प्रदेश
MP में NEET EXAM को लेकर हाई अलर्टः 44 साइबर कमांडो रखेंगे पल-पल की नजर, करीब एक लाख स्टूडेंटस देंगे परीक्षा
भोपाल। मध्यप्रदेश में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट 21 जून को नीट परीक्षा (NEET Exam) 30 जिलों में संगीनों के साए में होगी। नीट परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश हाई अलर्ट पर है। सभी केंद्रों पर कैमरे और जैमर लगाए जा रहे है।दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक परीक्षा होगी। हर सेंटर्स पर डॉक्टर तैनात रहेंगे। किसी की तबीयत बिगड़ी तो डॉक्टर वहीं मिलेंगे। स्टूडेंट्स के लिए हर सेंटर के बाहर एक बड़ी घड़ी लगाई जाएगी। भोपाल में 32 केद्रों पर 13 हजार 774 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे।
परीक्षा केंद्र
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, भिंड, बालाघाट, अशोकनगर, छतरपुर, रतलाम, बड़वानी, खरगौन, धार, खंडवा, नर्मदापुरम्, दमोह, दतिया, देवास, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, राजगढ़, सिंगरौली, विदिशा और सतना। परीक्षा केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा मुख्य प्रवेश द्वार और अंदर पुलिस बल की तैनाती रहेगी। लड़कियों की जांच के लिए अलग से फ्रिस्किं (तलाशी) व्यवस्था की जाएगी। बिजली सप्लाई बाधित न हो, इसलिए जनरेटर उपलब्ध रहेंगे। केंद्रों में शौचालय और क्लॉक रूम की सुविधा हैं। अभिभावकों के लिए केंद्र के बाहर टेंट लगाए जाएंगे, ताकि उन्हें धूप और बारिश से राहत मिल सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, साइबर मुख्यालय से 24 घंटे निगरानी
नीट परीक्षा को लेकर इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया को लेकर विशेष तैयारी गृह विभाग की तरफ से की गई है। सोशल मीडिया के अलग-अलग एप और साइट्स पर नजर रखने के लिए प्रदेश में 44 साइबर कमांडो तैनात किये गए हैं जो मध्यप्रदेश स्टेट साइबर मुख्यालय से 24 घंटे निगरानी रखी रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर इस बार परीक्षा के दौरान जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। NEET परीक्षा के 72 घंटे पहले से ही विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रदेश में 283 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसके केंद्र इंदौर, भोपाल, ग्वालियर,जबलपुर में सर्वाधिक केंद्र बनाए गए हैं। कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्र तक सीआरपीएफ प्रश्न पत्र को पहुंचाएगी जिले के अफसर इसको लेकर मॉनिटरिंग करेंगे।
छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के संकेत, कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से बदले मौसम ने मानसून के आगमन की उम्मीदों को फिर से मजबूत कर दिया है। दिनभर की भीषण गर्मी और उमस के बाद रात में हो रही बारिश से लोगों को राहत मिल रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले 4 से 5 दिनों में मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है और 23 जून तक इसकी दस्तक होने की संभावना है।
तेलंगाना में अटका मानसून, 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंचने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में सक्रिय है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 23 जून तक मानसून छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले विभाग ने 15 जून के बाद मानसून आगमन को लेकर कोई स्पष्ट पूर्वानुमान जारी नहीं किया था।पिछले वर्ष मानसून 28 मई को दंतेवाड़ा और 18 जून को रायपुर पहुंच गया था, जबकि इस बार इसकी रफ्तार कुछ धीमी है।
तेज हवा और गरज-चमक के साथ हुई बारिश
गुरुवार रात राजधानी रायपुर सहित कई इलाकों में तेज हवाओं और बादलों की गर्जना के बीच जोरदार बारिश हुई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया। हालांकि कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही और एक घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई।
अगले तीन दिन बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले तीन दिनों तक व्यापक वर्षा की संभावना जताई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी भी जारी की गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने नीट परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण, बारिश में परीक्षार्थियों को न हो असुविधा, शेड व मूलभूत सुविधाओं के दिए निर्देश
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने नीट परीक्षा के दो दिन पूर्व आज शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि बारिश की स्थिति में किसी भी परीक्षार्थी को असुविधा न हो। केंद्र में पर्याप्त शेड की व्यवस्था करें ताकि फ्रिस्किंग करने एवं अन्य व्यवस्थाओं में असुविधा न हो। साथ ही फ्रिस्किंग स्थल पर भी शेड एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

कलेक्टर डॉ सिंह ने पीएम श्री आत्मानंद आर.डी. तिवारी विद्यालय आमापारा, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 डी.डी.यू नगर तथा एनआईटी स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
डॉ. सिंह ने स्वयं कक्षाओं के भीतर पहुंचकर बैठने की व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों तथा परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर डीसीपी मयंक गुर्जर, एसडीएम नंदकुमार चौबे, एडीसीपी राहुल देव शर्मा, डिप्टी कलेक्टर उपेन्द्र किण्डो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
NEET-2026 परीक्षार्थियों के लिए रेलवे की बड़ी सौगात, चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
बिलासपुर। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने विशेष रेल सेवाओं की घोषणा की है। परीक्षा के दौरान संभावित अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए स्पेशल मेमू ट्रेनों का संचालन, हसदेव एक्सप्रेस का अस्थायी विस्तार तथा विभिन्न ट्रेनों में अतिरिक्त जनरल कोच लगाए जाएंगे।
कोरबा-दुर्ग के बीच चलेंगी स्पेशल मेमू ट्रेनें
रेलवे द्वारा 20 और 21 जून को कोरबा-दुर्ग-कोरबा के बीच विशेष मेमू पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ये ट्रेनें चांपा, जांजगीर-नैला, अकलतरा, बिलासपुर, भाटापारा, तिल्दा-नेवरा, रायपुर और भिलाई पावर हाउस सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी।
छिंदवाड़ा-इतवारी स्पेशल ट्रेन भी चलेगी
21 जून को छिंदवाड़ा से नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी के लिए विशेष मेमू पैसेंजर ट्रेन चलाई जाएगी। इससे मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र के परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
हसदेव एक्सप्रेस का दुर्ग तक अस्थायी विस्तार
NEET अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 21 जून को 18250 कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाया जाएगा। वहीं 18251 रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस दुर्ग से प्रारंभ होकर कोरबा तक संचालित होगी।
कई ट्रेनों में लगाए जाएंगे अतिरिक्त जनरल कोच
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हसदेव एक्सप्रेस, रीवा एक्सप्रेस, टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में 2 से 7 अतिरिक्त सामान्य श्रेणी (जनरल) कोच लगाए जाएंगे।
परीक्षार्थियों से रेलवे की अपील
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने NEET-2026 परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से इन विशेष रेल सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की समय-सारिणी और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट से अवश्य जांच लें।
भोपाल रेल मंडल ने अर्जित किए 350.30 करोड़ रुपये, यात्री, माल और टिकट चेकिंग से की कमाई
भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों अप्रैल और मई में 350.30 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी वाणिज्य और परिचालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल और मई के दौरान टिकट चेकिंग के 1.32 लाख मामलों से 9.53 करोड़ रुपये की आय हुई। वहीं 71.07 लाख यात्री टिकटों की बुकिंग से 177.39 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा अन्य कोचिंग मद से 13.34 करोड़ रुपये, 1.23 मिलियन टन माल परिवहन से 143.65 करोड़ रुपये तथा विविध आय से 15.93 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे राजस्व बढ़ाने के लिए टीम भावना के साथ लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भोपाल मंडल यात्रियों को बेहतर और शिकायत रहित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी राजस्व वृद्धि और सेवा सुधार के प्रयास जारी रहेंगे।
छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचे महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।
चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे एवं संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
बलौदाबाजार हिंसा मामला : सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जारी किया नोटिस
बिलासपुर। बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। एसएलपी पर अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
हाईकोर्ट से जमानत याचिका हो चुकी है खारिज
बता दें कि बलौदाबाजार में हुए बहुचर्चित हिंसा और आगजनी मामले में आरोपी अमित बघेल,अजय यादव और दिनेश कुमार वर्मा की छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दी थी। अजय यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जमानत की गुहार लगाई है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास के सिंगल बेंच ने 19 मई 2026 को आवेदकों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आवेदक अमित बघेल और अजय यादव छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारी हैं, उन पर सात से आठ हजार लोगों की भीड़ को भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस बल पर जानलेवा हमले का गंभीर आरोप है।
हिंसा में 13 से 15 करोड़ की सार्वजनिक संपत्ति को पहुंचा था नुकसान
हिंसा के कारण बलौदाबाजार-भाटापारा जिला और मुख्यालय में शांति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और लगभग 13 से 15 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ। अमित बघेल के खिलाफ 17, अजय यादव के खिलाफ 13 और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका SLP दायर कर जमानत की मांग की है। याचिका की सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
मंत्रियों की हाईलेवल मीटिंग पर कांग्रेस के तंज का विधायक अजय चंद्राकर ने किया पलटवार, कहा-
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में बीती रात हुई मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक को लेकर कांग्रेस द्वारा सरकार में "विस्फोटक स्थिति" बताए जाने पर भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विस्फोटक हालात भाजपा में नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर हैं और पार्टी को पहले यह जवाब देना चाहिए कि उसके नेता लगातार पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं।
मीडिया से चर्चा करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन की ओर से नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाती हैं। यह एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
राहुल गांधी के दौरे पर भी साधा निशाना
21 जून को राहुल गांधी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी चंद्राकर ने कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "क्या राहुल गांधी के स्वागत के लिए भी गुलाब मंगवाए जा रहे हैं? प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए तो मंगवाए गए थे।"
उन्होंने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को प्रशिक्षण की जरूरत क्यों पड़ रही है, यह समझ से परे है। चंद्राकर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी शायद भूपेश बघेल को बधाई देने आ रहे हैं, क्योंकि जहां-जहां भूपेश बघेल जाते हैं, वहां-वहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ता है।
शराब ओवररेटिंग और भ्रष्टाचार पर कांग्रेस को घेरा
राज्य में शराब की ओवररेटिंग के मुद्दे पर भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उनके अनुसार कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए और पार्टी हर प्रकार के भ्रष्टाचार में लिप्त रही है।
इंडिया गठबंधन पर भी किया हमला
इंडिया ब्लॉक को लेकर अजय चंद्राकर ने कहा कि गठबंधन के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल रही है। साथ ही उन्होंने भूपेश बघेल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे कांग्रेस के "शुभंकर" बन चुके हैं और पार्टी में अब गिने-चुने लोग ही बचे हैं।
NEET मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना
NEET परीक्षा को लेकर कांग्रेस द्वारा विभिन्न राज्यों में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में ऐसी परिस्थितियां बनने पर किसी मंत्री ने जिम्मेदारी नहीं ली थी।
उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं और कांग्रेस ऐसे मुद्दों पर ऐसा नैरेटिव पेश करती है, जिसे आम जनता स्वीकार नहीं करती।
मुख्यमंत्री साय की दूरदर्शी पहल : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान से सुशासन का लाभ पहुंचेगा हर परिवार तक, 23 जिलों का हुआ चयन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' इसी सोच का विस्तार है।
'नियद नेल्लानार' की सफलता से प्रेरित नई पहल
वर्ष 2024 से बस्तर संभाग में संचालित 'नियद नेल्लानार' योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की।
योजना की सफलता को देखते हुए इसे 'नियद नेल्लानार 2.0' के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।
यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान अंतर्गत रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं।
सुशासन से संतृप्ति की ओर
'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।
'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी।
31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण
अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है।
इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराना है।
CHiPS विकसित करेगा अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था होगी। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा एक एकीकृत 'सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड' विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड राज्य, संभाग, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति को रियल-टाइम में प्रस्तुत करेगा। डैशबोर्ड पर प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत उपलब्ध रहेगा। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनेगी।
तीन चरणों में होगा अभियान का संचालन
अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी।
दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
जिला प्रशासन निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका
अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिला कलेक्टर जिला स्तरीय क्रियान्वयन के प्रमुख अधिकारी होंगे और आधारभूत सर्वेक्षण, शिविरों के आयोजन तथा संतृप्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
संभागायुक्त संभाग स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करेगी।
'सुघ्घर छत्तीसगढ़' एक अभिसरण आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए पृथक बजट शीर्ष निर्मित करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभाग अपनी स्वीकृत योजनागत निधियों का उपयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त CSR, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) तथा अन्य संस्थागत स्रोतों के माध्यम से भी आवश्यक संसाधनों का अभिसरण किया जाएगा।
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में नया अध्याय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' नागरिक-केंद्रित सुशासन की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के अवसरों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जब शासन की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जब प्रत्येक पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेगा, तभी सच्चे अर्थों में 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' और 'विकसित छत्तीसगढ़' का संकल्प साकार होगा। यह अभियान प्रदेश में सुशासन के नए मानक स्थापित करते हुए विकास की यात्रा को और अधिक समावेशी, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाएगा।
रात 2 बजे तक मुख्यमंत्री निवास में चली बैठक, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा-अरुण साव ने बताया किन-किन मुद्दों पर हुई चर्चा
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरकारी निवास में गुरुवार देर रात हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई। लगभग पांच घंटे तक चली इस मैराथन बैठक से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर भी तेज रहा। इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कैबिनेट के सभी मंत्री और भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
सीएम हाउस में चली यह बैठक देर रात करीब 2 बजे समाप्त हुई, जिसके बाद सभी मंत्री और संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री निवास से रवाना हुए। बताया जा रहा है कि प्रदेश और प्रदेश के बाहर दौरे पर मौजूद कई मंत्रियों को भी तत्काल रायपुर बुलाया गया था।
मंत्रिमंडल में फेरबदल पर नहीं हुई कोई चर्चा : विजय शर्मा
हाई लेवल मीटिंग के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस तरह की बैठक पहली बार नहीं हुई है। सत्ता और संगठन के बीच हर तीन महीने में इस तरह की बैठक होती है। उन्होंने बताया कि आगामी कार्यक्रमों को लेकर इस बैठक में रणनीति बनाई गई है। मंत्री और विधायकों को उनके दौरों को लेकर जिम्मेदारी दी गई है। प्रभार क्षेत्रों में दौरों को लेकर समीक्षा की गई है। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर कहा कि इसपर बैठक में कोई बात नहीं हुई।
प्रधानमंत्री के 12 वर्ष के कार्यकाल पर हुई चर्चा : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह रूटीन बैठक थी, जिसे मुख्यमंत्री ने बुलाया था। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों और नेताओं की जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। इसके अलावा आगामी चुनाव को लेकर मंथन हुआ।
सब सुरक्षित है, छत्तीसगढ़ सुरक्षित है : रामविचार नेताम
बैठक के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने मुस्कुराते हुए कहा कि “सब मुस्कुराइए, सब सेफ है और छत्तीसगढ़ सेफ है।” उन्होंने कहा कि सभी तरह की कयास निष्फल है।
कार्यों की समीक्षा पर हुई चर्चा : केदार कश्यप
वहीं मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बैठक में सभी के कार्यों की समीक्षा हुई, जैसे प्रभार क्षेत्र के दौरे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम और मंत्री-विधायकों के क्षेत्र दौरे व उनके कार्यक्रम की समीक्षा शामिल रही।
हालांकि, देर रात अचानक मुख्यमंत्री निवास में बुलाई गई बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन नेताओं ने इसे सत्ता और संगठन के बीच होने वाली नियमित समीक्षा बैठक बताया है।
7 आईएफएस अधिकारियों के तबादले, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने गुरुवार को भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं का आदेश जारी किया। प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए इस फेरबदल में 7 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी आदेश के मुताबिक मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) कांकेर राजेश कुमार चंदेल को मुख्य वन संरक्षक (समन्वय) के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) जगदलपुर आलोक कुमार तिवारी को मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन विकास/आईटी) बनाया गया है।
मुख्य वन संरक्षक, कार्य योजना बिलासपुर राम अवतार दुबे को क्षेत्रीय महाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम, नया रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वन संरक्षक (प्रशासन, राजभाषा एवं समन्वय) विवेकानंद झा को प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) कांकेर बनाया गया है। वहीं वन उप संरक्षक (रिकॉर्ड) लक्ष्मण सिंह को प्रभारी वन संरक्षक, कार्य योजना मंडल बिलासपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।
वन्यजीव क्षेत्र में कार्यरत स्टायलो मंगावी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) जगदलपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा वर्ष 2021 बैच की आईएफएस अधिकारी निमला खेस्स को जिला वन अधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार प्रभाग रायपुर के पद पर नियुक्त किया गया है।
वन विभाग ने एक और आदेश जारी किया है, जिसमें अनिमेष गोवर्धन (रा.व.से.), संपदा अधिकारी, कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख नवा रायपुर अटल नगर को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रभारी वन उप संरक्षक (रोकड) कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन वल प्रमुख, अरण्य भवन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ प्रमाणीकरण समिति, भारत वानिकी एवं कृषि (सीजीसर्ट) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
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संजय अग्रवाल बनाए गए छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष, मुख्यमंत्री साय ने X पर पोस्ट कर दी शुभकामनाएं
रायपुर। छत्तीसगढ़ में योग और स्वास्थ्य गतिविधियों को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ योग आयोग में महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। चिकित्सा शिक्षा (आयुष) विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, बिलासपुर निवासी संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
CM साय ने X पर पोस्ट कर दी बधाई
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर बधाई दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट जारी करते हुए लिखा—
“संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में योग के विस्तार तथा जन-जागरूकता को नई दिशा मिलेगी और योगमय, स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प और अधिक सशक्त होगा। आपके सफल एवं यशस्वी कार्यकाल के लिए मंगलकामनाएं।”
बता दें कि संजय अग्रवाल बिलासपुर के रामा वैली, हाईकोर्ट रोड क्षेत्र के निवासी हैं। वह इससे पहले भी छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का पद संभाल चुके हैं। सरकार ने उनके अनुभव और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
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सीटों की संख्या को बढ़ाने का सुखद परिणाम: ट्राइबल हॉस्टल के 13 अभ्यर्थियों ने रचा कीर्तिमान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, कहा-
रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति की प्रतिभा, परिश्रम और अटूट संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर निर्माण के लिए बेहतर अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन युवाओं की सफलता प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देगी।
यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल की स्थापना राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। यहां चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, अध्ययन कक्ष, पुस्तकालय, उत्कृष्ट कोचिंग तथा अनुभवी विशेषज्ञों का नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल जैसे संस्थान प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें उचित दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रारंभिक परीक्षा में सफल ये विद्यार्थी मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशासनिक सेवाओं में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएंगे।
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों और मार्गदर्शन व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम है। UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में 13 अभ्यर्थियों की सफलता ने इस संस्थान की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।
मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों के बीच सीएम साय ने बुलाई मंत्रियों की अहम बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रात 8.30 बजे सभी मंत्रियों को मुख्यमंत्री निवास में बैठक के लिए तलब किया है। आधिकारिक तौर पर इस बैठक को विभागीय कामकाज की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन जिस समय यह बैठक बुलाई गई है, उसने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार मंत्रियों को केवल बैठक की सूचना दी गई है। बैठक का एजेंडा क्या होगा, इस बारे में उन्हें कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। यही वजह है कि सत्ता के गलियारों में इस बैठक को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सत्ता से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि बैठक केवल विभागीय समीक्षा तक सीमित होती, तो संबंधित विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक की जा सकती थी। मुख्यमंत्री द्वारा अचानक सभी मंत्रियों की बैठक बुलाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ले सकते हैं मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड
सरकारी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की प्रगति, घोषणाओं के क्रियान्वयन और जनहितकारी योजनाओं की स्थिति की समीक्षा कर सकते हैं। सरकार के गठन के बाद से विभिन्न विभागों के कामकाज को लेकर समय-समय पर फीडबैक भी लिया जाता रहा है। ऐसे में मंत्रियों के प्रदर्शन, लंबित योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं पर चर्चा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सूत्र यह भी बताते हैं कि सरकार आगामी महीनों में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और प्रशासनिक कसावट पर विशेष जोर देना चाहती है। ऐसे में मंत्रियों को स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा भी दी जा सकती है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी चल रही है कि भाजपा केंद्रीय संगठन में कुछ अहम बदलावों की तैयारी कर रही है। संगठन में संभावित फेरबदल के बाद केंद्र सरकार और राज्यों में भी राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। इसी संदर्भ में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल को लेकर भी चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि सरकार या भाजपा संगठन की ओर से मंत्रिमंडल में किसी तरह की फेरबदल को लेकर अब तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। बावजूद इसके राजनीतिक पर्यवेक्षक इस बैठक को सामान्य समीक्षा बैठक मानने के बजाय बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़कर देख रहे हैं।
मंत्रियों की बढ़ी धड़कनें
बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं होने से मंत्रियों के बीच भी उत्सुकता बनी हुई है। सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति पर मंत्रियों से सीधी बातचीत कर सकते हैं। ऐसे में बैठक के बाद निकलने वाले संकेतों पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल आधिकारिक तौर पर इसे विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से राजनीतिक परिस्थितियां बनी हुई हैं, उसने इस बैठक को सामान्य प्रशासनिक कवायद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
86 दिन की देरी पड़ी भारी, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की रिट अपील खारिज की
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया में समय-सीमा का पालन सरकारी विभागों के लिए भी उतना ही अनिवार्य है जितना किसी आम नागरिक के लिए। इसी सिद्धांत को आधार बनाते हुए अदालत ने राज्य सरकार द्वारा विलंब से दायर की गई रिट अपील को सुनवाई योग्य मानने से इनकार कर दिया।
मामला जेल विभाग से जुड़े एक सेवा विवाद का है। राज्य शासन, जेल एवं सुधारात्मक सेवा विभाग और केंद्रीय जेल जगदलपुर प्रशासन ने एकलपीठ के आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ में अपील प्रस्तुत की थी। हालांकि यह अपील निर्धारित समयावधि समाप्त होने के काफी बाद दाखिल की गई थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद फाइल विभिन्न विभागों और कार्यालयों में विचाराधीन रही। कानूनी सलाह लेने, प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करने तथा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में समय लगने के कारण अपील समय पर दाखिल नहीं हो सकी।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि केवल विभागीय प्रक्रियाएं, फाइलों का एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक जाना अथवा प्रशासनिक औपचारिकताएं विलंब को उचित ठहराने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हो सकतीं।
खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय कई अवसरों पर स्पष्ट कर चुका है कि सरकारी संस्थाओं को देरी माफी का कोई विशेषाधिकार प्राप्त नहीं है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर अपील दाखिल नहीं की जाती है तो उसके लिए ठोस और असाधारण परिस्थितियों का उल्लेख आवश्यक है।
अदालत ने पाया कि राज्य सरकार यह बताने में असफल रही कि समय-सीमा के भीतर अपील दायर करने के लिए कौन से गंभीर और त्वरित प्रयास किए गए थे। रिकॉर्ड में केवल विभागीय पत्राचार और फाइलों की आवाजाही का उल्लेख किया गया था।
इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने देरी माफी का आवेदन खारिज कर दिया। इसके साथ ही रिट अपील भी केवल विलंब और लापरवाही के आधार पर निरस्त कर दी गई। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की।
गौरतलब है कि यह विवाद मुंगेली जिला जेल में पदस्थ जेल वार्डर संजय कुमार साहू से संबंधित है। उनके पक्ष में एकलपीठ द्वारा नवंबर 2025 में आदेश पारित किया गया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने अपील दायर की थी। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद अपील प्रस्तुत किए जाने से सरकार को अदालत से राहत नहीं मिल सकी।
लंबित मांगों को लेकर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने की एक दिवसीय हड़ताल
रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। अधिकारी-कर्मचारियों ने काम बंद कर एक दिवसीय हड़ताल की। इस दौरान उन्होंने सरकार और प्रशासन के सामने 9 सूत्रीय मांगें रखीं और मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
हड़ताल के कारण नगर निगम के कई प्रशासनिक और दैनिक कार्य प्रभावित रहे। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
वर्ष 2004 के बाद नियुक्त सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए।
अधिकारी-कर्मचारियों की मांगों को नवीन सेटअप में शामिल किया जाए।
नगर निगम के निलंबित अधिकारी-कर्मचारियों की बहाली की जाए।
कैशलेस चिकित्सा योजना लागू की जाए।
प्लेसमेंट कर्मचारियों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
बैंक के माध्यम से शासकीय कर्मचारियों की तर्ज पर एक करोड़ रुपये का बीमा उपलब्ध कराया जाए।
पात्र अधिकारी-कर्मचारियों को समय-सीमा में पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
रविवार को अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पूर्ण अवकाश सुनिश्चित किया जाए।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और संबंधित विभाग जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेते हैं तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे नगर निगम की सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
NEET पर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किया युवा मामलों की समिति गठन
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने NEET पर युवा मामलों की समिति का गठन किया है। इस समिति का काम युवाओं से संवाद और उनकी समस्याओं पर रणनीति बनाकर उसका क्रियान्वयन करना होगा।
कांग्रेस ने NEET परीक्षा में हुई धांधली और उससे प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए “छात्रों की गूंज” अभियान की शुरुआत की है। अभियान के तहत मध्यप्रदेश के युवाओं और पीड़ित छात्रों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अनुभवों को समझते हुए आगे की रणनीति तैयार करने ‘युवा मामलों’ की समिति का गठन किया।
छात्रों की आवाज़ को और अधिक बुलंद करने के लिए अभियान को जन आंदोलन बनाया जाएगा। समिति में प्रियव्रत सिंह, जयवर्धन सिंह, सचिन यादव, कुणाल चौधरी, यश घनघोरिया, विपिन वानखेड़े, मितेंद्र दर्शन सिंह, आशुतोष चौकसे, मनीष चौधरी, पोरलाल खरते, आनंद जाट, सदफ खान को शामिल किया गया है।
