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दीपावली पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया स्वच्छता दीदियों व कमांडो के साथ जलपान एवं स्नेहिल सम्मान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार दीपावली के अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा के स्थानीय विधायक विजय शर्मा ने स्वच्छता कर्मियों का आत्मीय सम्मान कर एक मिसाल कायम की। उन्होंने अपने कवर्धा स्थित निवास में नगर पालिका क्षेत्र के लगभग 200 स्वच्छता दीदी और स्वच्छता कमांडो को आमंत्रित कर उनके साथ जलपान किया और स्नेहपूर्वक उपहार, मिठाई व फटाखे भेंट किए।


यह आयोजन दीपावली के दिन स्वच्छता योद्धाओं के सम्मान के रूप में पूरे प्रदेश में अपनी तरह का पहला आयोजन रहा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चन्द्रवंशी, वीर सिंह पटेल, शिव अग्रवाल, सीएमओ रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वच्छता दीदी और कमांडो उपस्थित थे।


उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि दीपावली का अर्थ केवल अपने घर को दीपों से सजाना नहीं, बल्कि उन हाथों का सम्मान करना भी है जो हमारे नगर को प्रतिदिन स्वच्छ और सुंदर बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मी हमारे समाज के ‘स्वच्छता के प्रकाश दीप’ हैं। जिस तरह दीपक अंधकार को मिटाता है, उसी तरह ये कर्मवीर स्वच्छता योद्धा हमारे जीवन से गंदगी और अव्यवस्था को दूर करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को धरातल पर सफल बनाने में इन स्वच्छता दीदी और भाइयों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। श्री शर्मा ने नगर पालिका अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर स्वच्छता कर्मियों से संवाद स्थापित करें और उनके कार्यों की सराहना करें।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता दीदियों ने कहा कि उपमुख्यमंत्री द्वारा मिला यह सम्मान उनके लिए प्रेरणादायक है और इससे उनका मनोबल कई गुना बढ़ा है। उन्होंने नगर की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दोहराते हुए श्री शर्मा को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। सभी स्वच्छता कर्मियों ने भी सामूहिक रूप से कवर्धा के स्थानीय विधायक विजय शर्मा के इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।
नगरवासियों और सामाजिक संगठनों ने भी उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के इस अभिनव पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि समाज में सबसे अधिक सम्मान के पात्र वे लोग हैं जो बिना किसी प्रचार के प्रतिदिन सुबह से पहले उठकर पूरे नगर को स्वच्छ बनाते हैं। इस आत्मीय आयोजन पर उपस्थित समस्त लोगों ने स्वच्छता कर्मियों के अथक परिश्रम को सराहा।
स्वच्छताकर्मी ही वही वास्तविक दीप है जो स्वच्छता का प्रकाश प्रसारित करते है
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि आज का यह आयोजन केवल उपहार वितरण का कार्यक्रम नहीं था बल्कि समाज में स्वच्छता कर्मियों की गरिमा और महत्व को स्थापित करने का एक सशक्त संदेश था जिसने यह सिद्ध किया कि वास्तविक दीप वही हैं जो अपने कर्म से दूसरे के जीवन में प्रकाश फैलाते हैं।
वन विज्ञान केंद्र : आदिवासियों और किसानों की आजीविका को मिलेगी नई उड़ान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में वन आधारित अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सतत प्रयासों और वनांचल के विकास की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप, आसना पार्क में प्रदेश का पहला वन विज्ञान केंद्र स्थापित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमेशा से आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान और उनके जीवन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सशक्त करने पर जोर दिया है और यह केंद्र उनके इसी विज़न को साकार करेगा।
संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से मात्र पांच किलोमीटर दूर स्थित वन विज्ञान केंद्र की स्थापना में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप का विशेष प्रयास रहा है। उनकी पहल पर केंद्र को स्वीकृति मिली है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के कारण वनोपजों की गिरती मात्रा को रोकने के साथ अधिक उत्पादन हेतु शोध करते हुए ग्रामीणों की आय को तेजी से बढ़ाना है। यह केंद्र न केवल स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति को सशक्त करेगा, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ज्ञान और तकनीक का अनूठा संगम
100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले आसना वन विज्ञान केंद्र वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने का एक मॉडल बनेगा। केंद्र में स्थानीय आदिवासियों और वन कर्मियों को कृषि-वानिकी, औषधीय पौधों की खेती, वनोपज के मूल्य संवर्धन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसी नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां सागौन और हल्दी जैसी फसलों के साथ मिश्रित खेती के मॉडल किसानों को आय और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही यहां सर्पगंधा, अश्वगंधा, ब्राह्मी जैसे पौधों की खेती, जिसमें भंडारण और प्रसंस्करण की तकनीकों पर विशेष जोर रहेगा। इस केंद्र में इमली, गोंद, और महुआ जैसे वनोपज के प्रसंस्करण से लोगों की आय में वृद्धि होगी। यहां मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे मॉडल ग्रामीणों को नए रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र
वन विज्ञान केंद्र को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें व्याख्यान कक्ष, प्रदर्शन हॉल, और प्रशिक्षुओं के लिए आवासीय सुविधाएं रहेंगी। साथ ही मृदा परीक्षण, पानी की गुणवत्ता विश्लेषण और औषधीय पौधों की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी। दुर्लभ और संकटग्रस्त वन प्रजातियों के संरक्षण के लिए जर्मप्लाज्म संरक्षण इकाई भी बनेगी।
शोध और नवाचार का केंद्र
यह केंद्र केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इसे उच्च स्तरीय शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ वन्य उत्पादों के उत्पादन और प्रसंस्करण पर वैज्ञानिक अनुसंधान होगा। यह स्थानीय उत्पादों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बाजार तक पहुँचाने में मदद करेगा, जिससे ग्रामीणों को अधिकतम लाभ मिलेगा। बस्तर वन मंडल के वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि वनांचल विज्ञान केंद्र आसना बस्तर के आदिवासी समुदायों के लिए एक नई सुबह लेकर आएगा। यह केंद्र पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगा। उनकी आजीविका को मजबूत करेगा और वन संरक्षण के साथ आर्थिक विकास में संतुलन स्थापित करेगा। यह केंद्र बस्तर की वन संपदा और स्थानीय ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़कर एक नया इतिहास रचेगा। आने वाला समय बस्तर के वनवासी आत्मनिर्भरता और समृद्ध का होेगे और वनांचल विज्ञान केंद्र इसकी नींव बनेगा।
राज्योत्सव से पहले सरकार हो सकती बड़ी प्रशासनिक सर्जरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई वाली सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद अब मंत्रालय में अधिकारियों की अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि राज्योत्सव से पहले सरकार बड़ी प्रशासनिक सर्जरी कर सकती है, जिसके तहत कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदले जाएंगे।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में हुई कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में प्राप्त फीडबैक और मूल्यांकन के आधार पर बदलाव की सूची तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री साय और मुख्य सचिव ने कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रत्येक जिले के कामकाज की समीक्षा की थी। कुछ जिलों के कलेक्टरों की कार्यशैली की सराहना हुई, वहीं कुछ के कामकाज पर असंतोष भी जाहिर किया गया।
सूत्रों के अनुसार, छोटे जिलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलेक्टरों को बड़े और महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, जिन अधिकारियों का कार्यकाल तीन साल से अधिक हो गया है, उन्हें प्रशासनिक परंपरा के तहत स्थानांतरित किया जा सकता है।
इस बार होने वाले फेरबदल में कई कारक प्रभाव डाल सकते हैं। कुछ आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) पर जाने की तैयारी में हैं, जबकि कुछ अधिकारी प्रतिनियुक्ति से लौटकर राज्य प्रशासन में शामिल होंगे। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफर लिस्ट का मसौदा तैयार किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इस फेरबदल में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का भी असर देखा जा सकता है। हाल ही में उन्होंने कोरबा कलेक्टर के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई थी। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के दौरान कंवर को नजरबंद करना पड़ा था, जिसके बाद वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से मुलाकात के बाद शांत हुए थे। यह घटनाक्रम भी कुछ जिलों में संभावित बदलावों को प्रभावित कर सकता है। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करना है। नए मुख्य सचिव के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की टीम राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए काम कर रही है।
दिवाली पर चैतन्य बघेल से मिलने आज भूपेश बघेल को नहीं मिली अनुमति
रायपुर। आज पूरा देश दीपावली मना रहा। इस बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक भावनात्मक ट्वीट किया है. उन्होंने सोशल साइट एक्स पर लिखा- दिवाली पर मुझे जेल में बंद अपने बेटे चैतन्य बघेल से मिलने की अनुमति नहीं मिली. दो दशक पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बाबूजी को जेल भेजा था, पर दीवाली के दिन उनसे मिलने की छूट मिल गई थी.
बघेल ने कहा है, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की कृपा से बेटा जेल में है. आज दीवाली है, पर मुझे उससे मिलने की अनुमति नहीं है. बहरहाल, सबको दीवाली की शुभकामनाएं. भूपेश बघेल के इस ट्वीट के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दीपावली के अवसर पर स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी की
रायपुर/कवर्धा। दीपावली के शुभ पर्व पर राजधानी रायपुर के बाजारों में सोमवार सुबह से ही रौनक देखने को मिल रही है। फुल-पान, पूजा-सामग्री से लेकर मिठाई और कपड़ों की दुकानों तक खरीददारों की लंबी कतारें नजर आईं। पुरानी बस्ती, गोलबाजार और शंकर नगर जैसे प्रमुख बाजारों में दिनभर भीड़ उमड़ी।
त्योहारी भीड़ को देखते हुए शहर के सभी प्रमुख क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं मालवीय रोड और जयस्तंभ चौक की ओर चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
इधर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दीपावली के मौके पर 'वोकल फॉर लोकल' के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कवर्धा के स्थानीय बाजारों में खरीदारी की। उन्होंने आमजन से आत्मीय मुलाक़ात की ओर छोटे व्यवसायियों को प्रोत्साहित करते हुए स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का संदेश दिया। शर्मा ने सोशल मिडिया पर बाजार भ्रमण की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि, स्वदेशी खरीद से स्थानीय व्यापर को बल मिलने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी सशक्त होता है.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं की दिल्ली में 23 अक्टूबर को अहम बैठक
रायपुर। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अध्यक्षों के चयन के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी है। बताया गया कि पार्टी हाईकमान की प्रदेश के नेताओं के साथ 23 तारीख को दिल्ली में बैठक होगी। बैठक में पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर मंत्रणा होगी। एआईसीसी ने प्रदेश के सभी 41 संगठन जिलों में अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए पर्यवेक्षक भेजे थे। पर्यवेक्षकों ने जिलों में जाकर रायशुमारी की। इस बार पर्यवेक्षकों ने बुद्धिजीवियों से भी राय ली थी।
सभी पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट एआईसीसी को सौंप दी है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक-दो को छोड़कर बाकी जिलों में अधिकतम छह नाम का पैनल दिया गया है। अकेले दुर्ग ग्रामीण में निवर्तमान जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर को रिपीट करने की अनुशंसा की गई है। बताया गया कि दुर्ग ग्रामीण में राकेश ठाकुर किसी और ने आवेदन नहीं किए हैं। रायपुर शहर अध्यक्ष पद के सर्वाधिक 28 दावेदार थे। इनमें से 6 का पैनल तैयार हुआ है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर एआईसीसी के प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल, और अन्य नेता गुरुवार वार को प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के साथ बैठक करेंगे। इसमें पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर चर्चा होगी।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के नेताओं से जिला अध्यक्षों को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। माना जा रहा है कि नवंबर के पहले हफ्ते में जिला अध्यक्षों की सूची जारी कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों दीपावली और गोवर्धन पूजा की दी हार्दिक शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व प्रकाश, सत्य और सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपों का यह उत्सव हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आशा का संचार करता है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे दीपावली को स्वदेशी भावना के साथ, पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए मनाएं और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण के प्रति हमारी श्रद्धा और आभार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें यह सिखाती है कि प्रकृति का संरक्षण ही समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दीपावली और गोवर्धन पूजा का यह पावन अवसर छत्तीसगढ़ राज्य में खुशहाली, समृद्धि और विकास की नई रोशनी लेकर आएगा तथा हर घर में आनंद, शांति और उजाला फैलाएगा।
पुस्तक भंडार की आड़ में अवैध पटाखा कारोबार का भंडाफोड़
सूरजपुर। त्यौहारों का मौसम जहां रौनक और खरीदारी की चकाचौंध लेकर आता है, वहीं कुछ दुकानदार कानून को ताक पर रखकर अपनी लालच के लिए लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सूरजपुर जिले से सामने आया है, जहां पुलिस ने पुस्तक भंडार की आड़ में अवैध रूप से पटाखों का कारोबार कर रहे दुकानदार का पर्दाफाश किया। कोतवाली थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के प्रमुख बाज़ार में एक पुस्तक विक्रेता दुकान के पीछे बड़े पैमाने पर अवैध पटाखों का स्टॉक रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस ने दुकान के पिछले हिस्से से लाखों रुपये के विभिन्न प्रकार के पटाखे जब्त किए।
जांच में यह भी पता चला कि दुकानदार के पास पटाखों के भंडारण और बिक्री का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान इस तरह का अवैध पटाखा भंडारण किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकता था। दुकान न तो फायर सेफ्टी मापदंडों पर खरी थी और न ही वहां किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। आसपास की दुकानों और ग्राहकों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। पुलिस ने मौके पर ही दुकानदार के खिलाफ Explosives Act और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। जब्त पटाखों की कुल कीमत लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये आंकी गई है। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि दीपावली और छठ पर्व को देखते हुए क्षेत्र में लगातार गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही पटाखे खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर अवैध पटाखों का कारोबार करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस ने बताया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से शहर के प्रमुख बाज़ारों में विशेष पेट्रोलिंग और चौकसी बढ़ा दी गई है। लोग सुरक्षित तरीके से त्यौहार मनाएं, इसके लिए पुलिस सतत निगरानी कर रही है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यह कदम आने वाले बड़े हादसों को रोकने में मदद करेगा। दुकानदारों को भी कानून का पालन करना होगा और सुरक्षा नियमों के अनुसार ही पटाखों का भंडारण और बिक्री करना होगी। पुलिस ने आगे बताया कि जब्त पटाखों को विधिवत तरीके से नष्ट किया जाएगा और भविष्य में ऐसे अवैध कारोबार पर लगातार नज़र रखी जाएगी। प्रशासन की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि किसी भी प्रकार का अवैध पटाखा कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और त्यौहारों के दौरान जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस कार्रवाई से सूरजपुर जिले में अवैध पटाखा भंडारण और बिक्री करने वालों के लिए चेतावनी का संदेश गया है। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई से जनता सुरक्षित तरीके से त्यौहार मना सकेगी और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना कम होगी।
कलेक्टर की सख्ती से महासमुंद जिले में 10 अवैध रेत भंडारण की होगी नीलामी
महासमुंद। जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कलेक्टर विनय लंगेह की सख्त कार्रवाई रंग लाई है। खनिज विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई के तहत जब्त किए गए अवैध रेत को 10 अलग-अलग ब्लॉकों में विभाजित कर पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से नीलाम किया गया। इस नीलामी से शासन को कुल 7 करोड़ 41 लाख 5 हजार 706 रुपए का राजस्व प्राप्त होगा। नीलामी में 9 ब्लॉकों से अब तक 6 करोड़ 69 लाख 63 हजार 266 रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है, जबकि एक ब्लॉक बरबसपुर-सी की नीलामी राशि 56 लाख 39 हजार 840 रुपए शेष है। इस कार्रवाई को जिले में खनिजों की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
ज्ञात हो कि कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम पंचायत बरबसपुर, घोड़ारी, बड़गांव और बिरकोनी क्षेत्र में सरकारी और निजी भूमि पर अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त किया था। इसके पश्चात खनिज विभाग ने एरियल ड्रोन सर्वे के माध्यम से जब्त रेत की सटीक मात्रा का निर्धारण किया, जिसमें कुल 2,61,323 घनमीटर अवैध भंडारण पाया गया। इसके बाद 4 जुलाई 2025 को समाचार पत्र के माध्यम से दावा-आपत्ति आमंत्रण जारी किया गया। हालांकि, भंडारणकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत दावे एरियल ड्रोन सर्वे में प्राप्त मात्रा से कम पाए गए। परिणामस्वरूप विभिन्न सरकारी और निजी भूमि में अवैध रूप से भंडारित रेत को खनिज राजस्व और पुलिस विभाग ने सयुक्त रूप से जब्त किया।
खनिज विभाग ने बताया कि दावा-आपत्ति में यदि किसी अवैध रेत भंडारणकर्ता ने कम मात्रा दर्शाई, तो उन पर अधिरोपित अर्थदंड/समझौता राशि से शासन को होने वाले राजस्व हानि की स्थिति में समस्त दावा आपत्ति आवेदन को खारिज कर दिया गया। कलेक्टर विनय लंगेह की पहल पर जब्त रेत को बरबसपुर-ए, बरबसपुर-बी, बरबसपुर-सी, घोड़ारी-डी, बड़गांव-ई, बड़गांव-एफ, बड़गांव-जी, बिरकोनी-एच, बिरकोनी-आई और बिरकोनी-जे ब्लॉकों में बांटकर पारदर्शी नीलामी की गई। 9 ब्लॉकों से सफल बोलीदाताओं ने 6,69,63,266 रुपए जमा किए। बरबसपुर-सी ब्लॉक से 56,39,840 रुपए की राशि शेष है। इसके साथ आवेदन शुल्क 4,30,000 रुपए और जप्त कार्यपालन प्रतिभूति 10,72,600 रुपए जोड़े जाने पर कुल 7,41,05,706 रुपए शासन को प्राप्त होंगे।
कलेक्टर लंगेह ने स्पष्ट कहा कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसे कृत्य पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खनिज विभाग को सतत अभियान चलाकर जिले में जांच जारी रखने के निर्देश दिए, ताकि खनिज संसाधनों का सुरक्षित और वैधानिक दोहन सुनिश्चित किया जा सके। इस निर्णायक कार्रवाई से जिले को करोड़ों का राजस्व लाभ हुआ है और खनन नियंत्रण व्यवस्था में सख्ती एवं पारदर्शिता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इस पहल ने न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया है बल्कि जिले में खनिज संसाधनों के सुरक्षित और वैधानिक उपयोग के लिए मॉडल तैयार किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से अवैध रेत व्यापार में लगे गिरोहों में डर का माहौल बनेगा और भविष्य में कोई भी व्यक्ति अवैध खनन, परिवहन या भंडारण के जोखिम में नहीं आएगा। इस पहल के तहत खनिज विभाग द्वारा एरियल ड्रोन सर्वे और तकनीकी सहायता का उपयोग करना भी जिले में खनिज निगरानी तंत्र को मजबूत करता है। कलेक्टर ने आम जनता और राजस्व अधिकारियों से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें ताकि शासन और प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया से प्राप्त राजस्व का उपयोग विकास कार्यों और सामाजिक कल्याण के लिए किया जाएगा।
धरती आबा के आंगन से विज्ञान भवन तक-कोरिया की विकास गाथा को मिली राष्ट्रीय पहचान, राष्ट्रपति के हाथों कलेक्टर को मिला सम्मान
रायपुर। देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ऑन आदि कर्मयोगी अभियान’ में छत्तीगसढ के कोरिया जिले ने एक बार फिर अपनी विकास यात्रा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान में उत्कृष्ट कार्यों के लिए कोरिया जिले की कलेक्टर चंदन त्रिपाठी को सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम एवं राज्यमंत्री दुर्गा दास उइके भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा को भी राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ।
154 जनजातीय ग्रामों में विकास की नई मिसाल
‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत कोरिया जिले के 154 जनजाति बहुल ग्रामों, बैकुंठपुर ब्लॉक के 138 और सोनहत ब्लॉक के 16 ग्रामों में लगभग 38 हजार जनजातीय परिवारों को शासन की 17 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। शिविरों और डोर टू डोर अभियानों के माध्यम से लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, पीएम जन धन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्जवला, जाति-निवास प्रमाण पत्र, वनाधिकार पट्टा, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम आवास योजना, सिकल सेल टेस्टिंग, सुकन्या समृद्धि योजना तथा पीएम विमान बीमा योजना जैसे योजनाओं से जोड़ा गया। समयबद्ध क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर नवाचारों के चलते यह पहल जनसहभागिता का प्रतीक बनी है.
राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की सराहना
छत्तीसगढ के कोरिया जिले के जनजातीय अंचलों में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जिले के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास की दिशा में कोरिया की उपलब्धियों का प्रतीक है।
बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए-श्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा श्यह सम्मान हमारे उन कर्मयोगियों की पहचान है जिन्होंने जनजातीय सशक्तीकरण को धरातल पर साकार किया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें हर स्तर पर सशक्त किया जाए।
योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुंचाना ही सुशासन
छत्तीसगढ़ शासन में आदिम जाति विकास मंत्री एवं कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा यह उपलब्धि हमारे अधिकारियों, फील्ड स्टाफ और जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुँचाया है, उन्होंने कहा कि जन-जन तक योजनाओं को पहुंचाना व लाभ मिलना ही सुशासन है।
करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। भारत सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत 10.33 करोड़ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने के उपरांत एक बार फिर दीपावली के पूर्व लोगों को उपहार देते हुए पीएमयूवाय अंतर्गत 25 लाख नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन प्रदान करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 23 हजार नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने हेतु लक्ष्य प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना के तहत् नवीन कनेक्शन दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मंच पर रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। ये उत्सव समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 रुपए कर दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में तीव्रता से कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टाँगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवारजन भी उपस्थित थे।
सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान
सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नए फसल को पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ कर घर लाया जाता है। ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर सांसद राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजनांतर्गत दिए जाएंगे 2.23 लाख से अधिक नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन
रायपुर। भारत सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत 10.33 करोड़ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने के उपरांत एक बार फिर दीपावली के पूर्व लोगों को उपहार देते हुए पीएमयूवाय अंतर्गत 25 लाख नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन प्रदान करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 23 हजार नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने हेतु लक्ष्य प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना के तहत् नवीन कनेक्शन दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
हितग्राहियों को 15 दिनों में दिए जाएंगे नवीन कनेक्शन
विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देश अनुसार सभी जिलो में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला उज्जवला समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति द्वारा जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन एवं प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में निराकरण हेतु नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। योजनांतर्गत पात्र परिवारों से नवीन गैस कनेक्शन हेतु आगामी 07 दिनों में आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। जिले की गैस एजेंसियों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण एवं सत्यापन कराकर 15 दिनों में नवीन गैस कनेक्शन जारी करने की कार्यवाही की जाएगी।
नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को दी जाएगी प्राथमिकता
नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत आने वाले बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा जिलों में सर्वप्रथम हितग्राहियों को चिन्हांकित कर इन ग्रामों को विशेष प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत चिन्हांकित हितग्राहियों को उज्जवला गैस योजना के कनेक्शन दिए जाएंगे। पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाये जाने हेतु ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय करते हुए सुगम नेटवर्क कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर आयोजित किये जाएंगे। योजनांतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्ति हेतु शेष सभी 34 हजार 425 परिवारों के आवेदन चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर लिए जाएंगे। दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों के ई-केवाईसी के लिये कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर द्वारा उन्हें लाभांवित किया जायेेगा।
जिला स्तरीय उज्जवला समिति के कलेक्टर होंगे अध्यक्ष
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में से कम से कम 05 प्रतिशत आवेदनों का सत्यापन एवं परीक्षण जिला उज्जवला समिति द्वारा किया जाएगा। इस हेतु जिले के सभी गैस एजेंसियों की बैठक कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नवीन गैस कनेक्शन जारी करने हेतु जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय उज्जवला समिति में अध्यक्ष, जिला कलेक्टर या उनके द्वारा अधिकृत कोई वरिष्ठ अधिकारी होंगे तथा समन्वयक सदस्य के रूप में जिला नोडल अधिकारी होंगे जो तेल विपणन कंपनी से होंगे। दो सदस्य अन्य दो तेल विपणन कंपनियों के अधिकारी होंगे। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी एवं दो गैर-आधिकारिक सदस्य भी समिति में सदस्य होंगे।
योजनांतर्गत नवीन कनेक्शन हेतु जारी किए गए मापदंड निर्धारित
पीएमयूवाय के अंतर्गत नवीन गैस कनेक्शन हेतु पात्रता के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। जिसके अनुसार यदि परिवार का कोई भी सदस्य 10 हजार रूपए प्रति माह से अधिक कमाता हो, घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाले परिवारों को शामिल नहीं किया गया है। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड की 50 हजार रूपए से अधिक की क्रेडिट सीमा वाले किसान, सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, कम से कम 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि का स्वामी जिनके पास कम से कम एक सिंचाई उपकरण हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट क्षेत्र वाले मकान के स्वामी, स्वयं की मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन अथवा मछली पकड़ने वाली नाव अथवा यंत्रीकृत तीन या चार पहिया कृषि उपकरण के मालिक एवं ऐसे परिवार जिनके पास पूर्व से ही एलपीजी कनेक्शन हों योजनांतर्गत लाभ पाने हेतु अपात्र होंगे।
बीजेपी विधायक ने कांग्रेस पार्टी को बताया सांप पटाखा
रायपुर। सौहार्द के पर्व दिवाली पर भी राजनीतिक पार्टियां बयानबाजी से नहीं चूक रही है. भाजपा और कांग्रेस के बीच अब पटाखे वाली सियासत शुरु हो गई है. भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने रविवार को कांग्रेस और पीसीस अध्यक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि दीपक बैज में परिपक्वता नहीं है. दिवाली का त्योहार है, मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरी की पूजा करें. कांग्रेस संगठन का काम सांप पटाखा जैसा है. वह किसी की तुलना पटाखे से नहीं करें, अगर बम फट गया तो आंख चौंधिया जाएगा. इस बयान पर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार किया है.
कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि पुरंदर मिश्रा को बीजेपी के बमों का अध्ययन करना चाहिए. वो स्वयं फुस्सी बम है. बीजेपी में बहुत सारे पटाखा बम है. स्वास्थ्य मंत्री पटाखा बम है. सारे अस्पतालों की स्थिति दयनीय है. इसी तरह तेज आवाज करने वाले बड़बोला बम है गृहमंत्री, जो कानून व्यवस्था नहीं संभाल पाते हैं. वहीं मंत्री ओपी चौधरी लक्ष्मी बम है, जहां भी हाथ मारेंगे, वहां से लक्ष्मी आएगी.
विधायक पुरंदर मिश्रा ने बिहार चुनाव में कांग्रेस नेताओं को मिली जिम्मेदारी पर कहा कि बिहार का चुनाव महत्वपूर्ण चुनाव है. वहां नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता है. बिहार में 8वीं फेल नेता चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन नितीश कुमार जैसे नेता इस चुनाव को दिलचस्प बनाएंगे. कांग्रेस के नेता वहां जा कर क्या करेंगे. उनको हारने के लिए अभी से बढ़ाई देता हूं.
स्कूल की अव्यवस्था देखकर माथा पकड़ लिए अधिकारी, प्राचार्य को किया सस्पेंड
गरियाबंद। स्कूल शिक्षा सचिव के निरीक्षण के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक गुणवत्ता निम्न स्तर का पाया गया। जिसके चलते प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा सचिव के द्वारा 31 जनवरी 2025 को पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय गरियाबंद का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्कूल में उपस्थित छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक गुणवत्ता निम्न स्तर का पाया गया साथ ही कक्षा 12वीं में अध्यनरत छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ का शैक्षणिक स्तर संतोषजनक नहीं था। शाला में साफ सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। फर्नीचर भी अस्त व्यस्त था।
स्कूल में पर्याप्त रूम उपलब्ध होने के बावजूद प्रयोगशाला एक ही कक्ष में संचालित किया जा रहा था। प्रायोगिक कार्य हेतु उपलब्ध सामग्री गुणवत्ता विहीन एवं खराब अवस्था में पाई गई।वंदना पांडे प्राचार्य स्वामी आत्मानंद हिंदी मध्य विद्यालय गरियाबंद द्वारा स्कूल संचालन में अपने दायित्व निर्वहन एवं पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही,अनुशासनहीनता परिलक्षित होती है। वंदना पाण्डेय का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम तीन के विपरीत गंभीर कदाचार है।
इसलिए राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत प्राचार्य पीएम श्री स्वामी आत्मानंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर नियत किया गया है।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, मानसून की विदाई के बावजूद बारिश, इन जिलों में बारिश के हालात
रायपुर। दिवाली में इस बार बारिश मजा किरकिरा कर सकता है। छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई के बावजूद बारिश के हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में हल्की बारिश और नमी भरे मौसम की संभावना जताई है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम राज्य में फिर से बूंदाबांदी और तापमान में उतार-चढ़ाव ला सकता है। रायपुर सहित बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और हल्की वर्षा की स्थिति बनी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम विकसित हो रहा है, जो आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा। अनुमान है कि यह सिस्टम 24 अक्टूबर के आसपास कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के रूप में विकसित हो सकता है।राजधानी रायपुर में रविवार को आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है।
वहीं, सोमवार यानी 20 अक्टूबर को शहर और आसपास के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और उत्तर-पूर्वी मानसून का सक्रिय होना है।नमी बढ़ने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में रात के तापमान में मामूली इजाफा दर्ज किया जाएगा। पिछले कुछ दिनों से रातें ठंडी होने लगी थीं, लेकिन आगामी दो-तीन दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है। वहीं, दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में असर ज्यादा
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति सीधे दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ की ओर हो रही है। ऐसे में बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। वहीं, बिलासपुर, रायगढ़ और जांजगीर जैसे उत्तरी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा।
उत्तर-पूर्वी मानसून हुआ सक्रिय
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय हो गया है। इसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी देखने को मिलेगा। राज्य में हवा का रुख दक्षिण-पूर्व की ओर से नमी लेकर आ रहा है, जिससे बादल बन रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय नमी का स्तर सामान्य से अधिक है, जो बूंदाबांदी के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है।
खेतों और फसलों के लिए राहत भरी खबर
बारिश का यह दौर राज्य के किसानों के लिए राहत लेकर आ सकता है। खेतों में रबी की तैयारी चल रही है, और मिट्टी में नमी बढ़ने से बीज बोने के लिए अनुकूल स्थिति बनेगी। मौसम विभाग का कहना है कि यह वर्षा ज्यादा प्रभावशाली नहीं होगी, लेकिन हवा में नमी बनाए रखेगी, जिससे खेती के लिए अच्छा वातावरण रहेगा।मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखें। हालांकि, तेज बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन बीच-बीच में हल्की फुहारें मौसम को सुहावना बना सकती हैं।
KK रेल लाइन लैंड स्लाइड से हुई बाधित, किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर ट्रेनें रद्द
बस्तर। बस्तर को ओडिशा और आंध्र प्रदेश से जोड़ने वाली किरंदुल-कोत्तावालसा रेल लाइन लैंड स्लाइड होने से बाधित हो गया है। बताया जा रहा है कि चट्टान के टुकड़े पटरियों पर आ गए हैं। जिसकी वजह से रेल मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। जिसके कारण रेलवे ने किरंदुल-विशाखापट्टनम ट्रेन को रद्द कर दिया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में अभी भी कई इलाकों में बारिश हो रही है। आज 19 अक्टूबर की सुबह बस्तर के इस इलाके में भी भारी बारिश हुई। जिससे करीब 4 बजे त्याडा-चिपुरूपल्ली के बीच लैंड स्लाइड हो गया, और पटरियों पर चट्टान के टुकड़े गिर गए। लैंड स्लाइट के कारण रेल मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे मालगाड़ी भी बीच रास्ते में ही रुक गई।
वहीं जब इसकी जानकारी रेलवे के अधिकारियों को हुई, तब उन्होने बाधित रेल मार्ग को क्लियर करवाने का काम शुरू किया। लैंड स्लाइड के कारण रेलवे ने आज रविवार को इस मार्ग से चलने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी है। उन्होंने कहा कि असुविधा के लिए खेद है, लेकिन हमारी पूरी कोशिश है कि आज दोपहर तक मार्ग क्लियर कर दिया जाएगा।
क्षेत्रीय सरस मेला 2025 हुआ सम्पन्न, स्व-सहायता समूह की महिलाओं को किया गया सम्मानित
रायपुर। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने एवं उनके उत्पादों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित क्षेत्रीय सरस मेला 2025 का आज समापन हुआ।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता धरसीवां विधायक अनुज शर्मा ने की।

मुख्य अतिथि पुरंदर मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सरस मेले में भाग लेने वाली सभी बहनों का स्वागत करते हुए उन्हें दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।


विशिष्ट अतिथि अनुज शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरस मेला ने महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आप सभी ने अपने गृह उद्योगों के उत्पादों से लोगों को प्रभावित किया है। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन एवं पंचायत विभाग का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया कि उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों एवं जिलों की महिलाओं को एक मंच पर लाकर आपसी संवाद और व्यापार विस्तार का अवसर उपलब्ध कराया। उन्होंने भी सभी बहनों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।


समापन कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने लोक संस्कृति पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं एवं समन्वयकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही अतिथियों ने सभी स्टॉल का का भ्रमण कर स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात की।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।