंचित रहे। अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की भागीदारी इस आयोजन को विशेष रूप से प्रभावी बना रही है.
31 जनवरी की सुबह मुख्यमंत्री साय स्वयं अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन में शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जुंबा गतिविधि से होगी, जिसके पश्चात प्रातः 6.30 बजे मुख्यमंत्री द्वारा मैराथन को फ्लैग-ऑफ किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री रामकृष्ण आश्रम पहुंचकर आश्रम के बच्चों के साथ नाश्ता करेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से यह संदेश और सशक्त होगा कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास और शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।
अबूझमाड़ पीस मैराथन 2026 को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहभागिता मिली है। इस आयोजन में 6500 से अधिक धावकों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय धावक, अन्य राज्यों से 500 से अधिक, छत्तीसगढ़ राज्य से लगभग 6000, तथा नारायणपुर जिले से 4000 से अधिक धावक शामिल हैं। इसके साथ ही क्वाड रन में 12 धावकों ने भी भागीदारी की है।
यह मैराथन न केवल युवाओं को खेल और फिटनेस से जोड़ रही है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति व विकास के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन रही है।
सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ ओलंपिक के आयोजन के लिए तैयार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में बस्तर ओलम्पिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की भांति सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने 12 खेल विधाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में जनभागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है और अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए सफल आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सरगुजा ओलंपिक के शुभंकर और लोगो के अनावरण कार्यक्रम में कहा कि इस आयोजन से सरगुजा के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा। इसके विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें यूथ आइकॉन घोषित कर युवाओं व बच्चों को खेलों से जुड़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का जीवंत प्रतीक है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित प्रसिद्ध टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो हरियाली, ऊर्जा और निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। मध्य भाग में अंकित “सरगुजा ओलंपिक 2026” आयोजन की स्पष्ट पहचान के साथ स्थानीय गौरव और अस्मिता को अभिव्यक्त करता है।
चारों ओर 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं। रंगों का संयोजन आयोजन की जीवंतता, उत्साह और एकता को प्रकट करता है। लाल रंग का विशेष सांस्कृतिक महत्व पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से भी जुड़ा है, जहाँ यह शक्ति, साहस और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सकारात्मकता और संरक्षण का भाव लिए हुए दैवीय शक्ति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाता है।
इसी प्रकार सरगुजा ओलम्पिक 2026 का शुभंकर गजरु को रखा गया है, जो सरगुजा अंचल की प्राकृतिक व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। आदिवासी समाज में हाथी को बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी विशेषताएँ—शक्ति, अनुशासन, संतुलन और निरंतर प्रयास—खेल भावना से जुड़ी हैं तथा झुंड में चलने की प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है।
विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित होगी खेल प्रतिभाएं
सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया है, जिसमें 06 जिलों से लगभग 03 लाख 50 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1 लाख 59 हजार पुरुष और 01 लाख 89 हजार महिलाओं ने आयोजन में अपना पंजीयन कराया है। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी समेत 12 विधाओं में विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, सचिव खेल यशवंत कुमार, संचालक खेल तनुजा सलाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
रायपुर में होगा छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ चैंपियनशिप का दूसरा एडिशन, 126 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
रायपुर। छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ चैंपियनशिप के दूसरे एडिशन का आयोजन रायपुर में होने जा रहा है, जिसमें देश विदेश के 126 खिलाड़ी शामिल होंगे. यह टूर्नामेंट PGTI का 2026 सीजन का पहला टूर्नामेंट होगा, जो 3 से 6 फरवरी तक नया रायपुर के शानदार फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट में खेला जाएगा.
इस इवेंट के लिए प्राइज मनी जो पिछले साल पहले एडिशन में 1 करोड़ रुपये थी, इस साल दूसरे एडिशन के लिए बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है. भारत के जाने-माने प्रोफेशनल खिलाड़ी और विदेशों के कई प्रोफेशनल खिलाडी इस इवेंट में हिस्सा लेंगे. टूर्नामेंट 1 फरवरी को प्रो-एम इवेंट के साथ शुरु होगा. इस टूर्नामेंट में 126 पेशेवर खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. यह इवेंट स्ट्रोक प्ले फॉर्मेट में खेला जाएगा, जिसमें 18-18 होल के चार राउंड होंगे. दो राउंड के बाद टॉप 50 खिलाड़ी और टाई वाले खिलाड़ी कट में जगह बनाएंगे.
फेयरवे गोल्फ एंड लैक रिज़ॉर्ट “नवा रायपुर” में स्थित है, जिसे अवकाश और मनोरंजन के साथ एक एकीकृत समुदाय के रूप में योजनाबद्ध किया गया था. गोल्फ कोर्स 450 एकड़ की झंझ झील के किनारे स्थित है और लगभग 500 एकड़ के जंगल से खूबसूरती से घिरा हुआ है. कोर्स का पार 69 है.
यह भारत के मध्य भाग में विकसित होने वाला पहला 18-होल गोल्फ कोर्स है. ऑस्ट्रेलिया के ‘पैसिफिक कोस्ट डिज़ाइन” द्वारा डिजाइन किया गया और SGDC दद्वारा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट किया गया, पैसिफिक कोस्ट डिज़ाइन ने रायपुर में एक नए आवासीय रिजॉर्ट 18-होल गोल्फ प्रोजेक्ट की मास्टर प्लानिंग और विस्तृत डिज़ाइन तैयार की. यह कोर्स इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण होगा कि 6,000 गज का गोल्फ कितना चुनौतीपूर्ण और मजेदार हो सकता है. पानी, बंकर और रिस्क / रिवॉर्ड के मौकों के साथ, यह कोर्स स्किल्स का एक सच्चा टेस्ट साबित हो सकता है. प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ़ इंडिया भारत में पुरुषों के प्रोफेशनल गोल्फ के लिए आधिकारिक गवर्निंग और सैक्शनिंग बॉडी है और ‘इंटरनेशनल गोल्फ फेडरेशन’ और ‘इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ PGA टूर्स’ का एक मान्यता प्राप्त सदस्य है. PGTI के पास रणनीतिक गठबंधन भी हैं.
दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता का विस्तार, मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रायपुर। नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के कॉर्पोरेट कार्यालय में आज दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार जिलों में वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर राज्यवासियों को समर्पित किया गया। इस अवसर पर नाबार्ड से डॉ. ज्ञानेंद्र मणि, मुख्य महाप्रबंधक (छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर), शीतांशु शेखर, महाप्रबंधक (नाबार्ड) तथा छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष विनोद कुमार अरोड़ा की विशेष उपस्थिति रही.
इन मोबाइल वैन के माध्यम से दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों में वित्तीय साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल लेन-देन, बचत, ऋण, बीमा, पेंशन योजनाओं सहित वित्तीय समझदारी और अनुशासन के बारे में जानकारी दी जाएगी।
दंतेवाड़ा जिले में संचालित होने वाली मोबाइल वैन सुकमा एवं बीजापुर जिलों के निवासियों को भी वित्तीय साक्षरता शिविरों के माध्यम से जागरूक करेगी। वहीं, बलौदा बाजार जिले में संचालित वैन महासमुंद तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लोगों तक पहुंचकर उन्हें वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का कार्य करेगी।
दोनों मोबाइल वैन के लिए नाबार्ड द्वारा वित्तीय समावेशन निधि के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे प्रदेश में वित्तीय समावेशन को और अधिक मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक विजय वसंत रायकवाड़, रविंद्र पाल सिंह जाट, आभास कुमार सतपथी, आशीष कुमार ताम्रकार, सहायक महाप्रबंधक अमरजीत सिंह खनूजा, दीप कुमार ध्रुव तथा वित्तीय समावेशन विभाग के विभाग प्रमुख संदीप कुमार सहित कॉर्पोरेट कार्यालय के समस्त सेवायुक्त उपस्थित रहे।
राजातालाब एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को लेकर हंगामा, युवा कांग्रेस का प्रदर्शन
रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर के राजातालाब इलाके में नाले के ऊपर बने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर सवाल उठने लगे हैं. पिछले दो दिनों में इस मार्ग पर कई हादसे होने की बात सामने आई है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ने का आरोप लगाया जा रहा है. इसी मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस रायपुर उत्तर विधानसभा के कार्यकारी अध्यक्ष नवाज़ खान के नेतृत्व में गुरुवार को प्रदर्शन किया गया.
प्रदर्शनकारियों ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा जाली लगाने की मांग करते हुए प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. युवा कांग्रेस का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर अब तक बैरीकेड नहीं लगाए जाने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है. युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. संगठन का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, तो और भी हादसे हो सकते हैं.
इस दौरान नवाज़ खान ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर तुरंत सुरक्षा बैरीकेड लगाई जाए, ताकि आम जनता की जान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो युवा कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी. युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभागों की होगी.
यूजीसी गाइडलाइन अच्छी, विरोध से पहले अध्ययन जरूरी—डॉ. आशा लकड़ा
रायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने आज रायपुर के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने यूजीसी की नई गाइडलाइन को अच्छा बताया और धर्मांतरण समेत जनजातीय समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वे लगातार जनजातीय क्षेत्रों में जाकर लोगों से संवाद कर रही हैं।
डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि वे कल कोंडागांव में महतारी सदन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगी और वहां महतारी बहनों से संवाद करेंगी। इसके बाद वे जगदलपुर में एनएमडीसी का निरीक्षण करेंगी और सीएसआर (CSR) के माध्यम से जनजातीय समाज को मिल रहे लाभों की समीक्षा करेंगी। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कमियां सामने आएंगी, उन्हें केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा। साथ ही जनजातीय समुदाय के संरक्षण और संवर्धन को लेकर आयोग की ओर से रिपोर्ट भी सौंपी जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. आशा लकड़ा ने यूजीसी की नई गाइडलाइन पर भी बयान दी। उन्होंने कहा कि जो लोग इस गाइडलाइन का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पहले इसका अध्ययन करना चाहिए और कानूनी सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गाइडलाइन बेहद अच्छी है।
वहीं धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर किसी ने धर्मांतरण किया है और फिर भी आरक्षण लेना चाहता है, तो उसे आरक्षण छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी परंपराएं और रूढ़ियां छोड़ देते हैं, वे जनजातीय समुदाय का हिस्सा नहीं माने जाएंगे। ऐसे लोगों की डी-लिस्टिंग की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के अधिवक्ता अर्जुन अमित श्रीवास्तव को मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवा अधिवक्ता अर्जुन अमित श्रीवास्तव को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. भारतीय युवा कांग्रेस ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किया है. इससे पहले वे युवा कांग्रेस में बिहार के सह-प्रभारी और मध्य प्रदेश के प्रभारी की भूमिका निभा चुके हैं.
अर्जुन अमित श्रीवास्तव देश के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में शामिल हैं. उनकी नियुक्ति को संगठन में युवाओं के नेतृत्व को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. वे संगठन की नीतियों और कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने की भूमिका निभाएंगे.
इस नियुक्ति की घोषणा भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब ने की. अर्जुन अमित श्रीवास्तव की इस नई जिम्मेदारी पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें बधाई दी है.

एसीबी की दीपका-कोरबा में बड़ी कार्रवाई, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा
बिलासपुर। एसीबी बिलासपुर ने कोरबा जिले में दीपका में सीएसपीडीसीएल (विद्युत विभाग) के सहायक अभियंता को 50000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा. सहायक अभियंता ने खेत में ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर किसान से रिश्वत की मांग की थी.
डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि ग्राम रलिया, जिला कोरबा निवासी श्यामता टंडन ने इस आशय की शिकायत की गई थी कि ग्राम दर्री, जिला कोरबा में उसके मित्र के पिता के नाम पर कृषि जमीन है, जिसमें ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए मित्र के पिता ने उसे सीएसपीडीसीएल (विद्युत विभाग दीपका) में अधिकारियों से मिलकर बात करने को कहा था.
ट्रांसफार्मर लगाने का आवेदन देने के बाद सीएसपीडीसीएल दीपका के सहायक अभियंता सत्येंद्र दिवाकर ने मौके का निरीक्षण किया था, और ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर चालान पटाने के अलावा नाश्ता-पानी के नाम पर 80000 रुपए की मांग की गई, जिसमें से 30,000 रुपए ले लिया था, लेकिन वह रिश्वत के रूप में दिए जाने वाली शेष राशि 50000 रुपए को नहीं देना चाहता, बल्कि सहायक अभियंता दिवाकर को पकड़वाना चाहता है.
शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई. 28 जनवरी को प्रार्थी ने व्यवस्था की गई राशि 50000 रुपए को आरोपी को देने दीपका स्थित कार्यालय में भेजा. आरोपी द्वारा रिश्वती राशि 50000 रुपए को लेते ही एसीबी टीम ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया. आरोपी द्वारा रिश्वत में ली गई रकम को बरामद कर लिया गया. इसके साथ आरोपी के खिलाफ एसीबी धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई कर रही है.
कोयला घोटाले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सौम्या-रानू समेत इन आरोपियों को मिली रेगुलर जमानत, ये सख्त शर्तें बरकरार
रायपुर। कोयला घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 28 जनवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न विशेष अनुमति याचिकाओं (आपराधिक) पर सुनवाई करते हुए ईओडब्ल्यू-एसीबी छत्तीसगढ़ और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामलों में अभियुक्तों को पूर्व में दी गई अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में परिवर्तित करते हुए उन्हें नियमित जमानत प्रदान की है।
यह अंतरिम जमानतें ईओडब्ल्यू-एसीबी द्वारा दर्ज विभिन्न प्राथमिकी और ईडी द्वारा दर्ज ईसीआईआर से संबंधित हैं, जिनमें कथित कोयला घोटाला और डीएमएफ मामलों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। न्यायालय ने यह भी संज्ञान में लिया कि अभियुक्तों ने पहले ही लंबी अवधि की न्यायिक हिरासत भुगती है तथा अधिकांश मामलों में अब तक आरोप तय नहीं हुए हैं और मुकदमे प्रारंभिक अवस्था में हैं.
इन मामलों में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव रह चुकीं सौम्या चौरसिया को बड़ी राहत मिली है। उनके विरुद्ध राज्य की एजेंसियों द्वारा दर्ज प्राथमिकी तथा प्रवर्तन निदेशालय द्वारा प्रारंभ की गई कार्यवाहियों में, ईओडब्ल्यू/एसीबी की प्राथमिकी क्रमांक 03/2024, दिनांक 17.01.2024 (कोयला प्रकरण) में 23.05.2024 को गिरफ्तारी के पश्चात लगभग 9 माह 10 दिवस की हिरासत उपरांत 03.03.2025 को, प्रवर्तन निदेशालय की ईसीआईआर क्रमांक आरपीजो/09/2022, दिनांक 29.09.2022 (कोयला प्रकरण) में 02.12.2022 को गिरफ्तारी के पश्चात लगभग 1 वर्ष 9 माह 23 दिवस की हिरासत उपरांत 25.09.2024 को, तथा ईओडब्ल्यू/एसीबी की प्राथमिकी क्रमांक 02/2024, दिनांक 16.01.2024 (डीएमएफ प्रकरण) में 03.03.2025 को गिरफ्तारी के पश्चात लगभग 2 माह 26 दिवस की हिरासत उपरांत 29.05.2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत प्रदान की गई थी, जिसे अब न्यायालय द्वारा बरकरार रखा गया है।
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निष्पक्ष एवं प्रभावी अन्वेषण के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि अंतरिम जमानत के दौरान लगाई गई शर्तें यथावत लागू रहेंगी, जो सौम्या चौरसिया, रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी और समीर विश्नोई पर लागू होंगी।
शर्तों के अनुसार अभियुक्तों को अपने पासपोर्ट न्यायालय में जमा करने होंगे तथा न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। विचारण लंबित रहने की अवधि के दौरान वे छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर निवास करेंगे और केवल सुनवाई की तिथि से एक दिन पूर्व, व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता होने पर ही राज्य में प्रवेश करेंगे। वे संबंधित क्षेत्राधिकार के पुलिस थाने को अपना संपर्क विवरण उपलब्ध कराएंगे तथा आगे अन्वेषण के लिए बुलाए जाने पर जांच में सहयोग करेंगे।
सर्वोच्च न्यायालय ने कोयला और डीएमएफ प्रकरणों से संबंधित ईओडब्ल्यू/एसीबी प्राथमिकी एवं ईडी की ईसीआईआर में अन्य सह-अभियुक्तों, जिनमें हेमंत जायसवाल, चंद्र प्रकाश जायसवाल, संदीप कुमार नायक, वीरेंद्र कुमार जायसवाल (उर्फ मोंटू), रजनीकांत तिवारी, दीपेश टोंक, राहुल कुमार सिंह, शिव शंकर नाग, रोशन कुमार सिंह, शेख मोइनुद्दीन कुरैशी, परेख कुर्रे, लक्ष्मीकांत तिवारी, मनीष उपाध्याय, निखिल चंद्राकर, नवनीत तिवारी, राधेश्याम मिर्झा, वीरेंद्र कुमार राठौर, भुवनेश्वर सिंह राज, भरोसा राम ठाकुर, मनोज कुमार द्विवेदी तथा माया वेरियर शामिल हैं। सभी को पूर्व में प्रदान की गई जमानत को भी जारी रखा है।
इन मामलों में 03.03.2025, 29.05.2025, 01.05.2025, 05.08.2025, 12.09.2025, 19.09.2025, 24.09.2025, 25.09.2024 और 10.12.2025 को अंतरिम जमानत प्रदान की गई थी।
न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि अधिकांश मामलों में अन्वेषण एजेंसियों द्वारा अनुपूरक आरोप-पत्र अथवा अभियोजन शिकायतें दाखिल की जा चुकी हैं, और आरोप अब तक तय नहीं हुए हैं और विचारण लंबित है। अंतरिम जमानत की पुष्टि से यह सिद्धांत पुनः स्थापित हुआ है कि मुकदमे के पूर्व चरण में, विशेषकर जब अभियुक्त लंबी अवधि की हिरासत भोग चुके हों, निरंतर कारावास उचित नहीं है।
इसके अतिरिक्त, यह भी उल्लेख किया गया कि जयचंद कोशल से संबंधित एक नवीन प्रकरण, जो आज सूचीबद्ध था। उसे दिनांक 29.01.2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे, अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा के साथ उपस्थित रहे।
बड़ी खबर : 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ के अफसरों की लगाई गई ड्यूटी, 25 IAS और 5 IPS बनाए गए ऑब्जर्वर… आदेश जारी
रायपुर। असम, केरल, तमिलनाडू, पंश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ के IAS और IPS अफसरों को ऑब्जर्वर बनाया गया है. इनमें 25 आईएएस और 5 आईपीएस अफसरों के नाम शामिल हैं.
जिन 25 आईएएस अधिकारियों को ऑब्जर्वर बनाया गया है, उनमें IAS रितु सेन, सिद्धार्थ कोमल परदेसी, नीलम नामदेव एक्का, एस प्रकाश, भुवनेश यादव, एस भारती दासन, अंकित आनंद, मो. कैसर अब्दुल हक, समी आबिदी, हिमशिखर गुप्ता, शिखा राजपूत तिवारी, राजेश सिंह राणा, अवनीश कुमार शरण, धर्मेश कुमार साहू, पदुम सिंह एल्मा, रमेश कुमार शर्मा, सारांश मित्तर, रिमी जुएस एक्का, संजीव कुमार झा, तारन प्रकाश सिन्हा, पुष्पेंद्र कुमार मीणा, रजत बंसल, जगदीश सोनकर, विनीत नंदनवार और रितुराज रघुवंशी शामिल हैं.
वहीं 5 आईपीएस अधिकारी आनंद छाबड़ा, रतन लाल डांगी, अजय कुमार यादव, अंकित कुमार गर्ग और बद्रीनारायण मीणा को ऑब्जर्वर बनाया गया है.
देखें आदेश की कॉपी:




