प्रदेश
मुख्य सचिव विकासशील ने ली विभागीय सचिवों की समीक्षा बैठक
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सभी विभागों के भारसाधक सचिवों से उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से प्रधानमंत्री गति शक्ति में शामिल विभागों के एक्शन प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने राज्य के हित में विभिन्न विभागों की योजनाओं में और तीव्र प्रगति के लिए विभागीय कार्ययोजना बनाकर शामिल करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों के मेजरमेंट और एक्शन प्लान गंभीरता के साथ तैयार करने के निर्देश दिए और शिलान्यास किए गए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कर उनका लोकार्पण कराने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्माण विभागों से संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे अपने विभाग द्वारा निर्माण किए जाने वाले कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराएं।
मुख्य सचिव ने हाल ही में सम्पन्न कलेक्टर-कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का तीव्रता से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने पी एम गति शक्ति योजना और जेम के माध्यम शासकीय विभागों में खरीदी के संबंध प्रस्तुतीकरण दिया। इसी तरह से संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. रवि मित्तल ने जनसम्पर्क विभाग द्वारा शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के संबंध प्रस्तुतीकरण के जरिये जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल मनोज कुमार पिंगुआ, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सहित सभी विभागों के सचिव शामिल हुए।
विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में मानकों का पालन पारदर्शिता, गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा रही है और इसके माध्यम से मिलावट व नकली वस्तुओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगी है।




मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनों को गुणवत्ता शपथ दिलाते हुए मानकीकृत उत्पादों को बढ़ावा देने और बीआईएस के प्रयासों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मानकों की स्थापना में विशेष योगदान देने वाले मानक क्लबों, संस्थाओं और मेंटर्स का सम्मान किया। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था देशभर में गुणवत्ता की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय था जब सोने जैसी धातुओं की शुद्धता का पता लगाना कठिन था, लेकिन आज हर उपभोक्ता बीआईएस हॉलमार्क देखकर ही आभूषण खरीदता है। बीआईएस का हॉलमार्क अब उपभोक्ता भरोसे का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने बताया कि बीआईएस द्वारा बोतलबंद पानी, हेलमेट, खिलौने, गहनों से लेकर करीब 22 हजार वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मानक चिन्हों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मानकों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और मानकीकरण के कारण आज देश के गांव और कस्बों में बने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनों से मानक चिन्हों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत का संकल्प उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती से ही पूरा होगा।” उन्होंने कहा कि गुणवत्ता ही आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक पहचान है।
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि विश्व मानक दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं और समाज में मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह हमारे वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रयासों को सराहने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है और गुणवत्ता सुधार अब केवल नीति नहीं, बल्कि एक संकल्प बन चुका है।
श्री बघेल ने कहा कि “जागो ग्राहक जागो” का संदेश उपभोक्ताओं को सजग और जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को समाज में आगे बढ़ाएं, ताकि उपभोक्ता संरक्षण और अधिक सशक्त हो सके।
भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर शाखा कार्यालय के निदेशक एस. के. गुप्ता ने कहा कि बीआईएस का प्रत्येक मानक उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को समर्पित है। उन्होंने बताया कि उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ब्यूरो इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
श्री गुप्ता ने ब्यूरो द्वारा संचालित गतिविधियों और विभिन्न उत्पादों के मानकीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीआईएस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में निर्मित हर उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे।
मुख्यमंत्री ने मानक महोत्सव में विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन
विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) तथा अन्य संस्थानों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने मानक स्थापना से जुड़ी गतिविधियों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की।
सिपेट रायपुर के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संस्था प्रदेश के युवाओं को लघु एवं दीर्घकालीन कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है, साथ ही उद्योगों को गुणवत्ता परामर्श और तकनीकी सलाह भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने सिपेट की पहल की सराहना की और इसे उद्योग-शिक्षा समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
बीआईएस की रायपुर शाखा द्वारा लगाए गए स्टॉल में उपभोक्ता जागरूकता संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उपभोक्ता स्वयं आईएसआई, एचयूआईडी और हॉलमार्क युक्त आभूषणों की प्रमाणिकता जांच सकते हैं।
ऐप के जरिए उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और आईएसआई मुहर के दुरुपयोग की सूचना देने की सुविधा भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।
शैक्षणिक संस्थानों के नवाचारी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
मानक महोत्सव में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए नवाचार आधारित स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बने। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों का अवलोकन किया और उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की।
गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिरकोनी के विद्यार्थियों ने रक्तचाप जांचने की मशीन और मिट्टी की नमी मापने की मशीन तैयार की। पंडित आर. डी. तिवारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्रों ने “एक्सप्लोरर रोबोट” प्रस्तुत किया, जो अंधेरे और दुर्गम स्थानों में रास्ता खोजने में सक्षम है। यह रोबोट खदानों और औद्योगिक स्थलों पर उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
वहीं गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अंडा के विद्यार्थियों ने स्मार्ट ट्रेन का मॉडल तैयार किया, जो विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से चर्चा की, उनके नवाचारी कार्यों की जानकारी ली और उनकी रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा —“युवाओं की सोच में जब गुणवत्ता और नवाचार जुड़ता है, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर होता है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुणवत्ता सिर्फ उद्योग या उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन के हर पहलू का संस्कार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि “मानक केवल नियम नहीं, राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों, संस्थाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे “क्वालिटी को क्वांटिटी से पहले रखें” और छत्तीसगढ़ को मानकीकरण, नवाचार और पारदर्शिता में देश का अग्रणी राज्य बनाएं। उन्होंने कहा —“जब हर नागरिक गुणवत्ता को अपना धर्म समझेगा, तभी सच्चे अर्थों में विकसित भारत का स्वप्न साकार होगा।”
इस अवसर पर एनआईटी रायपुर के निदेशक एन. व्ही. रमन्ना राव, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थोरानी, इस्पात प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक ए. के. चक्रवर्ती, कैट के अध्यक्ष परमानंद जैन, छत्तीसगढ़ स्टील रिरोलर्स निर्माता संघ के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी और छत्तीसगढ़ ज्वेलर्स संघ के अध्यक्ष कमल सोनी उपस्थित थे।
धर्मांतरण रोकने कानून ला रही सरकार, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले - भ्रमित करने वालों पर होगी कार्रवाई
रायपुर। मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस में धर्मांतरण और चंगाई सभा को लेकर चर्चा की गई, जिसपर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ जल्द सख्त कानून आएगा, जो देश में सबसे सशक्त कानून होगा. चंगाई सभा बंद होना चाहिए, यह लोगों को भ्रमित करने के लिए होता है.
प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने 3-4 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को फटकार लगाई थी. इसे लेकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी एसपी को हिदायत दी है. जिनका परफॉर्मेंस बेहतर नहीं है, उन्हें परफॉर्मेंस सुधारने का आखिरी मौका दिया गया है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि अगर परफॉर्मेंस ठीक नहीं होने पर निर्णय लिया जाएगा.
बिहार चुनाव में भाजपा नेताओं के जाने को लेकर कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि पदयात्रा का विषय अच्छा है और भाव भी अच्छा है, लेकिन कांग्रेस नेता को यह भी बताना चाहिए कि उनके नेता ने जो पदयात्रा की थी, उसका परिणाम क्या निकला. उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कैसे जाएंगे, यह कांग्रेस छोड़ दें. हमें पूरा विश्वास है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी. सीटों का बंटवारा भी पूरी तरह से हो चुका है और हम पूरी ताकत के साथ एनडीए की जीत सुनिश्चित करने में जुटे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखना यह है कि वे वहां जाकर वास्तव में लड़ाई करेंगे या टिकट बेचेंगे, उम्मीद है कि इस बार वे कुछ अच्छा करेंगे.
1.5 करोड़ के इनामी नक्सली भूपति समेत 60 नक्सलियों ने किया सरेंडर
रायपुर। छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पोलित ब्यूरो सदस्य और डेढ़ करोड़ के इनामी माओवादी भूपति उर्फ अभय ने हथियार डालकर समर्पण कर दिया है। आपको बता दे भूपति बड़े कैडर का नक्सली है। यह छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में मोस्ट वांटेड है। इस पर करीब 1 से डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। भूपति के साथ ही 59 अन्य माओवादियों ने भी आत्मसपर्मण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि भूपति माओवादी संगठन का बड़ा कैडर और केंद्रीय नेतृत्व का अहम सदस्य रहा है। वह छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में मोस्ट वांटेड था। उसके ऊपर पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बताया जा रहा है कि हाल ही में उसने पत्र जारी कर पुलिस के समक्ष संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा था। इस पत्र के जारी होने के बाद से ही भूपति चर्चा में सामने आया था। वहीं उसकी पत्नी पहले ही गढ़चिरौली में समर्पण कर चुकी है।
आपको बता दे भूपति के आत्मसमर्पण से मात्र 20 दिन पूर्व छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर 71 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें 21 महिलाएं और 50 पुरुष माओवादी शामिल थे। इनमें से 30 माओवादियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम था। सरेंडर करने वालों में डिवीजन कमेटी मेंबर और एरिया कमेटी मेंबर स्तर के माओवादी भी शामिल हैं। इनमें कई ऐसे हैं जो अतीत में कई बड़ी मुठभेड़ों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
राज्योत्सव स्थल पहुंचे डिप्टी सीएम अरुण साव, रजत जयंती वर्ष महोत्सव की तैयारियों का लिया जायजा
रायपुर। डिप्टी सीएम अरुण साव राज्योत्सव स्थल पहुंचे है। उन्होंने X पोस्ट में बताया, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर 26वें वर्ष में प्रवेश करने के गौरवपूर्ण अवसर पर राज्य सरकार पूरे उत्साह के साथ रजत जयंती वर्ष महोत्सव का आयोजन कर रही है।
1 नवंबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय राज्योत्सव की तैयारियां अटल नगर, नवा रायपुर में जोरों पर चल रही है। कल अटल नगर के तूता स्थित राज्योत्सव स्थल पहुंचकर चल रही तैयारियों का निरीक्षण करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से विस्तृत विचार विमर्श कर जानकारियां ली।
आयोजन स्थल में पार्किंग, बैठक व्यवस्था, मंच सहित सभी आवश्यक सुविधाओं के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कल अटल नगर, नवा रायपुर में निर्माणाधीन हमारे लोकतांत्रिक मंदिर, नवीन विधानसभा भवन के अंतिम चरणों के निर्माण कार्यों का निरीक्षण लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किया। यह भवन निश्चित रुप से छत्तीसगढ़ की नवीन पहचान का प्रतीक बनेगा, इसकी बनावट के दौरान आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति का सुंदर समावेश किया गया है। सदन में लगे बहुत से फर्नीचर बस्तर कला के अनुरूप बस्तर में निर्मित किये गए है, जो प्रदेश की समृद्ध हस्तकला एवं कलात्मक कौशल को दर्शाती है। भवन को पेपरलेस बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे यह तकनीकी दृष्टि से एक ऐतिहासिक विधानसभा बन सके। दीपावली के बाद स्थानांतरण कार्य प्रारंभ करने की योजना है।
रजत जयंती उत्सव के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य एवं आधुनिक विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे। यह छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के लिए गौरव का क्षण होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बन रहा यह भवन आने वाले वर्षों तक प्रदेश की जनआकांक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का केंद्र बनेगा।
बीजापुर में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद
बीजापुर। ताड़पाला बेस कैंप से कोबरा 206, सीआरपीएफ 229, 153 और 196 और बीजापुर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने केजीएच तलहटी क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाई गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
51 जीवित बीजीएल, एचटी एल्यूमीनियम तार के 100 बंडल, 50 स्टील पाइप (बीजीएल निर्माण के लिए, बड़ी मात्रा में बिजली के तार, 20 लोहे की चादरें और 40 लोहे की प्लेटें बरामद की गईं। तलाशी अभियान के दौरान, नक्सलियों द्वारा लगाए गए पांच प्रेशर आईईडी भी बरामद किए गए और सुरक्षा बलों द्वारा निष्क्रिय कर दिए गए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध रेत खनन पर त्वरित कार्रवाई — ग्राम गुदगुदा में 2 बोट एवं 2 चैन माउंटेन जब्त
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार रायपुर जिले में अवैध रेत खनन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने आरंग ब्लॉक के ग्राम गुदगुदा में बड़ी कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान टीम ने अवैध रेत उत्खनन करने पर 2 बोट एवं 2 चैन माउंटेन मशीन जब्त की। यह कार्रवाई आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा के नेतृत्व में नायब तहसीलदार जी.एन. सिदार, राजस्व अमला तथा खनिज अधिकारी हेमंत क्षेरपा एवं उनकी टीम द्वारा की गई।



बिहार चुनाव में भाजपा ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी नेतृत्व ने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
उन्हें वैशाली जिले की हाजीपुर और लालगंज विधानसभा क्षेत्रों की चुनावी कमान सौंपी गई है। इन दोनों सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होना निर्धारित है। श्री अग्रवाल 15 अक्टूबर से हाजीपुर और लालगंज में संगठनात्मक एवं प्रचार गतिविधियां प्रारंभ करेंगे।
श्री अग्रवाल, जिनकी संगठन क्षमता, जनसंपर्क व चुनाव प्रबंधन में वर्षों की सिद्ध दक्षता रही है, अब बिहार के इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पार्टी की रणनीति और जनसंपर्क अभियान को नया जोश देने जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक, श्री अग्रवाल ने भाजपा के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।अपनी नियुक्ति पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह पार्टी नेतृत्व के विश्वास का प्रतीक है और वे बिहार के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर भाजपा को वैशाली जिले की दोनों सीटों पर प्रचंड विजय दिलाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित बिहार का सपना साकार करना ही इस चुनावी अभियान की प्राथमिकता होगी।
भाजपा प्रदेश एवं राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भी श्री अग्रवाल को बधाई देते हुए विश्वास जताया है कि उनके मार्गदर्शन में भाजपा का संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा जनता का अपार समर्थन प्राप्त होगा।
राजधानी में 9 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन: CM हाउस का घेराव करने जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका
रायपुर। राजधानी रायपुर में किसानों ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालकर अपनी कई लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के आह्वान पर हजारों किसान राजधानी में जमा हुए और उचित मूल्य पर धान खरीद, गन्ने के समर्थन मूल्य और हाफ बिजली बिल जैसी अहम मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए।
किसानों का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत करना और उनकी 9 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा कराना था। हालांकि, प्रदर्शन स्थल पर स्प्रे शाला के पास पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदेश के शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री ने किसान संगठनों से मिलने का आग्रह किया है और उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन को राजनीतिक रूप देने की बजाय किसानों की वास्तविक समस्याओं को प्राथमिकता दी जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सिंचाई के लिए 2800 करोड़ रुपए की राशि सीएम द्वारा जारी की जा रही है, वहीं कवर्धा के गन्ना किसानों की लंबित राशि भी जल्द ही केबिनेट में प्रस्तावित कर भुगतान किया जाएगा।
हालांकि, मंत्री के आश्वासन के बावजूद किसान संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि केवल 9 में से 4 मांगों के पूरा होने की बात कही गई है, लेकिन किसानों का कहना है कि सभी मांगें समय पर पूरी की जाएं।

किसानों की 9 सूत्रीय मांगें
बिजली: घरेलू बिजली पर हाफ बिल योजना पुनः लागू की जाए और कृषि पंपों को 24 घंटे बिजली दी जाए।
बकाया भुगतान: पिछले सरकार की बकाया चौथी किस्त की राशि दीपावली से पहले भुगतान की जाए।
धान खरीद और समर्थन मूल्य: एग्रीस्टेक की विसंगतियों को दूर किया जाए; धान की राशि 3100 में बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य 186 रुपये जोड़कर दी जाए, धान खरीद 1 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए।
धान खरीद प्रक्रिया: किसानों से 40 किलो 700 ग्राम से अधिक धान न लिया जाए और सभी समितियों में यह नियम बैनर द्वारा प्रदर्शित किया जाए।
खाद की उपलब्धता: खाद की कालाबाजारी बंद हो और सहकारी समितियों में भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
सिंचाई: प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए और नहरों का पानी अंतिम गांव तक पहुंचे।
दलहन एवं तिलहन: दलहन और तिलहन की खेती पर 20 हजार रुपये अनुदान दिया जाए तथा रबी में दलहन, तिलहन, मक्का और सूरजमुखी की खरीद की जाए।
गन्ना: कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को जोड़ा जाए और गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए; गन्ना किसानों की लंबित राशि शीघ्र भुगतान की जाए।
जैविक खेती: भारत सरकार द्वारा जैविक खेती पर दिए जाने वाले अनुदान को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी किसानों को दिया जाए।

किसान संघ का कहना है कि अगर उनकी मांगों को समय पर पूरा नहीं किया गया, तो वह भविष्य में और बड़े आंदोलन का मार्ग अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
एमपी ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ पर्यटन की गूंज, 27 देशों के प्रतिनिधि और 80 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स ने लिया भाग
रायपुर। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 11 से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित एमपी ट्रैवल मार्ट-2025 में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रभावशाली उपस्थिति आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। यहां छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा स्थापित भव्य और आकर्षक स्टॉल ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस अवसर पर आयोजित राउंड टेबल सेशन में छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर सहित विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभाग के पदाधिकारी एवं अधिकारी शामिल हुए। इस सत्र में राज्य-स्तरीय साझेदारी और पर्यटन निवेश को लेकर उपयोगी विचार-विमर्श हुआ।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा और प्रबंध संचालक विवेक आचार्य एमपी ट्रैवल मार्ट के कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर लगाए गए स्टॉल में राज्य के प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनजातीय स्थलों की सुंदर झलकियां प्रदर्शित की गईं। इसमें वन्यजीव पर्यटन, इको-टूरिज़्म और फिल्म पर्यटन की अवधारणा को भी दर्शाया गया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने विभिन्न राज्यों और देशों से आए ट्रैवल एजेंट्स, निवेशकों और पर्यटन विशेषज्ञों से मुलाकात कर उन्हें छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पर्यटन स्थलों और वहां छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बोर्ड पदाधिकारियों ने अन्य राज्यों के ट्रेवल्स एजेंट और निवेशकों को छत्तीसगढ़ के लिए आमंत्रित किया। चर्चा का मुख्य विषय पर्यटन क्षेत्र में संयुक्त निवेश और सहयोग के नए आयाम रहे।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ भारत के हृदय में स्थित वह भूमि है जहाँ प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म का अनोखा संगम है। यहाँ की हरियाली, जलप्रपातों की कल-कल ध्वनि और जनजातीय संस्कृति पर्यटकों को अद्वितीय अनुभव प्रदान करती है। हमारा प्रयास है कि पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि यह स्थानीय विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बने।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, मध्यप्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने एमपी ट्रैवल मार्ट-2025 में अपनी गरिमामय उपस्थिति दी। यहां आयोजित विविध कार्यक्रमों में प्रसिद्ध फिल्म एवं टेलीविज़न निर्माता एकता कपूर, अभिनेता गजराज राव और रघुबीर यादव, फिक्की के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना सूरी, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर के अध्यक्ष रवि गोसाईं सहित 27 देशों के प्रतिनिधि और 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स ने भाग लिया।
एमपी ट्रेवल मार्ट 2025 के आयोजन के दौरान 3000 से अधिक बिजनेस टू बिजनेस मीटिंग्स आयोजित हुई, जिनके माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नई साझेदारियों के द्वार खुले। यहां छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की सशक्त भागीदारी से राज्य के पर्यटन को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम सम्पन्न — जिलों के नवाचारों पर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर। मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित ऑडिटोरियम में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


नवाचार जनसेवा के केंद्र में हो - मुख्यमत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवाचार ऐसे हों जो दीर्घकालिक रूप से व्यवहारिक हों, नागरिकों की सुविधा बढ़ाएं, और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं को सहयोग दें। राज्य सरकार नवाचारों का स्वागत करती है, परंतु यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बुनियादी प्रशासनिक कार्य इससे प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि नवाचार तुगलकी प्रयोग न बनें, बल्कि नागरिक जीवन को सरल बनाने का माध्यम बनें।
स्थायी और व्यावहारिक नवाचारों पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जो भी नवाचार हों, उनमें लोगों की राय अवश्य शामिल की जाए और उनके प्रभाव का फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार जिले में किए गए नवाचार आने वाले अधिकारियों की प्राथमिकता में नहीं रहते, इसलिए इनकी स्थायित्व और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। नवाचार का उद्देश्य जनता की सेवा और पारदर्शिता में वृद्धि होना चाहिए।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम को सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सेवाएं निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से दी जाएं और यदि देरी होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में यह देखा जाएगा कि कितने मामलों का समय पर निराकरण हुआ और कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
कार्यालयीन अनुशासन और स्वच्छता पर विशेष बल
सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आरंभ किए गए ‘पुराने दस्तावेज हटाओ’ अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों में वर्षों पुराने अनुपयोगी फाइलें न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि नागरिकों में गलत छवि भी बनाती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कलेक्टर अपने कार्यालयों को व्यवस्थित करें ताकि पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ सके।
ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम ई-ऑफिस प्रणाली है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में इसे पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता घटाना आवश्यक है और सभी लंबित फाइलों को डिजिटल माध्यम में लाना होगा ताकि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके।
ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल गवर्नेंस का युग है। सभी कलेक्टर सुनिश्चित करें कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अधिकाधिक सेवाएं उपलब्ध हों और जनता ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों में डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक सेवा को डिजिटल करना ही पारदर्शी शासन की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।
शिकायतों के समाधान में पारदर्शी व्यवस्था
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी कलेक्टर शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करें और डिजिटल माध्यम में उनके समाधान की स्थिति उपलब्ध कराएं। इससे नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में मैनुअल गवर्नेंस से भ्रष्टाचार बढ़ा, जबकि डिजिटल प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करती है।
फील्ड विजिट और निरीक्षण की स्थायी प्रणाली बने
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केवल आकस्मिक निरीक्षण से प्रशासन नहीं सुधरता। फील्ड विजिट को स्थायी प्रक्रिया के रूप में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे पानी की गहराई का अंदाजा पानी में उतरे बिना नहीं होता, वैसे ही योजनाओं की सच्चाई फील्ड में जाकर ही पता चलती है। नियमित निरीक्षण से न केवल सुधार होता है बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी पर भी नियंत्रण रहता है।
मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी को ट्रांसफॉर्म करने का समय आ गया है। नई कार्य संस्कृति और तकनीक को अपनाए बिना सुशासन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता में विश्वास बढ़ाना है, तो उच्चाधिकारियों को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं समय पर दफ्तर पहुंचेंगे, तभी नीचे तक अनुशासन की संस्कृति बनेगी।
जिलों के नवाचारों की प्रस्तुति और कॉफी टेबल बुक का विमोचन
कार्यक्रम में रायपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जशपुर और उदंती वन अभयारण्य के नवाचारों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने जिलों में हो रहे नवाचारों पर आधारित ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन किया और अधिकारियों को सराहा जिन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं को परिणाममुखी बनाया।
कार्यक्रम के दौरान ‘जशप्योर’ ब्रांड के स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की सफलता का उल्लेख किया गया। महुआ को सुपरफूड के रूप में स्थापित करने वाला भारत का पहला ‘महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ जशपुर में संचालित है। जशप्योर उत्पाद अब पाँच राज्यों में बिक रहे हैं और विक्रय में 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नारायणपुर जिले के 'डेटा प्लेटफॉर्म’ द्वारा नक्सल गतिविधियों की ट्रैकिंग और दंतेवाड़ा में ब्लॉकचेन तकनीक से 7 लाख भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन को मुख्यमंत्री ने अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने अबूझमाड़ और दंतेवाड़ा में प्रशासन के हाई-टेक सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही आधुनिक छत्तीसगढ़ की दिशा है।
सुशासन संवाद में रायपुर जिले में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त पहल ‘टीम प्रहरी’ के कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस पहल के तहत अवैध अतिक्रमणों को हटाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। नारायणपुर जिले में ‘इंटिफाई’ डेटा मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसके माध्यम से नक्सल गतिविधियों की प्रभावी ट्रैकिंग की जा रही है तथा शासकीय योजनाओं से संबंधित सभी आंकड़ों को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित किया गया है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करते हुए 7 लाख भूमि अभिलेखों का डिजिटाइजेशन किया गया है, जिससे भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और त्वरित समाधान सुनिश्चित हुआ है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन कोई एक दिन का लक्ष्य नहीं, बल्कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया है। इसके लिए हर अधिकारी को अपने भीतर से बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा कि “हमारे छोटे-छोटे प्रयास ही विकसित छत्तीसगढ़ की बड़ी तस्वीर बनाएंगे।” मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की कि वे जनता के बीच जाकर योजनाओं का वास्तविक प्रभाव देखें, तकनीक और अनुशासन को प्रशासन की संस्कृति बनाएं और राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित भारत की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करें।
प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत शासकीय कर्मचारियों को मिला जीवनरक्षक प्रशिक्षण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत आज मल्टीलेवल पार्किंग कलेक्ट्रेट, चौथा फ्लोर रायपुर में 26 सहायक शिक्षकों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।


बिलासपुर-ईतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस से करोड़ों का सोने-चांदी बरामद
रायपुर/नागपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मंडल टास्क टीम, नागपुर ने 11 अक्टूबर को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गाड़ी संख्या 12855 बिलासपुर-ईतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस में भारी मात्रा में सोने और चांदी की ज्वेलरी बरामद की। यह कार्रवाई आमगांव से गोंदिया के बीच स्लीपर कोच S-06 में की गई। मौके पर प्राप्त मुखबिर की सूचना के आधार पर RPF की टीम ने गोंदिया स्टेशन पर ट्रेन के आगमन के दौरान संदिग्ध यात्री की तलाशी ली। तलाशी के दौरान संदिग्ध ने अपनी पहचान नरेश पंजवानी (55 वर्ष), निवासी श्रीनगर, बम्बा भवन के पास, गोंदिया के रूप में बताई।
संदिग्ध के थैले की जांच के दौरान RPF टीम को 2 किलो 683 ग्राम सोने की ज्वेलरी और 7 किलो 440 ग्राम चांदी की ज्वेलरी बरामद हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोने की ज्वेलरी की कीमत लगभग 3.27 करोड़ रुपये और चांदी की ज्वेलरी की कीमत लगभग 10.44 लाख रुपये आंकी गई। कुल बरामद ज्वेलरी की अनुमानित कीमत 3.37 करोड़ रुपये बताई गई है। पूछताछ के दौरान नरेश पंजवानी बरामद सोने और चांदी की ज्वेलरी के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। उसकी आपराधिक गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए RPF पोस्ट, गोंदिया ने मामले को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), नागपुर की टीम के पास सौंप दिया।
DRI टीम ने मौके पर सोने और चांदी की ज्वेलरी जब्त कर ली और कस्टम एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई रेल मार्ग पर हो रहे अवैध लेनदेन और तस्करी की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। RPF अधिकारियों ने कहा कि यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब रेल मार्ग पर सुरक्षा को और सख्त किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आमगांव से गोंदिया तक का यह रूट अक्सर अवैध ज्वेलरी और कीमती धातुओं की तस्करी में इस्तेमाल होता रहा है।
संदिग्ध नरेश पंजवानी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और उसके खिलाफ आगे की जांच जारी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि सोने और चांदी की यह ज्वेलरी कहां से लाई गई थी और इसे किस गंतव्य तक ले जाया जाना था। रेलवे सुरक्षा बल और DRI की संयुक्त कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि रेल मार्ग पर अवैध व्यापार और तस्करी की कोई गुंजाइश नहीं है। दोनों एजेंसियों ने ग्रामीण और शहरों में जनता को सुरक्षित रेल यात्रा और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के प्रति जागरूक करने का भी संकल्प लिया है।
इस कार्रवाई को लेकर नागपुर मंडल टास्क टीम के अधिकारियों ने प्रेस बयान में कहा कि किसी भी प्रकार की तस्करी, चाहे वह सोना हो या चांदी, रेलवे मार्ग पर नहीं बर्दाश्त की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत RPF को दें। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे मार्ग अवैध व्यापारियों के लिए प्रमुख माध्यम बन चुका है, और समय-समय पर इस तरह की कार्रवाई करना आवश्यक है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बरामद ज्वेलरी का मूल्य बाजार दर के अनुसार अनुमानित किया गया है और आगे की जांच में सही मूल्य और स्रोत की पुष्टि की जाएगी। इस पूरे मामले में RPF और DRI की तत्परता और कड़ी कार्रवाई ने रेलवे सुरक्षा के मानकों को मजबूत किया है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसे मामले दोबारा न हों और यात्री सुरक्षित और भयमुक्त यात्रा कर सकें।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी रायपुर को करोड़ों की सौगात, हाट बाजार का लोकार्पण, सड़क और सामुदायिक भवन का भूमिपूजन
रायपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज डॉ. श्याम मुखर्जी वार्ड क्रमांक 61, भाठागांव के क्षेत्रवासियों को करोड़ों रुपए की सौगात दी उन्होंने कृषि मंत्री राम विचार नेताम के साथ 129.55 लाख रुपए की लागत से निर्मित हाट बाजार का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने 3 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क का भूमिपूजन भी संपन्न किया।
इसके साथ ही महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड 42 में 20 लाख रुपए की लागत से बनने वाले गांधी घर सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। इस भवन की स्वीकृति सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने विधायक कार्यकाल के दौरान की थी।
इस अवसर पर विधायक निधि से भवन में अन्य निर्माण के लिए 20 लाख रुपए और क्षेत्र में नाली तथा सड़क निर्माण के 25 लाख रुपए देने की घोषणा की है।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार तेज़ी से आगे बढ़ रही है। क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाट बाजार का निर्माण स्थानीय व्यापारियों एवं आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से इस क्षेत्र के आवागमन में सुधार होगा तथा आसपास के इलाकों को भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। आगामी समय में भी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए और परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, मंडी बोर्ड के प्रबंध निदेशक महेंद्र सिंह सवन्नी, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा, जोन अध्यक्ष बद्री गुप्ता, जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, पार्षद रवि सोनकर, स्वप्निल मिश्रा, रमेश सपहा, अंजलि गोलछा तथा प्रमोद साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय उपस्थित रहे।










अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में दोनों के बीच समन्वय मजबूत है, वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों पर सघन निगरानी रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार किया है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री श्री साय ने एनकॉर्ड (NCORD) के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में सघन जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
बैठक में आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास और आजीविका सशक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति में माओवादियों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गहन मंथन हुआ। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार हेतु कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जाने, रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने और नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि साइबर अपराध आधुनिक युग का सबसे जटिल खतरा बन चुका है। इसे रोकने के लिए पुलिस बल को निरंतर तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार जनसंपर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों को देखते हुए प्रत्येक जिले में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि आम नागरिक ठगी, फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से सुरक्षित रह सकें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन, टीम भावना और साझा उत्तरदायित्व ही विकसित छत्तीसगढ़ की वास्तविक नींव है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन तभी सशक्त बन सकते हैं, जब प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए और टीम के रूप में मिलकर परिणाम दे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि उन्हें लागू करने वाली टीम की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। यही भावनात्मक और प्रशासनिक समन्वय “विकसित छत्तीसगढ़” को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
लघु वनोपजों से आत्मनिर्भरता की राह — मुख्यमंत्री साय ने तय किया हरित विकास का रोडमैप
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर–डीएफओ संयुक्त कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के वन प्रबंधन, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित, लघु वनोपजों के मूल्य संवर्द्धन (वैल्यू एडिशन), ईको-टूरिज्म, औषधीय पौधों की खेती और वनों से जुड़ी आजीविका के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राहियों की संख्या आज 12 लाख से अधिक हो चुकी है, जो हमारे सामूहिक प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आवश्यकता इस बात की है कि हम वन उपज का अधिकतम वैल्यू एडिशन करें। उन्होंने कहा कि राज्य में वन धन केंद्रों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ग्रामीणों को अधिक आय के साधन मिल सकें और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश में अब 46 प्रतिशत वन आवरण हो चुका है, जो लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में कैम्पा योजना और “एक पेड़ मां के नाम” जैसी अभिनव पहल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉन्फ्रेंस में जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को भुगतान सात से पंद्रह दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भुगतान की जानकारी एसएमएस के माध्यम से सीधे संग्राहकों के मोबाइल पर भेजी जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में बताया गया कि लगभग 15 लाख 60 हजार संग्राहकों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज हो चुकी है और सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्रहण प्रक्रिया के पूर्ण कंप्यूटरीकरण की पहल को और तेज करने के निर्देश दिए।
कॉन्फ्रेंस में औषधीय पौधों की खेती के विस्तार हेतु प्रचार-प्रसार गतिविधियों को बढ़ाने और इसके लिए कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के मैदानी अमले की सहायता लेने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में पिछले सीजन में हुए तेंदूपत्ता संग्रहण की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी सीजन के लिए पूर्व-कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि संग्राहकों को समय पर लाभ मिल सके और किसी प्रकार की देरी न हो।
लघु वनोपज आधारित स्टार्टअप और वन धन केंद्रों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लघु वनोपजों को वनांचल क्षेत्रों में आजीविका के प्रमुख साधन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। बैठक में लघु वनोपज आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और वन धन केंद्रों को सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सके।
छत्तीसगढ़ हर्बल और संजीवनी ब्रांड के उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया। बैठक में निर्देश दिए गए कि इन उत्पादों की बिक्री ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में बढ़ाई जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों के लिए एक मजबूत मार्केट नेटवर्क विकसित हो सके। साथ ही, उत्पादों के जैविक प्रमाणीकरण (Organic Certification) की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने पर बल दिया गया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पहली बार वन अधिकारियों की बैठक आयोजित कराने के लिए वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सभी कलेक्टर और वन अधिकारी समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्य करें, तो इसके अत्यंत अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर और सरगुजा संभागों में विशेष रूप से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे आजीविका से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब 75 प्रकार की लघु वनोपजों की खरीदी करने जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि लाख उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है, और यदि ठोस कार्ययोजना बनाकर लक्षित रूप से कार्य किया जाए तो प्रदेश देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर सकता है।
औषधीय पौधों की खेती के विस्तार की नई पहल
बैठक में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिलों में औषधीय पौधों की खेती से संबंधित विषयों पर उपस्थित डीएफओ को विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि औषधीय पौधों की खेती न केवल लोगों की आजीविका बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि पारंपरिक उपचार पद्धतियों के ज्ञान को भी आगे बढ़ाएगी। औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और लोगों की आय में वृद्धि के अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर सभी संभागायुक्त, जिला कलेक्टर एवं वन मंडलाधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर लोकसभा में खेल का महाकुंभ: सांसद खेल महोत्सव में खिलाड़ियों ने दिखाया दम
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव का प्रथम चरण बड़े उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हो रहा है। विभिन्न जोन—सिलयारी, परस्तराई, सांकरा, खम्हारिया, कनकी और माना बस्ती—में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में हजारों ग्रामीण खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं।
सिलयारी जोन में 16 गांव के 380 खिलाड़ियों ने, परस्तराई जोन में 19 गांव के 400 खिलाड़ियों ने, सांकरा जोन में नीनवा, किरना, मोहदा, सांकरा आदि 19 ग्राम पंचायतों के विद्यार्थी और खिलाड़ी, खम्हारिया जोन में 16 ग्राम पंचायत , कनकी जोन में 32 ग्राम पंचायत, माना बस्ती जोन में 21 गांव के 600 खिलाड़ियों ने गेंड़ी दौड़, फुगड़ी, रोप स्कीपिंग, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबाल, कुश्ती, बास्केटबॉल, शतरंज, रस्सा कसी और तैराकी समेत विभिन्न खेलों में हिस्सा लिया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खेल प्रतिभाओं को एक साझा मंच मिल रहा है। यह आयोजन न केवल खेलों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि परंपरागत खेल संस्कृति को भी पुनर्जीवित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इसे और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा, ताकि रायपुर लोकसभा क्षेत्र खेल प्रतिभाओं का प्रमुख केंद्र बन सके।











