प्रदेश
4 और 5 फरवरी को खरीदा जाएगा धान : धान खरीदी की अवधि दो दिन बढ़ी, भूपेश बघेल ने सरकार का जताया आभार, चेतावनी भी दी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी है। बघेल ने कहा है कि उन्हें अभी-अभी मीडिया से सूचना मिली है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान खरीदी की अवधि दो दिन 4 और 5 फरवरी को और बढ़ाने की घोषणा की है, ताकि बचे हुए किसान अपना धान बेच सकें।
भूपेश बघेल ने कहा कि आज ही उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि धान खरीदी में किसी भी तरह की आंकड़ों की बाजीगरी की गई तो कांग्रेस इसे लेकर फिर मुखर होगी।
धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।
किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का किया शुभारंभ
रायपुर। अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है।




मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।
अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।
गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।
वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने की कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समीक्षा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि वे युवाओं को अधिक से अधिक कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। श्री साय ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में नए-नए उद्योग स्थापित होने वाले हैं, इन उद्योगों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आज महानदी भवन मंत्रालय में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोजगार मेले का आयोजन करें। बैठक में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव विकासशील सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने और तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईटीआई के आधुनिकीकरण से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सीएसएसडीए एवं राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव पर सहमति दी और शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलों में सहायक निदेशक एवं सहायक परियोजना अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक हेतु विकसित ज्तंपदमम थ्ममकइंबा मॉड्यूल को और सशक्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 से अब तक 4 लाख 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं (वीटीपी) एवं 207 पंजीकृत कोर्स संचालित हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सेतु योजना के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर का चयन किया गया है, जिसके माध्यम से आईटीआई के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत तथा उद्योगों की हिस्सेदारी न्यूनतम 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 जिलों में लगभग 1,700 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर सहित जिलों में 600 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में सत्र 2025-26 में गत वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, उद्योग सचिव रजत कुमार, श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, संचालक तकनीकी शिक्षा रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरूण अरोरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया उद्घाटन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ राज्य व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3 फरवरी से 8 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया है। चैंपियनशिप में भारत के लिए खेल चुके कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे, सर्विसेस और इंडियन यूनिवर्सिटी सहित कई राज्यों की टीमें इसमें भागीदारी कर रही हैं। पुरुष वर्ग में 10 टीमें और महिला वर्ग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फेडरेशन कप के उद्घाटन के बाद इंडोर स्टेडियम में रुककर तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा। वे कांटे के मुकाबले वाले इस मैच के समाप्त होने के बाद ही स्टेडियम से निकले। विधायक सुनील सोनी भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मैं देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करता हूं। व्हॉलीबॉल हमें टीमवर्क, सहयोग और समन्वय सिखाता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इसमें प्रदेश का काफी नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा और कौशल का पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर सके, इसके लिए जरूरी अधोसंरचना और प्रशिक्षण पर हम लगातार जोर दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई वर्षों से बंद राज्य खेल अंलकरण सम्मान को हमने पुनः प्रारंभ किया है। ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ी की भागीदारी पर शासन की ओर से 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने पर एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। श्री साय ने कहा कि खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की नई पहचान अब देश-दुनिया के सामने है। पिछले दो सालों से राज्य में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहले साल एक लाख 65 हजार और दूसरे साल करीब 4 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है।
छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के अध्यक्ष महेश गागड़ा ने अपने स्वागत भाषण में फेडरेशन कप के आयोजन की रूपरेखा और कार्यक्रमों की जानकारी दी। रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव विक्रम सिसोदिया, भारतीय व्हॉलीबॉल संघ के महासचिव रामानंद चौधरी, मध्यप्रदेश व्हॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष रूद्रप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के सचिव हेमप्रकाश नायक, रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, राहुल कौशिक और विनोद नायर सहित विभिन्न व्हॉलीबॉल संघों के पदाधिकारी, सदस्यगण, खिलाड़ी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फेडरेशन कप के उद्घाटन के दौरान मौजूद थे।
इन राज्यों की टीम ले रही हिस्सा
रायपुर में हो रहे 37वें फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप में पुरूष वर्ग में रेलवे, सर्विसेस, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, तमिलनाडू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। वहीं महिला वर्ग में रेलवे, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें से कई टीमों में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को दी सुविधा, एलटीटी-कामाख्या कर्मभूमि एक्सप्रेस का न्यू माल स्टेशन में मिलेगा ठहराव
रायपुर। यात्रियों की सुविधा और उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा गाड़ी संख्या 22511/22512 एलटीटी-कामाख्या-एलटीटी कर्मभूमि एक्सप्रेस का पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अलीपुरद्वार मंडल अंतर्गत न्यू माल स्टेशन में प्रायोगिक ठहराव प्रदान किया जा रहा है।
05 फरवरी 2026 से गाड़ी संख्या 22511 एलटीटी-कामाख्या कर्मभूमि एक्सप्रेस न्यू माल स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी। यह गाड़ी न्यू माल स्टेशन पर सुबह 06:48 बजे पहुंचेगी तथा 06:50 बजे रवाना होगी।
08 फरवरी 2026 से गाड़ी संख्या 22512 कामाख्या-एलटीटी कर्मभूमि एक्सप्रेस न्यू माल स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी। यह गाड़ी न्यू माल स्टेशन 01.03 बजे पहुंचेगी तथा 01.05 बजे रवाना होगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के यांत्रिक विभाग का उत्कृष्ट प्रदर्शन : जनवरी 2026 में 1,311 वैगनों का किया मेंटनेंस, पूर्व के रिकॉर्ड को तोड़कर रचा नया कीर्तिमान
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के यांत्रिक विभाग ने जनवरी 2026 तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बेहतर योजना, तकनीकी उन्नयन और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप वैगन अनुरक्षण, मरम्मत और कोच ओवरहॉलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं।
रायपुर मंडल के भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स ने जनवरी 2026 में 1,311 वैगनों का अनुरक्षण कर दिसंबर 2025 के 1,301 वैगनों के पूर्व रिकॉर्ड को पार किया । इसी क्रम में जनवरी 2026 में 1,591 वैगनों का सर्वाधिक मासिक रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) आउटटर्न दर्ज किया गया, जो 37.18 प्रतिशत की संचयी वृद्धि को दर्शाता है।
रायपुर वैगन रिपेयर शॉप द्वारा जनवरी 2026 में 537 वैगनों का अब तक का सर्वाधिक मासिक पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) आउटटर्न प्राप्त किया गया। वहीं, मोतिबाग कार्यशाला ने कोच पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) में 38.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य से 24 प्रतिशत अधिक प्रदर्शन किया।
वर्ष-दर-वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि
(वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26)
रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) वैगन आउटटर्न: 11,178 से बढ़कर 15,334 वैगन
वैगन पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) (रायपुर): 4,400 से बढ़कर 4,733 वैगन
कोच पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) (नागपुर): 287 से बढ़कर 397 कोच
तकनीकी उन्नयन में अग्रणी भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स
रायपुर मंडल के रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) डिपो, पीपी यार्ड, भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक तकनीकी प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं, जिनमें कम्प्यूटरीकृत सिंगल वैगन टेस्ट रिग, कम्प्यूटरीकृत रेक टेस्ट रिग, कम्प्यूटरीकृत डीवी टेस्ट बेंच, मोटराइज्ड बोगी एवं बोल्स्टर मैनिपुलेटर तथा एआईआधारित वैगन निरीक्षण प्रणाली शामिल हैं।
इन नवाचारों से परीक्षण समय में कमी, एयर ब्रेक परीक्षण में उच्च सटीकता, मानवीय त्रुटियों में न्यूनता तथा भौतिक रिकॉर्ड के रख-रखाव में उल्लेखनीय कमी आई है।
संरक्षा नवाचार एवं कर्मचारी कल्याण
कर्मचारियों की संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण यार्ड में पर्यावरण-अनुकूल बाँस से निर्मित “बाहुबली फेंसिंग” स्थापित की गई है, जिससे रनिंग लाइन से स्पष्ट पृथक्करण सुनिश्चित हुआ है।
इसके अतिरिक्त, मालगाड़ी गार्डों की सुविधा के लिए ब्रेक वैन उन्नयन कार्य प्रगति पर है, जिसमें आधुनिक बैठने की व्यवस्था एवं आवश्यक सुविधाएँ आरडीएसओ के दिशानिर्देशों के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उच्च वैगन आउटटर्न के परिणामस्वरूप लोडिंग के लिए वैगनों की उपलब्धता में वृद्धि हुई है, जिससे राजस्व सृजन में सुधार तथा परिचालन दक्षता के नए मानक स्थापित हुए हैं। यह उपलब्धि यांत्रिक विभाग के समर्पित प्रयासों और कर्मचारियों की टीम भावना का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की आय एवं प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि हो रही है।
कंपनियों के रेट ऑफर के बाद बढ़ सकती है शराब की कीमतें, ड्यूटी दर राजपत्र में प्रकाशित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब पर लगने वाली ड्यूटी दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। ड्यूटी दरों को लेकर जारी अधिसूचना छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। देशी और विदेशी दोनों तरह की शराब पर ड्यूटी टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे आने वाले समय में शराब की कीमतों में इजाफा हाे सकता है।
नई आबकारी व्यवस्था के अनुसार अब विदेशी शराब पर उसकी कीमत के आधार पर अलग-अलग ड्यूटी दरें तय की गई है। यानी जितनी महंगी शराब होगी, उतना ही अधिक टैक्स देना होगा। सरकार ने केवल शराब ही नहीं, बल्कि बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों पर भी नई ड्यूटी दरें लागू करने का निर्णय लिया है। इससे इन उत्पादों की खुदरा कीमतों पर भी असर पड़ेगा। नई नीति में सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए न्यूनतम ड्यूटी दर निर्धारित की गई है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब शराब की सप्लाई से पहले टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा। इससे कर चोरी पर लगाम लगाने और राजस्व संग्रह को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। शराब कंपनियों द्वारा रेट ऑफ सेल प्राइस (RSP) प्रस्तावित किए जाने के बाद खुदरा बाजार में शराब की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।


छत्तीसगढ़ को डबल इंजन सरकार का बड़ा तोहफा : रेलवे विकास के लिए बजट में 7,470 करोड़ का प्रावधान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना विकास के लिए ₹7,470 करोड़ के ऐतिहासिक बजट प्रावधान किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के सतत प्रयासों से छत्तीसगढ़ में आज रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। वर्ष 2009–14 के दौरान वार्षिक औसत ₹311 करोड़ की तुलना में 2026–27 में ₹7,470 करोड़ का बजट प्रावधान लगभग 24 गुना वृद्धि का रिकॉर्ड है। वर्तमान में राज्य में ₹51,080 करोड़ के रेल कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें नए ट्रैक निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा सुरक्षा उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर वनांचल बस्तर में जगदलपुर को जोड़ने वाले रावघाट–जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट का प्रारंभ होना बस्तर के जनजातीय समाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक अमूल्य उपहार है, जो क्षेत्रीय विकास की नई राह प्रशस्त करेगा।परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर के साथ-साथ नए फ्रेट कॉरिडोर को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में यात्री गाड़ियों की संख्या आने वाले समय में लगभग दोगुनी हो जाएगी।
सीएम साय ने कहा कि अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। इसके साथ ही राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी सेवाएँ यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा प्रदान कर रही हैं।
देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर/अंडरपास तथा ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना से रेल सुविधा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इन युगांतकारी पहलों के लिए हृदय से धन्यवाद दिया है और कहा कि यह विकास केवल रेल पटरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के व्यापार, पर्यटन, उद्योग, रोजगार और आमजन के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।
14 परिवारों के 66 सदस्यों ने की घर वापसी, विधायक भावना बोहरा ने पैर पखारकर किया स्वागत
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में धर्मांतरण के मुद्दों के बीच अब ‘घर वापसी’ का अभियान तेज होता जा रहा है. पंडरिया विधायक भावना बोहरा की विशेष पहल पर दमगढ़ क्षेत्र के चार गांवों के 14 परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल सनातन धर्म में वापसी की है. इस कार्यक्रम में कुल 66 सदस्यों का पारंपरिक विधि-विधान से स्वागत किया गया.

पैर पखारकर किया गया स्वागत
धर्मवापसी के इस विशेष कार्यक्रम में विधायक भावना बोहरा ने खुद परिवारों का स्वागत किया. इस दौरान लौटने वाले सदस्यों के पैर पखारकर उन्हें सम्मान दिया गया और उपहार भेंट किए गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि ये परिवार लंबे समय से ईसाई मिशनरियों के संपर्क में थे, लेकिन अब उन्होंने स्वेच्छा से अपने मूल धर्म की ओर लौटने का निर्णय लिया है.

भ्रम और लालच का आरोप
क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि मिशनरी एजेंट अक्सर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की कमी का फायदा उठाते हैं. भोले-भाले आदिवासियों को बीमारी ठीक करने और आर्थिक सहायता जैसे प्रलोभन देकर भ्रमित किया जाता है. कई परिवारों ने स्वीकार किया कि वादे पूरे न होने और अपनी मूल संस्कृति से कटने के कारण वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे.
आस्था की रक्षा जरूरी : विधायक बोहरा
विधायक भावना बोहरा ने इस मौके पर कहा, “आदिवासी समाज की आस्था और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है. यह अभियान किसी के विरोध में नहीं है, बल्कि उन लोगों को सही जानकारी देकर वापस लाने का प्रयास है जो किसी भ्रम या लालच में अपना मूल विश्वास छोड़ चुके थे.” उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है ताकि कोई उन्हें गुमराह न कर सके.
अब तक 265 लोगों की हुई घर वापसी
रिकॉर्ड के अनुसार, पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में अब तक लगभग 265 लोग सनातन धर्म में वापस लौट चुके हैं. इस गतिविधि ने इलाके में एक नई सामाजिक और राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है. समर्थकों का मानना है कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक एकजुटता मजबूत होगी.
खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सख्त, कई जिलों में हुई औचक जांच और बड़ी कार्रवाई
रायपुर। प्रदेश में आम जनता को सुरक्षित और मानक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार औचक निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में बीते दिनों राज्य के कई जिलों में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया, जिसमें गुटखा, दुग्ध उत्पाद और अन्य खाद्य सामग्रियों पर बड़ी कार्रवाई की गई।

धमतरी जिले में 73 परिसरों का निरीक्षण
खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी ने जनवरी 2026 में कुल 73 खाद्य परिसरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 14 परिसरों को आवश्यक सुधार के लिए निर्देशित किया गया। इस अवधि में 1 खाद्य नमूना संग्रहित किया गया। 2 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर रमन स्वीट्स, बस स्टैंड धमतरी से ‘ढोकना’ का नमूना संकलित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। इसके अतिरिक्त खाद्य पदार्थ परोसने में अखबारी कागज के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया गया। सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को फॉसटैक प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण-पत्र परिसर में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
बलौदाबाजार-भाटापारा में पोहा मिलों पर कार्रवाई
जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में जनवरी 2026 के दौरान भाटापारा स्थित मातारानी इंडस्ट्रीज (सेमरिया रोड, खोखली), महासती उद्योग (सूरजपुरा रोड) एवं एन.एस. इंडस्ट्रीज (खोखली) का निरीक्षण किया गया। मातारानी इंडस्ट्रीज में खाद्य लेबल पर विनिर्माता के स्थान पर अन्य फर्म का नाम एवं पता अंकित पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई।महासती उद्योग से पोहा का विधिक नमूना लिया गया। एन.एस. इंडस्ट्रीज में नवीनीकरण के समय फोरेंकोस में अपलोड किए गए स्व-निरीक्षण प्रतिवेदन में असत्य जानकारी पाए जाने पर निरीक्षण कर पोहा एवं नायलॉन पोहा के विधिक नमूने लिए गए तथा नोटिस जारी किया गया। इस माह जिले में कुल 5 विधिक नमूने संकलित किए गए और 1 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
महासमुंद में गुटखा जब्ती, 15.50 लाख का जुर्माना
जिला महासमुंद में जनवरी 2026 के दौरान निरीक्षण के समय कुल 13 नमूने संकलित किए गए, जिनमें 8 विधिक, 4 सर्विलेंस नमूने तथा 1 सूचना सुधार प्रकरण शामिल है। कार्रवाई के दौरान 92,352 पाउच प्रतिबंधित गुटखा, 2 किलोग्राम बेसन एवं 500 ग्राम बारीक सेव (अवमानक तिथि पार) जब्त की गई। न्याय निर्णयन अधिकारी द्वारा संबंधित प्रकरणों में 15,50,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसके अतिरिक्त बिना अनुज्ञप्ति/पंजीयन के 2 प्रकरणों में धारा 69 (कंपाउंडिंग) के अंतर्गत 20,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 51 नग अखाद्य रंग नष्ट किए गए।
रायगढ़ में संदिग्ध वाहन से दुग्ध उत्पाद जब्त
जिला रायगढ़ में संदिग्ध पिकअप वाहन द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विक्रय के लिए परिवहन की जा रही लगभग 2 लाख रुपये मूल्य की दुग्ध उत्पाद सामग्री (कॉलेज एनालॉग एवं दही) जब्त की गई। नमूने गुणवत्ता जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने निरंतर सघन निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
नक्सलवाद का डर खत्म, अब विकास की बारी: कोयलीबेड़ा के 68 गांवों ने सुविधाओं के लिए खोला मोर्चा
कांकेर। एक समय था अतिसंवेदनशील कोयलीबेड़ा इलाके में विकास की सुविधाओं को लोग तरसते थे. विकास की गति को नक्सली रोका करते थे, लेकिन अब जब इलाके से नक्सलवाद समाप्त होता जा रहा है तो पूरा इलाका एक होकर सड़क पर उतर आया है. 18 ग्राम पंचायत के 68 गांव के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंक, कार्यालय सहित अन्य सुविधाएं मांग रहे हैं.
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाका नक्सवाद ग्रस्त इलाको में सबसे अतिसंवेदनशील है. इस इलाके में नक्सलियों की दहशत की वजह से अंदरूनी इलाकों में विकास के पाव रुक गए थे. सरकार इसी नक्सलवाद को खत्म कर शांति और विकास की बागडोर संभाल कर सुविधा प्रदान करने मुहिम छेड़ रखी है. अब जब इलाके से नक्सलवाद अंतिम सांसे गिन रहा है तो लोगों की उम्मीदें बढ़ने लगी है. लोग अब वर्षों से महरूम रहे सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. आज कोयलीबेड़ा इलाके के 18 ग्राम पंचायत के 68 गांव के ग्रामीणों ने 5 सूत्रीय मांगों को लेकर चक्काजाम और धरना प्रदर्शन किया.

ब्लॉक मुख्यालय कोयलीबेड़ा में नहीं बैठते अधिकारी
ग्रामीणों का कहना है कि कोयलीबेड़ा ब्लॉक मुख्यालय होने के बावजूद कोयलीबेड़ा में अधिकारी नहीं बैठते. सभी कार्यालय और उनके अधिकारी 50 किलोमीटर दूर पखांजूर में कार्यालय चला रहे हैं, जिससे इलाके के सभी गांवों के लोगों को लंबी दूरी तय कर जाना पड़ता है. मांग के बावजूद लोगों की मांगे केवल मांगे बनकर ही रह गई है. वहीं 68 गांव के ग्रामीणों के बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल रही है.
लंबे समय से कर रहे महाविद्यालय की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की हालत जर्जर है, महाविद्यालय की मांग लंबे समय से कर रहे है. बारहवीं के बाद बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए 50 किलोमीटर दूर भानुप्रतापपुर जाना पड़ता है. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं. स्वास्थ्य का भी बुरा हाल है. सुविधा केवल कागजो में सिमट कर रह गई है. एक एम्बुलेंस, महिला डॉक्टर सहित अन्य डॉक्टरों की कमी, उपकरणों की कमी सहित अन्य दिक्कतों ने लोगों को परेशान कर रखा है.

धान का पैसा लेने जाना पड़ता है 50 किमी दूर
इस इलाके के लोग किसानी कार्य पर निर्भर है. सभी ग्रामीण सरकार की योजनाओं के तहत अपनी उपज बेच रहे हैं, लेकिन पैसे 50 किलोमीटर दूर भानुप्रतापपुर में सप्ताह में केवल एक दिन बुधवार को दिया जाता हैं. पैसा नहीं मिलने पर किसान वापस लौट आते हैं. लंबे समय से सहकारी बैंक खुलने की मांग करने के बावजूद अब तक नहीं खोला गया. ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी जायज मांगे है, जिन्हें अगर सरकार और प्रशासन नहीं सुनती है तो आने वाले समय में ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे.
भारतीय किसान संघ ने कवर्धा-पंडरिया मार्ग पर किया चक्काजाम, गन्ने के दाम और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने मोर्चा खोल दिया है. सोमवार को गन्ने की कीमत में वृद्धि और धान खरीदी की अंतिम तिथि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने कवर्धा-पंडरिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया. इस प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों और आम जनता को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा.
5 साल से स्थिर है गन्ने का दाम, किसानों में आक्रोश
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष डोमन चंद्रवंशी ने बताया कि स्थानीय शक्कर कारखाने में पिछले पांच वर्षों से गन्ने की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. उन्होंने तर्क दिया कि अन्य राज्यों और निजी फैक्ट्रियों में गन्ने का दाम ₹500 प्रति क्विंटल तक पहुंच चुका है, जबकि यहां के किसानों को पुराना रेट ही दिया जा रहा है. इसके अलावा, शुगर मिल द्वारा किसानों का पुराना भुगतान भी अब तक पूरा नहीं किया गया है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
धान खरीदी की मियाद बढ़ाने की मांग
गन्ने के अलावा, किसान संघ ने धान खरीदी को लेकर भी सरकार को घेरा है. संघ का कहना है कि जिले में अभी भी हजारों किसान ऐसे हैं जिनका धान केंद्रों तक नहीं पहुंच पाया है. किसानों ने मांग की है कि कोई भी पात्र किसान धान बेचने से वंचित न रहे, इसके लिए धान खरीदी की तारीख को तत्काल आगे बढ़ाया जाए. साथ ही, शुगर मिल में लंबित भुगतान का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए.
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह प्रदर्शन फिलहाल सांकेतिक है. यदि प्रशासन ने गन्ने की कीमतों और धान खरीदी की समय-सीमा पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में जिले भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा. मौके पर तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे.
एजेंट–कर्मचारियों की मिलीभगत से खाताधारकों को नुकसान, उपभोक्ता आयोग ने डाक विभाग को माना जिम्मेदार, 1.91 करोड़ भुगतान का दिया आदेश
रायपुर। डाक बचत खातों में हुई बड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भारतीय डाक विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए खाताधारकों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने एजेंट एवं विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत को सेवा में गंभीर कमी मानते हुए डाक विभाग को 1.91 करोड़ रुपये से अधिक की परिपक्वता राशि ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है।
परिवादी अनिल कुमार पाण्डेय, उनकी पत्नी एवं पुत्री द्वारा डाक बचत अभिकर्ता भूपेन्द्र पाण्डेय एवं आकांक्षा पाण्डेय के माध्यम से पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय डाकघर में अगस्त 2016 से नवंबर 2020 के बीच कुल 19 टीडीआर खाते एवं 2 आवर्ती जमा खाते खोले गए थे। इन खातों की कुल परिपक्वता राशि 1 करोड़ 97 लाख 42 हजार 705 रुपये थी। परिवादियों के अनुसार, पूर्व में परिपक्व खातों की राशि के पुनर्निवेश के लिए पोस्टमास्टर के नाम से चेक जारी किए गए थे। सभी खातों की पासबुक एजेंट ने उपलब्ध कराई, जिन पर डाकघर की सील एवं पोस्टमास्टर के हस्ताक्षर अंकित थे।
बिना अनुमति निकासी का आरोप
परिवाद में आरोप लगाया गया कि डाक विभाग के पोस्टमास्टर ने एजेंट से मिलीभगत कर परिवादीगण की अनुमति के बिना खातों से राशि आहरण की अनुमति दी। इस संबंध में लिखित शिकायत किए जाने के बावजूद न तो खातों को ब्लॉक किया गया और न ही किसी प्रकार की जानकारी दी गई। डाक विभाग ने अपने बचाव में आंतरिक जांच का हवाला देते हुए एजेंट द्वारा पासबुक में कूटरचना का दावा किया और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा। साथ ही यह तर्क दिया गया कि एजेंट की नियुक्ति कलेक्टर करते हैं, इसलिए उन्हें पक्षकार बनाया जाना चाहिए था। हालांकि आयोग ने दस्तावेजों और पासबुक के अवलोकन के बाद स्पष्ट किया कि पोस्टमास्टर या विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना न तो पासबुक जारी हो सकती थी और न ही खातों से राशि की निकासी संभव थी।
आयोग की सख्त टिप्पणी
आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि एजेंट को दोषी पाए जाने के बावजूद विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो सेवा में गंभीर कमी को दर्शाता है। राज्य उपभोक्ता आयोग ने परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 18 टीडीआर खातों की परिपक्वता राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। आदेशानुसार भारतीय डाक विभाग को 45 दिवस के भीतर 18 टीडीआर खातों की परिपक्वता राशि: ₹1,91,39,965/- पर 20.11.2023 से 6% वार्षिक साधारण ब्याज, मानसिक पीड़ा एवं उत्पीड़न के लिए क्षतिपूर्ति: ₹1,00,000/ और वाद व्यय: 15,000 रुपए भुगतान करना होगा। यह फैसला डाक बचत योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।
बोर्ड परीक्षा से पहले शुरू हुई हेल्पलाइन सेवा, छात्रों को मिलेगी हर मदद
रायपुर। बोर्ड परीक्षाओं के सुचारु आयोजन और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व ही हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी गई है। यह हेल्पलाइन हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी एवं हायर सेकेंडरी व्यावसायिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए संचालित की जा रही है।
हेल्पलाइन सेंटर से विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 1800-233-4363 पर सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक फोन कर सहायता ली जा सकती है.
हेल्पलाइन में प्रतिदिन मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, शैक्षिक अभिप्रेरक तथा मण्डल के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो परीक्षा से जुड़े तनाव, मार्गदर्शन और अन्य शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करेंगे। खास बात यह है कि यह सेवा रविवार के दिनों में भी कार्यालयीन समय में उपलब्ध रहेगी। माशिमं ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या या तनाव की स्थिति में हेल्पलाइन का लाभ उठाएं, ताकि परीक्षाएं तनावमुक्त माहौल में संपन्न हो सकें।
"किसानों से माफी मांगे सरकार": दीपक बैज ने धान खरीदी में कटौती और केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा पर घेरा
रायपुर। जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और उनकी 2017 की इजरायल यात्रा के दावों पर पीसीसी चीफ दीपक बैज (PCC Chief Baij) का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स मामले में केंद्र सरकार चुप क्यों हैं? सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए. हालांकि इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि इजरायल दौरे के अलावा कही गई बातें एक दोषी की बकवास और निरधार कल्पनाएं है. इसे पूरी तरह तिरस्कार के साथ खारिज किया जाना चाहिए.
गरियाबंद हिंसा मामले : बैज ने लॉ एंड ऑडर पर उठाए सवाल
गरियाबंद हिंसा मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है. गरियाबंद के फिंगेश्वर में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर कहा कि सरकार कहां है, कौन इसका जिम्मेदार है. लॉ एंड ऑर्डर कहां है, सरकार ने आग में झोंक दिया है. समय पर रोक कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं घटती. बैज ने लॉ एंड ऑर्डर खराब होने के चलते घटना घटी की बात कहते हुए न्यायिक जांच की मांग की है.
धान खरीदी को लेकर बिफरे बैज
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार की तीन नाकामियों को लेकर पीसी कर रहे हैं. धान खरीदी को लेकर किसान परेशान हैं. उन्होंने बताया कि सरकार का घोषित लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन था. पिछले साल से 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन धान कम खरीदा गया. कई किसानों का पंजीयन हुआ, लेकिन टोकन नहीं दिया गया है. सरकार का रवैया किसानों के प्रति सही नहीं है. बैज ने आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ सरकार लगातार षड्यंत्र कर रही है. 29 जिलों में धान की खरीदी कम हुई है.
किसानों से मांफी मांगे सरकार : दीपक बैज
दीपक बैज ने कहा कि कम धान खरीदी पर सरकार ने जश्न भी मनाया. सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों से माफी मांगे. धान खरीदी की तारीख की मांग को दोहराते हुए कहा कि किसानों के लिए कांग्रेस ने सड़को पर उतरकर प्रदर्शन किया, बचे हुए किसानों का टोकन काटने की मांग की. लेकिन गूंगी बहरी सरकार आंख बंद कर चुप रही. किसान परेशान और चिंतित है. बैज ने कहा कि यह हटधर्मिता और किसान विरोधी सरकार है. सरकार का इतना जिद्द ठीक नहीं है. सरकार को एक सर्कुलेशन जारी कर बचे हुए किसानों का धान खरीदना चाहिए. धान खरीदी में सरकार फेल है.
बजट 2026 में छत्तीसगढ़ को ठगा : दीपक बैज
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ को इस बार के बजट में भी ठगा गया. माइनिंग का विशेष कॉरिडोर बनाने का निर्णय हुआ. चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट है. बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई है.
रायपुर में खुलेगा छत्तीसगढ़ का पहला राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान, सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल से युवाओं के लिए रोजगार का नया अध्याय
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। राजधानी रायपुर में राज्य का पहला राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) खोले जाने का रास्ता साफ हो गया है। यह महत्वपूर्ण जानकारी लोकसभा में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने दी है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री जयंत चौधरी ने अपने बताया कि, रायपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। भूमि उपलब्ध होते ही इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पीएम-सेतु योजना के तहत मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगारपरकता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना के अंतर्गत देशभर में आईटीआई और एनएसटीआई को आधुनिक, उद्योग-अनुकूल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि रोजगार से सीधे जोड़ना है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस विषय को लोकसभा में गंभीरता से उठाते हुए छत्तीसगढ़ में आईटीआई के उन्नयन, नए युग के पाठ्यक्रम, उद्योग सहभागिता और शिक्षुता के अवसरों को लेकर सरकार से मांग की थी। जिसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने राज्य में एनएसटीआई स्थापना की मंशा स्पष्ट की है।
युवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
एनएसटीआई की स्थापना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण मिलेगा। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, उन्नत तकनीकी ट्रेड, प्रशिक्षकों का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और उद्योग आधारित कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी।
छत्तीसगढ़ में कौशल विकास को मिली नई दिशा
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योग सहभागिता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। मॉडल आईटीआई योजना के अंतर्गत भिलाई के शासकीय आईटीआई का उन्नयन भिलाई स्टील प्लांट के सहयोग से किया गया है, वहीं सार्वजनिक-निजी भागीदारी योजना के अंतर्गत राज्य में 42 आईटीआई का उन्नयन हो चुका है।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2022-23 से दिसंबर 2025 तक छत्तीसगढ़ में 21 हजार से अधिक शिक्षुओं को उद्योगों में प्रशिक्षण का अवसर मिला है, जिनमें बड़ी संख्या आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं की है।
राज्य में कुल 215 सरकारी और निजी आईटीआई एवं आईटीसी में 728 ट्रेड में 32072 सीटें है जिनमें 23970 छात्र नामांकित हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार से की त्वरित पहल की अपील
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि एनएसटीआई के लिए शीघ्र भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि यह महत्वपूर्ण परियोजना जल्द धरातल पर उतर सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं को कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर और रोजगारपरक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ को इस राष्ट्रीय प्रयास से जोड़ना उनकी प्राथमिकता रही है और आगे भी वे राज्य के हित में ऐसे मुद्दे संसद में मजबूती से उठाते रहेंगे।
विकसित भारत में छत्तीसगढ़ की मजबूत भागीदारी
सांसद बृजमोहन अग्रवाल कहना है कि, एनएसटीआई की स्थापना से छत्तीसगढ़ न केवल कौशल विकास के राष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त रूप से उभरेगा, बल्कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प में राज्य की भूमिका और भी मजबूत होगी। यह संस्थान आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगा।
