दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के इस आग्रह का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश के हर कोने से योग्य युवाओं को सेना में जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन का आश्वासन दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सुझाव की सराहना करते हुए कहा कि यह विचार भारत की विविधता और एकता को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय इस पहल पर गंभीरता से विचार करेगा और उपयुक्त अवसर पर इसे लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
गरियाबंद। आज गरियाबंद में प्रतिबंधित संगठन सीपीआई माओवादी के डीजीएन डिवीजन के 3 इनामी नक्सलयों ने हिंसा एवं विनाश के मार्ग को त्याग कर आत्मसमर्पण किया।आत्मसमर्पित नक्सलियों में नागेश उर्फ रामा कवासी, 1 लाख ईनामी हथियार सुरका के साथ आत्मसमर्पण, ओडिसा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाण्डु के गार्ड-जैनी उर्फ देवे मडकम (पार्टी सदस्य) 1 लाख ईनामी एवं सीनापाली एरिया कमेटी (पार्टी सदस्य) मनीला उर्फ सुंदरी कवासी, 1 लाख ईनामी है।
सोमवार को जिला पुलिस सभा कक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी निखिल अशोक राखेजा ने आत्मसमर्पित नक्सलियों की जानकारी देते हुए बताया कि नागेश उर्फ रामा कवासी .ग्राम तर्रेम, थाना-तर्रेम, जिला बीजापुर का निवासी है। जो वर्ष 2022 में पामेड़ एरिया कमेटी-डीव्हीसी (पाण्डू) माओवादी द्वारा नक्सल संगठन में भर्ती कराया गया। गरियाबंद अंतर्गत माओवादियों के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय रहने के दौरान जिला धमतरी के ग्राम एकावरी मुठभेड़ में शामिल रहा, जिसमें माओवादी सिंधु घायल हुई थी, जो कुछ दिन बाद जंगल से गिरफ्तार हो गई तथा 11 सितंबर 25 को ग्राम मेटाल मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन बड़े नक्सली सहित 10 नक्सलियों के मारे जाने की प्रमुख घटना शामिल रहा।
जैनी उर्फ देवे मडकम ग्राम-इतगुडेम, पंचायत पालागुड़ेम, तहसील-आवापल्ली, जिला बीजापुर के रहने वाली है। वर्ष 2016 में 16 साल की उम्र में पूरे वर्ष भर जनमिलिशिया में कार्य किया। वर्ष 2017 को पामेड़ एरिया कमेटी के मनीला (डीव्हीसी) द्वारा इसे संगठन में सदस्य के रूप में भर्ती कराया गया।अक्टूबर 2017 को ओडिशा क्षेत्र चली गई, ओडिशा से दिसम्बर 2023 को वापस गरियाबंद आई। कई प्रमुख नक्सल घटना में शामिल रही है। तीसरी आत्मसमर्पण करने वाली मनीला उर्फ सुंदरी कवासी ग्राम- जैगूर, पंचायत-जैगूर, थाना भैरमगढ़, जिला बीजापुर की निवासी है। गांव में बाल संगठन एवं चेतना नाट्य मंच में कार्य कर रही थी। वहीं जुलाई 2020 को इसे तथा गांव के अन्य 2 लोगों को रमेश माटवाड़ा एरिया कमेटी कमाण्डर ने भर्ती कराया। भर्ती होने के बाद नक्सली इसे ग्राम कोटमेटा में कृषि कार्य के लिये भेज दिये जहां जनवरी 2021 तक रहकर कार्य किया। जनवरी 2021 को नक्सली कमाण्डर रमेश इसे वहां से वापस एरिया कमेटी लेकर आया उसके बाद डीव्हीसी-सोनू द्वारा ओडिशा रमें विस्तार के लिये इसे सीतानदी (धमतरी) तक छोडऩे आये जहां से सत्यम गावड़े इसे गरियाबंद लेकर आया। वह भी प्रमुख नक्सल घटना में शामिल रही।
बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी ने सोमवार को क़ृषि, खाद्य, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर छूटे हुए किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन एवं आगामी खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य में धान खरीदी की तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने छूटे हुए किसानों का शीघ्र पंजीयन पूर्ण कराने एवं सुचारु रूप से धान खरीदी के लिए आवश्यक तैयारी के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कहा कि अब तक सर्वाधिक किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन बलौदाबाजार -भाटापारा जिले में हुआ है फिर भी कुछ किसान पंजीयन के लिए छूटे है। इनमे नगरीय निकाय, अन्य राज्यों के एप्प में पंजीयन एवं वनाधिकार पत्र वाले किसान शामिल हैं।
उन्होंने समितिवार छूटे हुए किसानों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने आगामी खरीफ सीजन हेतु समर्थन मूल्य में धान खरीदी की तैयारी के लिए समितियों एवं संग्रहण केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था, धान उठाव, निगरानी, किसानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने कहा। उन्होंने बताया कि इस बार लगभग 39 नये खरीदी केंद्र बनाए जा रहे है। नवीन केंद्रों में भी सभी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
रायपुर। राजधानी रायपुर के अवधपुरी मैदान में आयोजित पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हनुमंत कथा का आज तीसरा दिन है. छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश होने के बाद भी श्रद्धालु दूर-दूर से कथा सुनने पहुंच रहे हैं और कथा का आनंद ले रहे हैं. रविवार को कथा के दौरान श्री बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ अब धर्मांतरण और नक्सलवाद जैसी दो बड़ी चुनौतियों से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है.
उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुस्तान के समर्थक हैं. उनका उद्देश्य समाज में हिंदू एकता और जागरूकता लाना है. शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं को “गुलाम मानसिकता” से बाहर आने की जरूरत है, इसलिए वे पूरे देश में जनजागरण अभियान चला रहे हैं. पं. शास्त्री ने कहा कि अगर शासन से अनुमति मिली तो वे जशपुर में धर्मांतरण विरोधी पदयात्रा करेंगे और वहीं श्रीहनुमंत कथा का आयोजन भी होगा.
उन्होंने कहा कि विदेशी और नास्तिक ताकतें हिंदुओं को कमजोर करने की साजिशें रच रही हैं. देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से वे 7 से 16 नवंबर तक नई दिल्ली से वृंदावन धाम तक पदयात्रा करने वाले हैं. इसके बाद वे पुनः छत्तीसगढ़ आएंगे. उन्होंने कहा, “यह भगवान राम और माता कौशल्या की धरती है, यहीं से हिंदू राष्ट्र की भावना साकार होगी.” गोरक्षा पर पूछे गए सवाल पर पं. शास्त्री ने कहा कि राज्य सरकार यदि तहसील स्तर पर गोधाम स्थापित करे, जहां 5-5 हजार गोमाताओं को रखा जा सके, तो सड़क हादसे कम होंगे और गायें सुरक्षित रहेंगी.
रायपुर। प्रदेश भाजपा ने एक बार फिर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने और निराकरण को लेकर भाजपा कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में ‘सहयोग केंद्र’ के संचालन करने का निर्णय लिया है. इसकी शुरुआत कल 6 अक्टूबर सोमवार से होगी. पहले दिन राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा दोपहर 2 से शाम 5 बजे के बीच कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और निराकरण करेंगे. इसके लिए कार्यकर्ताओं को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच पंजीयन कराना होगा. पूर्व अनुभव को देखते हुए इस बार भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने को सहयोग केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
डिप्टी सीएम अरुण साव ने ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की फिर से शुरूआत होने पर कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता है. हर मंत्री को पार्टी कार्यालय में बारी-बारी से बैठना होगा. उन्होंने बताया कि वह भी 14 अक्टूबर को पार्टी कार्यालय में बैठेंगे और कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे. उल्लेखनीय हैं कि वर्ष 2023 में राज्य की सत्ता में चौथी बार भाजपा काबिज हुई. तब प्रदेश भाजपा ने कार्यकर्ताओं की समस्या सुनने और निराकरण करने के लिए मंत्रियों की सहयोग केंद्र में ड्यूटी लगाई. यह सहयोग केंद्र पहले लोकसभा और फिर नगरीय चुनाव की आचार संहिता के चलते प्रभावित हुआ, अततः अक्टूबर 2024 में इसे बंद कर दिया गया. करीब सालभर बाद फिर कार्यकर्ताओं की मांग पर यह सहयोग केंद्र शुरू किया जा रहा है.
पहले चरण में पांच मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है, इसमें 6 अक्टूबर को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, 7 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, 8 अक्टूबर को वन मंत्री केदार कश्यप, 9 अक्टूबर को तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और 10 अक्टूबर को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल मौजूद रहेंगे.
दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई, त्रुटि सुधार, अभिलेख शुद्धता, कृषक पंजीयन, नक्शा बटांकन, ई-डिस्ट्रिक्ट लोक सेवा गारंटी प्रकरण, गिरदावरी, धान खरीदी, भू-आबंटन, नजूल पट्टों संबंधित प्रकरण, भू-अर्जन संबंधी प्रकरण, लोक आयोग प्रकरण इत्यादि की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा बाढ़ आपदा प्रबंधन, सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण, भौतिक सत्यापन एप्प, जाति प्रमाण पत्र एवं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक कल्याण योजना से संबंधित कार्यों के स्थिति की विस्तृत जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री सिंह ने अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा बटांकन, डायवर्सन, और राजस्व वसूली की स्थिति की जानकारी ली और इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। सीमांकन प्रतिवेदन की तिथि निर्धारित कर कार्य शीघ्र पूर्ण कराने और नक्शा बटांकन कार्यों के लिए टीम बनाकर तत्परता से कार्रवाई करने को कहा। कलेक्टर श्री सिंह ने अभिलेख शुद्धता के संबंध में डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र को एक सप्ताह के भीतर अपडेट करने कहा। उन्होंने सभी पात्र कृषकों का पंजीयन प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर अभिजीत ने कहा कि कृषक पंजीयन, कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक सीधे पहुँच सकेगा। धान खरीदी की तैयारी को लेकर भी कलेक्टर ने विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले की 20 नयी समितियों को राजस्व रिकार्ड में अपडेट किया जाए। ग्राम पंचायतों में किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी से संबंधित जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर सभी किसानों को सूचित करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा प्राप्त आपत्तियों की सूची संबंधित अधिकारी को भेजना सुनिश्चित करें, जिससे समय रहते आवश्यक संशोधन किया जा सके। इसके अतिरिक्त परिवर्तित भू-भाटक वसूली की प्रक्रिया को भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
कलेक्टर श्री सिंह ने भूमि-आबंटन के प्रकरणों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा शासकीय विभागों से भूमि आबंटन हेतु प्राप्त आवेदन को प्राथमिकता के साथ निपटाएं। भू-आबंटन प्रकरणों की जानकारी एकत्र कर चिन्हांकित स्थलों का निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। कलेक्टर ने नक्शा बटांकन के कार्यों के सबंध में तहसीलदारों को निर्देशित किया कि मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीन की वस्तुस्थिति जांच की जाए एवं नक्शा बटांकन किया जाना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शासकीय भूमि से कब्जा हटाने के भी निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों एवं मुआवजा भुगतान, भारतमाला परियोजना, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण करने निर्देश दिए, जिससे प्रभावित लोगों को मुआवजा प्रदान करने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। कलेक्टर श्री सिंह ने जाति प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों को गंभीरता के साथ शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की सूची अद्यतन करने, अपात्र लोगों को लाभ न मिले इस पर विशेष ध्यान देने कहा गया।
कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदारों से समन्वय बनाकर भू-अभिलेख संबंधी प्रकरणों को निराकरण किये जाने के निर्देश दिये। विशेषतौर पर अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि भू-अर्जन संबंधी लंबित प्रकरणों को गंभीरता से निराकरण कर सूचित किया जाये। साथ ही राजस्व प्रकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर योगिता देवांगन, अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंह, एसडीएम लवकेश धु्रव, सोनल डेविड, महेश राजपूत, संयुक्त कलेक्टर सिल्ली थॉमस सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, एएसएलआर उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि, आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी दर्ज की जा सकती है। वर्तमान में राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, लेकिन यह सिलसिला अधिक समय तक जारी नहीं रहेगा।
आज रायपुर और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। वहीं मानसून की विदाई के साथ ही अब प्रदेश में ठंड ने दस्तक देना शुरू कर दिया है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, मनेन्द्रगढ़ और जशपुर जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश जिलों में आकाशीय बिजली के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रायपुर में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। धीरे-धीरे बढ़ रही ठंड का असर कृषि कार्यों और फसलों पर भी पड़ेगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर विशेष ध्यान दें और जल प्रबंधन की योजनाएं बनाएं। मौसम विभाग की इस जानकारी को देखते हुए नागरिकों को भी सलाह दी जाती है कि वे गरज-चमक के समय खुले स्थानों में जाने से बचें और सुरक्षा उपाय अपनाएं।
रायपुर। प्रदेश भाजपा कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए मंत्री सहयोग केंद्र 6 अक्टूबर 2025 से शुरू होने जा रहा है। इस केंद्र के माध्यम से कार्यकर्ता और आमजन सीधे मंत्रियों से मिलकर अपने सुझाव, प्रश्न और शिकायतें साझा कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य जनता और नेताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करना और सरकारी नीतियों तथा योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। मंत्री सहयोग केंद्र के पहले दिन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री टंकराम वर्मा उपस्थित रहेंगे। कार्यकर्ता उनके पास सीधे अपनी समस्याओं और सुझावों के साथ पहुंच सकते हैं। केंद्र में संपर्क और सहयोग के लिए सच्चिदानंद उपासने से 9425202652 पर संपर्क किया जा सकता है।
संपर्क और सुविधा प्रदेश
भाजपा कार्यालय ने बताया है कि इस केंद्र में अगले पांच दिन तक विभिन्न विभागों के मंत्रियों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी। इससे कार्यकर्ताओं और आम जनता को विभिन्न विभागों के कार्यों, योजनाओं और शिकायत निवारण के लिए एक व्यवस्थित मंच मिलेगा।
इस सूची के माध्यम से कार्यकर्ता पहले से योजना बना सकते हैं कि वे किस दिन किस मंत्री से मिलकर अपने सुझाव और शिकायत साझा करेंगे।
उद्देश्य और महत्व
मंत्री सहयोग केंद्र का उद्देश्य जनता और कार्यकर्ताओं को सीधे मंत्रियों से जोड़ना है। इससे आम जनता और विभागों के बीच समस्या निवारण और सुझाव साझा करने की प्रक्रिया सरल और प्रभावी बनेगी। केंद्र के माध्यम से कार्यकर्ताओं को यह अवसर मिलेगा कि वे सरकारी योजनाओं और नीतियों पर अपनी प्रतिक्रिया दें और उनके क्षेत्र में चल रही समस्याओं को सीधे मंत्रियों तक पहुंचाए। प्रदेश भाजपा कार्यालय ने कहा कि यह पहल सरकार और जनता के बीच विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सभी कार्यकर्ताओं और जनता से आग्रह किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने सुझाव और समस्याओं को सकारात्मक तरीके से साझा करें।
रायपुर/पंचकुला। “अग्र समाज जब संगठित होता है, तो राष्ट्र निर्माण की दिशा में नई ऊर्जा और सशक्त विचारधारा का प्रवाह होता है। समाज के संस्कार, संस्कृति और सेवा भावना ही भारत के उत्थान की आधारशिला हैं।” यह कहना है रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल जो रविवार को पंचकुला (हरियाणा) में आयोजित अग्रमठ सृजन विकास उत्सव में शामिल हुए उन्होंने आयोजन को समाज की एकता, संगठन और संस्कृति के इस भव्य उत्सव को नई दिशा देने वाला बताया।
श्री अग्रवाल ने आयोजन समिति को साधुवाद देते हुए कहा कि यह उत्सव न केवल अग्र समाज का महोत्सव है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, स्वावलंबन और सामाजिक समरसता की अमर परंपरा का उत्सव है।
सांस्कृतिक संध्या में कवि सौरव सुमन जैन और कवयित्री अनामिका अंबर जैन की ओजस्वी प्रस्तुतियों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा से भर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर श्री अग्रवाल ने कहा कि, “अग्रमठ सृजन विकास उत्सव यह प्रमाणित करता है कि अग्र समाज केवल व्यापार और सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नेतृत्व में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जब समाज का हर व्यक्ति ‘अपने से पहले समाज, और समाज से पहले राष्ट्र’ के भाव को अपनाता है, तब भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में और सशक्त कदम बढ़ाता है।”
समाज के विकास, संस्कार और संगठन के इस नवसंकल्प ने यह संदेश दिया कि जब अग्र समाज संगठित होता है, तो राष्ट्र निर्माण की गति स्वतः तीव्र हो जाती है।
अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में देशभर से अग्र समाज की प्रतिष्ठित हस्तियां, संतजन, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि एकत्र हुए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम में सॉलिसिटर जनरल भारत सरकार सत्यपाल जैन, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील गुप्ता, स्वामी सम्पूर्णानंद जी महाराज, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, संगठन चेयरमैन प्रदीप मित्तल, पूर्व सांसद सुरेश चंदेल, एवं राजेश गोयल सहित देशभर से आए अग्र बंधुओं से आत्मीय भेंट की।
रायपुर। खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है।
छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है।
वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है।
संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है।
खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है।
गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।
बिलासपुर। जिले में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य शासन से मिले निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने सरकारी संपत्तियों को मुक्त कराने की तैयारी तेज कर दी है। विशेष रूप से तालाब, चारागाह, वनभूमि और अन्य अमूल्य सरकारी जमीनों को कब्जाधारियों से वापस लेने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस अभियान को जिले में “राजस्व स्वच्छता अभियान” के रूप में चलाया जाएगा।
राज्य शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी और निजी जमीनों के रिकॉर्ड का विस्तृत सर्वे कराया जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत से सरकारी जमीनें निजी नामों में दर्ज हुईं। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल कब्जे हटाने तक ही बात सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस पूरे अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों की विशेष टीमें गठित करने के आदेश दिए हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर खसरे, नामांतरण और डायवर्सन रिकॉर्ड की गहन जांच करेंगी।
कलेक्टर ने कहा कि “राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट है— सरकारी संपत्ति किसी भी हालत में कब्जे में नहीं रहनी चाहिए। तालाब, चारागाह और वनभूमि जैसे संसाधन आमजन के लिए हैं, न कि निजी स्वार्थ के लिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अवैध कब्जों और रिकॉर्ड हेराफेरी से जुड़े पुराने मामलों की फाइलें फिर से खोली जाएंगी, ताकि शासन की संपत्तियों की वापसी सुनिश्चित की जा सके।
जानकारी के मुताबिक, कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सरकारी जमीनें नामांतरण या डायवर्सन की प्रक्रिया में निजी नामों पर दर्ज हो गईं। कई बार इसमें स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही भी सामने आई है। अब ऐसे मामलों की गहन जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध कब्जे हटाना नहीं, बल्कि भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। डिजिटल भूमि अभिलेखों को अपडेट किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या विवाद की गुंजाइश न रहे।
आगामी दिनों में प्रशासन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करेगा। वहीं जिन भूमि धारकों ने जानबूझकर सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, उनके खिलाफ राजस्व और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
यह अभियान बिलासपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में शासन की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
रायपुर। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंडिगो एयरलाइंस ने रायपुर और दिल्ली के बीच अतिरिक्त उड़ान शुरू करने की घोषणा की है. यह नई उड़ान सेवा 26 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगी. इंडिगो की इस पहल से रायपुर और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा.
यह उड़ान विशेष रूप से त्योहारी सीजन को देखते हुए शुरू की जा रही है, जब यात्रियों की संख्या में वृद्धि होती है. इंडिगो के सूत्रों के मुताबिक उड़ान संख्या 6E2120 दिल्ली (DEL) से रायपुर (RPR) के लिए सुबह 10:15 बजे रवाना होगी और दोपहर 12:15 बजे रायपुर पहुंचेगी. वापसी में उड़ान संख्या 6E6640 रायपुर से दोपहर 12:45 बजे उड़ान भरेगी और दोपहर 2:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी.
इंडिगो की यह अतिरिक्त उड़ान रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे से संचालित होगी. सूत्रों के मुताबिक इस फ्लाइट की टिकट बुकिंग सेवा भी शुरू हो गई है.
जांजगीर-चांपा। जिले में उस वक्त सियासी माहौल गर्मा गया जब जैजैपुर विधायक और कांग्रेस नेता बालेश्वर साहू के खिलाफ 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी के प्रकरण में मामला दर्ज होने के बाद भाजपा ने मोर्चा खोल दिया। विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, भाजपा जिला अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा, और जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू ने किसान से केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की और उसके नाम पर लाखों रुपये का लोन निकालकर खुद हड़प लिया। इस मामले की शिकायत पर चांपा थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है, लेकिन अब तक विधायक की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मामला दर्ज, विधायक अब भी फरार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है।भाजपा नेताओं का कहना है कि जब आम आदमी पर एफआईआर होती है, तो तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन एक सत्ताधारी दल का विधायक होने के कारण बालेश्वर साहू को पुलिस संरक्षण मिल रहा है।
नारायण चंदेल ने मीडिया से कहा,
“किसानों के नाम पर कांग्रेस केवल झूठी राजनीति कर रही है, असलियत यह है कि इनके नेता किसानों की ही जेब काटने में लगे हैं। ऐसे भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों को कानून के दायरे में लाना जरूरी है।”
प्रशासन पर दबाव, राजनीति गरमाई
इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। भाजपा द्वारा इस मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई है यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन कांग्रेस विधायक को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि विधायक साहू ने सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है और जल्द मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और विधायक की ट्रैकिंग के लिए विशेष टीम गठित की गई है। आने वाले दिनों में इस केस में और भी खुलासे हो सकते हैं।
रायपुर। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने रायपुर जिले के आरंग में नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अवसरों के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय न केवल आरंग क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि आस-पास के ग्रामीण अंचलों में भी शिक्षा की नई चेतना जागृत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी अंचलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने, स्कूलों के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया युग प्रारंभ हो रहा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, सोना, हीरा और कॉपर जैसे बहुमूल्य खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। हाल की खोजों से राज्य क्रिटिकल और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में और सशक्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय, तथा कोल इंडिया और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के मध्य महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित हुए। साथ ही 5 माइनिंग ब्लॉकों की एनआईटी जारी की गई और 9 खदानों को प्रिफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल तथा रेत खदानों की ऑनलाइन नीलामी के लिए रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिजों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में खनन और नए उद्योगों की अपार संभावनाओं को देखते हुए पारदर्शी खनन नीति, ई-नीलामी और डिजिटल निगरानी की व्यवस्था ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष डीएमएफ से 1,673 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ, जिससे 9,362 विकास कार्य स्वीकृत किए गए। वर्ष 2024-25 में राज्य को 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने लिथियम ब्लॉक की नीलामी की है। अब तक 60 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हो चुकी है और पाँच नए ब्लॉकों की निविदा आज जारी की गई है। यह पारदर्शी प्रक्रिया राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत जिला खनिज न्यास नियम-2025 लागू किए गए हैं। डीएमएफ पोर्टल 2.0 से निगरानी और प्रबंधन की प्रक्रिया को सशक्त किया गया है, जिसके लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को सम्मानित भी किया है। उन्होंने कहा कि नई रेत नीति-2025 से पारदर्शिता बढ़ी है और जल्द ही 200 से अधिक रेत खदानों की ई-नीलामी की जाएगी। सतत खनन के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज क्रिटिकल मिनरल्स के लिए माइनिंग कॉर्पोरेशन और कोल इंडिया लिमिटेड के मध्य एमओयू हुआ है। वहीं क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने हेतु आईआईटी रुड़की और आईएसएम धनबाद के साथ भी एमओयू साइन किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक और सतत खनन के माध्यम से छत्तीसगढ़ विकास और पारदर्शिता की नई कहानी लिख रहा है। छत्तीसगढ़ निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार माइनिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय और नवाचारी कार्य कर रही है। खनन से राजस्व और रोजगार दोनों बढ़े हैं तथा सरकार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार कर रही है। राज्य में अब टिन से निकलने वाले स्लज से दो नए तत्वों का उत्पादन शुरू हुआ है। साथ ही क्रिटिकल ओअर रिसाइक्लिंग और ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिजों का खनन होता है, जिनमें टिन, बॉक्साइट, कोयला, लाइमस्टोन और आयरन ओर प्रमुख हैं।
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि नौ वर्ष बाद माइनिंग कॉन्क्लेव का पुनः आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को नीति निर्माण में शामिल करना और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। खनिज क्षेत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्य सचिव ने पारदर्शिता, तकनीकी उपयोग, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा और ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग को भविष्य की आवश्यकता बताया। उन्होंने राज्य की नई उद्योग नीति की सराहना करते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे।
खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रदेश में खनिज उपलब्धता, नीलामी की पारदर्शी व्यवस्था, उत्खनन में नवीन तकनीकों के उपयोग, विभाग की उपलब्धियों और गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी। संचालक भौमिकी एवं खनिज साधन रजत बंसल ने भी अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना की गाइडलाइन और डीएमएफ पोर्टल 2.0 का विमोचन
छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में मुख्यमंत्री श्री साय ने खनिज न्यास निधि का प्रभावित क्षेत्रों में उपयोग, कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता, सुशासन, प्रभावी संचालन एवं निगरानी को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से डीएमएफ पोर्टल 2.0 का विमोचन किया।
इस पोर्टल में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) की गाइडलाइनों के अनुरूप और छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 (संशोधित 2025) में किए गए संशोधनों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने खनिज ऑनलाइन पोर्टल 2.0 का किया शुभारंभ
खनिज विभाग ने खनिज ऑनलाइन पोर्टल 1.0 का उन्नयन कर 2.0 संस्करण तैयार किया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री साय ने किया।
यह पोर्टल खनन प्रबंधन यात्रा में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह केवल तकनीकी उन्नयन नहीं, बल्कि राज्य की पारदर्शिता, जिम्मेदारी और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। खनिज ऑनलाइन 2.0 छत्तीसगढ़ के खनन प्रबंधन को देश भर में एक मॉडल सिस्टम के रूप में स्थापित करेगा और आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने एमएसटीसी द्वारा निर्मित रेत खदानों के रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की अवधारणा को साकार करते हुए रेत खदानों की पारदर्शी और निष्पक्ष नीलामी के लिए भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एमएसटीसी के साथ एमओयू किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आज एमएसटीसी द्वारा निर्मित रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पहल से रेत खदानों का आबंटन तेज गति से होगा और प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को पर्याप्त मात्रा में रेत उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही राज्य की सरकारी एवं निजी अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए रेत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।इसके अलावा, करोड़ों रुपये की रॉयल्टी एवं करों से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने गौण खनिज खदानों को दिए स्टार अवॉर्ड
मुख्य खनिजों की तर्ज पर राज्य में गौण खनिज खदानों में भी स्टार रेटिंग प्रणाली के अंतर्गत समुचित एवं वैज्ञानिक पद्धति से खनन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पर्यावरण प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा मानकों का पालन कर बेहतर कार्य करने वाली 43 खदानों को स्टार अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खदान संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। इनमें 3 खदानों को 5 स्टार, 32 खदानों को 4 स्टार और 8 खदानों को 3 स्टार अवॉर्ड दिए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, एसईसीएल बिलासपुर के मुख्य महाप्रबंधक हरीश दुहन, तथा खनिज एवं उद्योग क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है।
उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्षन भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को 3 प्रतिशत शीघ्र महंगाई भत्ता दिए जाने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर राज्य के अधिकारी और कर्मचारियों को दिवाली के पहले विशेष बोनस देने की मांग भी की है.
अभी 55 फीसदी है भत्ता: गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3% महंगाई भत्ता का लाभ जुलाई 2025 से देने की घोषणा की. वहीं, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है जो कि केंद्र से 3 प्रतिशत कम है. केंद्र के समान DA देने की मांग: छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक और छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री साय के नाम एक पत्र भेजा गया है. जिसमें प्रदेश के कर्मचारी एवं पेंशनरों को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता जल्द देने की मांग की गई है. क्योंकि केंद्र सरकार ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता का लाभ देने की घोषणा कर दी है. ऐसे में फेडरेशन की मांग है कि केंद्र के समान देय तिथि जुलाई 2025 से महंगाई भत्ता दिया जाए. आगे कमल वर्मा ने बताया कि, फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांग में यह प्रमुख मांग भी शामिल है. 25 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री निवास में फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा के दौरान इस विषय को विशेष रूप से रखा गया था. जिस पर मुख्यमंत्री की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया था। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जो 125 मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधि संगठन है. ऐसे में महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए और जुलाई 2025 से ही इसे मंजूर किया जाए.
एक और पत्र में बोनस की भी मांग: फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को दूसरा पत्र भी लिखा है. जिसमें रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर राज्य के अधिकारी और कर्मचारियों को दिवाली के पहले विशेष बोनस देने की मांग की गई है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में रजत जयंती वर्ष 2025 मनाया जा रहा है. फेडरेशन का कहना है कि, राज्य के गठन के 25 सालों की ऐतिहासिक यात्रा में छत्तीसगढ़ ने कई उपलब्धि हासिल की है. इसमें अधिकारी और कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है. ऐसे में प्रोत्साहन और सम्मान स्वरूप विशेष बोनस दिया जाए.
बेमेतरा। जिले के ओड़िया गांव स्थित पाइप फैक्ट्री में रविवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई. यहां पिछले 10 सालों से कृषि संबंधित पाइप और दूसरे सामान तैयार किए जाते हैं. आग से काफी सामान और मशीनें जलकर खाक हो गई है. तेज हवा के कारण आग फैक्ट्री के अन्य हिस्सों में भी फैल गई है. घटना में करोड़ो रुपए का नुकसान हुआ है.
जानकारी के मुताबिक खंडडसरा चौकी क्षेत्र के ओड़िया गांव स्थित पाईप फैक्ट्री में रविवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई. फिलहाल आग शॉर्ट सर्किट से लगी है या किसी और वजह से यह अभी स्पष्ट नहीं है. सूचना के बाद बेमेतरा और कवर्धा की दमकल वाहन की टीम मौके पर मौजूद है.
फैक्ट्री मालिक ने बताया कि इस फैक्ट्री में पिछले 10 सालों से कृषि से संबंधित पाइप, अन्य वस्तुओं का निर्माण होता आ रहा है. आज सुबह अचनाक आग लगी, जिसकी वजह स्पष्ट नहीं है. घटना में 1 से 1.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. फैक्ट्री में रॉ मटेरियल स्क्रेप जो रखे थे. जिससे पाइप का निर्माण होता है. घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है.